00:00जलो जलो और बोल रहा हूँ जलो क्योंकि आग से गुजरता हूँ रोज दूर खड़ा होके आपको अमंत्रित नहीं कर
00:11रहा हूँ
00:13जिस चहरे को आप देख रहे हैं वो जुलसा हुआ है और गर वो चहरा आपको ठीक लगता है तो
00:20फुर जुलसना को इतनी गड़बड बात भी नहीं होगी न बहुतों को तो चहरा देखते ही होता है कि आज
00:30का दिन अब खराब ही जाएगा पर दोचार तो होंगे जिनने लगत
00:41करने वाला तो कोई नुक्सान हो गया क्या है कि जो किताबें आप पढ़ रहे हो वो जिन हाथों ने
00:49लिखी है वो जले हुए हाथ है तो कुछ नुक्सान हो गया क्या है आप कही के लिए तना ड़ते
00:56है
00:56जले हुए है
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