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  • 25 minutes ago
ऊंची शिक्षा हासिल करने के बाद एक अच्छी नौकरी पाना हर युवा का सपना होता है, लेकिन ओडिशा के नवरंगपुर जिले की शिल्पी रानी बिस्वास ने नौकरी की तलाश के बजाय कला को अपनी आमदनी का जरिया बनाया. वो मंडल कलाकृति बनाती हैं और इससे हर महीने 2 से ढाई लाख रुपये कमाती हैं. उमरकोट की रहने वाली शिल्पी रानी बिस्वास ने कोरापुट स्थित ओडिशा केंद्रीय विद्यालय से अर्थशास्त्र में मास्टर की डिग्री ली. पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने अपनी कलात्मक प्रतिभा को आजीविका बनाने का फैसला किया. बचपन से ही उन्हें ड्राइंग में गहरी रुचि थी. यू-ट्यूब से उन्होंने मंडला कला के बारे सीखा. एक मंडल कलाकृति बनाई और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. उनके काम को जबर्दस्त सराहना मिली. फिर ऑर्डर मिलने लगे. शिल्पी रानी की एक छोटी सी पहल पूरी तरह आजीविका बन गई.  11 महीनों में 1200 से ज्यादा कलाकृतियां बनाई और बेचीं. उनकी कलाकृतियों की डिमांड ना सिर्फ ओडिशा, बल्कि पूरे भारत और विदेशों में भी है. उन्हें ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका और दुबई से ऑर्डर मिल रहे हैं. अपनी कलाकृतियों के लिए शिल्पी रानी बाहर के कच्चा माल मंगाती हैं. आम तौर पर कलाकृतियों की कीमत 3 हजार से शुरू होती हैं और कुछ की कीमत 30 हजार तक पहुंच जाती है. आर्ट को फुलटाइम प्रोफेशन के तौर पर अपनाने से पहले वो एक सरकारी यूनिवर्सिटी में बतौर गेस्ट लेक्चरर पढ़ाती थीं. लेकिन अब अपने आर्ट वर्क से ही उन्हें फुर्सत नहीं है. खुद आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने के बाद अब वो दूसरी युवतियों को भी मौका देना चाहती हैं. इसके लिए आर्ट क्लास चलाने पर विचार कर रही हैं.  

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00:04उची सिक्षा हासल करने के बाद अच्छी नौकरी पाना हर युवा का सपना होता है लेकिन उडिशा के नवरंग जिले
00:10की शिल्पी रानी विस्वास ने नौकरी की तलाश के बजाए कला को अपनी आमदनी का जरिया बनाया वो मंडल करा
00:19कृती बनाती है और इसे हर महीने दो स
00:22धाई लाख रुपए कमाती है इसाट की बदौलत में स्वावलंबी बन पाई हूँ घरवाली भी हमारा सयोग करते हैं इससे
00:30मुझे बहुत ही गर्व की अनुभूती हो रही है उमर कोट की रहने वाली शिल्पी रानी विस्वास ने कोरा पुट
00:39स्थित उडिशा केंद्रिय
00:40विद्याले से अर्ध शास्तर में मास्टर की डिग्री ली बचपन से ही उन्हें ड्रॉइंग में गहरी रुची थी यूट्यूब से
00:49उन्होंने मंडाला कला के बारे में सीखा एक मंडल कलाकृती बनाई और उसे शोशल मीडिया पर पोस्ट किया उनके काम
00:58को जबरदस्त सर
00:59रहा ना मिली फिर ओडर मिलने लगे एही जात्रा मोरो बहुत बहुत बहुत कलाकृती बनाने में लगने वाला समय ओडर
01:05पर निर्भर करता है कभी-कभी इसमें 3-4 घंटे लगते हैं जबकि कभी-कभी 3-4 दिन लग सकते
01:12हैं सबसे कठिन हिस्सा डिजाइन तयार करना और ज
01:27जीवी का बन गई ग्यारा महिनों में 1200 से जादा कलाकृतिया बनाई और बेची उनकी कलाकृतियों की डिमांड ना सिर्फ
01:35ओडिशा बलकि पूरे भारत और विदेशों में भी है उन्हें ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, दक्षन अफ्रीका और दुबाई से ओर्डर मिल रहे
01:43है
01:43मैंने इंस्टाग्राम में एक आईडी देखी थी Mirror Paradise और मैंने वहां से एक Mirror Purchase किया उस Mirror के
01:49Purchase करने के बाद मैंने उनके आईडी में देखा कि वो जगनाजी भी बनाते हैं और जैसे कि आप सब
01:54जानते हैं कि ओडिशा में जगनाजी की क्या value है तो मैंने एक जगनाजी भी
02:13अपनी कलाकृतियों के लिए शिल्पी रानी बाहर से कच्चा माल मंगवाती है आम तोर पर कलाकृतियों की कीमत 3,000
02:21से शुरू होती है और कुछ की कीमत 30,000 तक बहुत जाती है आर्ट को full time profession के
02:28तोर पर अपनाने से पहले वो एक सरकारी university में बतौर guest lecturer पढ़ाती थी लेकिन �
02:36अब अपने आर्ट वर्क से ही उन्हें फुर्सत नहीं है खुद आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने के बाद अब वो
02:43दूसरी योतियों को भी मौका देना चाहती है इसके लिए आर्ट क्लास चलाने पर विचार कर रही है एटीवी भारत
02:50के लिए भुवनेश्वर से विकास
02:52को मार दास की रिपो
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