00:02संतान की लंबी आयू सुख और सम्रिद्धी के लिए रखे जाने वाला अहोई अस्टमी का वरत माताओं के लिए बेहत
00:10खास होता है
00:11इस दिन महिलाएं नर्जला वरत रखती हैं और अपने संतान के लंबी उम्र की कामना करती हैं
00:17लेकिन पारण के बिना अहोय-च्मि का व्रत पूरा नहीं माना जाता।
00:20लेकिन क्या आप जांते हैं कि अहोय-च्मि का व्रत कब are कैसे करना चाहिए
00:25क्या खाकर अपना ब्रत खोना चाहिए
00:27अगर नहीं तो वीडियो को अंतख जारू देखें
00:29क्योंकि हम आपको इस वीडियो में बताएंगे कि अहोई अस्मी का पारण कैसे करना है और कप करना है
00:35शाम के समय अहोई माता की विधी विधान से पूजा और कथा सुनने के बाद पारण की तैयारी करें
00:41एक लोटे में शुद्द जल भर कर रख लें जिससे तारों को अर्ग देना है
00:45साथी माता को चड़ाय गया भोग, हलवा पूड़ी, माल पूगा या दूद से बनी कोई भी चीज तयार रखें
00:52सूरियस के बाद जब आस्मान में तारा निकल जाए, तब खुले स्थान पर यच्छत पर जाए
00:57जल के लोटे में थोड़ा सा दूद, रोले और अच्छत मिलाएं, तारों को देखते हुए जलर पित करें
01:03दियान रखें कि अर्ग अजल आपके पैरों में ना पड़ें, इसके लिए नीचे एक गमला रख लें
01:08अर्ग देने के बाद अपनी सास ये घर की वरिस्ट महिला के चरन सपर्ष करें
01:13पूजा में निकाला गया बायना, यानि कि साड़ी, फल और मिठाई और दक्षिना, उन्हें सम्मान पूर्वत सोब दे
01:20उसके बाद अखोई माता के प्रशाद, यानि कि जो भी अपने भूग लगाया है, उससे ही खाकर व्रत खोनना है
01:26सबसे पहले अपने बच्चों को प्रशाद खिलाएं, और फिर उनके हाथों से जल या प्रशाद ग्रहन करके अपना व्रत खोलें
01:35इससे संतान पर अहोई माता का विशेश आशिरवाद होता है
01:38लेकिन ध्यान रहे, पारण के बाद सात्य भोजन ही ग्रहन करना है
01:42प्लैसुन प्याज या दामसिक चीजों से परहेच करें
01:45वहीं अब आपको बता दें कि व्रत पारण का समय क्या है
01:48तो तारों को अर्ग देने का समय है शाम 6 बजे
01:51इसके बाद अहोई अस्टमी का पारण आप शाम 6 बजे से लेकर 7 पंदरा के बीच में कर सकते हैं
01:57उमीद करते हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगे
02:00फिलाल हमारे इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शेर और चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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