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Sharad Purnima 2026 पर पूजा करने के लिए किसी कठिन विधि की आवश्यकता नहीं है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा, पारिवारिक परंपरा और सामर्थ्य के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण, चंद्रदेव और मां लक्ष्मी की पूजा कर सकते हैं। पूजा की सामान्य विधि इस प्रकार है: सुबह स्नान करें: प्रातः उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। व्रत का संकल्प लें: यदि आप व्रत रखना चाहते हैं, तो अपनी परंपरा के अनुसार भगवान के सामने संकल्प लें। पूजा स्थल तैयार करें: घर के मंदिर को साफ करके भगवान श्रीकृष्ण और मां लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। दीपक जलाएं: पूजा स्थल पर दीपक जलाकर भगवान को पुष्प, फल, अक्षत और अपनी श्रद्धा के अनुसार नैवेद्य अर्पित करें। मंत्र और कथा का पाठ करें: भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करें और शरद पूर्णिमा की व्रत कथा पढ़ें या सुनें। चंद्रमा के दर्शन करें: शाम को चंद्रमा निकलने पर उनकी पूजा करें। अर्घ्य देने की परंपरा हो तो स्वच्छ पात्र से जल अर्पित करें। आरती करें: पूजा के अंत में भगवान श्रीकृष्ण, चंद्रदेव और मां लक्ष्मी की आरती करें।Sharad Purnima 2026: Sharad Purnima Puja Muhurt,Mahalaxmi Puja Vidhi,Bhog,Samagri List

There are no elaborate rituals required to perform the puja on Sharad Purnima 2026. Devotees can worship Lord Krishna, Chandradev, and Goddess Lakshmi according to their faith, family tradition, and ability. The general method of worship is as follows: Take a bath in the morning: Wake up in the morning, take a bath and wear clean clothes. Take a vow to fast: If you want to keep a fast, then take a vow before God as per your tradition. Prepare the place of worship: Clean the temple in your house and install the idol or picture of Lord Krishna and Goddess Lakshmi. Light a lamp: Light a lamp at the place of worship and offer flowers, fruits, rice grains and naivedya to the Lord as per your faith. Recite mantras and stories: Remember Lord Krishna and read or listen to the Sharad Purnima fast story. See the Moon: Worship the moon when it rises in the evening. If offering water is customary, offer water from a clean vessel. Perform Aarti: At the end of the puja, perform Aarti of Lord Krishna, Chandradev and Goddess Lakshmi.

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~HT.318~PR.111~ED.118~VG.HM~
Transcript
00:02जैमा महलक्ष्मी अश्विनमाज के शरत पूर्णिमा बेहत कल्यानकारी और शुब मानी जा रही है
00:08मानेता है कि इस पावन रात्री को महलक्ष्मी प्रत्वी पर भ्रमण करती हैं और पूछती हैं को जागर्ती यानि कौन
00:16जाग रहा है
00:17आईए जानते हैं कि साल 2026 में शरत पूर्णिमा की शुब दिन पर महलक्ष्मी की पूजा कैसे करें पूजा का
00:25शुब मुहरत मंत्र और भूग क्या होगा
00:2825 ओक्टूबर को दोपहर 11 बजकर 55 मिनट से पूर्णिमा तिती प्रारंब हो रही है वहीं इसकी समापती 26 ओक्टूबर
00:37को सुबह 9 बजकर 41 मिनट पर होगी
00:39पूजा पाट और वरत 25 ओक्टूबर को किया जाएगा तो वहीं सनान और दान 26 ओक्टूबर की सुबह सुर्योदय के
00:47पश्रात किया जाएगा
00:48चंद्रोदय की बात करें तो शाम 5 बजे से चंद्रोदय शुरू होगा
00:53वहीं कोजागरी या महालक्ष्मी की पूजा का समय रातरी 11 बजकर 40 मिनट से शुरू होकर 12 बजकर 31 मिनट
01:00तक है
01:01लेकिन अगर आप के लिए इतनी देर रात पूजा कर पाना संभव नहीं है तो ऐसे में शाम 5 बजे
01:07के बाद कभी भी आप महालक्ष्मी की पूजा कर सकती है
01:11पूजा करने के आवशक सामगरी में महालक्ष्मी के लिए भोग, चावल और गाय के दूद की खीर, सफेद मिठाईया, मौसमे
01:19फल, पंचामरत
01:20पूजा सामगरी में महालक्ष्मी और भगवान विश्नु की मूर्ति या चित्र, लालकपडा, चोकी, दूरवात, थुलसी पत्र, रोली अक्षत, हल्दी केसर
01:29और संदूर, पान्च उपारी लौंग, इलाइची, दीपक और धूप, लालकमल का फूल या गुलाब, पांच
01:48पूजा सामगरी में महालक्ष्मी और भगवान विश्नु की प्रतिमा को स्थापत करें, हाथ में जल, अक्षत और फूल लेकर वरतेवं
01:54पूजा का संकल पलें, मालक्ष्मी के समक्षिद शुद्ध घी का दीपक जलाएं, और धूप भी जलाएं, देवी लक्ष्मी और श्
02:17पीधे तूलसी ना रखें, मालक्ष्मी मंत्र ओम, श्रीम, रीम, श्रीम, कमले, कमलाले, प्रसीद, प्रसीद, श्रीम, रीम, श्रीम, ओम, मालक्ष्मे नम,
02:27का कम से कम 108 बार जब करें, मालक्ष्मी और भगवान विश्नु की आरति उतारें, चंद्रोदय के बाद चांदिय
02:35तामबे के लोटे में जल, दूद, अक्षत और सफेद फूल मिलाकर चंद्रमा को अर्ग दे
02:40चावल और दूद की खीर को किसी महीन मलमल के कपड़े अजाली से ढखकर रात बर चंद्रमा की चांदनी के
02:46नीचे रख दे
02:47इसे सुर्यदय से पहले अगले दिन हटा ले
02:50ध्यान रहे अगले दिन पूजा के बाद कोडियों को एक लाल कपड़े में बांध कर तीजोरी में रख दे
02:56ऐसा करने से आपके घर में सुक समरुद्धी बनी रहेगी और धन कागमन होता रहेगा
03:02फिलहाल इस विडियो में इतना ही विडियो को लाइक और शेर करें साथी चानल को सब्सक्राइब करना ना भूले

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