00:10लबस्कार आप देख रहे हैं आज तक आपके साथ मैं हूँ सही दंसारी स्वागत है आपका कूट नीती में
00:16ट्रम्प दावा करते हैं कि युक्रेइन युद्ध को सिर्फ वही रोक सकते हैं
00:21लेकिन भारत नी शांती का एक ऐसा वहवारिक रूड मैप तयार करके दिखा दिया जिसने पूरी दुनिया का ध्यान की
00:27चुछ वर्शों से भारत युद्ध रोकने और बाच्चीत की वकालत करता है
00:31लेकिन अब भारत सिर्फ सला नहीं दे रहा बलकि शांती का खूज ठाचा तयार कर रहा है
00:37युग्रेइन का कहना है कि उसे मिले चार शांती प्रस्तावों में भारत का प्रस्ताव सबसे अधिक ज्यापक और ज्यावारिक है
00:43पुतिन का कहना है कि मोदी के पास बहुत बहुत बहुत बहुत बच्चार है
00:47और वो हर मुलाकात में युद्ध खत्म करने की बात करते है
00:50ऐसी जैशंकर ने भी साफ कहा कि भारत अब सिर्फ जुबानी वकालत से आगे बढ़कर दोनों पक्षों से सीधी बात्चीत
00:57कर रहा है
00:58तो क्या दुनिया के सबसे बड़े कूटरनीतिक मध्यस्तों को अब भारत से सीधी चुनौती मिल रही है
01:05और क्या कूटरनीतिका केंद्रब वाशिंटन से शिफ्ट होकर नई दिल्ली हो गया है
01:10फिलहाल के लिए जवाब हाँ है
01:13फरवरी 2022 में रूस युक्रेन युद्ध शुरू होता है
01:17भारत लगातार सैयम और बाचित की बात कहता है
01:21पेम मोदी ने पुतिन से भी कहा कि युद्ध का युद्ध नहीं है
01:25लेकिन अब भारत के वर उगदेश नहीं देती
01:28भारत ने टेबल पर एक ठोस सीजफायर का फ्रेमवर्क रख दिया है
01:33भारत का ये प्रिस्ताव तेन मुख्य चीज़ों को आपस में जूड़ता है
01:36उर्जा, बुनियादी धाचा, खाद्यान और माल की आवाजा है
01:40और कमर्शल जहाजों की सुरक्षा
01:42प्रिस को अमेरिका, तुर्की, मिस्र और भारत से प्रिस्ताव मिली
01:49भारत के इस प्लान का पहला हिस्सा बिजली और उर्जा धाचों को हमलों से बचाना है
01:54दूसरा हिस्सा बाल्टिक और काला सागर यानि कि ब्लाक सी के रास्ते अनाच और इंधन के सप्लाई को चालू रखना
02:00है
02:00और तीसरा हिस्सा व्यापारी जहाजों की सुरक्षा सुनिशित बना है
02:04भारत में इन तीनों को एक साथ इसलिए जुड़ा क्योंकि ये आपस में सीधे जुड़े हो रून्स और उक्रेन दोनों
02:11अनाच के बड़े मिर्यातक हैं
02:13बंदरगाहूं जहाजों पर हमलों से दुनिया भर में खानी पीने की चीज़े महंगी हो गई हैं
02:17में साइलों ड्रोन हमलों के कारण काला सागर जैसा व्यावारिक रास्ता बेहत खतरनाक हो चुड़ा है
02:24भारत की सोच बहुत सा है
02:25ओरजा ढाचे को बचाओ सप्लाई लाइन चालू रखो कमर्शिल जहाजों को सुरक्षित करो
02:31और यहीं पर भारत ने वाशिंटन को पीछे शोल गिया
02:34यहां ट्रम केवल बयान दबाओ पर निर्भने वहीं भारत ने ज्यावारिक मुद्दों को पकला जहां
02:51और दोनों देश ओरजा ठीकानों पर हमला ना करने के लिए तयार हो सकते हैं
02:55क्या जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिल सकता है
02:58इन सवालों पर सहमती बनाना पूरे युद्ध के बविश्य को ताय करने से ज़ादा आसान है
03:02भले ही भारत के पास अमेरिका चीन जैसा आक्रमक प्रभाव ना हो
03:06लेकिन भारत के पास संबंद दोनों पक्षों से अच्छे हैं
03:09पियम मोदी पुतिन से सीधी बात करते हैं जैशंकर कीव के संपर्थ में
03:13बेशब एक प्रस्ताव अपने आप में शान्ती समझाता नहीं बन जाता
03:19और दोनों पक्षों को इसे लागू करने के लिए नियमों को मानना होगा
03:22लेकिन भारत खुद को इस से शान्ती प्रक्रिया के केंद्र बिलाने में सफ़लता है
03:26और यह सिर्फ पूटनितिक वाफवाही नहीं भारत की अपनी जमीनी हिट से जुड़ा मामला है
03:33इस से युद्ध ने F4 का संकट खड़ा किया
03:37F4 मतलब food मतलब अनाज
03:40Second F fuel यानि की इधन
03:43Third F fertilizer यानि की खाद
03:45और चौथा F finance यानि की आर्थिक
03:48जब जहाजों पर हमले होते हैं
03:51तो अनाज और तेल महँगा होता है
03:53जिससे खाद के दाम बढ़ते हैं
03:54पूरे बजट पर दबाव परता है
03:56भारत का खरीब 30 प्रतिशित रूसी तेल काला सागर के रास्ते आता है
04:13जहां दूनों देश किसी एक बात पर सहमा दो है
04:15ट्रम्प ने युद्ध को खत्म करने का सिर्फ वादा किया
04:18लेकिन भारत युद्ध के विनाश को कम करने के जमेनी कोशिश कर रहा है
04:23वर्शों तक दुनिया भारत से कहती रही
04:25कि वो किसी एक पक्ष का चुनाफ करते
04:27लेकिन भारत नहीं एक अलग भूमी का चुना
04:30एक ऐसे देश की भूमी का जो पुरी दुनिया की जरूरत
04:33क्या है जरूरत भोजन, इंधन, खाद, जयापार
04:37और इन की सुरक्षा के लिए भारत ख़़ा है
04:39अगर भारत रूस और युक्रेइन को इन सिमित मुद्दों पर भी एक मेज़ पर ले आता है
04:45तो नई दिल्ली ये सिद्ध कर देगी कि कूटमीत इससे बड़े बड़े वादू का नाम नहीं
04:50बलकि दोनों पक्षों को किसी एक बात पर सहनत कराने का हुनर है
04:54जो भारत को बहुत ही आता है कूटमीत ही मैं आज के लिए बस अतना है
04:58आप प्लीज अपना बहुत ख्याल रखेगा देखते रखिए आज तो