00:03शरत पूर्णिमा पर चंद्रमा की रोश्णी में खीर रखने की परंपरा सदियों से चलिया रही है लेकिन साल 2026 में
00:11इस पर्व की तारीक को लेकर लोगों के मन में असमंजस है
00:14कोई 25 ओक्टूबर की रात खीर रखने की बात कर रहा है तो कुछ लोग 26 ओक्टूबर का इंतजार कर
00:19रहे हैं
00:19आईए समझते हैं कि शरत पूर्णिमा की तिथी खीर रखने का समय और इस दिन से जुड़ी जरूरी बाते क्या
00:26हैं
00:26हिंदू पंचांग के नुसार अश्वन मास की पूर्णिमाति थी 25 ओक्टूबर को सुब़ 11 बच कर 55 मिनट पर शुरू
00:33हो रही है और 26 ओक्टूबर को सुब़ 9 बच कर 41 मिनट पर समाप्त होगी
00:37इस बार पूर्णिमाति थी 25 ओक्टूबर की रात को ही रहेगी इसले चंद्रमा की पूजा और चांदनी में खीर रखने
00:44की परंपरा 25 ओक्टूबर की रात को ही उप्योक्त रहेगा
00:47आपको बता दे कि 25 ओक्टूबर को चंद्रोदय शाम करीब 5 बजे होने का नुमान है हाला कि उस समय
00:54सूर्यास्त नहीं होगा इसले रात होने के बाद ही खीर रखना सही रहेगा
00:58रात 8 बजे के बाद खीर चांदनी में रख सकते हैं
01:01धार्मिक मानिताओं के अनुसार शरग पूर्णिमा कि राच चंद्रमा की सोलह कलाओं का विशेश महत्व होता है
01:07इस दिन चांदनी में खीर रखकर बाद में प्रसाद के रूप में ग्रहन करने की परमपरा है
01:12मानिता है कि इस दिन चांद की किरणों से अमरत वर्षा होती है
01:16जो खीर में पढ़ती है और इसे खाने से परिवारजन निरोगी होते हैं
01:21और उनकी कुंडली में मौझूद चंद्रदोश भी शांत होते हैं
01:25खीर को साफ बरतन में रखे और महीन जाली से ढखका रख दे ताकि धूल और कीड़े उस पर ना
01:31गिरे
01:31आप चाहे तो दूद से बनी खीर को पूरी रात भी रख सकते हैं
01:35अगर आपको धूल मिट्टी पढ़ने के आशंका ना होते हैं
01:37अगर आपको लगता है कि वो दूद बाहर रहकर उस पर धूल या मिट्टी पढ़ जाएगी तो ऐसे में रात
01:438 बजे खीर रखने के बाद आप लगभग 11 या 12 बजे सोने से पहले जाकर खीर को हटा लें
01:49अगर शरत पूर्णी मा के दिन आपका वरत है तो अगले दिन वरत पारण के दोरान इसी खीर का सेवन
01:55करें
01:55सबसे पहले इसे मातालक्ष्मी को अर्पित करें, सुबस्नानादी से निवरत्त होकर और उसके बाद उसे भोग स्वरूप ग्रहन करके अपनिवरत
02:03का पारण कर सकती हैं
02:05फिलहाल इस वीडियो में इतना ही, वीडियो को लाइक और शेयर करें, साथी चैनल को सबस्क्राइब करना ना भूलें