00:00तीन थी गाड़ा काम बिगाड़ा
00:30तीनों को मिलकर ही काम करना पड़ेगा
00:42सास की बात सुनकर एकदम से बड़ी बहु बोल उटती है
00:46नहीं मम्मी जी मैं इन दोनों के साथ कुछ नहीं कर सकती
00:50मैं इस घर की बड़ी बहु हूं फिर भी ये मेरा कहना बिलकुल भी नहीं मानती
00:54आरे जठानी जी जान बुझकर मुझे डबल काम करवाती है आप
01:00और छोटी मुझसे तेड़े मुही बात करती है इन दोनों के बीच हमेशा सैंडविच बन जाती है मेरी
01:07और मैं हमेशा आलू की तरह बीच में मसली जाती हूँ
01:10मम्मे जी इन दोनों को लगता है कि मैं छोटी हूँ तो इनके पैरो तले तब जाऊंगी
01:18लेकिन नहीं मेरा भी उतना ही अधिकार है जितना इन दोनों का है बड़ी आई दोनों मेरी चुगली करने के लिए मुझे क्या कम समझ रखता है
01:30तीनों बहु एक दूसरे से बहस करने लगती है और सास दोबारा ये देखकर टेंशन में आ जाती है और सबसे कहती है
01:39चुब हो जाओ अब से तुम तीनों सारे काम एक साथ करोगी आख बंद करके एक दूसरे की बात सुनोगी तुम तीनों इस बात को गाठ बांद लो वरना अगली छुट्टियों में तुम्हारा अपना माई के जाना कैंसल
01:55सास की बाते सुनकर डर के मारे तीनों हामी भरतेती है अब जी ममी जी मैं समझ गई हाँ ममी जी जैसा आप कहें आप जो गहेंगे मैं वहें करूँगी
02:11तीनों बहु सास की बात को गाठ बान लिती है और वादा करती है कि आपसे सारे काम वो तीनों एक साथ मिल करींगी
02:20यह सब देख कर सास खुश हो जाती है और वहां से चली जाती है नीचे जाकर वो देखती है कि घर में शर्माजी आए हुए होते हैं
02:29सास जोर से आवाज लगा कर कहती है,
02:32आरब बहु, जरा चाय बना कर तो लाना शर्माजी आये हैं।
02:38सास की बाद सुनकर तीनों बहु तो रंध किचन की और भागती है,
02:42और चाय बनाना शुरू कर देती है।
02:45मुझे तो एक दम मसाले वाली कड़क चाय पसंद है,
02:47तो हम शर्माजी के लिए मसाले वाली चाय ही बनाएंगे।
02:51आरब नहीं दीदी, गर्मी के मौसम में मसाला चाय कौन पीता है।
02:56मैं तो शर्माजी के लिए इलाइची वाली चाय ही बनाऊंगी।
03:00ये कैसी बात कर रही हैं आप दोनों।
03:03मेरी मम्मी ने सिखाया है कि मेमान को ज्यादा दूदो शक्कर वाली चाय देनी चाहिए
03:09वरना वो घरवालों को कंजूस समझते हैं
03:13तो मैं तो शर्मा जी को ऐसी ही चाय दोंगी
03:16तीनों बहुएं अपने अपने तरीके से चाय में शक्कर, मसाला, पत्ती सब डाल देती है
03:22उबलने के बाद तीनों मिलकर चाय बाहर लेकर जाती है और शर्मा जी और सासुमा को देती है
03:29चाय पीने के बाद शर्मा जी सासुमा को देखकर शर्मा जाते हैं
03:35और शर्मिंदा मैसुस करते हैं कि आखिर उन्होंने चाए पीने के लिए हामी क्यों भरी
03:41सासुमा भी चाए पीना शुरू करती है और कहती है
03:44अरे बहु ये कैसी चाए बनाई है चाए है या मीठे दूत की बासुन दी
03:51चाइ अच्छी नहीं लगी क्या, कोई बात नहीं, हम बराठा बनाकर लाते हैं, चलो, चलो अंधर
04:00हाँ हाँ चलो, हाँ आती हूं मैं भी
04:04नई निन, मेरा पेट चाइ नहीं चौपट कर दिया वही काफी है, बराठे से पोपट नहीं करवाना, मैं तो चलता हूँ
04:12शर्मा जी चुप चाप पतली गली से निकल जाते हैं
04:16अगले दिन सास बहूं से कहती है
04:18अरे बहू जाओ जाके उपर के गेस्ट हाउस की सफाई कर दो
04:22कल हमारे यहां मेरे दूर के रिष्टदार आने वाले हैं
04:26तो पूरे कमरे को चमका देना समझी
04:29तीनों बहू सास के बात को मान कर उपर सफाई करने चली जाती है
04:35और तीनों कमरे की सफाई चालू करतेती है
04:38बड़ी बहू मकड़ी के जाले साफ करती है
04:40तो बीच वाली जाडू लगाना और छोटी वाली सर्फ डाल कर जमीन धुना शुरू करतेती है
04:46आरे दी दी जिठानी जी अभी मैंने पूरी फर्ष दोई और आप फिर से दूल नीचे गिरा रही है
04:55और मजली जिठानी जी आप भी न जाडू की दूल यहां छटक रही है
05:01आरे तीरों को साफ करना है एक साथ सफाई करते हैं न
05:06अरे वही तो हम साथ साथ है घर साफ साफ है
05:17तीनों बहु ऐसे ही काम में उलज जाती है और दो घंटे तक एक ही कमरे के सफाई करती रहती है
05:25बहुत तेर से अपनी बहु को ना देखने की कारण सास उपर कमरे में उन्हें देखने जाती है
05:30लेकिन कमरे में घुस्ती ही वो गिली फर्ष पर फिसलने के कारण नीचे गिर जाती है
05:37तीनों बहुए सास को उठाती है और बिस्तर पर सुला देती है
05:49अरे मेरे हाथ पैर दर्द कर रहे हैं दबा दो आराम मिलेगा आजी आजी माजी आरजी जी माजी जी माजी और तीनों बहुए एक साथ सास के हाथ को दबाना शुरू कर देती है
06:06माँ की तो चीक ही निकल जाती है
06:09और नतीजा ये होता है कि सास के बचे हुए शरीर में भी दर्द उठ जाता है
06:15हाई राम ये क्या कर दिया तुम तीनों ने
06:19अरे मेरे तो किसमती भूटी है कि तुम जैसी बहुए मुझे मिली
06:23ए बगवान पुरे शरीर में दर्द बढ़ गया है
06:27अब तो पता नहीं के चल भी पाऊंगी या नहीं
06:31माफ करो मुझे गल्दी हो गए मुझसे
06:33के तुम तीनों को एक साथ काम करने के लिए बोला
06:36सोचा था तीनों मिल के अच्छे से काम करेगी
06:40लेकिन बड़े बुजरग सही कहते थे
06:42के तीन तीगाडा गाम भी गाडा
06:45तुम लोगों ने ये बात ना आज साबित करके दिखा दी
06:49तुम तीनों को तो समझाना यानि मानों भैस के आगे बीन बजाना है
06:54तुम है अकेले अकेले काम करना है ना
06:57तो आपसे तुम अकेले ही अपना अपना काम करो
07:00तीनों बहुएं वहाँ से जाने लगती है
07:03अरे कहा जा रही हो
07:04आपी ने तो कहा कि अपना अपना काम करो
07:08तो मुझे मुलताने मिट्टी लगानी है
07:10अरे मुझे भी तो नेल पॉलिश लगानी है
07:14मुझे न मेंदी लगानी है
07:17सास अपना सर पिट लेती है और कहती है
07:22आरे मुझे भी लगाना है कुछ
07:25क्या माजी क्या माजी क्या माजी
07:30तुम्हारे घरवालों को फोन तुम्हारी हरकते बताने के लिए
07:44लगाना है
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