00:00एक शाम प्राची टीवी पर सिरियल देख रही होती है तब ही उसकी सास वहां आती है
00:09अरे सिरियल में तो ऐसे मगन है जैसे आज रात का खाना पड़ोसी आकर बनाएंगे
00:16मुझे पता ही नहीं था आपने अपने बेटे की शादी पड़ोस में भी की हुई है
00:22है मतलब
00:24मतलब इस घर में सारा काम बहु ही करती है आप तो सिर्फ खराटे मौरती है
00:31अच्छो जी फिल्हाल तो तुम्हारा हम फर्मा रही हो चलो जाओ ये मेरे टीवी देखने अगर समय है
00:38अहा इसलिए मुझे फगाया जा रहा है सौरी अब तब बिल्कुल नहीं जाओंगी
00:54जिसके बीच श्लोब भी काम से घर वापस आ जाता है
00:57आज मेरी चूहे बिल्ली की जोड़ी किस बात पर जगड़ रही है
01:02अरो तेरे बीवी मुझे टीवी नहीं देखने दे रही
01:06अरे तुम्हारे मम्मी मुझे खाना बनाने के लिए फोर्स कर रही है
01:10अरे वाँ, ऐसे बेटू के रिजन पर तो बच्चे भी जगड़ा नहीं करते है
01:16अरे मुझे कुछ मत बोल, सब इसने ही शुरू किया है
01:20हाँ हाँ, जैसे आप तो बहुत दूद की धूली है न
01:24अरे बस, दोनों चुप, प्राची जाओ, खाने के तैयारी करो
01:28और मा तुम, छोड़ो, तुम्हे क्या बोलू, शांती से अपना सीरियल देखो
01:33मुझे दोबारा लड़ने के आवाज सुनाई नहीं देनी चाहिए
01:36ऐसा बोलकर श्लोक वहाँ से चला जाता है
01:39जिसके पीछे-पीछे प्राची भी कुछ न कुछ बढ़बढाते हुए रसोय में चली जाती है
01:44हाँ, हाँ, सासु जी को तो कुछ बोलेंगी ही नहीं
01:47बस, मुझ पर यह उकम चलता है
01:49खाना बनाओ, जैसे मैं इनकी घर में खाना बनाने के लिए आई हूँ
01:53इसी तरह शाम बीटती है
01:55और रात कुछ लोग और प्राची की सास खाना खाकर सोने चले जाते हैं
02:00लेकिन प्राची गुस्से में कुछ खाए बिना काम में ही लगी रहती है
02:04इस घर में किसी को घंटा फिक्र नहीं पड़ता, मैं खाऊं या भूख ही रहूं
02:08प्राची कुछ देर के लिए रस्वी से बहार जाती है
02:12और जैसे ही वापस आती है तो वहाँ दूद का भरा ग्लास देखकर हैरान रह जाती है
02:17फिक्र पूरी है, बस दिखाना नहीं है
02:21प्राची दूद पिकर सोने चले जाती है
02:24और अगली सुब़ एक बार फिर साज बहु का काटन नेटवर्क स्टार्ट हो जाता है
02:29यह तुम नहीं किया है
02:31हरे, हजीब सबर्तस्ती है, मैं बोल रही हूँ, मैंने कुछ नहीं किया
02:36दोनों ने मिलकर पूरे घर को पागल खाना बनाया हुआ है
02:40यह कोई नॉर्मल इंसान तो रही नहीं सकता
02:43इसलिए अब पडोसी क्या रिष्टेदार भी घर आने से कतराते हैं
02:47अरो सुन बेटे, तु भी चंगा, तेरी मा भी चंगी, तेरी बीवी भी चंगी, रिष्टेदार
02:52हाजी, आपको नहीं पता क्या
02:55गंगाधर ही शक्तिमान है, रिष्टेदार ही
02:58हाँ हाँ, बस समझ गया
03:01कभी जानवरों जैसे लड़ेंगी, तो कभी जुकल बंदी करेंगी
03:05भी मैं आप दोनों के बीच में नहीं फसना चाता
03:08सांस बहु की इस मन मौजी जोडी से परिशान होकर
03:14श्लोक अपना सिर खुजलाता वहाँ से चला जाता है
03:17चलो, अब मैं भी किर्टन में जा रही हूँ
03:22इस पर जैसे ही सांस कमरे में अपना पर्स लेने जाती है
03:26तो वहाँ नाश्ते की प्लेट रखी देख मुस्कराने लगती है
03:29और नाश्ता करके घर से बाहर निकलते हुए कुछ पैसे टेबल पर रख जाती है
03:34जिसके कुछ देर बाद सिलिंडर वाला घर आता है
03:37ओ मुरी मैया, मैं सिलिंडर की बारे में तो बिल्कुल भूली गई थी
03:42घर खर्च की सारे पैसे भी ममी के पास है
03:45और श्लोक से बोला तो उल्टा चार बाद सुनाएंगे
03:48प्राची ये सोची रही होती है कि अचानक उसका चेहरा चमक उठता है
03:53और वो घर में आकर इधर उधर देखने लगती है
03:56तब ही उसकी नजर टेबल पर रखे पैसों पर पड़ती है
03:59जिने वो सिलिंडर वाले को दे देती है
04:02ये सब श्लोक देख लेता है
04:04अच्छा बेटे इतना बड़ा घुटाला
04:07सब के सामने मैं तेरी दुश्मन
04:10और पीट पीछे तेरी मेरी यारी
04:13इस पर श्लोक एक प्लान बनाता है
04:16और श्लोक को सब एक साथ बैठे होने पर बोलने लगता है
04:19मा तुम दोरो की बहुत लड़ाई होती है
04:22इसलिए मैं सोच रहा हूँ कि प्राची को उसके घर छोड़ाओ
04:26इससे वो भी खुश रहेगी और तुम भी
04:28अचानक श्लोकी ये बात सुनकर सास बहु
04:32श्लोक से उसकी तरफ देखती है
04:33अरे ऐसे कैसे घर छोड़ाओगे
04:37मुझे कहीं नहीं जाना
04:39अरे तुमने बोला नहीं पर मैंने सुन लिया
04:42तुम्हें ममे के साथ रहना अच्छा नहीं लगता
04:44मुझे पता है
04:45अरे वह अरे जब बहु खुद कुछ काम बोले
04:48तो वो तुझे सुनता नहीं
04:50और अब जो इसने बोला ही नहीं
04:52वो तु समझ गया
04:53जिब उसे नहीं जाना तो फिर जबर्दस्ती क्यों कर रहा है
04:56अच्छा
04:58फिर आपको मौस के घर छोड़ाता हूँ
05:01बस अब आप दोनों एक घर में
05:03एक छट के नीचे नहीं रह सकती
05:05मैं इस टॉम एंड जेरी की जोड़ी को और नहीं छेल सकता
05:09है? ऐसे कैसे नहीं रह सकते?
05:12तुम्हें इतने दिक्कत है तो तुम्हारा बोरिया बिस्तर पैक कर देती हूँ
05:15लेकिन ममेजी कहीं नहीं जाएंगी
05:17बिलकुल यही सुनना था मुझे
05:21अगर दोनों में इतना ही प्यार है
05:23फिर हर वक्त यह लड़ाई का नाटक क्यों करती हो?
05:27देखा मैंने कैसे मा किचन में दूद रखती है
05:29और तुम उनके लिए कमरे में नाश्ता रखती हो
05:32और कैसे वो पहले ही तुम्हारे दिक्कत समझ कर
05:35घर में पैसे रखकर बाहर जाती है
05:37हरे भई इतना ड्रामा तो डेली सोप में भी नहीं होता
05:41जितना तुम दोनों ने इस घर में पहलाया हुआ है
05:44तू हमें टॉम एंजेरी बूलता है न
05:47तो याद कर वो दोनों भी एक दूसरे को
05:50बाहर वालों की बुरी नजर से बचाने के लिए
05:52हमेशा सब के सामने लड़ते थे
05:54लेकिन अकेले में दिक्कत के समय मदद भी तो करते थे
05:58बस हमारा रिष्टा भी कुछ हैसा ही है
06:01और वैसे भी अगर सास बहु में तू तू मैमे नहीं होती
06:06तू दुनिया वालों को कहानिया कैसे मिलेंगी
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