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Sharad Purnima 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि 25 अक्तूबर 2026 को सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर शुरू होगी और 26 अक्तूबर को सुबह 9 बजकर 41 मिनट पर समाप्त होगी। इस बार पूर्णिमा तिथि 25 अक्तूबर की रात को भी रहेगी। इसलिए चंद्रमा की पूजा और चांदनी में खीर रखने के लिए 25 अक्तूबर की रात उपयुक्त मानी जाएगी।Sharad Purnima 2026: Kheer Rakhne Ka Samay,Khule Aasman Ke Niche Rakhne Ke Niyam ?

According to the Hindu calendar, the full moon date of the month of Ashwin will begin at 11:55 am on October 25, 2026, and end at 9:41 am on October 26. This time, the full moon date will also fall on the night of October 25. Therefore, the night of October 25 is considered suitable for worshipping the moon and placing kheer in the moonlight.

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~HT.318~PR.111~ED.120~VG.HM~
Transcript
00:03शरत पूर्णिमा पर चंद्रमा की रोश्णी में खीर रखने की परंपरा सदियों से चलिया रही है लेकिन साल 2026 में
00:11इस पर्व की तारीक को लेकर लोगों के मन में असमंजस है
00:14कोई 25 ओक्टूबर की रात खीर रखने की बात कर रहा है तो कुछ लोग 26 ओक्टूबर का इंतजार कर
00:19रहे हैं
00:19आईए समझते हैं कि शरत पूर्णिमा की तिथी खीर रखने का समय और इस दिन से जुड़ी जरूरी बाते क्या
00:26हैं
00:26हिंदू पंचांग के नुसार अश्वन मास की पूर्णिमाति थी 25 ओक्टूबर को सुब़ 11 बच कर 55 मिनट पर शुरू
00:33हो रही है और 26 ओक्टूबर को सुब़ 9 बच कर 41 मिनट पर समाप्त होगी
00:37इस बार पूर्णिमाति थी 25 ओक्टूबर की रात को ही रहेगी इसले चंद्रमा की पूजा और चांदनी में खीर रखने
00:44की परंपरा 25 ओक्टूबर की रात को ही उप्योक्त रहेगा
00:47आपको बता दे कि 25 ओक्टूबर को चंद्रोदय शाम करीब 5 बजे होने का नुमान है हाला कि उस समय
00:54सूर्यास्त नहीं होगा इसले रात होने के बाद ही खीर रखना सही रहेगा
00:58रात 8 बजे के बाद खीर चांदनी में रख सकते हैं
01:01धार्मिक मानिताओं के अनुसार शरग पूर्णिमा कि राच चंद्रमा की सोलह कलाओं का विशेश महत्व होता है
01:07इस दिन चांदनी में खीर रखकर बाद में प्रसाद के रूप में ग्रहन करने की परमपरा है
01:12मानिता है कि इस दिन चांद की किरणों से अमरत वर्षा होती है
01:16जो खीर में पढ़ती है और इसे खाने से परिवारजन निरोगी होते हैं
01:21और उनकी कुंडली में मौझूद चंद्रदोश भी शांत होते हैं
01:25खीर को साफ बरतन में रखे और महीन जाली से ढखका रख दे ताकि धूल और कीड़े उस पर ना
01:31गिरे
01:31आप चाहे तो दूद से बनी खीर को पूरी रात भी रख सकते हैं
01:35अगर आपको धूल मिट्टी पढ़ने के आशंका ना होते हैं
01:37अगर आपको लगता है कि वो दूद बाहर रहकर उस पर धूल या मिट्टी पढ़ जाएगी तो ऐसे में रात
01:438 बजे खीर रखने के बाद आप लगभग 11 या 12 बजे सोने से पहले जाकर खीर को हटा लें
01:49अगर शरत पूर्णी मा के दिन आपका वरत है तो अगले दिन वरत पारण के दोरान इसी खीर का सेवन
01:55करें
01:55सबसे पहले इसे मातालक्ष्मी को अर्पित करें, सुबस्नानादी से निवरत्त होकर और उसके बाद उसे भोग स्वरूप ग्रहन करके अपनिवरत
02:03का पारण कर सकती हैं
02:05फिलहाल इस वीडियो में इतना ही, वीडियो को लाइक और शेयर करें, साथी चैनल को सबस्क्राइब करना ना भूलें

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