00:00जिस 12 साल की लड़की ने कभी हराश्मेंट से बचने के लिए जूडो सीखा था, उसी लड़की ने आगे चलकर
00:04लड़ना अपना जुनून बना लिया
00:06जूडो में आठ बार नाशनल चैंपियन बनी, जूजिट्सु में वर्ल चैंपियन बनी
00:10और फिर 2026 एशियन गेम्स में मिक्स्ट मार्शल आर्ट्स में भारत के लिए ब्रॉंज जीत लिया
00:15ये कहानी है सुचिका तरियाल की
00:17जूजती हुई लड़की, भले वो हौकी का मैदान हो कि क्रिकेट की पेछ हो, ये एथलेटिक्स हो
00:23उन्हीं पसंद आएगी ज्यादातर लोगों को, क्योंकि अगर वो क्रिकेट में या बैड्मिंटन में जूज सकती है
00:31तो फिर वो समाज से भी जूज सकती है, उसने जूजना सीख लिया
00:34बहुत अच्छी बात है कि जीता, पर इस जीत का हमें सही इस्तिमाल करना है
00:38ताकि हमें याद आए कि अभी बहुत कुछ है जो जीता जाना बाकि है, जहां हम बुरी तरह हार रहे
00:43हैं, रोज हार रहे हैं
00:44बात आ रही है समझ में
00:46तो हमें जूजना भी सिखाना है, हमें जीतना भी सिखाना है, में सर उठाना भी सिखाना है
00:52लेकिन साथी साथ केंद्र पर सबते रहे ये भी सिखाना आवश्यत है