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  • 17 minutes ago
ऊंची शिक्षा हासिल करने के बाद एक अच्छी नौकरी पाना हर युवा का सपना होता है, लेकिन ओडिशा के नवरंगपुर जिले की शिल्पी रानी बिस्वास ने नौकरी की तलाश के बजाय कला को अपनी आमदनी का जरिया बनाया. वो मंडल कलाकृति बनाती हैं और इससे हर महीने 2 से ढाई लाख रुपये कमाती हैं. उमरकोट की रहने वाली शिल्पी रानी बिस्वास ने कोरापुट स्थित ओडिशा केंद्रीय विद्यालय से अर्थशास्त्र में मास्टर की डिग्री ली. पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने अपनी कलात्मक प्रतिभा को आजीविका बनाने का फैसला किया. बचपन से ही उन्हें ड्राइंग में गहरी रुचि थी. यू-ट्यूब से उन्होंने मंडला कला के बारे सीखा. एक मंडल कलाकृति बनाई और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. उनके काम को जबर्दस्त सराहना मिली. फिर ऑर्डर मिलने लगे. शिल्पी रानी की एक छोटी सी पहल पूरी तरह आजीविका बन गई.  11 महीनों में 1200 से ज्यादा कलाकृतियां बनाई और बेचीं. उनकी कलाकृतियों की डिमांड ना सिर्फ ओडिशा, बल्कि पूरे भारत और विदेशों में भी है. उन्हें ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका और दुबई से ऑर्डर मिल रहे हैं. अपनी कलाकृतियों के लिए शिल्पी रानी बाहर के कच्चा माल मंगाती हैं. आम तौर पर कलाकृतियों की कीमत 3 हजार से शुरू होती हैं और कुछ की कीमत 30 हजार तक पहुंच जाती है. आर्ट को फुलटाइम प्रोफेशन के तौर पर अपनाने से पहले वो एक सरकारी यूनिवर्सिटी में बतौर गेस्ट लेक्चरर पढ़ाती थीं. लेकिन अब अपने आर्ट वर्क से ही उन्हें फुर्सत नहीं है. खुद आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने के बाद अब वो दूसरी युवतियों को भी मौका देना चाहती हैं. इसके लिए आर्ट क्लास चलाने पर विचार कर रही हैं.  

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00:04उची सिक्षा हासल करने के बाद अच्छी नौकरी पाना हर युवा का सपना होता है
00:08लेकिन उडिशा के नवरंग जिले की शिल्पी रानी विस्वास ने नौकरी की तलाश के बजाए कला को अपनी आमदनी का
00:17जरिया बनाया
00:17वो मंदल करा कृती बनाती है और इसे हर महीने 2-5 लाख रुपए कमाती है
00:34उमर कोट की रहने वाली शिल्पी रानी विस्वास ने कोरा पुट स्थित उडिशा केंद्रिये विद्याले से अर्ध शास्त्र में मास्टर
00:43की डिग्री ली
00:44पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपनी कलात्मक प्रतिमा को आजीवी का बनाने का फैसला किया
00:50बचपन से ही उन्हें ड्रॉइंग में गेहरी रुची थी
00:54यूट्यूब से उन्होंने मंडाला कला के बारे में सीखा
00:58एक मंडल कलाकृती बनाई और उसे शोशल मीडिया पर पोस्ट किया
01:03उनकी काम को जबरदस्त सरहाना मिले फिर ओर्डर मिले लगे
01:09कलाकृती बनाने में लगने वाला समय ओर्डर पर निर्भर करता है
01:12कभी-कभी इसमें 3-4 घंटे लगते हैं जबकि कभी-कभी 3-4 दिन लग सकते हैं
01:18सबसे कठिन हिस्सा डिजाइन तयार करना और जटिल विवरण के साथ कलाकृती बनाना है
01:23हलाकि धैर के साथ सब कुछ आसान हो जाता है
01:29शिल्पी रानी की एक छोटी सी पहल पूरी तरहा आजीवी का बन गई
01:3411 महिनों में 1200 से जादा कलाकृतिया बनाई और बेची
01:38उनकी कलाकृतियों की डिमांड ना सिर्फ ओडिशा बलकि पूरे भारत और विदेशों में भी है
01:44उन्हें आस्ट्रेलिया, अमेरिका, दक्षन अफ्रीका और दुबई से ओर्डर मिल रहे हैं
02:19अपनी कलाकृतियों के लिए शिल्पी रानी बाहर से कच्चा माल मंगवाती है
02:24आम तोर पर कलाकृतियों की कीमत 3000 से शुरू होती है और कुछ की कीमत 30,000 तक बहुत जाती
02:31है
02:31Art को full time profession के तोर पर अपनाने से पहले वो एक सरकारी university में बतोर guest lecturer पढ़ाती
02:40थी
02:41लेकिन अब अपने art work से ही उन्हें फुरसत नहीं है
02:45खुद आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने के बाद अब वो दूसरी योतियों को भी मौका देना चाहती है
02:52इसके लिए art class चलाने पर विचार कर रही है
02:55ETV भारत के लिए भोवनेश्वर से विकास कुमारदास की रिपोर्ट

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