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IITian बाबा अभय सिंह की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही खबरों पर बड़ा अपडेट सामने आया है। हरियाणा पुलिस ने इन खबरों को फर्जी बताते हुए स्थिति साफ की है। आखिर IITian बाबा अभय सिंह की मौत की अफवाह कैसे फैली और पुलिस ने क्या कहा? जानिए इस वायरल खबर का पूरा सच और इससे जुड़ी अहम जानकारी।

A major update has emerged regarding viral reports claiming the death of IITian Baba Abhay Singh. Haryana Police has clarified that the reports are fake, putting an end to the rumours circulating on social media. How did the death rumour spread, and what did the police say? Watch this video to know the truth behind the viral news and the latest update on IITian Baba Abhay Singh.


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Transcript
00:03दुर्गा पूजा के दौरान जब आप मादुर्गा की प्रतिमा देखते हैं तो क्या कभी आपकी नजर उनके घने लंबे और
00:11लहराते काले बालों पर पड़ी है जादा तर लोग सोचते हैं कि ये बाल प्लास्टिक या किसी रेडिमेट धागे से
00:19बनते हैं
00:20लेकिन कि आप जानते हैं कि मादुर्गा की इन खुबसूरत केशों को बनाने के पीछे एक अनोखी भायचारे से भरी
00:28कहानी छिपी है
00:29चलिए बताते हैं इस वीडियो में मादुर्गा के घने लंबे और काले बाल कहां से बनते हैं कौन बनाता है
00:37कौलकाता के करीब 50 किलोमेटर दूर हावडा जिले के बरबतपुर गाओं में मादुर्गा के बाल बनाने के परंपरा कई पीडियों
00:46से चलिया रही है
00:47और सबसे खास बात ये है कि इस गाओं में इन खुबसूरत बालों को तराशने वाले कारिकर मुस्लिम समुदाय से
00:55है
00:55गाओं के 37 साल के शेक नवाब यहां विग बनाने का सबसे बड़ा काम समहलते हैं
01:02वो बताते हैं कि उन्होंने ये हुनर अपने दादाजी से सीखा था
01:06चलिए बताते हैं अखिर ये बाल बंदे कैसे हैं तो सबसे पहले कच्चा पटसर यानि कि जूट खरीदा जाता है
01:13बड़े बड़े बर्तनों में कोईले की आजपर काला रंग उबाला जाता है और उसमें पटसन को रंगा जाता है यानि
01:22कि जूट खोर रंगा जाता है फिर इसे कई दिनों तक सुखाने के लिए छोड़ दिया जाता है
01:28इसके बाद गाउं की महिलाएं, सिलाई, मशीन से इन रंगे हुए धागों को जोड़ कर विख तैयार करती है
01:36ये विख सिर्फ कॉलकाता के मशूर कुमार टोली ही नहीं बलकि बिहार, उत्रप्रदेश, नैपाल और बांगला देश तक भेजी जाती
01:45है
01:45लेकिन भाईचारे और कला की ये मिसाल पेश करने वाले कारिगर आज भारी आरतिक तंगे और चुनोल्टियों से जूच रहे
01:52हैं
01:53दो-तिन साल पहले जो पट्सन 90 रुपे में मिलता था, अब उसकी कीमत बढ़कर 140 रुपे से 1500 रुपे
02:00हो चुकी है
02:00बे मौसम वारिश और खराम मौनसून के कारण पट्सन को सुखाना बहुत मुश्किल हो जाता है
02:06लेकिन ये मुस्लिम कारिगर दुरगा पूचा के लिए पहले से ही तैयारी शुरू कर देता
02:12और ये एक भाईचारे की जीती जाती मिसाल है जो सदियो से चली आ रही है
02:18पैसे इस पर आपका क्या कहना है हमें कमेंट बॉक्स में जबरू बताएं
02:22फिलाल हमारे इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शेर और चैनल को सब्सक्राइब करने ना भूले
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