नीरज चोपड़ा की यह अनसुनी कहानी किसी को भी हैरान कर सकती है क्योंकि इसमें एक चैंपियन बनने के पीछे के कड़े संघर्ष और अनकहे सच को बहुत ही गहराई से बयां किया गया है। वीडियो में ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज ने अपने शुरुआती दिनों की उन मुश्किलों का जिक्र किया है जब उन्हें खाने-पीने से लेकर खेल की बुनियादी सुविधाओं तक के लिए भारी जद्दोजहद करनी पड़ी थी। उन्होंने बताया है कि कैसे एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले खिलाड़ी को समाज के तानों और शारीरिक चोटों का सामना करते हुए अपने सपनों को जिंदा रखना पड़ता है। इस विशेष बातचीत में उन्होंने खेल जगत की उन कड़वी सच्चाइयों पर से पर्दा उठाया है जिन्हें अक्सर जीत की चमक-धमक और मेडल की चकाचौंध के पीछे छिपा दिया जाता है। नीरज का यह अनुभव न केवल खेल प्रेमियों को बल्कि हर उस युवा को प्रेरित करेगा जो जीवन में किसी भी क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल करना चाहता है। यह कहानी हमें यह सिखाती है कि सफलता केवल रातों-रात नहीं मिलती बल्कि इसके पीछे वर्षों का खून-पसीना और त्याग छिपा होता है। आप भी इस प्रेरणादायक वीडियो को पूरा देखें और समझें कि कैसे नीरज ने हर बाधा को पार कर देश का नाम रोशन किया। अपने दोस्तों के साथ भी इस वीडियो को जरूर शेयर करें ताकि वे भी इस महान खिलाड़ी के संघर्ष और समर्पण से रूबरू हो सकें।
This untold story of Neeraj Chopra reveals the raw and unseen struggles that hide behind the glamorous life of becoming a sports champion. In this emotional and inspiring narrative, the Olympic gold medalist opens up about his early days of hardship, scarcity, and the relentless battles he fought just to survive in the sporting arena. He discusses the harsh realities and dark truths of the sports ecosystem, including the severe physical injuries, mental pressure, and lack of support that nearly broke his spirit. Despite facing immense skepticism and societal hurdles, Neeraj channelized his pain into unmatched dedication to rewrite history for his nation. This conversation goes beyond medals and records, offering a powerful look into the blood, sweat, and tears required to reach the absolute pinnacle of global athletics. Every aspiring athlete and dreamer will find profound motivation in how he turned his obstacles into stepping stones for unprecedented glory. Watch this video till the end to witness the extraordinary journey of resilience, grit, and ultimate triumph against all odds. Share this eye-opening story with your friends and family to inspire them with the true spirit of a relentless champion.
#NeerajChopra #NeerajChopraStory #DarkTruthOfSports #NeerajChopraStruggle #IndianAthletes #OlympicChampion #SportsMotivation #NeerajChopraInterview
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~PR.512~HT.410~ED.276~GR.538~VG.HM~
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00:00नमस्कार आप देख रहे हैं खेलो भारत पॉड़कास्ट आपके साथ में हूँ चारुल और हमारे साथ आज है गोल्डन बॉइ
00:07पुलम्पिक चैंपियन वर्ल चैंपियन लेजेंड नीरच छोपड़ा नीरच वेलकम टू आर पॉड़कास्ट थैंक यू सो मच कैसा फील कर र
00:29बट कोई नहीं गर पे अट लिस्ट फैमिली टाइम मिला है बिलकुल और हमारा आज का पॉड़कास्ट इसलिए बहुत स्पेशल
00:35हो जाता है क्योंकि लेजेंड नीरच छोपड़ा को पूरा वर्ल जानता है जैवलिन को सब जानते हैं उनकी अचीवमेंट्स तो
00:43सब जानते
00:44हैं लेकिन नीरच छोपड़ा के पीछे का जो नीरच है ना आज वो आपके सामने आने वाला है नीरच एक
00:52एथलीट के लिए चैंपियन के लिए कितना डिफिकल्ड होता है वो फेस जब आप इंजरी की वज़े से घर पर
01:00बैठते हैं लेकिन आप मेंटली प्रिपेर्ड होत
01:15क्योंकि मेरे साथ काफी बार हो चुका है मेरे करियर में ऐसे कि मैं बहुत अच्छी त्यारी में होता हूं
01:19और अचानक से कुछ ऐसे इंजरी हो जाती है और सब कुछ जीता भी है लेकिन उसके बावज़े लगता है
01:27कि हाँ अगर यह टाइम भी मैं यूज कर पाता इंजरी �
01:30और अगर इंजरी जिलिए नहीं होती तो तो और अच्छी चीजे हो सकती थी बट वहील था कि जब मुझे
01:37यह इंजरी हो ही और काफी टाइम बाद म μέ typing से वापिस कर रहा था कि उर जब मुझे
01:43महाना कि में बापिस पुराने वाला डेर्द
01:46हो गया हूं वैसे उसी जोज के साथ और वो कंसिस्टेंसी वापिस बन गई है मैंने 88 मिटर थो कर
01:52दी तो उसके एक दिन बाद ही जब मैं ट्रेनिंग कर रहा था तो उसमें यह इंजरी होगी वापिस से
01:58तो पहले पांच-दस मिनिट तो मेरे लिए बहुत मुश्किल थे प्रो
02:15साथ भी मैंने बिल्कुल टाइम नहीं इस बार बिताया भी आया हूं में पूरे साल में तो मैं पूरा ट्रेनिंग
02:22और कॉम्पेटिशन सीशी पे फोकस था पूरा क्योंकि यह साल काफी बीजी था कॉम्पेटिशन काफी थे तो यह सारी चीज़
02:29चल रही थी कि इतना सब क�
02:32मैं बिल्कुल स्टार्टिंग में था इस साल के सुरू में तो थोड़ा बुरा तो लगा और मैंने वह प्रोसेस होने
02:41दिया मैंने अपने आप से लड़ाई नहीं कि कि कि कोई नहीं चोड़ो तो पांस-देस मिनिट मुझे काफी बुरा
02:46लगा पर उसके बाद मुझे लगते
02:49कि अधिलीट के लिए सबसे बेस्ट होता है कि जब अगर इंजरी हो जाए तो उसको जितना जल्दी आप एक्सेप
02:54कर लो उतना बैटर है तो मैंने वही किया मैंने सोचा कि कोई नहीं हो गया है अब वापिस कमबैक
03:00कैसे करना है उस चीज़ पर काम करते हैं और अब यह तो ह
03:19कोई मैसेज सीधे क्या कहेंगे आप उनसे बस मुन को यह कोंगा कि अपना बैश्क दो और चार साल में
03:26एक बार मुखे मिलते हैं खासकर गेम्स में तो कोई भी ऐसा माइंड में रीजन मत छोड़ो की बाद में
03:32लगे कि यह हो सकता था तो चार साल रुकने से अच्छा है कि �
03:36एक बार अपने आपको अच्छे से विजुलाजेशन कर लो और फिर पूरा 100% दे दो आपे ताकि मन को
03:42तसल्य हो जाए कि हमने जो मैनत की थी उसका 100% हम दे के आ चुके हैं और बस
03:47वही है मैसीज और मैं तो यह कहना चाहूंगा कि अपने अथलीट्स पे हमेशा प्रावड ह
03:52होता है अच्छा लगता है कि मैं भी उनसे मिल पाता हूं पर वही है कि बस सभी के लिए
03:57बैस्ट विसीज और प्रे करूंगा कि हमारा बहुत ही अच्छा रिजल्ट रहे इंडिया का एसिंगेम्स में और सभी अपनी जो
04:05टार्गेट पर्फोरमेंस लेके जा रहे हैं वो करक
04:21लिए और सब्सक्राइब नहीं होती है क्योंकि मुझे लगता है इतने साल घर पर नहीं रहते तो उनका कहीं चीज़ें
04:25भूल जाते हैं तो वह अब यह अब ताकमफर्ट जोन में रहना पैरेंस को टाइंग देना वाइफ को टाइंग देना
04:33आपके पैट को वह वह वह वह �
04:39थोड़ा कम रह पाता था क्योंकि ट्रैवल और कंपेटिसंस की वजाए से लेकिन हां भी फाइनली हूं यहां पे और
04:45वापिस से मैं वो चीजे जैसे और बैक टू नॉर्मल जैसे मैं गेम स्टार्ट करने से पहले ता वो मैं
04:52रह पाता हूं फैमली के साथ और तो गाउं में
04:54जो गाउं के लोग हैं बुजूर्ग हैं या मेरे दोस्त हैं मतलब जो भी मुझे जानते हैं उनसे मिल पाता
05:02हूं अच्छे से और अच्छा लगता है गाउं में वापिस आगे तो काफी अच्छा लग रहा है कि वापिस से
05:08मैं थोड़ा टाइम बिता पा रहा हूं फैमली के
05:24इसे थोड़ा दरे टेनिंग स्टार्ट कर दूँआ क्यूंकि ट्रेनिंग से माइंड भी शानत रहता है उसके वाद फिर फैमिली के
05:32साथ मज़ात है
05:33ये गर का खाना खाने में और family के साथ कहीं गूमने जाना है उसमें
05:37क्या-क्या miss करते थे इस दोरान आप
05:39क्योंकि मैं समझ रही हूँ आप बिल्कुल consistent रहना चाहते हैं
05:42आप खेलना चाहते हैं, आप नहीं चाहते हैं
05:43आप इंजर हो, आप break लें
05:46बट कही न कहीं चीज़ें हम miss करते हैं
05:48क्योंकि जो एक athlete के हम medals देखते हैं
05:51podium पे उनको देखते हैं, उनकी achievements देखते हैं
05:53लेकिन बहुत कुछ miss करते हैं आप लोग, बहुत sacrifices करते हैं
05:57तो आपने अभी तक इतने सालों में
05:59specifically बताना एकदम, क्या-क्या miss किया है
06:01सबसे में तो मुझे लगता है कि
06:03family के साथ बहुत कम रहा हूं है
06:06लेकिन
06:08साथ मुझे लगता है कि
06:09हर athlete की खानी है यह
06:11वो जातर बाहर ही रहते हैं, उनको training करने के लिए
06:13जाना पड़ते हैं, जातर जो गाओं के athletes हैं
06:16तो इसको मैं
06:18sacrifice की तरह तो नहीं बताऊंगा
06:20इसको एक part बोलोंगा मिजरनी का
06:23कि हाँ यह तो होना ही था और यह करना ही पड़ता है
06:27तो बस ज्यादा से ज्यादा एक छोटी सीचिस यह बोल सकते हैं
06:29कि जो एक घर का गाओं का खाना होता है
06:31वह नहीं कर पाते और भी कभी-कभी मन करता है
06:34तो मैं खुद बना लेता हूं
06:35अच्छा हाँ
06:36क्या-क्या बनाना आता आपको
06:38मतलब लगब जो खाने का मन करें वह बनाई लेते हैं
06:41बाकी तो बस वही है कि
06:44जो मेरे cousins हैं और family है
06:46जो 10-15 साल पहले मैंने स्पोर्ट स्टार्ट किया था
06:49वापिस जब मैं वहाँ पर आता हूं
06:50क्योंकि मेरे लिए तो ऐसा लगता है
06:52कि मैंने अभी स्पोर्ट स्टार्ट किया था
06:54और मैं अभी मतलब फिर से घर आया हम
06:55तो इस तरीके से वो इतने जल्दी ग्रो हो गए है
06:58तो ऐसा लगता है कि अभी तो छोड़े-छोड़े थे
07:00एकदम इतने बड़े हो गए है
07:01या दादा जी है वो उनकी age बढ़ गिया
07:03वो थोड़े बुड़े हो गए
07:04कई बार यह चीज़ सोथ के थोड़ी चिंता होती है कि
07:06टाइम ऐसे चला जा रहा है बस पर वह यह कि
07:10रियालिटी ही है कि बस हमारे लिए रुखता नहीं है
07:13समय हमको अपना-पना काम करते रहना है
07:14लाइफ है तो आपके दादा जी के लिए कोई special message
07:18क्योंकि कई बार हम दिल की बात ऐसे स्थामने नहीं बहुत पाते हैं
07:21तो वह आपका podcast देखेंगे उनसे आप सीधे आपके कैमरा में देखके
07:24क्या दादा जी से आप बात कीजी अभी उनको क्या कहना चाहेंगे
07:27दादा जी को बस मैं यह कहना चाहूँगा कि आप बहुत ही अच्छे दादा हैं
07:32और उन्होंने जितना family के लिए किया है क्योंकि हम एक farmer family से बिलोंग करते हैं
07:40उन्होंने बहुत मेहनत की है उसके बाद फिर मेरे पापा और चार भाई थे उनके लिए उन्होंने बहुत ज़्यादा मेहनत
07:46की और बहुत ही साफ मन के आदमी है तो बहुत अच्छा लगता है
07:50नीरच इमोशनल कब होए थे लास्ट जब बिलकुल आंखों में आसू आगे थे वह लगा कि क्या ही होने आसू
07:58तो साइद मुझे याद निया मतलब बहुत टाइम हो गया मैं थोड़ा पता नहीं
08:04अध्लीट भी थोड़ा मैं कठोर दी लो साइद मुझे लगता था कि साइद मैं जब कई मैडल जीता हूंगा तो
08:10मैं साइद से उसमें थोड़ा एमोसनल हो जाओंगा बट पता नहीं मतलब वहां भी ऐसा लगा कि यार खुशी की
08:17बात है कोई नहीं मतलब वह मैंने हजम कर �
08:21अब हromagn़े लगा कि आपकी क्योंकि इंजरी दो मुझे काफी हुई थी मैं इंजरी के बाद पर फिर से उन्जरी
08:25हुई थी अभी दुख तो बहुत हुआ लेकिन वही लगा कि यार रोने से क्या होगा कोई बात न कूई
08:31हो जाएगा ठीक तो आसू तो पता नहीं बहुत मतल�
08:49क्या रहता है वो हमेशा जब मैं मेडल हाध मैं गर में किसी को भी तो हमेशा ऐसे मतलब उजिए
08:56सब्सक्रावं करते हैं तो हमेशा यह तक पहुंचे सायद कभी जब मैंने स्टार्ट किया था सपोट तो सोचा भी निदा
09:07यहां तक मैं आउंगा और लिए गौंगो और इतन इ
09:19गाहते बोटे जातर फो उनकी पढ़ाई घतम वी थी पिछले साल तो तो इनको भूर ले जाता है पर घर
09:32वाले ज़ल जाले ट्रेवल नहीं कर पाते तो इसलिए मैं कभी-देशिंप नुच में अना शुरू हुए है यह तो
09:40उनके लिए धूर एकस्पीरियंस रहता है और इस �
09:43चीज की पढ़ाई कर रहे हैं आप उन्हें सपोर्ट करते हैं हाँ बिल्कुल स्पोर्ट्स मैनेजमेंट की नहीं पढ़ाई की थी
09:49MS की थी University of Massachusetts से तो मतलब मेरा पढ़ाई का उतना अच्छा वो नहीं रहा तो मैं काफी
09:58सारी चीजें मैंने
09:59मैं Massachusetts बोल दिया है वह बड़ी बात मानता हूं मैं क्योंकि इसमें भी काफी मतलब वह लगादा स्राइग में
10:05तो एक
10:12एकादमी काफी मतलब यह उन्होंने लिये मुझे लगता यह तो कंप्लिमेंट करेंगी बिकाश आप दोनों स्पोर्स बैग्रांब्स है और तो
10:20इसलिए दिरे दिरे कोशिच करें कि आगे किस तरीके से हम स्पोर्ट में और अच्छा कर पाएं तो वह काफी
10:26अच्छा रहा म
10:36तो फिर उसके वज़े से छोड़ना पड़ा तो काफी मुश्किल होता है डिसीजन पर उसके साथ यह कि पढ़ाई अच्छी
10:43थी तो वह उसमें कंटिन्यू कर दिया आपकी वाइस के लिए स्पेशल मैसेज बसे ही मैसेज है कि इतनी मैनत
10:49की है और कोई बात नहीं स्पोर्ट मे
10:51नहीं हो पाया लेकिन कुछ ना कुछ अगर हम आने वाली जन्रेशन के लिए कुछ ऐसा कर पाएं किसी भी
10:56कुछ बच्चों को निकाल पाएं तो वो उसके लिए हम मैनत करेंगे और बस वही है खुसरो बहुत स्पेशल बॉंड
11:04किस से है सबसे स्पेशल बॉंड वैचे तो स
11:18हमेशा मेरे साथ रहे स्पोर्स में जब जब मैं � liedा था तब से लेके वह मैं मुझे पुछ कर
11:23से हमेशा किस मां पुछ के नहीं सुरेंदर कुमार Cool 911
11:28सब्सक्जण किया उन्हों की कि हां सपोर्ट में जाना चाहिए और ऐसे क्योंकि मैं की खमशूर्च कर लेता हूं
11:48तो उनसे में काफी सारी बाते कर लेता हूं आपके बारे में सुनाएं बहुत सीरियस किसम के इनसान है मतलब
11:54ये फीड़ बैक मुझे बिला है ये फील्ट पर सीरियस रहता हूं पर बाद में उतना आफ हो नहीं है
11:58तल्ब घर पर आगे तो मैं बोट आराम से रहता हूं तल्ब
12:14पर ट्रेनिंग कर रहता हूं मैं बहुत ही फोकलित के साथ अब भी ट्रेनिंग करना पसंद करता हूं और कॉम्पेटिशन
12:22में तो बिल्कुल अलग जोन होता है पर उसके बाद मैं ज्यादा सीरियस नहीं लेता चीज़ों को मतलब ठोड़ा लाइट
12:27रखता हूं तो सोशल मी
12:43अगरा जो आते हैं पोस्ते वह आप पढ़ते हो कभी पहले कभी कभी देख लेता था अब भी तो मतलब
12:48मुझे पता है कि सब तरहीं लोग सब के पास
12:51AX excess है कोई अच्सा ही बोलेगा बुरा भी बहुत ब फोलते हैं तो पहले नहीं � HISता था पहले
12:57कभी कभी अगर कोई बुरा भी कंट आ जाता था मैं पढ़ लेता था मुझे थोड़ा बुरा लगता था क्योंकि
13:01वह य हैं गाहों से हैं और
13:21पूंचने के लिए और हर दिन कितना seriously training करनी पड़ते हैं कुद्ध हो कितना push करना पड़ता है तो
13:28easy नहीं है वह यह कि
13:29injury होती है कभी कुछ होता है तो सारी चीजे देख के जब हम perform करते हैं तो वह इतना
13:34easy नहीं है तो हमको पता है कितना
13:36जो थोड़ा सा भी sports को थोड़ा सा भी समझते हैं जो थोड़ा भी समझते हैं कि किस तरीके से
13:42चीज़े होती है तो हमेशा चीजों को समझ के ही बोलते हैं
13:47हाज इसको नहीं पता जो सिरफ यह magic मानते हैं कि बस जाके गोल्ड ही जीतना है और silver या
13:52कोई medal ना आए तो फिर तो खराब ही है तो वो उनको sports की इतनी समझ नहीं है मेरे
13:58हिसाब से
13:58जो sports को सही से समझते हैं उनका वो हर चीज़ को detail में देखते हैं यह तो है आपको
14:04लास्ट गुस्सा का बाया था एकदम जब बिलकुल लगा था कि बस I can't control anymore
14:08competition में आता है मुझे गुस्सा बहुत ज्यादा क्या करते हैं अगर मैं टेकनिक बूल जाओ और मैं फिर ज्यादा
14:26जोश में फिर चीजों पर ज्यादा फोकुस ना करूं कि मुझे टेकनिक अच्छे से करनी है तो फिर गड़ बड़
14:31हो जाती है वरना वह एक अच्छा अग्र
14:42को दो फिर ऑफिर फिर एक आप अधर कर डिकता है तो यह पर चुरारती थेया यह आपके पापा ने
14:52औरे श्टेटमेंट दिया हुआ है कि आप लोगों के घर के बार बंफोड देते थे किसी की किसी घर को
14:58नौक करके भाग जाते थे तो यह नीरज वहां से सीरेस हो गए है �
15:02और बचपन की याद में अधरम जाए यादों में तो हाव यो फील कि ये मैं था किसाइद मैंने पहले
15:08इब बताया है पर एक बार मैंने गरी जला दिया था अपना घर कि क्या उता था कि उपर लकडी
15:15के गर होते थे मतलब हमारा जो घास काटने वाला अर्याना में गंडासा ब
15:23तो उसके लिए मतलब खेच से सूखा गास लेकि आये थे पराली बोलते हैं तो वह रखा हुआ था थोड़े
15:30से सर्दी के दिन थे और मैंने सोचा कि थोड़ा हाथ सेख लेता हूं थोड़ा अग में थोड़ा सब निकाल
15:37के साइड में तो मैंने उसमें आग लगा के हाथसेग �
15:45पूरी जो रखे वी थी गास इतनी भी तो उस ने आग पगड़ लिए और इसकी वज़ेसे फिर पूरा जो
15:52जितना वो रूम था वो खाम करने वाला घास वाला तो पूरा जल गया था उसके वज़ेसे उपर पूरी चर्ट
15:58भी जल गी थी तो तो उस टैम थोड़ा खाफी गु
16:10लिए रहे पता था और घरवालों ने भी डाटा भी पीटा भी पर मुझे लगता है कि शरारत थोड़ी चलती
16:16है इतनी तोनी चीनी चीनी चले अच्छन अउप कहथ नेयुकसान नःवांटा पग शरारत नहीं पाकि शरारत तो करनी चाहिए बच्पन
16:23बच्मना एंतभी
16:40कि हार्याना फोटते थे तो माले देते थे यहां पर एक होता था कि जब
16:46कुछ इसकी सब्सक्राइब कर रहे और चोट लग जाये तो कई बार तो पेरेंट्स बोलते हैं कि अरे
16:51हो गया दवाई लगा हो यहां पर हर्याना में और मारते हैं उपर से क्योंकर रहते सरारत तो यह आगा
16:56कुछ अलगी ट्रेडिशन होता था अब थोड़ा चेंज हो नहीं लग गया लेकिन हाँ पहले बहुत ही पेरेंट्स हाड होते
17:02साइधी से लिए थोड़ा मेंटली टफ होत
17:22अब यह तो बस उसलिए होती है और वह साइध मुझे लगता है कि हक मानते अब ना इसलिए मारते
17:28वरना बार का लोग तोड़ा कोई मार सकता है नहीं बिलकुर बहुत अच्छी बात यहां पर नीरज ने शेयर किया
17:33है सारे पेरेंट्स के लिए और बच्छों के लिए जो आ
17:48आप हम थोड़ा सा पीछे चलते हैं वापस आएंगे हम असली कोर सब्जेक पे जो है जावलिन तो आपको कब
17:55लगा कि यही वो स्पोर्ट है जिससे मुझे पर्स्यू करना है और इंडिया का नाम रोशन करना है बतल रोशन
18:03करने का तो नहीं पता कि मैं उस टाइम पे मेरे �
18:14कंख्रन करने के छह रहें लेकिन जब मैंने देख दीन दिन मुझे लग गया मंजे इयुक् Magnus आप करना है
18:19क्वए वो चीज प्रॉप करना है तो को मुझस चीज अच्छी लगी
18:44कि सायद नीरज में उतना टैलेंट है या फिर यहां तक पहुंच सकता है बस्याइए कि बहुत ही सचे मन
18:50से मैनत की और हर चीज बहुत ही आराम से प्रोसेस की मतलब ऐसा बहुत जल्द बाजी नहीं की तो
18:56देरे-देरे जो एक
18:58स्टेप बाई स्टेप चीज होनी से यह बहुत ही पेसेंश रखका और देरे-देरे यहां तक पहुंचे हैं तर्निंग पॉइंट
19:04आपकी करियर का आपको क्या लगा कब वो टर्निंग पॉइंट आया जिसने नीरज को नीरज चोपड़ा बनाया
19:11मतलब जैवलीन में जब लगा लोग की या मुझे लगा कि आपको लगा कि हाँ भई मुझे लगता है कि
19:16जब 2016 में रियो उलम्पिक वाले साल तो उस टाइम मैं काफी मतलब अच्छी त्यारी कर रहा था मुझे था
19:22कि मैं ओलम्पिक्स खेलू कुल और बिलकुल वह काफी चो
19:39थी उस थो से उल्मिक्स में मेडल था तो उस टाइम मुझे लगा था कि यहां अबी इतना गर दिया
20:00तो आग आने वाले कुछ सालों में और अच्छी थरो होगी और जो मैडल्स हैं वो भी आ जाएंगे पर
20:06जल्दबाजी नी करनी है क्योंकि सब चीजें होती जा रही ती
20:09दीरे दीरे तो उस टाइम मुझे लगा 2016 में कि हां सब अच्छा होगा और टोकियो की बात करें जहां
20:15से कोरोना थाइरिंग 2021 में हुआ था तब आप दूसरे इंडियन थे जिन्होंने जो वर्ल चैंपिन बने थे अब इनव
20:24के बाद जी उलम्पिक्स में राइट तो उस समय के
20:31इंडिविजुल स्पोर्ट में तो आपके पैरिंस थे उस समय आपके साथ वहाँ पर नहीं तो कोई अलावड ही नहीं था
20:40मतलब वो तो घर पे थे और वो मुझे तो लगता है कि वो उलम्पिक जिस तरीगे से वा था
20:46वो भी मतलब बहुत ही प्योंकि पब्लिक भी अलाव�
20:57कोपड़ा के साथ इंटर्विव करूंगी तो इस अड्रीम कम टू फॉर मी एस वैल बट आपका जो सपना पूरा हुआ
21:03मतलब जब आप मैदल जीते हैं इतने बड़े लेवल पर आप नाम रोशन करते हैं अपने देश का तो पहली
21:10फीलिंग क्या आती है मैं फॉर्स फीलिं
21:25मतलब वो चैन की सांस आती है वरना ओलंपिक्स एक ऐसे गेम से जो बहुत ही बड़ा प्रेसर होता है
21:32माइंड पे और इतने बड़े कंट्री में और इसे इतने सारे लोगों का प्रेसर उपर से और फिर गोल्ड जीतना
21:38नेसल एंथम असली फिलिंग जब ने आती जब हो च�
21:44तब पता लगता ही क्या हुआ है तब हजारों लाखों थोट्स होते हैं दिमाग में कि यह मैनत की थी
21:51कहां से सुरुआत हुई थी मतलब सोचा भी नहीं था ऐसा तो वह वो प्रोसेस जब चीज़ें हो रही होते
21:57तो वह बहुत मज़ेदार होती है वह टाइम इतना अच्छा
22:00होता है कि मैं आपको बतानी सकता कि बस वो सोचते ही हैं मुझे बारे में सपना ही देखते हैं
22:04कि कभी ऐसा होगा गया मैडल का इस अपना देखते है और गोल्ड आना तो मतलब अपने आप में ऐसी
22:09बात थी कि पर अच्छा लगा कि मुझे वह जदा खुशी से बात की होती ह
22:14है कि इतनी बड़ी कंट्री में बगवान ने मालोयाद पुद्रत ने स्रिष्टी ने मुझे चुना कि भई हां मैं वो
22:23हूँ कि मैं जहां से सुरुआत होगी और इसके बाद तो मतलब बहुत सारी चीज़ें मैं अपने आपको काफी इस
22:28चीज़े में खुस नसीब मानता हू
22:30कि मैं यह कर पाया शुरुआत कहीं न कहीं से अथलेटिक्स में जैवलिन में और इतने सारे आगे हमारे जैवलिन
22:37थोर सारे हैं अथलीट्स आरे हैं आप टॉप्स को कैसे देखते हैं स्पोर्ट्स अथॉर्टी ऑफ इंडिया आपके करियर में क्या
22:43रोल रहा एक अच्छी �
22:44ट्रेनिंग का अच्छा आपको फसिलिटीज मिलना कितना इंपॉर्टन कितना क्रूशल रोल में बिल्कुल साई और टॉप्स ने तो मदलब मैं
22:53बोलूँगा की जितना थैंक्यू करूँ तना कम है क्योंकि पिछले कुछ सालों से मुझे लगता है कि जब से मैंने
22:59कॉन वाल
23:14तो जब से ये हेल्प मिलनी शुरूए अथलीट्स को तो एक तो इंटरनेसल एक्सपोजर काफी ज़्यादा मिलते हैं और ट्रेनिंग
23:22करने का मुका और बार कंपीट करने का मुका और खासकर मैं बताऊंगा कि जो बिल्कुल कोविड के टाइम जो
23:27क्रूसल टाइम उसके बा
23:44बहुत ज़्यदा पूश किया और मुझे बार बेज़ा और फिर मैं आपे जागे कंपेटिशन स्केला और उससे बहुत ज़्यदा है
23:51उसके बाद भी मैं हमेशा जातर ट्रेनिंग बाहर करता हूं तो वो पूरा टोप्स और साही की तरफ से पूरी
23:56हेल्प मिलती
23:57कौन से कंट्री में सबसे ज़्यादा मज़ा आता है आपको देखते रहते हैं आपका इंस्टाग्राम में फॉल्वा करी थी कभी
24:02स्विजलेंड में कभी इदर कभी उदर नहीं मतलब मैं अगर सच बताऊं तो जो मज़ा जो एक ट्रेनिंग और जो
24:11रहने का मज़ा आता था
24:12वह पटियाला में सबसे ज़्यादा आता था बट यह कि अभी वहां पे कैम भी नहीं है और सभी इदर
24:18उदर हैं और मुझे लगता है कि साइद मैं और ज़्यादा फोकस करूं ट्रेनिंग पे और मुझे और अच्छी ट्रेनिंग
24:25करने हैं थोड़ा मुझे बाहर वहां के मा
24:44सबसे में बात है कि वहां पर सभी इंटरनेशल अथलीट्स या इदर उदर के सभी वहां पर आज आते हैं
24:50उस टाइम पर क्योंकि यूरोप में ज़्यादा ठंड होती है तो वहां पर सबसे ज़्यादा अच्छा लगता है क्योंकि वह
24:55एक ऐसा लगता है कि जैसे स्पोर्स �
24:57सब इंटरनेशल अथलीट्स वह आपे ट्रेंड कर रहे होते हैं तुम आप अपने आपको पुछ करने का इमन करता है
25:02बहुत जाए और पत्यारा का आपने जिक्र किया तो पत्याला में रहकर पंजाबी वगरा बोलने से की थोड़े बहुत ट्रेंग
25:07के दौन लेते थे थे �
25:10बढ़ा एसे खुद बोलते नहीं है मजाग में कभी कर लेते हैं जैसे क्या बोलते हैं मजाग में? क्या करता
25:15का की करता है मतलब मजाग कुछ भी कर लेते थे कहां
25:18Okay, coming back to your dream, 90 meters को लेकर दुनिया बहुत क्यूरिस है, एक ऐसा नमबर है, एक माइल
25:27स्टोन है, I think आपका ड्रीम भी है, तो मुझे 90 meters पर फोकॉस करके बताईए हमागा.
25:3290 meters का तो हो गया था, मतलब पिछले साल में ने थ्रो कर दिया था, मतलब मुझे ऐसा लगता
25:37है कि एक बार तो होना चाहिए वो, मतलब यह निया है, हो गया है बस, मैं चाहता हूँ कि
25:44मैं और अच्छी थ्रो करूँ लेकिन हाँ, एक बार के लिए वो अच्छा इसलिए लगा कि
25:49वो जो मैं questions 2018 से सुन रहा था, वो खतम हो गया था question कि बार बार, और मुझे
25:55भी यह लगने लग गया था कि या, कब लगे कि 90 meters को कि मैं 88, 89 बार बार
25:59तरो कर रहा था, लेकिन वो 90 meters निक्रोस हो रहा था, तो वो finally हो गया था, तो इसलिए
26:05तोड़ा सुकूना है, जो aspiring champions हैं, players ह
26:11उनके लिए आप क्या सला देंगे जो javelin में अपना career pursue करना चाहते हैं, जो आपको follow करके ideal
26:15मानते हैं, बस मैं की चीज़ कहना चाहूँगा कि मुझे 5 साल लगे थे 80 meter क्रोस करने में, अभी
26:23क्या है कि मैं कुछ बच्चों से मिला junior से, तो बोल रहे थे कि हमने 2 साल से किया,
26:3080 meter
26:30कब लगेगा, तो वो चीज मुझे लगता है कि patience बहुत जरूरी है, और अपने आपको push मत करो, कि
26:38javelin already काफी injury prone sport है, मतलब इसमें काफी सारे techniques है, और हमको बहुत ही unnatural moment में
26:46अपने बोडी होती है, जब हम throw करते हैं, बहुत सारा stress आता है joints पे और बोडी पे, तो
26:53वो already हमको इत
26:58distance पाने के लिए खुद को push करते हैं, तो वो help नहीं करता, वो injury जल्दी करता है आपको,
27:03तो बस मैं यह कहुआ कि javelin शिरफ ऐसे शुरू ना करें कि मैंने किया और मैंने goal जिता है,
27:09तो सभी शुरू कर दें, पहले जाएं ground पे देखें कि क्या पता, दूसरे sports में ज़्यादा
27:15interest है उनको, और दूसरे में ज़्यादा talent है, और वो javelin से better हो रहा है, तो वो start
27:20करें, क्योंकि javelin individual sport है, और
27:25for example, Olympics में दो या तीन लोग उनको मुखा मिलता, अभी Asian Games में दो ही athletes को मुखा
27:30मिला है, अभी हजारो athletes अगर
27:32training कर रहे होंगे, और फिर वो अगर अच्छे level पे भी है, क्योंकि competition काफी बढ़ गया है, तो
27:38दो लोगों कोई मुखा मिलेगा, दो athletes को, तो इसलिए मैं बोलता हूं कि जब करें, तो बहुत ही
27:44कराम से patience से करें, और अपने आपको safe रखें, मतलब injury से बचे रहें, और जब आपको लगे कि
27:52भी हाँ, आप उसके लिए
27:54आपको चार-पांच साल भी लग सकते हैं, वहाँ पे पहुंचने के लिए, तब यह आप करें, क्योंकि जल्दबाजी हम
27:58करते हैं, ऐसे मैंने बहुत से athletes देखें, जो जल्दबाजी में, जिन्नोंने अपना
28:23वो ओरनाइट क्या बता कुछ हुआ, तो वो जाता है, लेकिन sports ऐसे नहीं होता, उसमें आपको, मैं अपनी जर्नी
28:28बताओं, तो मुझे 2011 में मैंने स्टार्ट किया है, 2021 में मैंने गोल जीता, तो 10 साल की जर्नी है,
28:33और Olympics के बाद ही ज्यादा लोग जानने लगे जह लिए, त
28:37स्पोर्ट का बिल्कुल अलग चीज है, तो आप उसकी तरह नहीं लेगे जा सकते, तो इसलिए अगर आप में पेसेंस
28:43है, तब ही आप स्पोर्ट करें, और पेरेंट्स को में यह कहना चाहूंगा, यह बहुत ही फैरा होगी चीज है,
28:48अखलब आपको, एक साल में या दो साल
28:51करो, कि बेटे तुमारी हम ट्रेनिंग करा रहे हैं, इतना पैसा खर्च हो गया, तुम कुछ कर रहे हैं, मतलब
28:56ऐसे नहीं कहा है, कि कहा है, मैडल कहा है, मैं इस चीज में अच्छा मानता हूं को दो कि
29:01मेरी फैमिली ने कभी यह चीज नहीं पूछी, मुझे मतलब वह स्पे
29:19करते हैं, सब तो ने खेल पाते हैं, सब मैडल ने जीत पाते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि sports
29:23जो आपको discipline और जो एक character देता है वो बहुत ज़्यादा important है, और मुझे लगता है कि साई
29:31आप student हैं, कुछ भी करते हैं, या office में भी हैं, अगर आपकी life में sports एक हिस्सा है
29:36आपक
29:36तो उससे आपके काम में या जो भी आप करते हैं उसमें help मिलती है
29:41और आप physically fit रहते हैं तो आप खुज भी रहते हैं आप कोई भी चीज बहुत energy से करेंगे
29:45तो sports को इस तरीके से भी देखो तो मैं पूरे sports की बात कर रहा हूं मतलब कोई भी
29:50game आप चुन लो उसमें
29:52तो वो बोजा जरूरी है नीरज चोपड़ा जब मैं इंटर्व्यू करने के लिए research कर रहे थी क्योंकि पढ़ाई लिखाए
29:59करके आना चाहिए नहीं तो नीरज बोलेंगे अरे यह कैसे होसता है जिन्नों पता ही निये कैसे कैसे सवाल पूछ
30:04रहे हैं तो मैंने सबसे पहले
30:19मेरज कमल है बेलकुल और जावलिन उनके नाम के शाथ जुड़ गया यानि कि आपने एक नए मायने दीये इस
30:26पोट को कि अब
30:27इंटरनाशनल लेवल की बात करें, नाशनल लेवल की बात करें, तो सब आपके खेल से, आपके स्टाइल से, आपके अचीवमेंट
30:36को देखकर, खुद को तयार कर रहे हैं और जीत रहे हैं, हम इंटरनाशनल लेवल की बात करें, तो हम
30:42श्रीलंका हो, पाकिस्तान हो, कहां कहां
30:55कि मुझे पता नहीं था कि इस पूलिननन के साथ में सब जुड़ गया तो मुझे पता है तो बत
31:00अच्छा लगा यह कि कि फ़हे इसे ऌक्र बहुत अच्छा लगे तो बिल्कुल अभी जो
31:11तो कॉंपेटिशन बढ़ गया है खासकर शाउथ एसिया में पागिस्तान सिरलंका एंडिया तो बहुत ही टफ कॉंपेटिशन अगर हम बात
31:19करें कि वर्ल लेवल की तो वह पॉमपेटिशन अभी साउथ एसिया में देखने को मिल जाएगा अगर हम साउथ एसिन
31:27गेम सभी सा�
31:32मेरे मन में याइब अगया है कि यार बाकी आथलीट सेजों को सभी को मुखा मिलना चाहिए तो सभी डिया
31:40करते हैं खेलना मैं जितना तो इसलिए मैं कोशिश्च करता हूं कि हाँ जो मुझे लगता है कि जा अपे
31:46बड़ी जगना चाहिए हूं आपे खेलता हो और बाकी सा�
32:01जादा European countries होते थे अभी Asia में बहुत जादा हो गया है और
32:05Commonwealth Games की बात करें तो इंजन प्लेयर चा रहे हैं अभी आपको देखते के बाद वो भी आगे बढ़
32:10रहे हैं जीत रहे हैं ने बिल्कुल यस्विर ने बहुत अच्छा किया था और सबसे मेन बात है कि वहां
32:14की
32:15weather conditions को देखते हुए और last throw यस्विर ने गी थी ओवर 85 मेटर तो वो बहुत अच्छा था
32:21तो बिल्कुल सही टाइम पर सही जेंगा पर लगाया और रोहित ने दो बार 87 प्लस कर दिया है तो
32:26वो भी बढ़ी आ है आज इंडिन स्पोर्स का जो environment overall बन रहा है खेलो इंडिया, better infrastructure, professional
32:33world class training, आपको क्या लगता है जो यह आने वाली generation है और जो अभी की generation है, actually
32:38blessed कि इतना कुछ हुने
32:39प्लैटर पर मिल रहा है, बस होना चाहिए, बस एक दिमाग में कि हां में कर गुजरना है
32:44ने बिल्कुल वो मुझे लगता है कि बहुत ही अच्छा government की तरफ से साई की तरफ से बहुत ही
32:49एक अच्छा initiative था खेलो इंडिया और एक platform मिलना वो बहुत ज़्यादा इंपोर्टन था कि जब हम junior थे
32:55तो हम ऐसे हमारे mind में होता था कि यार junior national होना है साल के end में, तो उसके
33:14�
33:14सपोर्ट कर रहे हैं तो वो एक बहुत अच्छी चीज़ है और वो मुझे लगता है कि मिलना चाहिए मतलब
33:19जब भी हम एक sporting country बन पाएंगे और मुझे लगता है कि जो हम
33:26communal games करा रहे हैं या Olympics के लिए हम कोशिश कर रहे हैं तो उसके लिए मुझे लगता है
33:31कि हमारे athletes की बहुत अच्छी त्यारी होनी चाहिए ताकि हम medal tally में उपर रहे हैं मतलब top country
33:37के साथ हम compete करें तब ही हमारे लोग ज़्यादा enjoy कर पाएंगे मतलब वो उस level की performance हमारी
33:45होनी चाह
33:53करना है तो यह बहुत अच्छी पहले हैं अब अपने उन लोगों से क्या कहना चाहेंगे जो आपके बारे में
34:01शायद गलत सोच बनाते हैं क्यों कि मैंने थोड़ी से बाते उड़ती उड़ती सुनेगी कि दीरज में फुरा सा attitude
34:06आ तो ऐसा कुछ आपने अपने बारे में सु
34:21वैसा ही हैं बाकी जो मुझे नहीं जानते वो कुछ भी मेरे बारे में सोच सकते हैं 2016 में ये
34:27बात मैंने सुननी शुरू की थी जब मैंने वर्ल्ड जोने रिकूर्ड किया थे या 2018 में एसन गेम काउनवेल्ड गेम्स
34:32में गोल्ड जिता था कि बस हो गया है अब सायद नहीं ह
34:40लोगे हैं तो वही चीज़े बार-बार चल रही है और मैं बार-बार उनको गलत प्रूव कर देता हूं
34:44तो ऐसे कभी भी किसी के बारे मत बोलो कि बस हो गया अब नहीं होगा क्योंकि सभी मैनत करते
34:50हैं और बस जितना आप अच्छे से पोजिटिव तरीके से सपोर्ट कर प
35:09या मैंने ऐसा किसी के साथ गलत किया या गलत सोचा कुछ भी ऐसा एक कोई भी ऐसा इंस्टेंस that
35:14you want to say you want to just you know clarify right now
35:27किसी को दुख पोचाना है किसी को हाँ वैसे बुरा लग गया है तो वह मैं उसके उसका तो सभी
35:33से हो जाता है लेकिन
35:36कि कभी मैं है सोचता नहीं कि किसी का नुक्सान गर दूंग अब रैपट फायर राउंड तो आपने बहुत सुना
35:43होगा लेकिन आज हम करने वाले हैं
35:47मुझे नहीं बता जैबलिन फायर राउंड अप्छा मतलब जैबलिन की स्पीड से हम क्वेश्टन करेंगे पड़ा पड़ा आपको जवाब देने
35:55देशी खाना या वे देशी खाना देशी खाना
35:58स्टाइलिश लुक या कमफटेबल लुक कमफटेबल लुक वन धिंग यू हेट थे मुस्ट अभी तो इंजिरी का ही बोसकता हूं
36:07मतलब एच नहीं थे लिए वन वर्ट पर यूर फादर अब बस मतलब वह सब कुछी हो जाता है मा
36:18बोलते ही सब कुछ आता है उसमें पुरी द
36:30खाले मोट जाएं हैं वह बहुत पर दों टक्षर लेकिन बोट ज़्यदा अंदर से मुझे में इस साथ हैं तो
36:38बहुत ही अप हो गया भ्ती और कंट्री इंडिय in गया कि मैं बहुत प्राउब करता हूं क
36:45मैं इंडिया को रिप्रेजेंट करता हूं
36:48वन वर्ड पॉर जर्णी
36:51अमेजिन
36:52वाख
36:53वाख
36:55वन वर्ड पॉर नीरत छोपड़ा
37:02एक इंडियन एथलीट
37:05उससे जानते हैं मुझे लोगर मैं खुश हूं इससे
37:09अगर आपने लिए कुछ अपने लिए
37:14मतलब बात कर सकता हूं पर ऐसे वर्ड क्या बोल सकता हूं
37:17वर्ड या लाइन आपको जो आपको इसमें एक्स्प्लेइन कर पाए
37:23जैसे कोई मुझे करें कि मैं क्या हूं मैं बोलूगा
37:25आम स्पॉंटेनिस आम हैपी आम गोलकी
37:27तो मैं हर्यानवी में एक वैसी कावद बोलते हूं जो मतलब काफी फेमस हर्याना में
37:32जब कभी हमको हमारी त्यारी नहीं चोट लगती है तो एक हर्याना में कावद बोलते थे
37:38कि के करेगी त्यारी जब लड़ेगी जीदारी इसका मतलब है कि कहीं बार हम त्यारी करते हैं लेकिन उतनी अच्छी
37:46नियोपाती लेकिन हम बहुत अच्छे तरीके से उसको अच्छी जिद से जब हम फिल्ट पे उतरते हैं तो वहां पे
37:53फिर भी हम अच्छा कर देते हैं त
37:59वन लाइन फॉर स्पोर्स अधॉर्टी ऑफ इंडिया टॉप्स जी तो साइक और टॉप्स को मैं बहुत वो दन्यावाद करना चाहता
38:09हूं कि उन्होंने मेरी और बाक्य अथलीट्स की लाइफ में इतनी सपोर्ट की जिससे हम अपनी कंट्री के लिए मैडल
38:15जीत पाते हैं और
38:17मैं आशा करता हूं कि आने वाले सालों में ओर अथलीट्स को यह सपोर्ट मिलेगी और जो वो डिजर्व करते
38:22हैं कि उनको ज़्यादा फैसलिटीज मिलने चाहिए और वो फैसलिटीज के साथ हम एक अच्छे तरीके से एस कंट्री और
38:31एस अन अथलीट हम बहुत ज़्याद
38:45और बहुती नेचरली कनवसेशन थी और मैं अंसर काफी नेचरली दे पाया तो थेंकिस सो मज़ वाह मज़ा आ गया
38:53तारीफ सुनके तो वैसी बड़ा मज़ा आता है पर नीरज बहुत मज़ा है आपसे बात करके बहुत कुछ हमने सीखा
38:59आपने हमें मोटिवेट किया और ज
39:14अचे मने बहुत नेचर अपकी कम्तनी को अच्फे अच्छ सेम्या आपकी सो वैरी मुच पर हविग अज़ा हाँ आपसे बात
39:21करके बात किया आपके से अच्छ सेम्या नेच यह ज़दी एक नए एपिसोड के साथ तिल दें स्ते हैपी की
39:27श्पाइलिग एं से पॉज़िट �
39:31subscribe to one India and never miss an update
39:36download the one India app now
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