00:09अपनी दमदार एक्टिंग, डायलोग डिलिवरी करने की शमता और अपने शानदार विक्तित्व से लोगों के दिलों में जगह वनाने वाले
00:17दिगज आक्टर नाना पाटे कर अब इस दुनिया में नहीं रहे
00:21उनका 8 अप्टूबर 2026 को 75 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके जाने की खबर से बॉलिवुड और
00:29मराथी सिनेमा में शोक की लहर दोड़ गई। नाना पाटे कर उन कलाकारों में शुमार रहे जिन्होंने एक्टिंग को डायलोग
00:37डिलिवरी तक सीमित नहीं रखा। उनक
00:51कंभीर किरदार हो या फर कॉमेडी। नाना हर भूमिका में अपनी एक अलग छाप छोड़ते थे। एक जिन्वरी 1951 को
00:59जन में नाना पाटे कर ने अपनी एक्टिंग जर्नी के शिरुवात थियेटर से की थी। और साल 1978 में फिल्म
01:06गमन से सिनेमा की दुनिया में कदम रखा
01:09इसके बाद उन्होंने हिंदी और मराथी फिल्मों में लगातार अपने अभिने का लोहा मनवाया। साल 1989 में आई परिंदा ने
01:18उनके करियर को एक नई पहचान दी। फिल्म में उनकी दमदार एक्टिंग के लिए उन्हें राष्टी फिल्म पुरसकार से सम्मानित
01:25किया गय
01:26इसके बाद प्रहार दफाइनल अटैक के जरिये उन्होंने डायरेक्शन की दुन्या में भी कदम रखा। नाना पाटेकर के करियर में
01:34करांती वीर एक बीहत खास पड़ाव रहा। इसके साथ अगनी साक्षी में विशुनात के किरदार ने एक बार फिर साबित
01:41किया कि नान
01:53में तब्रेज आलम और अब तक 56 जैसे किरदारों में उन्होंने अपने अभिने की अलग-अलग पढ़ते दर्शकों के सामने
02:01रखी। नाना पाटेकर की खासियत ये थी कि उन्हें किसी एक तरहे के किरदार में बातना मुश्किल था। खामोशी ता
02:08म्यूजिकल, शक्ति द
02:09पावर, राजनीती और नट संब्रार जैसी फिल्मों में उनके गंभीर और भावात्मक अभिने को खुब सा रहा गया। वहीं वेलकम
02:18में उदर शेती के किरदार ने उनकी पॉपुलरिटी को एक अलग मुकाम पर पहुचाया। नाना पाटेकर सिर्फ अभिनेता नहीं थे
02:38वो थियेटर, एक्टिंग, डायरेक्शन और राइटिंग जैसे कैक्षेत्रों से जुड़े रहे। भारती सिनेमा में उनके युगदान को देखती हुए उन्हें
02:48साल 2013 में पदमिश्री से सम्मानित किया गया। नाना पाटेकर का अभिने इसलिए भी खास था क्योंकि वो �
03:07दर्शुकों का ध्यान खुद बखुद उनकी ओचला जाता था। उन्होंने परदे पर कई तरह के किरदार निभाए लेकिन हर बार
03:14उसमें नाना पाटेकर की अपनी पहचान भी नजर आई। शायद यही वचा है कि उनके निभाए किरदार और उनके बोले
03:22डायलोग्स आ�
03:35इसी तमाम फिल्मों की जरिये उनकी अदाकारी हमेशा जिन्दा रहेगी। नाना पाटेकर चले गए लेकिन उनका अभिने का अंदाज और
03:44सिनेमा पर छोड़ी उनकी छाप हमेशा याद की जाती रहेगी।