00:00नमो देबयी महादेबयी शिवायई श्वततन्नमा नमा प्रकति भद्राया नियताम प्रणतराश्मतामो प्यारे मित्रों आज आपसे चर्चा करते हैं
00:09कि गंगा शप्तमी कब है और क्या है गंगा शप्तमी का सुबमूर्थ इसी बिसे पे आप से करेंगे आज हम चर्चा तो सर्व प्रथम हम आपको बताएं कि गंगा शप्तमी 3 मई 2,025 को है हर नदी सिर्फ जलधार ही नहीं होती है लेकिन गंगा नदी का जलधार के साथ अप
00:39जाता है कि सब पापों से मुक्ति दिलाने के लिए धर्थी को शुधी करने के लिए सवर्ग लोग से मागंगा म्रत जोक में आई गंगा शप्तमी के रूप में हम लोग इस पावन पर्व को मनाते हैं और इस खास औसर पर लोग
01:00इश्टनान करते हैं मागंगा का पूजन करते हैं और मागंगा में दीपदान करते हैं तो सनिवार तीन मई दो हजार पचीस को मनाया जाएगा गंगा शप्तमी का पावन पर्ब तिथी और मुहूर्तिकी अगर हम बात करें तो तीन मई को सुबह सात बच करके 51 मिनट से सुर�
01:30क्योंकि आप तीन मई को पूजा अर्चना इत्यादी कर सकते हैं पूजन का सही समय सुबह दस बच करके 58 मिनट से दो पाहर एक बच करके 38 मिनट तक रहेगा या वही समय है जब मागंगा की उपाश्टना इश्टनान दान और कई गुनापुन फलदाई हो जाता है तो मित्
02:00आई हैं भक्तों का कल्यान करने के लिए और जो लोग गंगा इश्टनान करने नहीं जा सकते हैं उन लोगों को अपने घरों पर थोड़ा सा जल में गंगा जल मिला करके इश्टनान करना चाहिए वही फाल उनको प्राप्त होता है मित्रों चाहते हैं किसी भी प्रकार का को
02:30पुना मिलता हूँ एक नई जानकारी के साथ तब तक के लिए दीजे जाज़ा जैमाता दी जैमा गंगे
Comments