Skip to playerSkip to main content
वीडियो जानकारी: 20.09.2026 श्रीमद्भगवद्गीता
➖➖➖➖➖➖
🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021

➖➖➖➖➖➖

#Fear #Bhay #FearAndLife #Fearlessness #InnerFear #SelfAwareness #Ego #Vedanta #Spirituality #AcharyaPrashant

Category

📚
Learning
Transcript
00:00क्या विराट रूप
00:03बहुत तुम डर के प्राणी हो, तुम भै के कीड़े हो, तुम बात सुनते ही तब ही हो जब तुमको
00:08दोचार लगा दिये जाए, नहीं तो तुम्हें कुछ नहीं समझ बहाता
00:12जो तुम्हारे सामने सीधा सरल हो जाए, तुम उसको मूर्ख समझ लेते हो
00:16विराट रूप कोई भौतिक वास्तविक्ता नहीं है, वो एक मनो वैज्यानिक आवश्यक्ता है
00:22नहीं किसी वैक्ते का रूप एक हजार गुना बढ़ करके इतना विस्तर इतना विशाल विराट नहीं हो जाना है
00:30भौतिक तथे नहीं है विराट रूप, उपाय है, एक साइकलोजिकल मेथड है
00:35उसके बिना आम आदमी सुनता नहीं है
00:41भै पारस है जीव को निर्भै होए नकोए
00:45घजब बात, सहाब बोल रहे हैं कि इनको निर्भै मत होने देना
00:49क्योंकि ये हंकार है और हंकार माने भै
00:53हंकार अगर निर्भै होने का अभिने करता है
00:56तो ये और बुरी बात है उसके लिए
00:58इससे बहतर यह है कि जो उसका केंद्र है, जो उसका भय है, वो सामने ही आ जाए, निर्भय होए
01:03न कोई,
01:04क्योंकि तुम्हारी निर्भयता प्रपँच होगी, जूट होगी, छलोगी, अब ही नए,
01:07इससे अच्छा यह है कि तुम हो डर हुए ना तो तुम्हें डराके ही रखा जाए
01:12और वो डर ही शायद तुम्हारे काम भी आजाए
01:15भै पारस है जीव को तुम्हारा हो सकता है कुछ शुरू पांतरन भैसे ही हो जाए
01:19बातारी यह से मुझ में
01:20हमें महापुरुष अवतार नहीं चाहिए हमें गुंडे बदमाश चाहिए हम ऐसे ही लोग है

Recommended