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  • 2 days ago
जानिए महाभारत के सबसे खतरनाक निशाचर युद्ध का रहस्य जहाँ राक्षस पुत्र घटोत्कच ने अपनी माया से कौरव सेना में कोहराम मचा दिया था और भगवान श्रीकृष्ण ने कर्ण से उसका महाशक्तिशाली इंद्रस्त्र चलवाने की चाल चली थी।
Transcript
00:05ुरुक्षेत्र के मैदान में जब सूरज ढल चुका था, तब शुरू हुआ एक भयानक निशाचर युद्ध।
00:11ुदिंबा पुत्र घटोतकच ने अपनी आसुरी माया से कौरव सेना पर कहर बर्पाना शुरू किया।
00:17हवा में उर्ते रत, गरचते राक्षस और आसमान से बरसती आगने दुर्योधन की सेना को हिला दिया।
00:24कोई भी योध्धा इस भयानक माया का मुकाबला करने में सक्षम नहीं बचा था।
00:29करण दुर्योधन गिर गिराते हुए सूर्यपुत्र करण के पास गया और अपनी जान की भीख मांगी।
00:34करण ने अपने अचूक अस्त्र इंद्रस्त्र को उठाया, जिसे उसने सिर्फ अर्जुन के लिए बचा कर रखा था।
00:41लेकिन भगवान श्रीकृष्न इस चाल को पहले ही भांप चुके थे और मुस्कुराने लगे।
00:46श्रीकृष्न जानते थे कि यदि यह अस्त्र आज नहीं चला, तो अर्जुन का बचना असंभव है।
00:52तर्ण ने जैसे ही वह घातक इंदरस्त्र छोड़ा, आस्मान में बिजली सी कड़कडाहट गुंजगुठी।
00:58वह अस्त्र सीधा घटोतकच की छाती को चीरता हुआ निकल गया और राक्षस का विशाल शरीर धर्ती पर गिरा।
01:05घटोतकच की मृत्यू पर पांडव रोए, लेकिन श्री कृष्न मुस्कुराए क्योंकि अर्जुन की जान बच गई थी।
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