00:00असलाम अलाइकुम वरह्मत लाही वरुकातुम।
00:08मुहतरम हजरात, उम्मीद हैं आप सब खेरियत वाफियत से होंगे।
00:13आज हम एक बहुत ही अहम मुद्दे पर बात करेंगे।
00:17सुरुल्लाइस स्लालाइस की हदीश से पता जलता है
00:20तो मुक्का और वतन से एक फित्री महब्बत जाइज है।
00:24मदिना की तरफ हिजरत के मौके पर रसुल्लाइस स्लालाइस ने मक्का की तरफ मुखातब होकर ये फरमाया था
00:32एए मक्का तु कितना पाकिजा है और मेरा महबूब है।
00:37अगर मक्का वाली मुझे ना निकालते तो मैं तुझे छोड़ कर कहीं और नहीं रहता।
00:42झालते तु कितना पाकिजा है और में तु कितना पाकिजा है।
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