00:02साल 2026 में शार्दी नवरात्री की संधी पूजा 19 ओक्टुबर दिन सोमवार को की जाएगी संधी पूजा नवरात्री का सबसे
00:10शक्तिशाली और खास समय माना गया है जब अश्टमी तिती समाप्त होती और नव में तिती का प्रारंब होता है
00:17मानेता है कि इसी 48 मिनिट के समय में मादुरगा ने माचा मुंडा का रूप धारन करके चंड और मुंड
00:25नामक असुरों का वद किया था
00:27अगर आप भी घर पर ही संदी पूजा करना की सोच रही है तो आईए इस वीडियो में आपको बताते
00:32हैं सबसे सरल विधी क्या रहीगी
00:34संदी पूजा अश्टमी तिथी के अंतिम 24 मिनट और नामी तिथी के शुरुवाती 24 मिनट यानि की कुल 48 मिनट
00:42के संदिकाल में करते हैं
00:44ये 19 ऑक्टुबर को सुब्ध 10 बचकर 27 मिनट से शुरू होकर सुब्ध 11 बचकर 15 मिनट तक खत्म होगा
00:50सुबह 10 बच कर 51 मिनट यानि की ठीक इसी छण बली या भोग और मुख्य 108 दीपक प्रज्वलित किये
00:58जाने चाहिए
00:59संदी पूजा के लिए जरूरी सामगरी की बात करें तो 108 मिट्टी या पीतल के दिये तेल या घी से
01:06जला सकते हैं
01:07108 पूल लाल कमल गुलाब या गुड़हल 108 बेल पत्र स्वच्छेवं अखंडित 108 नीबू नीबू की माला भी चड़ाए जा
01:16सकती है अगर 108 नीबू ना मिले तो कम से कम एक बड़ा नीबू या कानसफल या कद्दू सात्विक बली
01:23हे तु रखें
01:24भोग सामगरी 108 प्रकार के मेवे मिष्ठान या सूजी का हलवा पूरी काले चने केला सेब और अनाल लाल कपड़ा
01:32धूप करपूर चंदन रोली अक्षत इत्र और कांस या तामबे की थाली
01:37अब सुबह 10 बचकर 20 मिनट तक स्नान करके लाल वस्तर धारन कर लें मादुरगा की मूर्ती या तस्वीर के
01:43सामने लाल कपड़ा बिचा कर 108 दीपकों में बाती और तेल या घी डाल कर तयार रख लें हाथ में
01:49जल अक्षत और पूल लेकर संदी पूजा का संकल पले
01:52देवी मा की चामुंडा रूप का ध्यान करें 108 लाल पूल और 108 बेल पत्र एक करके ओम, एम, रीम,
02:00क्लीम, चामुंडा ये विच्छे मंत्र बोलते वे माता के चरणों में अर्पत करें माता को इत्र रोली अक्षत और सिंदूर
02:06लगाएं जैसे ही अश्टमी का अंत और नव
02:09का प्रवेश होगा, यानि कि सुबह 10 बचकर 51 मिनट के बाद से करपूर जलाकर उससे सभी 108 दीपक प्रज्वलित
02:16करें, पूरे घर के मंदरों को दीपों की रोश्नी से भर दें, देवी चामुंडा को प्रसंद करने के लिए सात्विक
02:23बली दी जाती है, इसके लिए कद्द
02:39जोड कर जाने अन जाने में हुई भूल चूक के लिए उनसे शमा मांगे, पूजा के दौरान और 108 दीपक
02:44जलाते समय निरंतर इस मंत्र का जाप करें, ओम, एम, रीम, क्लीम, चामुंडाय विच्छे, इस विशेश मंत्र का भी जाप
02:53कर सकते हैं, जयनती, मंगलाकाली, भद
03:06को चड़ा दें, इसे ऐसे ही कूडे में फेकना सही नहीं रहेगा, दीपकों को ठंडा होने के बाद ही अपनी
03:14जगह से हटाएं, और भोग में चड़ी हुई सामगरी को परिवार में बाट कर अपने आसपास लोगों को भी प्रसात
03:21सुरूप जरूर बाट दें, फिलहाल इस
03:24विडियो में इतना ही, विडियो को लाइक और शेयर करें, साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें