00:00वो कहते हैं, गीता सत्र छोड़ देंगे, आचारजी को यूटूब पर सुन लेंगे
00:06तो गीता सत्र छोड़ करके, वो जो यूटूब चैनल है, वही दूसरी नाव बन जाता है
00:12उनको इस यह कौन पूचेगी? बावले यह तो बता गीता सत्र यूटूब पर है क्या
00:18यूट्यूब पर तो जा करके वो सामगरी डाली जाती है
00:22जो आम आदमी को लुभाए, लेकर आए
00:27एप पर टीचिंग है, यूट्यूब पर कैचिंग है
00:33कोई टीचिंग छोड़कर कैचिंग में जा रहा है
00:35इससे बड़ा बावला कोई हो सकता है
00:39यूट्यूब पर तो थोड़ी से भी जो सार वाली सामगरी होती हो डलती ही नहीं
00:44जिसमें थोड़ा सा भी दम होता है, थोड़ी से भी गंभीरता होती है
00:47और गहराई होती है, वो सामगरी यूट्यूब पर डलती ही नहीं, बताओ क्यों
00:52उनको समझ में ही नहीं आएगी, उनको नहीं समझ में आने वाली ही, तो मगर वो सब कर दोगे वहाँ
00:58पर तो, यह यहां खड़े है YouTube वाले, पूछो ही कैसे चुनते हैं, यह कहते हैं, यह बिलकुल कचरा है,
01:03यह YouTube पर हिट होगा, इसको डालते हैं, और यहां ऐसे ऐसे कवे हैं
01:11जो मोती छोड़ करके खुद ही भागते हैं, कि हमें कचरा दे दो, हमें उसकी और जाना है, YouTube पर
01:16सुनेंगे अचार जी को, वहाँ क्या सुनोगे, कुछ नहीं है, वो बाहर वाले लोगों के लिए, YouTube भी परयापत है,
01:23क्योंकि अब सोचो वो कितने वड़े कचरे में होंगे,
01:26यह हमारे गीता सुत्रों का स्तर है, इसके सामने हम कह रहे हैं कि हमारे YouTube चैनल कचरा है, और
01:33सोचो बाहर वालों का स्तर क्या होगा, जिनके लिए यही मोती है, वो यहाँ पर है, वो आम आदमी है,
01:38जुन्नुलाल, उसके लिए हमारे YouTube चैनल ही बहुत खतरनाक बात है, गजब
01:55और वही परियापत है, और उसमें क्या डाला जाता है, उसमें मैं 15 सेकेंड बोलता हूँ, बाकी उसमें पिक्चर का
02:02म्यूजिक डाला जाएगा, और सो तरीके के मसाले उसमें लगाए जाएंगे, सोचो आम जनता का स्तर कैसा है, जिसको लुभाने
02:11के लिए यह सब करना पड
02:30कौन क्या जाने कहे का स्वाद?