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Kahan टॉम एंड जेरी सास बहु Story in Hindi _ Hindi Story _ Moral Stories _ Bedtime Stories _ New

इस मजेदार और सीख देने वाली कहानी में देखिए जब टॉम एंड जेरी की तरह सास-बहू की नोकझोंक एक नई मोड़ लेती है! 😄 क्या होगा जब प्यार, समझदारी और थोड़ी चालाकी साथ मिल जाएं? जानिए इस नई हिंदी कहानी में जो बच्चों और बड़ों दोनों के लिए है! 🌟

🎯 Moral: समझदारी और धैर्य से हर रिश्ते को बेहतर बनाया जा सकता है।

👉 यह कहानी मनोरंजन के साथ एक गहरी सीख भी देती है। बच्चों के लिए बेहतरीन बेडटाइम स्टोरी और परिवार के साथ देखने लायक।

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This video is meant for educational and entertainment purposes only. All characters, events, and situations are fictional and created solely for storytelling. We do not intend to defame or hurt the sentiments of any person, community, or organization. The content is suitable for a general audience and promotes positive values and morals.

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Transcript
00:00एक शाम प्राची टीवी पर सिरियल देख रही होती है तब ही उसकी सास वहां आती है
00:09अरे सिरियल में तो ऐसे मगन है जैसे आज रात का खाना पड़ोसी आकर बनाएंगे
00:16मुझे पता ही नहीं था आपने अपने बेटे की शादी पड़ोस में भी की हुई है
00:22है मतलब
00:24मतलब इस घर में सारा काम बहु ही करती है आप तो सिर्फ खराटे मौरती है
00:31अच्छो जी फिल्हाल तो तुम्हारा हम फर्मा रही हो चलो जाओ ये मेरे टीवी देखने अगर समय है
00:38अहा इसलिए मुझे फगाया जा रहा है सौरी अब तब बिल्कुल नहीं जाओंगी
00:54जिसके बीच श्लोब भी काम से घर वापस आ जाता है
00:57आज मेरी चूहे बिल्ली की जोड़ी किस बात पर जगड़ रही है
01:02अरो तेरे बीवी मुझे टीवी नहीं देखने दे रही
01:06अरे तुम्हारे मम्मी मुझे खाना बनाने के लिए फोर्स कर रही है
01:10अरे वाँ, ऐसे बेटू के रिजन पर तो बच्चे भी जगड़ा नहीं करते है
01:16अरे मुझे कुछ मत बोल, सब इसने ही शुरू किया है
01:20हाँ हाँ, जैसे आप तो बहुत दूद की धूली है न
01:24अरे बस, दोनों चुप, प्राची जाओ, खाने के तैयारी करो
01:28और मा तुम, छोड़ो, तुम्हे क्या बोलू, शांती से अपना सीरियल देखो
01:33मुझे दोबारा लड़ने के आवाज सुनाई नहीं देनी चाहिए
01:36ऐसा बोलकर श्लोक वहाँ से चला जाता है
01:39जिसके पीछे-पीछे प्राची भी कुछ न कुछ बढ़बढाते हुए रसोय में चली जाती है
01:44हाँ, हाँ, सासु जी को तो कुछ बोलेंगी ही नहीं
01:47बस, मुझ पर यह उकम चलता है
01:49खाना बनाओ, जैसे मैं इनकी घर में खाना बनाने के लिए आई हूँ
01:53इसी तरह शाम बीटती है
01:55और रात कुछ लोग और प्राची की सास खाना खाकर सोने चले जाते हैं
02:00लेकिन प्राची गुस्से में कुछ खाए बिना काम में ही लगी रहती है
02:04इस घर में किसी को घंटा फिक्र नहीं पड़ता, मैं खाऊं या भूख ही रहूं
02:08प्राची कुछ देर के लिए रस्वी से बहार जाती है
02:12और जैसे ही वापस आती है तो वहाँ दूद का भरा ग्लास देखकर हैरान रह जाती है
02:17फिक्र पूरी है, बस दिखाना नहीं है
02:21प्राची दूद पिकर सोने चले जाती है
02:24और अगली सुब़ एक बार फिर साज बहु का काटन नेटवर्क स्टार्ट हो जाता है
02:29यह तुम नहीं किया है
02:31हरे, हजीब सबर्तस्ती है, मैं बोल रही हूँ, मैंने कुछ नहीं किया
02:36दोनों ने मिलकर पूरे घर को पागल खाना बनाया हुआ है
02:40यह कोई नॉर्मल इंसान तो रही नहीं सकता
02:43इसलिए अब पडोसी क्या रिष्टेदार भी घर आने से कतराते हैं
02:47अरो सुन बेटे, तु भी चंगा, तेरी मा भी चंगी, तेरी बीवी भी चंगी, रिष्टेदार
02:52हाजी, आपको नहीं पता क्या
02:55गंगाधर ही शक्तिमान है, रिष्टेदार ही
02:58हाँ हाँ, बस समझ गया
03:01कभी जानवरों जैसे लड़ेंगी, तो कभी जुकल बंदी करेंगी
03:05भी मैं आप दोनों के बीच में नहीं फसना चाता
03:08सांस बहु की इस मन मौजी जोडी से परिशान होकर
03:14श्लोक अपना सिर खुजलाता वहाँ से चला जाता है
03:17चलो, अब मैं भी किर्टन में जा रही हूँ
03:22इस पर जैसे ही सांस कमरे में अपना पर्स लेने जाती है
03:26तो वहाँ नाश्ते की प्लेट रखी देख मुस्कराने लगती है
03:29और नाश्ता करके घर से बाहर निकलते हुए कुछ पैसे टेबल पर रख जाती है
03:34जिसके कुछ देर बाद सिलिंडर वाला घर आता है
03:37ओ मुरी मैया, मैं सिलिंडर की बारे में तो बिल्कुल भूली गई थी
03:42घर खर्च की सारे पैसे भी ममी के पास है
03:45और श्लोक से बोला तो उल्टा चार बाद सुनाएंगे
03:48प्राची ये सोची रही होती है कि अचानक उसका चेहरा चमक उठता है
03:53और वो घर में आकर इधर उधर देखने लगती है
03:56तब ही उसकी नजर टेबल पर रखे पैसों पर पड़ती है
03:59जिने वो सिलिंडर वाले को दे देती है
04:02ये सब श्लोक देख लेता है
04:04अच्छा बेटे इतना बड़ा घुटाला
04:07सब के सामने मैं तेरी दुश्मन
04:10और पीट पीछे तेरी मेरी यारी
04:13इस पर श्लोक एक प्लान बनाता है
04:16और श्लोक को सब एक साथ बैठे होने पर बोलने लगता है
04:19मा तुम दोरो की बहुत लड़ाई होती है
04:22इसलिए मैं सोच रहा हूँ कि प्राची को उसके घर छोड़ाओ
04:26इससे वो भी खुश रहेगी और तुम भी
04:28अचानक श्लोकी ये बात सुनकर सास बहु
04:32श्लोक से उसकी तरफ देखती है
04:33अरे ऐसे कैसे घर छोड़ाओगे
04:37मुझे कहीं नहीं जाना
04:39अरे तुमने बोला नहीं पर मैंने सुन लिया
04:42तुम्हें ममे के साथ रहना अच्छा नहीं लगता
04:44मुझे पता है
04:45अरे वह अरे जब बहु खुद कुछ काम बोले
04:48तो वो तुझे सुनता नहीं
04:50और अब जो इसने बोला ही नहीं
04:52वो तु समझ गया
04:53जिब उसे नहीं जाना तो फिर जबर्दस्ती क्यों कर रहा है
04:56अच्छा
04:58फिर आपको मौस के घर छोड़ाता हूँ
05:01बस अब आप दोनों एक घर में
05:03एक छट के नीचे नहीं रह सकती
05:05मैं इस टॉम एंड जेरी की जोड़ी को और नहीं छेल सकता
05:09है? ऐसे कैसे नहीं रह सकते?
05:12तुम्हें इतने दिक्कत है तो तुम्हारा बोरिया बिस्तर पैक कर देती हूँ
05:15लेकिन ममेजी कहीं नहीं जाएंगी
05:17बिलकुल यही सुनना था मुझे
05:21अगर दोनों में इतना ही प्यार है
05:23फिर हर वक्त यह लड़ाई का नाटक क्यों करती हो?
05:27देखा मैंने कैसे मा किचन में दूद रखती है
05:29और तुम उनके लिए कमरे में नाश्ता रखती हो
05:32और कैसे वो पहले ही तुम्हारे दिक्कत समझ कर
05:35घर में पैसे रखकर बाहर जाती है
05:37हरे भई इतना ड्रामा तो डेली सोप में भी नहीं होता
05:41जितना तुम दोनों ने इस घर में पहलाया हुआ है
05:44तू हमें टॉम एंजेरी बूलता है न
05:47तो याद कर वो दोनों भी एक दूसरे को
05:50बाहर वालों की बुरी नजर से बचाने के लिए
05:52हमेशा सब के सामने लड़ते थे
05:54लेकिन अकेले में दिक्कत के समय मदद भी तो करते थे
05:58बस हमारा रिष्टा भी कुछ हैसा ही है
06:01और वैसे भी अगर सास बहु में तू तू मैमे नहीं होती
06:06तू दुनिया वालों को कहानिया कैसे मिलेंगी
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