00:03साथ नवंबर को नरक चतुरदशी का पर्व मनाय जा रहा है इस दोरान अभंग ये इसनान की परंपराने भाई जाती
00:11है
00:11माननेता है कि कारते क्रुष्ण पक्ष की चतुरदशी पर अभ्यंग इसनान न करने वाले व्यक्ति को नरक की प्राप्ति होती
00:19है
00:20इस दन सूर्योदर से पहले अभ्यंग उसनान करने मातर से यमदेब और साथ ही साथ मालक्ष्मी की क्रपा भी आप
00:28पर बढ़सती है और घर से अलक्ष्मी या दरदरता दूर होती है
00:33आईएस वीडियो में जानते हैं कि अभ्यन इसनान करने का शुमुहुरत क्या है साथी से किस विधी से करना सही
00:41रहेगा
00:41आपको बता दें कि नरक चतुरदशी के पावनपर्व पर ही नरका सुरका वद करके भगवान श्रीकृष्ण ने 16100 बंदी महिलाओं
00:51को मुख्त किया था
00:52भगवान श्रीकृष्ण ने इसके बाद शरीर पर लगा तेल और रक्त साफ करने के लिए उप्टन से स्नान किया था
00:59इस दिन उप्टन स्नान करने से त्वचा तो निखरती ही है शरीर की नकारात्म कूल जाएं भी दूर होती है
01:06और स्वांदर्य और स्वास्त की वृद्धी होती है
01:09इस साल साथ नवंबर को अभ्यंग स्नान मुहूरत रहेगा सुब़ पांच बचकर एक तालस मिनट से छे बचकर और तस
01:18मिनट तक
01:18इस बीच आप अभ्यंग स्नान कर सकते हैं
01:22अभ्यंग स्नान करने के लिए आपको तिल्ली के तेल, उप्टन और अपा मार्ग के पौधी की जड़ या पत्यों की
01:30जरुवत पड़ेगी
01:31अब सबसे पहले तेल के तेल से शरीर की मालिश करें, उसके बाद अपा मार्ग यानि चरजरा को सर के
01:38उपर से चारो और तीन मार घुमा कर रखें
01:41नरक चतुरदशी से पहले कार्तिक क्रश्न पक्ष की अहोई अश्टमी की दिन एक लोटे में पाने भर कर रखा जाता
01:48है
01:49नरक चतुरदशी के दिन इसी लोटे का जल नहाने के पाने में मिला कर स्नाने करने की परमपरा है
01:54अगर ऐसा करना भूल गए है तो परिशान नहों शुद्ध जल ले ले और उसमें तीन से चार बूंद गंगा
02:02जल के मिला दे
02:03इसके बाद उसी पानी से स्नान करें लेकिन नहाने से पहले शरीर पर उप्टन ज़रूर लगाएं
02:10ऐसा करने से नरक के भैसे आपको मुक्ती मिलेगी स्नान के बाद दक्षन दिशा की ओर हांत जोड़कर यमराज से
02:17प्रात्ना करें
02:18ऐसा करने से मनुष्ध द्वारा साल भर के किये गए पापो का नाश हो जाता है
02:23स्तान करने के बाद अपामार्ग के पौधे को जिसे आपने अपने सर से घुमा कर रखा था
02:29उसे किसी स्वच्छ जल में विसर्जित कर दे
02:33फिलहाल इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें
02:36साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले