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  • 11 minutes ago
ओडिशा के बालासोर वन क्षेत्र से बचाए गए पांच दुर्लभ शिशु ओरंगुटान (वनमानुषों) को भुवनेश्वर के नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क में सुरक्षित शिफ्ट कर दिया गया है. यहां, इनको म्यूजिक थेरेपी दी जा रही है. खासकर शास्त्रीय संगीत (क्लासिकल म्यूजिक). विशेषज्ञों का कहना है कि मां के बिना उनके मूड में बार-बार बदलाव होते देखा जा रहा है, इसलिए उन्हें म्यूजिक थेरेपी दी जा रही है. इस बीच, एथोलॉजिस्ट वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए उनके मूड की जांच कर रहे हैं.मिली जानकारी के अनुसार अलग-अलग समय पर वे अपनी मां की याद में उदास हो जाते हैं. इसलिए उन्हें समय बिताने के लिए पिंजरे दिए गए हैं. इसके साथ ही, कपड़े का एक बैग बनाया गया है और उनके लटकने के इंतजाम किए गए हैं. तनाव के कारण 'सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ हेल्थ कमेटी' ने उनके सैंपल लेने से इनकार कर दिया है. नंदनकानन के डिप्टी डायरेक्टर प्रदीप मिरासे ने बताया कि 10 दिनों के बाद, जब उनका तनाव कम हो जाएगा, तब सैंपल इकट्ठा किए जाएंगे.

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Transcript
00:05ुडिशा के भुवनेश्वर के नंदन कानन्जू में इन 5 बेबी औरंगुटान को म्योजिक थेरपी दी जा रही है
00:13खासकर इन्हें क्लासिकल म्योजिक सुनाया जा रहा है
00:17क्योंकि ये उदास है
00:20विशेशक्यों का कहना है कि मा की बिना इनके मूड में बार-बार बदलाव देखा जा रहा है
00:26एथलोजिस्ट विडियो कॉन्फरेंसिंग से इनके मूड में बदलाव की चाच कर रही है
00:31यहाँ इनका खास ध्यान रखा जा रहा है
00:34इस कपड़े के बैग में ये जूला जूल रहे है
00:37साथ ही इनको टेडी बियर दिये गए है
00:40जिससे ये खेल रहे है
00:42ये सभी औरंगुटान समूहूं में एक साथ रह रहे है
00:46वो एक साथ खा रहे हैं
00:48साथ खेलते हैं और एक साथ सो जाते है
00:51उन्हें हर दो घंटे में खाना खिलाया जाता है
00:55तनाओ की बीच से Center for Wild Life Health Committee ने इनके सैंपल लेने से इनकार कर दिया है
01:02नंदन कानन के डिप्टी डारेक्टर प्रदीप मिरासे ने बताया
01:06कि 10 दिनों के बाद जब उनका तनाओ कम हो जाएगा तब सैंपल लिये जाएंगे
01:11इनको बाला सोर में भोगराई ब्लॉक के उधैपूरा फॉरस्ट डिविजन से बचाया गया है
01:18इनकी उम्र एक से दो साल के बीच है
01:21ये इंडोनेशिया और मलेशिया में पाए जाते है
01:24इनको तसकरी कर भारत लाए जाने की आशनका है
01:28जिसकी जाच की जा रही है
01:30येरो रेपोर्ट एटीवी भारत
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