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Sandhi Puja 2026:दुर्गा पूजा में महाअष्टमी और महानवमी का मिलन काल, जिसे 'संधि काल' कहा जाता है, पूरे नौ दिनों का सबसे शक्तिशाली और रहस्यमयी समय माना जाता है। इस 48 मिनट के समय में की जाने वाली 'संधि पूजा' का महत्व सबसे अधिक है। लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि संधि पूजा में 108 कमल के फूल, 108 दीपक और 108 बेलपत्र ही अर्पित किए जाते हैं? न एक कम, न एक ज्यादा! आखिर संधि पूजा में ऐसा क्यों होता है चलिए बताते हैं इस वीडियो में.

Sandhi Puja 2026:During Durga Puja, the transitional period between Maha Ashtami and Maha Navami—known as 'Sandhi Kaal'—is considered the most powerful and mystical time of the entire nine-day festival. The 'Sandhi Puja' performed during this 48-minute window holds immense significance. But have you ever noticed that exactly 108 lotus flowers, 108 earthen lamps (diyas), and 108 Bel leaves are offered during this ritual—no more, no less? Let us explain why this is the case in this video.

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~HT.318~PR.114~ED.120~VG.HM~
Transcript
00:03दुर्गा पूजा में महास्चमी
00:05और महानौमी कामिलनखाल ज़से संधी काल कहा जाता है पूरे नौ
00:10दिनों का सबसे शक्ति-शाली औरो Scientific माई समय मानाजाता है इस 48
00:14मिनट के समय में की जाने वाली संधी पूजा का महत्व सबसे
00:19जादा होता है लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि संधी पूजा में 108 कमल के फूल 108 दिये
00:26और 108 बेलपत्र ही क्यों अरपित किये जाते हैं ना एक कम ना एक जादा आखिर 108 की संख्या ही
00:35क्यों है इसके पीछे कौन सी पौरानिक कथा है क्या है रहसे चलिए बताते हैं आ
00:4924 मिनट को मिलाकर 48 मिनट का संधी काल बनता है इस दोरान संधी पूजा की जाती है यही समय
00:57था जब मादुर्गा के ललाट से अतियंत कुरुद रूप में मा चामुंडा प्रकट हुई थी और उन्होंने असुर्चेंड और मुंड
01:06का वद किया था अब बात करते हैं कि 108 कमल
01:09के फूल ही क्यों इसके पीछे कृतिवास रमायन में वर्नित भगवान श्री राम के अकाल बोधन की कथा आती है
01:17जब प्रभु श्री राम रावन से युद कर रहे थे तब रावन को परास्त करने के लिए उन्होंने संधी काल
01:25में देवी दुर्गा की पूजा का संकल्प ल
01:35प्रभु श्री राम की भक्ति की परिक्षा लेने के लिए एक नीले कमल का फूल गायब कर दिया जब श्री
01:42राम ने पूजा के अंत में गिना तो केवल 107 कमल ही थे पूजा का समय बीता जा रहा था
01:49तब प्रभु राम को याद आये कि उन्हें कि उन्हें राजीव नयन भी
01:54कहा जाता है उन्होंने तुरंत अपना एक नेत्र तीर से निकाल कर देवी को अर्पित करने का निर्ने लिया उनकी
02:02इस निश्चल भक्ति से प्रसंद होकर देवी दुर्गा स्वयम प्रकट हुई और उन्होंने विजय का वर्दान दिया तभी से संधी
02:09पूजा में मा के प्
02:23ज्यानता और और तमोगुण का विनाश होता है एक सो आठ दीपक जला कर हमारे भीतर के अज्यान रूपी अंधिकार
02:31को समाप्त कर दसो दिशाओं और और समस्त भ्रहमांडिय उर्जा को जागरित करने का प्रतीक है वहीं एक सो आठ
02:39बिलपत्र की बात करें तो बिलपत्र �
02:41त्रिदेव, ब्रह्मा, विश्नु, महेश और तीनो गुणो, सत्व, रज और तम का प्रतीक है एक सो आठ बिलपत्र अर्पित करने
02:49से व्यक्ति के तीन प्रकार के पाप नस्ठ होते है और शरीक के तीन स्वरूपो का शोधन होता है इसलिए
02:58संधी पूजा में 108 कमल के फूल
03:00108 बेल पत्र और 108 दिये जलाए जाते हैं उमीद करते हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगे फिलहल हमारी इस
03:07वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शेर और चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले

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