00:00आज विशेश में बात करेंगे नाना पार्टिकर की जिनका आज 75 साल की उम्र में गुआ में निधन हो गया
00:06सुबा नाना पार्टिकर को काडिया का रेस्ट आया और जब तक वो अस्पताल पहुँचते उनकी मौत हो चुकी थी
00:13अंतिम संसकार गुआ में होगा
00:15हिंदी सिनिमा में बहुत कम कलाकार ऐसे हैं जिनके डायलोग पर थेटर में तालियां और सीटियां गुँचती हैं
00:23नाना पार्टिकर ऐसे ही कलाकार थे
00:25अक्टिंग ऐसी करते थे कि किरदार जिवन्त हो जाए
00:29उनकी आक्टिंग के बहुत सारे शेड्स थे और हर शेड्स को वो बहु भी निभाते थे
00:36हिंदी सिनिमा का क्रांतिवीर चला गया
00:40नाना पाटेकर का 75 साल के उम्र में गोवा में निधन हुआ
00:48घर पर कार्डियक अरेस्ट हुआ करीब 45 मिनट तक सीपियार दी गई लेकिन बचाया नहीं जा सका
01:04यह है नाना पाटेकर का वो आखरी वीडियो जिसे चार दिन पहले का बताया जा रहा
01:09इसमें वो कुछ कलाकारों के साथ दिख रहे हैं
01:19नाना पाटेकर ने अपने 48 साल लंबे करियर में करीब 100 फिल्में की
01:25कोई ये कह सकता है कि उन्होंने बहुत कम फिल्मों में काम किया
01:29लेकिन नाना ने जो भी फिल्में की अपनी एक ऐसी चाप छोड़ी कि हर कोई उनके अभिने का कायल हो
01:35गया
01:361994 में में आई करांटीवीर का प्रताब उस दौर का एक आइकोनिक रोल था जिसके लिए उन्हें फिल्म फेर के
01:43बेस्ट एक्टर का आवर्ड में दर्शकों को नाना पाटेकर की एक्टिंग बिल्कुल अलग इस लिए लगी
01:48क्योंकि ऐसा लगता था कि जैसे ये करदार उनकी अपनी कहानी कह रहा हो उस दौर के हिंदुस्तानी के दिल
01:54में दबाजवार बड़े पर उतार रहा
01:57नाना पाटेकर के अभिने की खासियत ये थी कि उनके करदारों का गुस्सा और बेचैन सिर्फ डायलॉक्स में नहीं दिखती
02:03थी बलकि वो अपनी आँखों और बॉडी लेंग्विज से भी एक्टिंग करते दिखते थी
02:07क्रांतिवीर से पहले तिरंगाई जिसमें बुलस इंक्टर शिवाजी राव वागले का किरदार उन्हें नई उचाईयों पर ले कर गया
02:15नाना पाटेकर बहुत गरीवी से उठकर आये थे ये अभी नहीं ही था जिसकी बदौलत एक सामान्ने परिवार का शरारती
02:22लड़का हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की दुनिया में समंदर जैसी भववता हासिल कर पाया
02:30नाना के पिता गजानन पाटेकर मुंबई में कपड़े का कारोबार करते थे लेकिन कारोबार में उन्हें किसी ने धोका दिया
02:36और सब कुछ हड़प लिया इसके बाद परिवार गरीबी में चला गया
02:40परिवार का खर्च उठाने के लिए नाना पाटेकर पेंटर का काम करते थे
02:44खुद बताते थे कि 88 किलोमेटर पैदल चल कर फिल्मों के पोस्टर पेंट करते थे
02:50ऐसे मुश्किल हालात में नाना पाटेकर का बचपन भी था
02:54बच्पन में सेना में जाना चाहते थे लेकिन परिवार ने जाने नहीं दिया
02:58लेकिन सेना को लेकर नाना पाटेकर का जजबा उनके फिल्म प्रहार में भी दिखता है
03:02नाना के अभिने के शुर्वात नाटक से हुई और यहीं से स्मिता पाटिल उन्हें फिल्मों में लेकर आई और एक
03:08बार जब वो फिल्मों में आए तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा
03:14नाना पाटिकर उस दौर के बाकी अभिनेताओं की तरह चॉकलेटी हीरो नहीं थे इसलिए जब वो परदे पर आये तो
03:20लोगों को भी यह लगा कि उनके ही बीच का कोई शक्स है
03:25परिंदा में डौन अन्ना बनकर जब वो आख से डरते हैं तो यह सीन आज भी रौंग्टे खड़े कर देता
03:31है
03:31नाना पाटेकर की एक्टिंग में बहुत से शेट्स हैं क्रान तीवी, परिंदा, प्रहार और तिरंदा में जो शेट हैं वो
03:381990 में आई फिल्म थोड़ा सा रुमानी हो जाए में बिलकुल अलग हैं ऐसा लगता ही नहीं कि ये भी
03:44नाना है
03:442002 में आई फिल्म शक्ती जिसमें नाना पाटेकर का बिलकुल अलग करदार था, अलग शेट था, एकदम बिहार की टोन
03:52पकड़े हुए जो अपने पोते को अपने साथ रखना चाहता है ताकि वो वारिस बन सके
03:57कि मैं एक कच्ची मिट्टी बन कराऊंगा, मुझसे जो बनवाना है बनवा लेना और उन्होंने ऐसा शांदार करदार निभा दिया
04:04नाना पाटेकर का नाम पहले विश्वनात था जो बाद में नाना बन गए और भारतिय सिनिमा के सबसे मशूर और
04:10सम्मानित अभिनेताओं में हमेशा हमेशा के लिए शामिल होकर अमर हो गए