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रात और चाँद 🌙 — 08 नवम्बर, 2025 - Rupam - 3
वीडियो जानकारी: 07.11.2025, Morning Walk at Rabindra Sarobar, Kolkata
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Transcript
00:00कमल होने का जलवा ही तब है जब कीचण में खिलो यह पानी गंदा होता ही क्यों है
00:06क्योंकि वो संसार की प्रक्रति हैं संसार ऐसा ही है प्रक्रति अनादी है जो अनादी होता है उसके पीछे कोई
00:15कारण नहीं होता है
00:15तो यह नहीं पूछना चाहिए कि यह क्यों है ऐसा बस गुण है प्रक्रति के लिए इसलिए ऐसा है
00:21इस इस वाओ इंटिस आइए दरूर समझ लो अगर जगत गंदा नहीं होगा बिल्कुल शुद्ध हो जाएगा तो फिर कमल
00:31भी नहीं फिले
00:31अगर यह पानी है ना यह पूरी तरह साफ हो जाए डिस्टिर्ड वोटर हो जाए तो फिर इसमें कमल नहीं
00:38खिलेगा तो कमल भी खिलते है इसलिए है पानी गंदा होता है जो पानी गंदा होता है वही जो गंदगी
00:46होती है ना जो ऑर्गैनिक उसमें मैटर होता है वही उसका �
00:51पोशड बन जाता है कमल का, तो अगर सब कुछ बिलकुल आप पूर्ण और पर्फेक्ट कर दो जए, तो फिस
01:01दुनिया में जो कमल खिले हैं अच्छ तक वो भी नहीं खिलते, तो इस शिकायत नहीं करनी चाहिए कि दुनिया
01:05में गंदगी क्यों है, दुनिया की गंदगी में क
01:09कमल बनके खिल जाना चाहिए, दुनिया की गंदगी को ही अपना पोशन बना लेना चाहिए, शिकायत नहीं करनी चाहिए कि
01:15पानी गंदा क्यों है, जगत ऐसा क्यों है, लीला है भई, वो लीला तुम नहीं समझोगे, तुम आया है तुम्हारे
01:21लिए, शिकायत मत करो, दुन
01:24मिया में कमल बनकर खील जाओ

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