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Hartalika Teej Vrat Katha 2025: हिमालय राज ने मां पार्वती की शादी जगत के पालनहार भगवान विष्णु से कराने का निर्णय कर लिया था। परंतु मां पार्वती पूर्व जन्म के प्रभाव की वजह से मन में ही महादेव को अपने पति के रूप में स्वीकार कर चुकी थीं। लेकिन माता सती की मृत्यु के बाद भगवान शिव तपस्या में लीन थे, जिसकी वजह से वह तपस्वी बन गए थे।Hartalika Teej Vrat Katha 2025: Hartalika Teej Ka Matlab,Vrat Katha.

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00:00हर्टालीका तीज का वृत साल 2025 में 26 अगस दिन मंगल्वार को पढ़ रहा है
00:09आई यह विडियो में आपको बताते हैं कि हर्टालिका तीज का मतलब क्या है साथी वृत क्थाथ क्या है
00:15हर्तालिका शब्द में हरत का अर्थ है अपहरन और आलिका का अर्थ है सहेली हर्तालिका तीज की कथा के अनुसार पार्वती जी की सहेलियों ने उनका अपहरन कर उन्हें घने जंगल में लेकर गई थी ताकि पार्वती के इच्छा के विरोध उनके पेता उनका विवा भग�
00:45पार्वती जी का मन शुरू से ही शिव जी के साथ विवा करने का था लेकिन उनके पिता हिमवान ने उनकी इच्छा के विप्रीत उनका विवा विश्नु भगवान से तै कर दिया था
00:55जब पार्वती जी और उनकी सक्षियों को ये बात पता चली तो उनकी सक्षियों ने उनका अपहरण कर उन्हें घने जंगल में लेकर गई
01:03और वहाँ जाकर पार्वती जी ने मिट्टी से भगवानश्रिव की प्रतिमा बना कर उनकी कठोर तपस्या की
01:10उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान अश्रिव ने भी उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्विकार कर लिया
01:15इसके बाद दोनों का विवा विधी पूर्वक संपन्न हुआ
01:19यही कारण है कि हर साल भादरपद शुकलत रुतिया को ये वरत किया जाता है
01:24मानेता है कि इस वरत को करने से जहां सुहागिन स्त्रियों को अखंड सौभागी की प्राप्ती होती है
01:30तो वही कन्याओं को भी अपना मंचा हवर जरूर मिलता है
01:34फिल हाल अस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें
01:38साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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