00:23ुद्धा इधरुधर भागने लगे विनाश को तलता देख दुरियोधन ने व्यतित होकर
00:28अंगराज कर्ण से अपनी सेना की रक्षा की गुहार लगाई।
00:32कर्ण के पास था देवराज इंद्र द्वारा दिया गया वह अचूक अस्त्र जिसे वे सिर्फ अरजुन के लिए बचा रहे
00:38थे।
00:39लेकिन धर्म और सेना के विनाश को रोकने के लिए कर्ण ने अपना अंतिम और सबसे शक्तिशाली अस्त्र उठा लिया।
00:46आसमान को चीरता हुआ वह दिव्य अस्त्र सीधे घटोतकच के विशाल सीने पर जाकर प्रहार कर बैठा।
00:52घटोतकच वीरगती को प्राप्थ हुए लेकिन अपनी मृत्यू से पहले उन्होंने विशाल रूप लेकर कौरव सेना को कुचल डाला।
01:00अर्जुन अब असुरक्षित हो गए थे। ऐसे ही अनसुने रहसियों के लिए लाइक और फॉलो करें।