00:00रिल्स वाली बहू
00:02प्रग्या को रिल्स बनाने का बड़ा ही क्रेज है
00:05और वो दिन भर रिल्स बनाती रहती है
00:08खाते, पीते, घुमते, फिरते, घर में, कॉलेज में
00:11रिल्स बनाने के कारण प्रग्या पूरे कॉलेज में हाइलाइटे है
00:15जहां उसकी रिल्स सभी को पसंद आते हैं, वहीं मनिशा चिंता में डूबी रहती है
00:21एक रोज जब खाते हुए प्रग्या रिल्स बना रही होती है, तब मनिशा कहती है
00:26एक मिनिट पी चैन नहीं है इस लड़की को, यह नहीं कि खाना तो आराम से खा ले, लेकिन नहीं
00:45मनिशा की बात का प्रग्या पर जरा भी असर नहीं होता, और वो खाते खाते रिल्स बनाती रहती है
00:57दिन बितने लगते हैं, और देखते देखते प्रग्या का कॉलेज भी खत्म हो जाता है
01:01आए दिन कोई न कोई मनिशा को प्रग्या की शादी करवानी का सुचाव दी जाता है
01:07सब छीकी कहता है प्रग्या की शादी कर देनी चाहिए
01:12अपने घर के काम गाज में व्यस्त हो जाएगी
01:15तो खुदी ये रिल्स और नाज गाना बंद हो जाएगा
01:18मनीशा और प्रीन प्रग्या के लिए एक अच्छा लड़का ढूनने लगते हैं
01:24और तभी विकी का रिष्टा प्रग्या के लिए आता है
01:28जिसने प्रग्या को उसकी रील्स देखकर पसंद कर लिया था
01:31अगले दिन विकी अपने माता पिता के साथ प्रग्या के घर पहुच जाता है
01:35और प्रग्या साड़ी पहने हाथों में चाई की ट्रेलिये उनके सामने आती है
01:40जब विकी को पसंद है तो हमें भी बहुँ पसंद है
01:45बहन जी आप बारात की तयारी कीजिए
01:49एक बार लड़का लड़की अकेले में बात कर ले तो अच्छा रहेगा
01:54हाँ how क्यों नहीं
01:56मनीशा विकी को प्रग्या के कमरे में भेज़ती है
02:00जहां प्रग्या पहले से ही रिल्स मना रही होती है
02:03तबी विकी क्याता है
02:08आ गया आपके साजन जी
02:10हमारे साथ ये रिल्स कंप्लेट करती तो और भी अच्छा रहता
02:14अच्छा जी अब आ ही गया है तो बनाई लेती हो आपके साथ
02:19दोनों मिलकर रिल्स बनाते हैं
02:23जब वी मीट और तुरंट पोस्ट भी कर देते हैं
02:27फिर विकी कहता है
02:28जब आप साड़ी में चाय लेकर आए
02:30तब मुझे लगा कि कहीं मैं घलत घर में तो नहीं आ गया
02:34आप सही है
02:36दोनों की शादी पक्की हो जाती है
02:40और शादी के दिन भी प्रग्या रिल्स बनाने से चुकते नहीं
02:45यहां तक की बारात की समय भी नाच्टे हुए रिल्स बनाती है
02:48सभी लोग प्रग्या की तारिफ के पूल बान देते हैं
02:53और प्रग्या नाच्टी, गाती, अपने ससुराल चली जाती है
02:58सब कुछ अच्छा चल रहा होता है
03:00प्रग्या यहां भी दिन बर हर चीज़ की रिल्स बनाती रहती है
03:04लेकिन कुछ दिनों के बार जब सुनीता कहती है
03:07बहु, ये रिल्स के साथ साथ कुछ काम भी कर लिया करो
03:13वैसे तुझे और क्या-क्या बनाना आता है
03:16मम्मी जी बैसे तो सब कहते हैं कि मैं सब कुछ अच्छा बनाती हूँ
03:21लेकिन मुझे लगता है कि मैं मैंगी अच्छा बना लेती हूँ
03:26हाँ कॉफी भी अच्छा बना लेती हूँ
03:28और मुँ तो सबसे अच्छा बना लेती हूँ
03:31हैं अच्छा अच्छा
03:35सुनीता अपना माथा पकड़ लेती है और कहती है बहु कुछ खाना बनाना भी सीख लेती मम्मी जी मैं लंबी प्लानिंग कर रही हूं जल्दी ही मैं इतनी फेमस हो जाऊंगी कि मुझे पैसे मिलने लगेंगी हम दोनों सास बहु राज करेंगी राज ना कर काम करेंगी और �
04:05लेकिन इस तरह घर नहीं चलते जितना जल्दी हो इस घर के तोर तरीकों को सीख लो प्रग्या मूँ घुमाकर चली जाती है और तुरंट उसे वक्त एक रील बनाती है ये देख सुनीता का गुस्सा साथ व्यासमान पर चला जाता है और विकी की घर आती ही सुनीता उसे स�
04:35जाता है तो देखता है कि प्रग्या रील्स बना रही है विकी बड़े ही प्यार से प्रग्या से कहता है प्रग्या इन सब के लिए मैं तुम्हें मना नहीं कर रहा हूं लेकिन फिर भी हर वक्त तो ये अच्छा नहीं लगता ना समझने की कोशिश करो मुझे भी तुमारा �
05:05समझ में नहीं आती क्या दिमाग खराब हो गया है तुम्हारा इस चकाचौन से अगर तुमने अपना रवया नहीं बदला तो मैं तुमसे दूर चला जाओंगा तुम्हें रिष्टा लेकर आये थी मुझे लड़कों की कमी नहीं थी और ना आज है विकी दर्वाजा पटक
05:35कर जाईएगा आप ही का घर है हाँ ममी बहुत दिन हो गए तुम्हारे साथ एक भी रिल नी बनाई मैंने प्रगया तुरंट अपने फोन में रिल्स आन कर लें यह सब मुझ से नहीं होता तीरा ये भूत अभी तक नहीं उत्रा क्या पहन जी आप कुछ कहती नहीं क्या इसे
06:05मनिशा प्रगया से कहती है मेरे घुटनों में बहुत दर्ध हो रहा है तु लाइट का कुछ इंतिसाम करना बेटा अच्छा केंडल जला देती हो ममा प्रगया गाते हुए केंडल जलाती है और खिड़की के परदे के पास रख देती है मनिशा जिसे बहुत दर्ध हो रहा ह
06:35कोई है बचाओ
06:37सभी भागते हैं और विकी कमरे की आग बुझाने में लग जाता है
06:41लेकिन तब तक मनिशा आधी जल चुकी थी
06:44मनिशा के हालत देख प्रग्या रोने लगती है
06:47विकी मनिशा को तुरंथ हॉस्पिटल ली जाता है और उसे एडमिट कराता है
06:51विकी प्रग्या से कहता है
06:53देख लिया ना तुम्हारे इस नाज गाने की वज़ा से आज तुम्हारी मा की जान जाते जाते रहे गए
06:59अब पता नहीं तुम और क्या चाती हो
07:01उधर डॉक्टर कहते हैं
07:05इनके हालत बहुत नासुक है आदे से ज़्यादा चल चुकी है
07:09प्रग्या रोती हुई मंदिर में जाती है और भगवान की आगे जाकर कहती है
07:14भगवान मेरी मा को ठीक कर दो मैं कसम खाती हूँ
07:19हाथ से ये रिल्स बनाना छोड़ दूँगी पस मुझे मेरी मावा बस मिल जाए
07:25दो दिन बीच जाते हैं और मनिशा खत्रे से बाहर आ जाती है
07:30पेशन्ट अब ठीक है आप लोग उनसे मिस सकते हो
07:34सब कोई मनिशा से मिलता है और प्रग्या सब की सामने अपना फोन तोड़ देती है
07:40मुझे माफ करतू ममा मैंने तुम लोगों की बातों को नजर अंदास किया
07:46बिठा कोई भी चीज जरूरत से ज्यादा खराब है
07:50मैंने तुम्हें रिल्स बनाने से कभी मना नहीं किया
07:54लेकिन हर वाक्त एक ही चीज तो सही नहीं है
07:58मैं समझ की हूँ ममा, I'm sorry
08:01प्रग्या उस दिन से रिल्स बनाना छोड़ देती है और पूरी तरस अपने घर में लग जाती है
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