Skip to playerSkip to main content
Jamui Minor Harassment Case: 7 साल की जेल और POCSO-BNS की सख्त धाराएं, जानिए क्या है पूरा मामला! बिहार के जमुई में नाबालिग लड़की के साथ हुई दरिंदगी के मामले में अदालत का बड़ा फैसला सामने आया है।

In a major legal outcome in the Jamui minor harassment case from Bihar, the court has sentenced the accused to 7 years in prison under strict provisions of the POCSO Act and the Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS). The decision comes after a viral video sparked severe outrage across the state, prompting swift police action and speedy judicial process.

#JamuiCase #POCSOAct #BiharNews #OneindiaHindi

~PR.250~HT.408~ED.276~GR.538~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:00कि क्या भारत का कानून किसी भी एंगल से किसी भी पक्ष से किसी इंसान को मोरल पॉलस बनने का
00:05अधिकार देता है और उसमें एक चोटा सा और मैं सवाल जोड़ दू क्योंकि कॉमंट बॉक्स में हमारे सजा को
00:10लेकर जो कि मैंने आप से पहले ही पूछा था पॉस्को की धार �
00:12बेन इसकी धारां को लेकर आपने बोला था सपस्ट रूप से अगर समझना चाहें क्योंकि एटम्ट टू रिप जैसी बात
00:17भी कही जा रही है लोग कह रहे हैं कि फासी दो इन लड़कों को जो इस तार की बरबरता
00:21कर रहे हैं आपकी नजर में कितनी सजा हो सकती है
00:26जो मैंने कहा कि जिपनी भी धराएं लगाई गई है उनमें मैक्सिमम्म पनिश्मिंट साथ साल की है जो जो भी
00:33इसिए सेट्ष एट और वहारे वीडियो आ और अगर पुलिस को लगेगा पुलिस के पास यह अधिकार होता है जो
00:52से अधिकार होता जो इन्वेस्टिके आफि
00:55जैसे जैसे जैसे उसको लगेगा कि इस माम में ऐसा भी हो सकता है तो जैसा जैसा जैसा जैसा अपने
01:04इंवस्टिकेशन में जोड़ता चला जागा उसके पास अधियाब होते हैं
01:10करने का और उसके बाद अगर माली जैसा नहीं भी करता है तो जब मैस्टेट के पास चार्शीर फाइल होती
01:14है तो मैस्टेट के पास भी राइट होता है
01:16सक्षिन अल्टर करने का तो यह एक दूसरा विशह है कि उसमें अहीं होती कि हम किसी को चोट पहुँचा
01:38हैं हम किसी को हन पहुँचा है
01:39मोरल पुलिसिंग का मतलब यह होता है कि अगर हमको कुछ गलत देखता है, एक कोई संदेश गलत जा रहा
01:45है समाज में, तो हम अपनी जो नैतिक जिम्हदारी है, उसको निर्वहन करें, बिना शांती पुर्ड तरीके से अगर हम
01:51कुछ कर सकते हैं, कोई एक बैसेज किसी को दे स
02:08चाह रहा है, कुछ ऐसा संदेश देना चाह रहा है, कि ऐसा दो लड़के-लड़ियां घूम रहा है, रात में
02:13बाइक पर तो यह गलत है, और हम इसको ठीक करेंगे, तो यह मोरल पुलिसिंग नहीं है, यह गुंडा-गर्दी
02:18है, इस गुंडा-गर्दी को कानून अपने तरी
02:38कंट्रॉल कर सकतें, तो कम से कम उनको देखरेंग करें, कि हमारा बच्चय कहा जा रहा है, इस समय कहा
02:44जा रहा है, इस समय कहा होगा, अगर हम अपने बच्चों को इतना नहीं कर सकते हैं, इस अपने घृत
02:49हैं, घटना है, मतलब हम हमें आपको जोड़ना एगठना है, � nogle सिð
03:10जो हो वापस नहीं आएगा उन बच्चों के साथ यह उनको धाना लाना है घूमैंगे तो आप
03:25इसके लिए हुनना पड़ेगे कि भारत उमारा जो देश है भी इसके लिए नहीं
03:34बिल्कुल अपनी सुरक्षा बने हातों बहुत शुक्रिया रुदर जी वान इंडिया को वक्त देने के लिए विज्जी आपका भी बहुत
03:41शुक्रिया फिर जोड़ेंगे आपसे इस मामले की आगामी कारवाई को लेते हुए बैराल अप्डेट आपको देते चलें दर्शक�
03:59बारा उनका कहना है वीडियो में आरूपी कुछ इसपश्च रूप से नजर नहीं आ रहे लेकिन जिन आरूपियों की अभी
04:04पहचान करनी है जो चिन्यत आरूपी है उनमें पांस इच्छे लोगों का नाम बताया जा रहा है तीन की गरफतारी
04:09हो गई है और पुलिस ने पि
04:29पूरे घटना करम को लेकर आम इलिश्र एसेसिंग ने जरूर कारवाई का जिन दिया है पर अब ही तक तो
04:34तमाम जो आरूपी है उस वीडियो में नजर आ रहे हैं वही गरफतार नहीं हुए है मुखबिस अगर कुछ गरफतार
04:41यह होती है तो बात अलग है अच्छा साथ ल
04:57आउपेच आपको बताने के समझाने के कोशिश के महाँ साथ थे एसीपी वेद भूशन और उसके साथ रुद्र विक्रम सेंग
05:03सीनिर एडवोकेट है सुप्रीम कूट के अभी बे आपके अमन में कल कोई सवाल है सवाल कानूनी दाउंपेंस से जोड़ा
05:09सवाल आपके अधि
05:27Download the OneIndia app now
Comments

Recommended