00:04उची सिक्षा हासल करने के बाद अच्छी नौकरी पाना हर युवा का सपना होता है लेकिन उडिशा के नवरंग जिले
00:10की शिल्पी रानी विस्वास ने नौकरी की तलाश के बजाए कला को अपनी आमदनी का जरिया बनाया वो मंडल करा
00:19कृती बनाती है और इसे हर महीने दो स
00:22धाई लाख रुपए कमाती है इसाट की बदौलत में स्वावलंबी बन पाई हूँ घरवाली भी हमारा सयोग करते हैं इससे
00:30मुझे बहुत ही गर्व की अनुभूती हो रही है उमर कोट की रहने वाली शिल्पी रानी विस्वास ने कोरा पुट
00:39स्थित उडिशा केंद्रिय
00:40विद्याले से अर्ध शास्तर में मास्टर की डिग्री ली बचपन से ही उन्हें ड्रॉइंग में गहरी रुची थी यूट्यूब से
00:49उन्होंने मंडाला कला के बारे में सीखा एक मंडल कलाकृती बनाई और उसे शोशल मीडिया पर पोस्ट किया उनके काम
00:58को जबरदस्त सर
00:59रहा ना मिली फिर ओडर मिलने लगे एही जात्रा मोरो बहुत बहुत बहुत कलाकृती बनाने में लगने वाला समय ओडर
01:05पर निर्भर करता है कभी-कभी इसमें 3-4 घंटे लगते हैं जबकि कभी-कभी 3-4 दिन लग सकते
01:12हैं सबसे कठिन हिस्सा डिजाइन तयार करना और ज
01:27जीवी का बन गई ग्यारा महिनों में 1200 से जादा कलाकृतिया बनाई और बेची उनकी कलाकृतियों की डिमांड ना सिर्फ
01:35ओडिशा बलकि पूरे भारत और विदेशों में भी है उन्हें ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, दक्षन अफ्रीका और दुबाई से ओर्डर मिल रहे
01:43है
01:43मैंने इंस्टाग्राम में एक आईडी देखी थी Mirror Paradise और मैंने वहां से एक Mirror Purchase किया उस Mirror के
01:49Purchase करने के बाद मैंने उनके आईडी में देखा कि वो जगनाजी भी बनाते हैं और जैसे कि आप सब
01:54जानते हैं कि ओडिशा में जगनाजी की क्या value है तो मैंने एक जगनाजी भी
02:13अपनी कलाकृतियों के लिए शिल्पी रानी बाहर से कच्चा माल मंगवाती है आम तोर पर कलाकृतियों की कीमत 3,000
02:21से शुरू होती है और कुछ की कीमत 30,000 तक बहुत जाती है आर्ट को full time profession के
02:28तोर पर अपनाने से पहले वो एक सरकारी university में बतौर guest lecturer पढ़ाती थी लेकिन �
02:36अब अपने आर्ट वर्क से ही उन्हें फुर्सत नहीं है खुद आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने के बाद अब वो
02:43दूसरी योतियों को भी मौका देना चाहती है इसके लिए आर्ट क्लास चलाने पर विचार कर रही है एटीवी भारत
02:50के लिए भुवनेश्वर से विकास
02:52को मार दास की रिपो
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