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  • 12 minutes ago
 दिवाली यानी रोशनी का पर्व...इसे पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है. आमतौर पर लोग चाहे कितनी भी दूर क्यों न हो, किसी भी तरह अपने परिवार और चहेतों के पास पहुंचने की कोशिश करते हैं. लेकिन जब पूरा देश दीयों की रोशनी और उल्लास में डूबा होता है, ठीक उसी वक्त सरहद पर हमारी सुरक्षा के लिए भारतीय सेना के जवान मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी पर डटे रहते हैं. दिवाली के दिन भी, रोड ओपनिंग पार्टी (ROP) के जवानों का दिन, हाथ में बारूदी सुरंग खोजने वाले उपकरणों (एंटी-माइन डिटेक्शन टूल्स) के साथ शुरू होता है. इस पार्टी का काम सेना के वाहनों की आवाजाही शुरू होने से पहले सड़कों और अन्य इलाकों को सुरक्षित करना होता है. आरओपी को और मजबूत बनाने तथा उनके काम की क्षमता को बढ़ाने के लिए, यह टुकड़ी अपने साथ ड्रोन भी चलाती है. यह ड्रोन तेजी से काम करता है, उन सभी इलाकों पर नजर रखता है जहां जवान नहीं देख पाते, और किसी भी चीज का तुरंत पता लगा लेता है. जैसे ही आरओपी किसी इलाके को सुरक्षित घोषित कर देती है और सेना की टुकड़ी को सिग्नल देती है, वैसे ही ट्रकों और अन्य वाहनों का आना-जाना शुरू हो जाता है. इसके बाद आरओपी दूसरे इलाकों की तरफ बढ़ जाती है, जहां अन्य टुकड़ियों के जवानों को रोज़ का अभ्यास करना होता है ताकि अगर दुश्मन सेना कोई नापाक हरकत करने की कोशिश करे, तो उसका मुकाबला किया जा सके. इसके बाद बुलेट-प्रूफ वाहन की भूमिका आती है, जिस पर एंटी-टैंक गन लगी होती है. यह वाहन भी एलओसी के अलग-अलग इलाकों में घूमता है, बाड़ की सुरक्षा पर नजर रखता है और दुश्मन सेना की गतिविधियों को ट्रैक करता है. एलओसी (LoC) पर तैनात जवानों के लिए यह सब एक रोज़ की दिनचर्या बन चुका है और दिवाली के जश्न के दौरान भी सब कुछ योजना के मुताबिक ही हुआ. भारतीय सेना के जवान जीरो लाइन पर बाड़ (फेंस) के पास 'दीये' जलाया. यह बाड़ उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें दुश्मन सेना की हरकतों पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है. भारत माता के जयकारे लगाते हुए, इन जवानों ने अपने परिवारों से दूर रोशनी का यह त्योहार मनाया.

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00:28ुपूरा देश दिवाली मना रहा होता है।
00:30foreign
00:31ये अनुशासन पूरी मुस्तैदी के बीच अपना फर्जने भाते हुए।
00:35देश की रक्षा में तैनात ये जवान दिपावली पर दिये जलाते हैं
00:40और सीमा पर लगी कटीले तारो वाली बाड पर इन दियों को लगाते हैं।
00:46साथ में मिलकर पटाखे फोरते हैं, अनार और फुलजडिया जलाते हैं।
00:58दिवाली पर भी रोड ओपनिंग पाटी के जवानों का दिन हाथ में बारूदी सुरंग खोजने वाले उपकर्णों के साथ शुरू
01:06होता है।
01:07इस पार्टी का काम सेना के वाहनों की आवाजाही शुरू होने से पहले सडकों और अन्य इलाकों को सुरक्षित करना
01:16होता है।
01:17ETV भारत से बात करते हुए एक सैनिक ने देश के लोगों को दिपावली की शुपकामनाई दी।
01:23आप सभी को भारतिय सैना की तरफ से तीवाली की बहुत-बहुत सुपकामनाई।
01:28यह पर आपकी जीवन में खुशियां और स्मद्धी लेकर आए।
01:31हम सीमा पर आपकी सुरक्षा के लिए तैनात हैं।
01:35जैहिंद जैभारत।
01:35जैसे ही आर ओपी किसी इलाके को सुरक्षित खोशित कर देती है।
01:41सेना की अन्य टुकडियों के जवान पहुच जाते हैं।
01:44सरहत पर पूरी मुस्तैदी के साथ अभ्यास में जुट जाते हैं।
01:50जवानों की एक टुकडी जीरो लाइन पर बाड के पास गश्ट जारी रखती है।
01:56भरतिय सेना में रोबोटिक म्यूल के शामिल होने से गश्ट करना आसान हो गया है।
02:03युद्ध के समय या जब भी आतंगवादी घुसपैठ के दौराद दुश्मनों पर नजर रखने में इससे मदद मिलती है।
02:10साथ ही रोबोटिक म्यूल अपने साथ 20 किलो ग्राम तक हथियार और गोला बारूद ले जा सकता है।
02:18विशंपर स्थितियों में भी बिना किसी सैनिक की जान को खत्रे में डाले जवानों तक गोला बारूद पहुचा सकता है।
02:26LOC पर तैनात जवानों के लिए ये सब एक रोज की दिन चरिया का हिस्सा है।
02:32और दिवाली के दिन भी सब कुछ योजना के मताबिक ही होता है।
02:37LOC अखनूर सेक्टर से ETV भारत के लिए आमिर तांत्रे की ग्राउंड रिपोर्ट।

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