00:00लोक्डाउन से पहले गीता के घर का नजारा कुछ ऐसा था कि रोहन ओफिस जाता था और शिविन स्कूल जिनकी घर से जाने के बाद गीता काम खत्म करके बाकी समय आराम करती थी
00:16लेकिन लॉकडाउन के बाद आफिस और स्कूल घर में ही खुल गए
00:20और इस से गीता का हाल
00:23वो तो आपको देखने में ही मज़ा आएगा
00:26शिविन, ओ शिविन
00:29महाराज उठने के लिए क्या 21 तौपो के सलाम ही लेंगे
00:33अरे बिस्तर से बहार निकल, ओनलाइन क्लास स्टार्ट होने वाली है
00:37अरे तुम भी हद करती हो, स्पीकर की तरह चिलाने की क्या जरूरत है
00:41दिखने रहा मेरी कॉन्फरेंस चल रही है
00:43अब कैमरा और स्पीकर आउन कर रहा हूँ, मुझे कोई शोर नहीं चाहिए
00:47इस पर जैसे ही रोहन लैप्टॉप का कैमरा और स्पीकर आउन करता है
00:51तब ही कुकर की सीटी बचती है
00:53करा लो अब इसे चुप, लाकटाउन नहीं हुआ, मेरी मौत का फरमान जारी हो गया
01:00दोनों बाब बेटे ने नाथ में दम किया हुआ है
01:03ऐसा बोलकर गीता वहां से शिविन की कमरे में पहुँच जाती है
01:08जहां शिविन अभी भी सो रहा होता है
01:11ओ आलसी, अब अगर पांच मिर्ट में नहीं उठाना तो आज तीरा गेम और यूट्यूब कैंसल
01:17मा की बाद सुनकर शिविन बिना एक मिर्ट गवाए उठ खड़ा होता है
01:22उठ गया, उठ गया, अभी नागर भी आता हूँ
01:25ये नाटक कहीं और, मुँपर गीला कपड़ा मार और पढ़ने बैठ
01:29शिविन की ओनलाइन क्लास स्टार्ट हो जाती है
01:32जिस पर गीता उसे वहाँ बिठा कर रस्वे में चली जाती है
01:35थोड़ी देर में उसे कमरे से कुछ आवाज सुनाई देती है
01:39जिससे सुनकर वो कमरे में वापस आती है
01:41हाई राम, तुझे क्लास अटेंड करने के लिए बोला था
01:44कैमेरा ओफ करके बिस्तेर पर नाचने के लिए नहीं बोला था
01:48मम्मी मुझे कुछ समध नहीं आ रहा
01:51आप बाद में बढ़ा दे ना वैसे भी आटेंडन्स तो लगी गई है
01:57हाँ हाँ बिटा, जरूर
01:59बंजा, तो अभी से हम सब का बाप बंजा
02:02अरे नहीं मतलब कहां से लाते हो इतना दिमाग
02:05और पढ़ाई करते हुए ये चला कहां जाता है
02:08नाइस क्वेश्चिन, दिमाग से पूछ कर बता तूंगा
02:14शिविन की बातों से परेशान होकर गीता उसे माने के लिए जैसे ही आगे बढ़ती है
02:19तब ही वो कमरे से बाहर भाग जाता है
02:22अब शिविन आगे-आगे और गीता हाथ में चपल पकड़े उसके पीछे-पीछे
02:26पूरे घर में दोनों घूम रहे होते हैं
02:29इसी पीच वो रोहन के पास पहुंच जाता है
02:32और शिविन को माने वाली चपल रोहन के लैपटॉप पर जागर गिरती है
02:37उई मा
02:38मुमी अब पापा को चपल मार रही हो
02:42वो आज तक के रिपोर्टर चुप चाप जाकर क्लास अटन कर ले
02:46नहीं तो अगली तेरे पीछे लगेगी
02:48इस पर शिविन मान से चला जाता है
02:51जिसकी बाद रोहन गीता से कहता है
02:53इस सरकस के लिए कुछ बोलना चाहोगी
02:57अरे क्या करू जब से तुम दुनों घर में रहने लगे हो
03:01घर अपने आप ही सरकस बन गया है
03:03और मैं तुमारी नोकर
03:04कभी बेटी को संभालो तो कभी बाप की नगरे उठाओ
03:07इनी सब उथल पुथल में दीन बीटते रहते हैं
03:12जिसमें हर रोज घर के अंदर कुछ नया सी अपा खड़ा मिलता है
03:15जो ज्यादा तर शिविन और रोहन की
03:18आउनलाइन स्कूल और आफिस से रिलेटेड ही होता है
03:21एक सुपा
03:22शिविन चलूच आज की क्लास जल्दी है
03:25अरे ऐसे छितर पड़ेंगे दादी नानी सब एक साथ याद आ जाएंगी
03:33गीता के लाख मशक्कतों के बाद क्लास तो खत्म हो जाती है
03:38लेकिन उसके बाद शिविन फोन इस्तमाल करते हुए
03:41इंस्टाग्राम रिल बनाने लगता है
03:43रसोडे में कौन था? तुम थी? मैं थी? कौन था?
03:49कौन था? हाँ मैं गरीब हूँ
03:52मैं गरीब हूँ
03:54अरे ओ गरीब के बेटे
03:56आजा मैं बनाती हूँ तुझे गरीब
03:58मैं बताती हूँ रसोडे में कौन था?
04:00पढ़ाई करने बोलो तो इनकी मा मर जाती है
04:03और ये पागल पंतिया जितनी मर्जी करा लो
04:05गीता शिविन को डाट रही होती है
04:08तभी रोहन बीच में बोल पड़ता है
04:10अरे बच्चा ही तो है
04:11इतना गुसा क्यों कर रही हो?
04:13बेटे का साथ देने की इसी एक कोशिश में
04:15अब शिविन के साथ साथ रोहन भी
04:17गीता के गुसे की सूली पर जड़ जाता है
04:20अगर बेटे पर इतना ही प्यार आ रहा है
04:22तो इसे क्लास अटेंड क्यों नहीं कराते?
04:25इसका होमवक क्यों नहीं कराते?
04:27उस समय तो बहुत जल्दी मीटिंग आ जाती है
04:29वो का मैं करूँ
04:30और यहां इस बे फिजुली की चिजबे
04:32तरफदारी करके बन जाओ महान
04:34ए भगवान कोई तो इनके आफिस और स्कुल खुलवाओ
04:38मैं इने और घर में नहीं सह सकती
04:40और कुछ और मांग लेती
04:42क्योंकि तुम्हारी ये विश इस साल तो पूरी होने से रही
04:45कुरोना
04:46गीता वहाँ से चली जाती है
05:01जिसकी बाद रोहन शिविन से कहता है
05:03अरे तुम्हारी ममी इतनी भड़की हुई क्यों है
05:06आपकी वज़े से पूरा समय घर में देते हो
05:10और उस पर कोई काम करानी की जगव बस ओरडर देते रहते हो
05:15अच्छा बेटे सारा इलजाम मुझ पर
05:18पूरा दिन तो वो तुम पर ही चलाती है
05:20हाँ मतलब दोनों का 50-50 है
05:24कुछ करना पड़ेगा
05:26वो कहते न
05:27वैसे तुम्हारी मा सही कहते है
05:33बहुत जबान चलाने लगे हो
05:35कम बोला करो
05:36अगली सुबर रोहन और श्विन
05:38अपनी गलती को सुधाने के लिए
05:40गीता के उटने से पहले घर का
05:42आधा काम खत्म करतेते हैं
05:44जिसे देखकर गीता खुश हो जाती है
05:46और फिर बागी बचा काम
05:48वो तीनों मिल कर पूरा कर लेते हैं
05:50जिसके बाद अब वो सब मिल बाट कर
05:52हर काम में एक दूसरे की मदद करती हुए
05:54लॉकडाउन का मजा लेने लगते हैं
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