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पूरा वीडियो: मिलिए करोड़पति गुलामों से || आचार्य प्रशांत, वेदांत महोत्सव (2022)
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वीडियो जानकारी: 16.10.2022, वेदांत महोत्सव, मुंबई

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Transcript
00:00साधारण एक व्यक्ति जो पहले दक्षिन अफ्रीका जाता है और वहां कुछ बातें समझता है सीखता है तमाम उसकी सीमाएं
00:12कोई बहुत नैसरगिक प्रतिभा के वो धनी थे नहीं और कोई बहुत मत्वकांशी व्यक्ति भी नहीं थे पर एक समय
00:20पर धर्प परिवर्थन करक
00:22इसाई बनने के बहुत करीब पहुच गए थे मास खाया शायद उनोंने कातबार पिता आखरी सांसे ले रहे थे और
00:30वासना खींच ले गई उन्हें पतनी के पास उसी शण में बोला नहीं जाता था खड़े हो जाते थे अधिकारियों
00:38के सामने खुद ही बोलते हैं कि आवा
00:52अपनी विश्य में इन्होंने कभी ना सोचा हो कि एक दिन वो विश्यो के ही नक्षे पर ऐसे चा जाएंगे
00:59यहां देखते हैं क्या चल रहा है पहले कुछ साल बस चुपचाप समझने कोशिश करते हैं कि यह हो क्या
01:06रहा है और जब समझते हैं क्या हो रहा है तो कहते हैं कि
01:10इन लोगों के पास जाओं कैसे, मैं अपना ये सूट, ये कोट पैंट पहन करके, शर्म आती है इनके गाओं
01:17में घुसके, ये सब धारण करके, हैट वैट लगाके, बोले अब इनके पास अगर जा नहीं है, तो इन ही
01:23के जैसा हो के जाओंगा, ये वो इनसान है, अब इतनी ही
01:27कहानी में, कुछ उसके चरित्र में ऐसा मिल रहा है कि नहीं मिल रहा है, जिसकी प्रशंसा की जाए, तो
01:33बस हो गए अपने आपको, उन्हीं बात तो तक सीमित रखो, जो बातें तथ्यात्मक हैं, बाकी बातों को लेकर के
01:41शोर इतना क्या मचाते हैं, बहुत कुछ है जो उन

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