00:06पल्कि तीनों लोकों में तबाही मचाने वाला दिव्य अस्तर था।
00:15प्रणडव्वान ब्रह्मा ने सबसे पहले इस अस्तर को बनाया और प्रजाप्ति को सौपा था।
00:21पीडियों से गुजरते हुए यह दिव्य धनुष अंत में जल के देवता वरुन देव को मिला।
00:26जब खांडव वन को भस्म करना था, तब अर्जुन और भगवान श्री कृष्ण वरुन देव के पास पहुंचे।
00:32वरुन देव ने प्रसन्न होकर वही गांडीव धनुष और कभी न खत्म होने वाले दो तरकश दिये।
00:38इस धनुष की सबसे बड़ी खूबी यह थी कि इसकी टंकार से तीनों लोग धर्रा उठते थे।
00:44रुक्षेत्र के युद्ध में इसी अस्त्र ने अकेले ही कौर्वों की सेना को थर्रा दिया था।
00:49महा भारत के अंत के बाद अर्जुन ने इसी धनुष को वापस वरुन देव को सौंप दिया था।
00:55Shanaatan Dharm ke aisei anseunay rahasiyo ko jaanne ke liye abhi like aur follow karein.
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