00:00उत्तरब्रदेश सरकार की बीसी सखी योजना का उद्देश्य गावों में बैंकिंग और वित्के सेवाओं की पहुँच बढ़ाने के साथ महिलाओं
00:06के लिए आजीविका के अफसर तयार करना है
00:08इसे उत्तरब्रदेश और राजी ग्रामीन आजीविका मिशन यूपी एसार एलम की जरीए लागू किया जा रहा है
00:14योजना का मॉडल एक ग्राम पंचायत एक बीसी सखी पर आधारित है
00:18राजी में इसकी शुरुवात मई 2020 में हुई थी
00:20बीसी सखी यानि बैंकिंग कोर्सपॉंडेंट सखी के तहट महिलाओं
00:24खासकर सुएम साहता समुहों से जुड़ी महिलाओं को
00:27बैंकिंग कोर्सपॉंडेंट के रूप में प्रशिक्षित और प्रमानित किया जाता है
00:30रिश्रिक्षन के बाद ये डिजिटल बैंकिंग उपकरणों के जरीए ग्रामीनों को विभिन बैंकिंग सेवाएं उपलब्ज कराती है
00:36इसके लिए IIBF प्रमानन जरूरी है
00:39BC सक्षियों को शुरवात में 6 महीने तक हर महीने 4000 रुपे की साहता दी जाती है
00:44इसके बाद ये बैंकिंग लेंदेंग पर कमिशन कमा सकती है
00:47जो सामाने तोर पर लेंदेंग की राशिका दशमलव 20 फीसदी से दशमलव 32 फीसदी होता है
00:53उपकरन और ओवरड्राफ्ट साहता के तहट कती BC सक्षि 75,000 रुपे की विवस्था से जुड़े सरकारी आदेश भी जारी
01:00किये गए हैं
01:01उत्रविदेश सरकार के 2026-27 के बजट दस्तावेस के अनुसार वित्यवर्ष 2026-26 में 49,880 BC सक्षियों ने 58
01:10,000 ग्राम पंचायतों में 49,000 करोड रुपे से अधिक का वित्या लेंदेन किया और करीब 107 करोड रुपे का
01:17लाब अर्चित किया
01:18UPSRLM के पोर्टल पर 50,125 IIBF certified BCs और 49,890 operational BCs दर्ज हैं इनके जर्ये अब तक
01:2916.9 करोड से अधिक बैंकिंग लेंदेन हुए हैं जिनके कुल राशिक 4.58 लाग करोड रुपे से जादा है
01:36इस योजना में गानुनों को बैंक शाखा तक जाने की जरूरत कम होती है वहीं महिलाओं को अपनी ग्राम पंचायत
01:42में ही बैंकिंग सेवाएं उपलग्ध करा कर आय अर्जित करने का अफसर मिलता है