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  • 14 minutes ago
Addressing the Bloomberg Economic Forum hosted in India, the speaker articulated a vision centered on transforming power into empowerment across technology, data, knowledge, and innovation. Emphasising inclusive growth, the address highlighted India's digital public infrastructure, startup ecosystem with over 2.5 lakh ventures, and direct benefit transfers via the JAM trinity that lifted 25 crore citizens out of poverty over the past decade. On the energy front, renewable capacity increased nearly fourfold from 75 GW in 2014 to around 300 GW, meeting Paris Agreement targets nine years ahead of schedule. The speech also addressed global challenges, including supply chain bottlenecks, critical mineral pressures, and the emergence of artificial intelligence. Highlighting a first-quarter economic growth rate of 7.8 per cent, foreign exchange reserves exceeding 700 billion dollars, and sweeping structural reforms like GST, simplified labour codes, and insolvency laws, the address reaffirmed India's commitment to global collaboration, multilateral initiatives like the International Solar Alliance, and sustainable progress.

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00:00। भारत के प्रति उनका प्रेम। वैस्विक मंचों पर भारत के प्रति उनकी भावनाएं हमेशा बहुती सकारत्मक उर्जा देने वाली
00:15रही है।
00:16और इसके लिए मैं स्रिमान आपका रदे से बहुत-बहुत आभार व्यक्ते करता हूं।
00:29हर साल ये फॉरम दुनिया के बहतरीन मैंड्स को एक साथ लाता है।
00:41यहां इकनामी पर चर्चा होती है, टेकनोलोजी, एनरजी और ग्लोबल एफेर्स पर विमर्ष होता है।
00:55और इस बार पहली बार यह आयोजन भारत में हो रहा है।
01:04मैं मेस्टर ब्लूमबर्ग और उनकी पूरी टीम को इस निर्णे के लिए बहुत बहुत बधाई देता हूं।
01:13आपने सही समय पर सही जगे चुना है।
01:28प्रेंट इस साल ब्लूमबर्ग एकनोमिक फोरम की थीम दुनिया में उभरती नई पावर्स पर केंद्रित है।
01:43हर यूग में पावर के अपने स्रोत रहे हैं। अपनी परिभाशा रही है।
01:56लेकिन 21 सदी में खासकरी तीसरे दसक में एक बड़ा बडलाव हो रहा है।
02:07Today, technology is power, data is power, knowledge is power, innovation is power।
02:23लेकिन साथियों असली सवाल यह नहीं है कि power किसके पास है।
02:33बलकि सवाल यह है कि इसका यूज कैसे हो रहा है।
02:41क्या technology सिर्फ कुछ लोगों को आगे बढ़ाएगी।
02:48या करोडों लोगों के लिए नए अवसर बढ़ाएगी।
02:54क्या knowledge केवल कुछ लोगों की ताकत बनी रहेगी।
03:00या सबकी ख्रमता बढ़ाएगी। यहीं से एक नया विचार जन्म लेता है।
03:13और यह विचार है power to empower, power to empower।
03:25power to control से आगे, power to enable, power to compete से आगे, power to collaborate, power to succeed से
03:44आगे, power to help others succeed।
03:50और इसलिए, आज मैं यहाँ जिस वीजन के साथ आया हूँ, वो है power to empower।
04:03साथ क्यों, यह विचार भारत के लिए नया नहीं है।
04:08हमारी यहाँ कहा गया है, विद्या विवादाय, धनम मदाय, शक्ति ही परेशा, परी पीडनाय खलस्य सादो, विर्पृतम एतत, ज्ञानाय दानाय
04:31चरक्षनाय।
04:32इसका भाव यही है कि ज्ञान, धन और शक्ति जिसके पास भी हो, वो इनको यूज कैसे करता है, यह
04:49महत्वपून है।
04:51यानि पावर का असली मुल्य उसके परपज में है, और इसी सोच को आज के दोर में समझना बहुत जरूरी
05:05है।
05:07साथ यह पावर टू एमपावर करने वाला जो यह मानविय भाव है, यह सिर्फ दूसरों को उपदेश देने के लिए
05:17नहीं है।
05:18यह हजारों वर्षों की हमारी परंपरा ने हमें सिखाया है।
05:24और भारत में हमने इसे अपनी गवनेंस में, अपनी कारेसंत संस्कृति में लागू करके दिखाया है।
05:36इसलिए मैं भारत के उदारणों से ही अपनी बात को आगे बढ़ाऊंगा।
05:44साथ कि आप सभी जानते हैं, भारत मदर अब डेमोक्रेसी है।
05:52भारत में हंड्रेट से उपर भाशाएं हैं।
05:58करीब 80,000 रजिस्टर्ड न्यूजपेपर और पब्लिकेशन्स हैं।
06:06एक हजार से जादा सेटलाइट टीवी चैनल्स हैं।
06:13और इतना ही नहीं।
06:15सोशल मिडिया के इस दौर में भारत में
06:20500,000,000 से अधीक यूट्यूब यूजर्स हैं।
06:27500,000,000 से जादा इंस्टाग्राम यूजर्स हैं।
06:33हमारे हाँ अलग-अलग मुद्धों पर खुल कर बहस होती है।
06:42अलग-अलग दर्श्टिकों पर जनता चर्चा करती है।
06:48और वर्तमान समय में इसमें जिसने एक बड़ी भूमी का निभाई है वो है डिजिटल पावर।
06:59साथ यों 12-13 साल पहले तक भारत में एक समय वो भी था।
07:06जब मोबाईल और इंटरनेट तक पहुझ भी अपने आप में शक्ति हुआ करती थी।
07:15जिसके पास एक्सेस था उसके पास इंफर्मेशन थी।
07:21नौलेज थी। ऑपर्चुनिटीज थी।
07:262014 के बाद जब भारत में नई सरकार बनी।
07:33हमें सेवा करने का आउसर मिला तो भारत ने मोबाईल डेटा को
07:40एफ़र्डेबल बनाने पर जोर दिया।
07:45इसी का नतीजा है कि आज एक छोटे शहर का विद्यार्थी भी
07:52डिजिटल लर्निंग से जुर सकता है।
07:57किसी गाउं में एक छोटा दुकानदार भी नए कस्टमर्स तक पहुँच सकता है।
08:04एक युवा भी ओनलाइन नए कोर्से जाइन कर सकता है।
08:11यानि भारत में कनेक्टिविटी ने सिर्फ लोगों को कनेक नहीं किया।
08:18उसने आउपर्चुनिटीज को भी कनेक किया है।
08:23यही यही पावर टू एम पावर है।
08:30साथ क्यों आपने से जो अतिती विदेश से आए हैं।
08:35उन्हें मैं कहूंगा कि आप भारत के डिजिटल पेमेंट्स एकोसिस्टिम को भी आजमा कर देखिए।
08:44हमार यहां एक स्ट्रीट वेंडर और एक बड़े कार शोरूम का कारोबार अलग-अलग है।
08:54उनका स्केल अलग है।
08:56लेकिन भारत में यह दोनों डिजिटल पेमेंट्स के एक ही इकोसिस्टिम का इस्तमाल कर रहे हैं।
09:06यही इंक्लूजीव टेकनोलोजी की ताकत है। सात्यों भारत का जो भी सामर्थ है।
09:14उसे हम अपने घर में ही रखने के समर्थ तक नहीं है।
09:21उसे हम ग्लोबल साउथ के साथ अन्य पार्टनर कंट्रीज के साथ निरंतर साजा करते हैं।
09:33डिजीटल पब्लिक इंफ्रासक्तिर के अनुभव को हम दूसरे देशों से शेर कर रहे हैं।
09:42ताकि वे अपनी जरुतों के अनुसार अपने डिजीटल सिस्टिम्स विक्सित कर सके।
09:52हमने कोविड के समय भी कोविन प्लेटफर्म बनाया था जो ओपन सोर्स था।
10:01यानि हमारे ये निरंतर प्रयास है कि भारत की केपबिलिटी दूसरे देश के लिए भी पॉसिबिलिटी के नए दरवाजे खोले।
10:14यानि हमारा सामर्थ मानवता को एमपावर करें।
10:21चाथियों, इनोवेशन की पावर भी ऐसी ही है, एक आइडिया को प्रोडक्ट में बदलना, एक प्रॉब्लेम को सॉलूशन में बदलना,
10:35ये अपने आप में बड़ी छमता है।
10:38लेकिन जब यह अवसर समात के अधिक से अधिक लोगों को मिलता है, तो शक्ती का संतुलन बनता है।
10:48और इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।
10:53भारत के स्टार्ट अप जर्नी इसी बदलाव का उधारन है।
10:59वर्स 2014 से पहले भारत में कुछ सो स्टार्ट अप ही हुआ करते थे।
11:10अब देश में इनकी संख्या धाई लाग से अधिक हो गई है।
11:16करीब आधे स्टार्ट अप छोटे शहरों और कस्मों से आते हैं।
11:2345% से अधिक स्टार्ट अप में कम से कम एक महला डिरेक्टर या पार्टनर है।
11:33यानि इनोवेशन के अवसर अधिक लोगों तक पहुँच रहे हैं।
11:42नई प्रतिभाएं सामने आ रही हैं।
11:46नए सॉलुशन्स बन रहे हैं।
11:49साथियों, पावर के परपज पर जो फोकस है।
11:55यही सोच गवर्नांस में भी जरूरी है।
12:01सरकार के पास अथोरिटी है।
12:05लेकिन इसका उदेश यह नहीं होना चाहिए।
12:08कि देश का नागरिक सिस्टिम पर ही निर्भरत हो जाए।
12:13बलकि इसका मक्सद यह होना चाहिए।
12:17कि देश के नागरिक सक्षम हो, ससक्त हो।
12:21और भारत इसी रास्ते पर चल रहा है।
12:27इसी रास्ते पर चलते हुए भारत ने बिते एक दसक में
12:32पचीस करोर लोगों को दुनिया के कई देशों की आबादी से भी ज्यादा।
12:41पचीस करोर लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है।
12:47साथियों, आपने जैम, ट्रिनिटी और डारेक बेनिफिट ट्रांसफर के बारे में भी सुना होगा।
12:58हम टेकनोलोजी का इस्तमाल करते हुए हमने बेनिफिशेरीज के बैंक अकाउंट तक सरकारी मदद सीधे पहुचाने की व्यवस्ता बनाई है।
13:11इससे करप्शन कम हुआ है, देश के नागरिक की सुविधा बड़ी है, गवर्मेंट और सिटिजन के बीच सीधा रास्ता बना
13:23है।
13:24साथियों, पावर टु एमपावर की यही सोच भारत की ग्लोबल एंगेजमेंट में भी दिखाई देती है।
13:35COVID महमारी के दोरां, वैक्सिन मैनिफेक्टिरिंग केपिसिटी का बहुत बड़ा महत्पता।
13:44तब सवाल था कि क्या इस ताकत का फाइदा भी कुछी ही देशों तक सिमित रह जाएगा।
13:53या फिर जिनके पास ये सुविधाव और ये सामर्त नहीं है, उन देशों उन लोगों तक भी वैक्सिन पहुंचेगी।
14:05भारत ने मानवता को एंपावर करने वाला रास्ता चुना।
14:12हमने सों से अधिक देशों को वैक्सिन की सप्लाई की।
14:18हमारी मैनुफेक्टिरिंग क्यापबिलिटी दूसरे देशों के लिए भी सहायता का माध्यम बनी।
14:26मैं आपको एक और इंट्रेस्टिंग एग्जामपल दूँगा। कुछ महने पहले भारत में AI इंपक्ट समीट हुई है।
14:37और चिमान ब्लूमबर्ग जी ने भी उस AI समीट के अभी बहुत तारीप भी किये।
14:44इसमें हमने humanity के लिए AI के उप्योग के साथ ही animals को कैसे AI का फाइदा हो इससे भी
14:59चर्चा का विशय बनाया।
15:06यानि भारत जितना सक्षम होगा मानवता के लिए दुनिया के लिए उतना ही फाइदेमंद होगा।
15:20Friends, power is not just the ability to move ahead. It is also the ability to empower others to move
15:34ahead.
15:34भारत का मानना है, competition जरूरी है, लेकिन compassion भी होना चाहिए।
15:46Innovation जरूरी है, लेकिन उसके लाप का विस्तार भी होना चाहिए।
15:53National strength जरूरी है, लेकिन global challenges के लिए solutions में भी योगदान देना होगा।
16:03Climate change हो, water governance हो, public health हो या emerging technologies का responsible use हो।
16:16दुनिया को ऐसा सामर्थ चाहिए, जो solution दे, नए आउसर पैदा करे।
16:26साथियों, मैं आप सभी को एक और उदान देता हूं।
16:31Paris Agreement के तहत, climate change से निपटने के लिए बारत एक बड़ा commitment किया था।
16:41साल 2015 में हमने लक्ष रखा था कि 2030 तक
16:50अपनी installed electricity capacity का 40% non-fossil sources से हासिल करेंगे।
17:01और भारत ये यूपलब्दी November 2021 में ही हासिल कर ली।
17:15यानि तए समय से नौ साल पहले भारत ऐसा करने वाला पहला G20 देश बना।
17:29यह केवल एक commitment पूरा करने की बात नहीं थी। यह भारत की बदलती हुई
17:38एनर्जी जर्नी का भी संकेत था। साथियो 2014 में भारत की renewable energy capacity करीब 75 गिगावट थी।
17:58आज यह करीब 300 गिगावट हो चुकी है। यानि हमने लगबग four time ज्यादा capacity aid की है।
18:12साथियो भारत में हो रहे इस energy transition के नए अवसर भी बन रहे है।
18:19आज हमारे यहाँ PM सूर्यगर और PM कुसम जैसी schemes चल रही है।
18:28एक योजना घरों को solar power से जोट रही है।
18:34दूसरी योजना किसानों को solar energy पैदा करने और उसके use से input cost कम करने का सामर्थ दे रही
18:43है।
18:43इन दोनों योजनाओं के माध्यम से भारत को 30 gigawatt से अधिक solar capacity हासिल हुई है।
18:56इन से हर साल करीब 30 million tons से अधिक carbon emission कम होने का अनुमान है।
19:07यानि solar power प्रकृती की रक्षा करने का माध्यम भी बन रहा है।
19:14और लोगों को empower भी कर रहा है। साथियों दुनिया में power की इस भागदोड में भारत एक अलग मिजाज
19:29लेकर चल रहा है।
19:30और उसका गवाँ यह दशक भी है। साथियों 21st century का यह decade अभूत परवा global challenges लेकर आया है।
19:46हम अगर पिछले 6 वर्सों को देखे। हमने global pandemic देखी।
19:53फिर अलग-अलग regions में युद्य छीड गए। जैसे इतना ही काफी नहीं था।
20:00फिर trade हो, critical minerals हो, energy supply हो, उसमें भी अर्चने आ रही है।
20:09दुनिया एक संकट से बाहर निकलने का रास्ता तलास्ती है, तब तक एक नया संकट सामने आ जाता है।
20:18जिन चीजों ने कभी दुनिया को जोडा था, वही आज weapon बन रहे हैं।
20:26supply chains हो, energy हो, minerals हो, payments हो या technology ये दबाव और दबदवे का माध्यम बन रहे हैं।
20:41बीते दशकों में, globalization ने जो roots बनाए, वो कम और कहां, chalk points बन गए।
20:53ये हम सब देख रहे हैं।
20:57इन सब के बीच, artificial intelligence है।
21:03हर sector में, काम करने के तरीके बदल रही हैं।
21:09अनेक देशों में, aging से जोड़े challenges भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
21:15ऐसे में, आज दुनिया के सामने एक बड़ा सवाल, trust का है, भरोसे का है।
21:24भरोसा ये, कि जरुवत के समय, supply जारी रहेगी।
21:32भरोसा ये, कि जो promise किये हैं, वो निभाए भी जाएंगे।
21:39भरोसा ये, कि संकट के समय, हमारा partner country साथ खड़ा रहेगा।
21:46और यहीं पर, भारत एक अलग बिजाज, एक अलग सोच के साथ, आपके सामने है।
21:56साथ योट 21st century में, भारत की प्रगती सबके साथ मिलकर, सबको साथ लेकर आगे बढ़ने की कहानी है।
22:08जब दुनिया को affordable medicines की जरुत होती है, तो हर पांच में से एक जनरिक medicine भारत से आती
22:19है।
22:22जब digital identity और payment के solutions चाहिए, तो भारत में विक्सित model दिखता है।
22:33जब दुनिया को talent की जरुत होती है, तो भारत के skill युवाओं पर भरोसा होता है।
22:41आज भारत में 2000 से अधिक Global Capability Centers हैं, जो दुनिया भर की companies को अपनी services दे रहे
22:55हैं।
22:56साथियों, ये स्पस्त हैं कि जब भी दुनिया को एक स्टेडी पिलर की जरुत होती हैं, तो भारत अपना दाईत्व
23:08समझते हुए हाथ आगे बढ़ाता है।
23:13We do not grow at anyone's cost. We grow with the world and for the world.
23:31और साथियों, भारत जो करता है, उसका credit भी नहीं चाहता।
23:38दुनिया गर्व से कहती है कि भारत ने दुनिया को zero दिया।
23:44इस zero ने पूरी मानोता का लाब किया। लेकिन भारत ने इसके के लिए कभी भी royalty नहीं मागिये।
24:00और आज भी भारत इसी भावना के साथ काम करता है।
24:07और आज की चुनोतियों से निपटने के लिए हमारे जो विचार हैं, उनमें भी उप सारी बाते दिखती हैं।
24:20इत्यास में अनेक वैस्विक संगठन बने हैं, उनके अपने अपने हीत रहे हैं।
24:31लेकिन भारत ने किस तरह के ग्लोबल प्लैफॉंस बनाए।
24:39आप भी गौर कीजिए।
24:45हमने कैसी कैसी समस्ताओं को जन्म दिया।
24:49और दुनिया में क्या क्या हुआ है उसका जरा एक बार तुलना करके देख लेना।
24:54हमने क्या दिया।
24:56इंटरशन वडिया।
24:59हमने क्या दिया।
25:01कोलेशन वडिजास्टर रिजिलियन इंफरसेक्टर।
25:04हमने क्या दिया।
25:06बिक चैट आलाइंस।
25:08ग्लोब बावफिल आलाइंस।
25:11इंडिया मिलेलीस युरोप एकनोमिक कोरिडॉर इमेंग।
25:22जिन से सबका भला हो, हर जीवन का भला हो।
25:30ऐसे इनिशेटिव भारत ने लिए है।
25:34साथियों, भारत किन विचारों को लेकर सामने आया है।
25:39ये भी आपके सामने है।
25:41वन सन, वन वर्ड, वन ग्रीड का वीजन।
25:48वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर ये हमारी सोच।
25:54वन अर्थ, वन हेल्थ ये हमारी द्रदश्टी है।
25:59यानि भारत जोडने पर और जुडने पर बल देता है।
26:06और इसमें भी पावर का इस्तेमाल दूसरों को एम पावर करने के लिए ही है।
26:15साथियों, अनिस्ताओं से भरी इस दुनिया में भारत रिलाइबिलेटी और स्टेबिलीटी का विश्वाद देता है।
26:26इस साल एपरिल-जून क्वाटर में भारत की ग्रोथ रेट 7.8% रही है।
26:37और यह ग्रोथ मजबूत नीव पर खड़ी है।
26:4312-13 साल पहले भारत का करन्ट एकाउंट डेफिसित GDP के 4% से भी अधिक था।
26:55पिछले साल यह घटकर लगभग आधा प्रतिशत यानि 0.61% रह गया है।
27:06आज हमारे foreign exchange reserves 700 billion dollars से अधिक है।
27:15हमारा banking system अनेक देशों में सबसे मजबूत स्थिति में है।
27:23साथियों इसी मजबूती का प्रणाम है कि भारत की sovereign ratings अप्ग्रेड की जा रही है।
27:34आज भारत का confidence अभूत पुर्व उंचाई पर है।
27:41हमें clear policy direction के साथ reform कर रहे हैं।
27:46जी एस्टी के जरिया हमने taxes के एक complex web को national market में बदला है।
27:56हमने insolvency law बनाया है।
28:0029 labor courts अब four simple courts में सिमट चुके है।
28:0629 से जुड़े सेंकडों छोटी मोटी गलतियों को decriminalize किया गया है।
28:13और अब यहां रूके नहीं है।
28:17भारत की reform express तेज गती से आगे बढ़ रही है।
28:22हमारे लिए reforms कोई compulsion नहीं है।
28:28reforms हमारा conviction है।
28:32साथियों हजारों वर्स पहले हमारे वेदों ने हमें एक मंत्र दिया था।
28:40संगच्छद्वं संवदद्वं संभो मनासि जानताम।
28:49आईए।
28:50आज फिर उस मंत्र को दोर आएं।
28:53लेट उस वॉक टुगेदर।
28:56लेट उस पिक टुगेदर।
28:59लेट उस ट्राइट टौ अंडरस्टैंड वन अनदर।
29:03क्योंकि साथ चलने से हमारी शक्ति बढ़ती हैं।
29:08संभात से हमारी समझ बढ़ती हैं।
29:12और एक दुसरे को समझने से
29:15हम मिलकर बड़ी चुनोतियों का समाधान कर सकते हैं।
29:20यही है पावर टू एमपावर।
29:24अपनी पावर को केवल अपनी प्रगती तक सिमित न रखना।
29:30बलकि उससे दूसरों के लिए भी नए अवसर बनाएगा।
29:34मुझे विश्वास है कि Bloomberg Economic Forum का यही मंच
29:39इसी भावना को आगे बढ़ना केगा।
29:43एक बड़ा प्लेटफर्म बनेगा।
29:46एक बार फिर आप सभी पार्टिसिपेंट्स को इस कार्खम के लिए
29:53मेरी धेर सारी सुबकावनाएं।
29:56आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद।

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