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  • 4 hours ago
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से हमले शुरू हो गए हैं. अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर हमले किए. जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने होर्मंज स्ट्रेट में यूएई  के दो टैंकरों को निशाना बनाया. टैंकरों पर मिसाइल से किए गए हमलों में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत की खबर आई है. इसके साथ-साथ कई अन्य सदस्य भी घायल हुए हैं. इस हमले में भारतीय नाविक की मौत पर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है. विदेश मंत्रालय ने आज मंगलवार को ईरानी मिशन के उप प्रमुख (DCM) मोहम्मद जवाद हुसैनी समेत अन्य राजनयिकों को तलब किया है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने गंभीर चिंता जताते हुए इन लोगों से स्पष्टीकरण मांगा है. अब से कुछ देर पहले इस हाई-लेवल मीटिंग के बाद, मोहम्मद जवाद हुसैनी समेत ईरानी डिप्लोमैट्स को नेशनल मंत्रालय से बाहर निकलते देखा गया. यह हाई-लेवल डिप्लोमैटिक कदम यूएई (UAE) के रक्षा मंत्रालय की मंगलवार सुबह की ऑफिशियल घोषणा के बाद उठाया गया है, जिसमें कन्फर्म किया गया था कि यूएई (UAE) के झंडे वाले टैंकर, मोम्बासा और बाहिया, ओमानी जलक्षेत्र में होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी रास्ते से गुजरते समय ईरानी क्रूज मिसाइलों से निशाना बने थे. वहीं, यूएई (UAE) के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ओमान के जलक्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी रास्ते में दो ईरानी क्रूज मिसाइलों ने नेशनल टैंकरों (मोम्बासा) और (बाहिया) को निशाना बनाया. मोम्बासा को टारगेट करके किए गए जानलेवा हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई, जबकि आठ दूसरे नाविक घायल हो गए. जिन लोगों का मेडिकल इलाज चल रहा है, उनमें से चार को गंभीर चोटें आईं, कुल मिलाकर छह भारतीय नागरिक और दो यूक्रेनी नागरिक थे. नागरिकों की मौत के अलावा, मिसाइल हमलों से दोनों कमर्शियल जहाजों में आग लग गई, जिससे सामान को बहुत नुकसान हुआ, लेकिन इमरजेंसी टीमों ने आग पर काबू पा लिया.

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