Skip to playerSkip to main content
  • 7 minutes ago
चुनाव आयोग में मतभेद की खबरों के बीच राजनीतिक तूफान मच गया है. विपक्षी पार्टियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांगा है. दरअसल, एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयोग के दो निर्वाचन आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार मतदाताओं के पंजीकरण और नाम हटाने से लेकर फॉर्म-6 में बदलाव तथा मतदाता सूची के डेटाबेस पर नियंत्रण को केंद्रीकृत करने जैसे मुद्दों पर आपत्ति दर्ज की थी. उनकी आपत्ति के बाद क्या हुआ, इसको लेकर कोई भी जानकारी नहीं दी गई है. हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से एक सफाई जरूर आई है. आयोग का कहना है कि सभी निर्णय बहुमत से लिए गए हैं.

Category

🗞
News
Transcript
00:26
00:30you are wrong. This is a treason. This is the country. Don't forget it.
00:35All India is the congressman.
00:38Derek O'Brien has a sign of the U.S.I.R.
00:44and a sign of the U.S.I.R.
00:59ाटिके राष्ट्री एसायोजक अर्विंद केजरिवाल ने ŚIR की पूरी प्रक्रिया को रत किये जाने की मांग की
01:04की ŚIR का जो प्राउसेस है इस पूरे प्राउसेस को कैंसल किया जाए
01:08जितने ŚIR के तहत changes किये गए सारे कैंसल किये जाए
01:23Shif Sena UBT Pramukh Udhout Thakre
01:55ने केजरिवाल की बातों से सहमती दिखाई
01:56उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी की मर्जी के हिसाब से वोटरों के नाम जोडने और हटाने का सिलसिला जारी रहा
02:03तो भारत बनाना रिपब्लिक बन जाएगा
02:20दरसल एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग के दो निर्वाचन आयोगतों ने पिछले दस महीनों में कम
02:27से कम
02:27चौदा बार मतदाताओं के पंची करण और नाम हटाने से लेकर फॉर्म 6 में बदलाव तथा मतदाता सूची के डेटा
02:34बेस पर नियंत्रण को केंद्री क्रत करने जैसे मुद्दों पर आपती दर्च की थी
02:38उनकी आपती के बाद क्या हुआ इसको लेकर कोई भी जानकारी नहीं दी गई है
02:43हाला कि चुनाव आयोग की तरफ से सफाई जरूर आई है
02:46आयोग का कहना है कि सभी निर्णे बहुमत से लिए गए है
02:50ग्योरो रिपोर्ट एडीवी भारत

Recommended