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  • 2 days ago
बांग्लादेश में अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के घर को जुलाई विद्रोह दिवस संग्रहालय घोषित कर दिया गया है. बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने शेख हसीना के तत्कालीन सरकारी आवास गण भवन में जुलाई विद्रोह स्मारक का उद्घाटन किया. इसकी घोषणा उस वक्त हुई है, जब वो हिंसक आंदोलनों के बाद देश से भागकर भारत आईं. 2024 में बांग्लादेश में हुए सरकार विरोधी हिंसक आदोलनों के चलते शेख हसीना को बांग्लादेश छोड़ना पड़ा था और तब से वो भारत में रह रही हैं. अब शेख हसीना ने एक बार फिर बांग्लादेश लौटने का एलान कर दिया है. उन्होंने कहा कि वो गिरफ्तारी, जेल या जान के खतरे समेत वो किसी भी नतीजे का सामना करने को तैयार हैं. म्यूजियम का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने कहा कि फांसीवाद विरोधी आंदोलनों के दौरान हत्या करने वालों की पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय तरीके सुनवाई होगी.   उन्होंने कहा कि काननू का शासन सुनिश्चित करने के लिए सभी अपराधों में न्याय जरूरी है. इस मौके पर पूर्ववर्ती अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद युनूस ने कहा कि ये स्मारक बांग्लादेश के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत है.  

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00:04बांगलादेश में अपदस्त पुर्व प्रधानमंत्री शेक हसीना के घर को जुलाई विद्रोह दिवसंग्राले घोशित कर दिया गया है।
00:32बांगलादेश छोड़ना पड़ा था और तब से वो भारत में रह रही है।
01:00उन्होंने कहा कि खानून का शासन सुनिश्चित करने के लिए सभी अपराधों में न्याई जरूरी है।
01:05इस मौके पर पुरवर्ती अंतरीम सरकार के मुख्या मुहमद यूनूस ने कहा कि इसमारग बांगलादेश के इतिहास में एक नए
01:13अध्याई की शुरुवात है।
01:15महिशेक हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने बांगलादेश के हालात पर गहरी चिंता जटाई है। उन्होंने कहा कि बांगलादेश
01:24भारत की पूर्वी सीमा पर एक और पाकिस्तान बन गया है।
01:47सजीब वाजेद जॉय ने कहा कि अगस्त दोहजाद चॉबीस के बाद बांगलादेश में राजनतिक हत्याओं को व्याद कर दिया गया
01:53है।
02:15सजीब भारत के खलाफ अपराद और नरसंगार का दोशी पाया और उन्हें मौत की सजा सुनाई।
02:20Bureau Report, ETV भारत
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