Skip to playerSkip to main content
Abhyang Snan 2026: 7 नवंबर नरक चतुर्दशी अभ्यंग स्नान की परंपरा निभाई जाती है. मान्यता है कि कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर अभ्यंग स्नान न करने वाले व्यक्ति को नरक की प्राप्ति होती है. इस बार अभ्यंग स्नान 8 नवंबर को सुबह होगा. मान्यता है कि इस दिन सूर्योदय से पहले शरीर पर तिल का तेल लगाकर स्नान करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और अलक्ष्मी से मुक्ति मिलती है. इस परंपरा के पीछे केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि शरीर को स्वस्थ, ऊर्जावान और दीर्घायु बनाए रखने का आयुर्वेदिक विज्ञान भी छिपा हुआ है.Abhyang Snan 2026: Narak Chaturdashi Abhyang Snan Muhurt,Ubtan Kaise Banaye,Nahane Ki Vidhi..

On the Occasion Of Narak Chaturdashi,7 Nov 2026 the tradition of the Abhyanga Snan is observed. It is believed that anyone who fails to perform the Abhyanga Snan on the Chaturdashi of the Krishna Paksha of Kartik month will be sent to hell. This year, the Abhyanga Snan will take place on the morning of November 8th. It is believed that applying sesame oil to the body and bathing before sunrise on this day bestows the blessings of Goddess Lakshmi and freedom from the evil effects of Alakshmi. This tradition is not only rooted in religious beliefs, but also in Ayurvedic science, which helps maintain a healthy, energetic, and long-lived body.Abhyang Snan 2026: Narak Chaturdashi Abhyang Snan Muhurt,Ubtan Kaise Banaye,Nahane Ki Vidhi..

#abhyanga #abhyangsnan #narakchaturdashi2026 #narakasura #kalichaudas #roopchaudas #boldskyhindi #hindufestivals2026

~HT.318~PR.111~ED.120~VG.HM~
Transcript
00:03साथ नवंबर को नरक चतुरदशी का पर्व मनाय जा रहा है इस दोरान अभंग ये इसनान की परंपराने भाई जाती
00:11है
00:11माननेता है कि कारते क्रुष्ण पक्ष की चतुरदशी पर अभ्यंग इसनान न करने वाले व्यक्ति को नरक की प्राप्ति होती
00:19है
00:20इस दन सूर्योदर से पहले अभ्यंग उसनान करने मातर से यमदेब और साथ ही साथ मालक्ष्मी की क्रपा भी आप
00:28पर बढ़सती है और घर से अलक्ष्मी या दरदरता दूर होती है
00:33आईएस वीडियो में जानते हैं कि अभ्यन इसनान करने का शुमुहुरत क्या है साथी से किस विधी से करना सही
00:41रहेगा
00:41आपको बता दें कि नरक चतुरदशी के पावनपर्व पर ही नरका सुरका वद करके भगवान श्रीकृष्ण ने 16100 बंदी महिलाओं
00:51को मुख्त किया था
00:52भगवान श्रीकृष्ण ने इसके बाद शरीर पर लगा तेल और रक्त साफ करने के लिए उप्टन से स्नान किया था
00:59इस दिन उप्टन स्नान करने से त्वचा तो निखरती ही है शरीर की नकारात्म कूल जाएं भी दूर होती है
01:06और स्वांदर्य और स्वास्त की वृद्धी होती है
01:09इस साल साथ नवंबर को अभ्यंग स्नान मुहूरत रहेगा सुब़ पांच बचकर एक तालस मिनट से छे बचकर और तस
01:18मिनट तक
01:18इस बीच आप अभ्यंग स्नान कर सकते हैं
01:22अभ्यंग स्नान करने के लिए आपको तिल्ली के तेल, उप्टन और अपा मार्ग के पौधी की जड़ या पत्यों की
01:30जरुवत पड़ेगी
01:31अब सबसे पहले तेल के तेल से शरीर की मालिश करें, उसके बाद अपा मार्ग यानि चरजरा को सर के
01:38उपर से चारो और तीन मार घुमा कर रखें
01:41नरक चतुरदशी से पहले कार्तिक क्रश्न पक्ष की अहोई अश्टमी की दिन एक लोटे में पाने भर कर रखा जाता
01:48है
01:49नरक चतुरदशी के दिन इसी लोटे का जल नहाने के पाने में मिला कर स्नाने करने की परमपरा है
01:54अगर ऐसा करना भूल गए है तो परिशान नहों शुद्ध जल ले ले और उसमें तीन से चार बूंद गंगा
02:02जल के मिला दे
02:03इसके बाद उसी पानी से स्नान करें लेकिन नहाने से पहले शरीर पर उप्टन ज़रूर लगाएं
02:10ऐसा करने से नरक के भैसे आपको मुक्ती मिलेगी स्नान के बाद दक्षन दिशा की ओर हांत जोड़कर यमराज से
02:17प्रात्ना करें
02:18ऐसा करने से मनुष्ध द्वारा साल भर के किये गए पापो का नाश हो जाता है
02:23स्तान करने के बाद अपामार्ग के पौधे को जिसे आपने अपने सर से घुमा कर रखा था
02:29उसे किसी स्वच्छ जल में विसर्जित कर दे
02:33फिलहाल इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें
02:36साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले

Recommended