00:00केरल के कुनूर की दो महिलाएं जिनोंने सालों से धागों के बीच सपने बुने अब रिपब्लिक डेपर चमकेंगी पयनूर फरका ग्रामोदय संगम की खादी बुनकर बिंदू और एलिजाबेत को इस साल की रिपब्लिक डेप परिट देखने के लिए डिली से नियोता मिल
00:30एलिजाबेत को जब खादी कमिशन से फोन आया तो उन्हें विश्वासी नहीं हुआ
00:34जब फोन आया तो लगा कि यहाई किसी रेगुलर मीटिंग के लिए कॉल है लेकिन फिर एहसास हुआ कि मैं देश के गेस्ट आफ ओनर के तोर पर रिपब्लिक डे की परेट देखने जा रही हूँ
00:47यह सेक्टर मुश्किलों का सामना कर रहा है पयनूर फरका ग्रामोदाय संगम में संतावन लोग काम करते हैं उन्हें एक मीटर बुनाई के लिए सिर्फ सत्तर रुपए मिलते हैं
01:01पटिचल यूनिट में एक साल काम करने के बाद कुंडम थड़म यूनिट में सामिल हो गई हूँ
01:13हलाकि इस सेक्टर में मुश्किले हैं अपने काम से बहुत खुश हूँ अगर अच्छा धागा है तो 7-8 मीटर तक की बुनाई कर सकती हूँ
01:22हैंटिचल, कुंडमत्रणम और मंजकर्ड जैसे खादी सेंटर्स में बुना गया कपड़ा मनीला सट बनाने के लिए इस्तमाल होता है
01:34इस खास तरह के कपड़े को तीन अलग अलग रंगों के धागों से बुना जाता है और खास बात ये है कि मनीला सट पिये मोदी की पसंदीदा सट है
01:43बिंदो और एलिजाबेत का परिवार इस ट्रीप को लेकर सम्मान और ट्रीप को लेकर उत्साहित है
01:48Bureau Report ETV भारत
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