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8th Pay Commission: क्या हर 5 साल में बढ़ेगी केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी? जानिए क्या है बड़ी मांग! केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आठवें वेतन आयोग से जुड़ी एक बेहद अहम और राहत देने वाली खबर सामने आ रही है।
केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी एक बड़ी मांग सामने आई है। अगर इस मांग पर मुहर लगती है, तो भविष्य में वेतन और पेंशन के संशोधन का पूरा ढांचा ही बदल जाएगा। वर्तमान में वेतन आयोग का गठन हर 10 साल में किया जाता है, लेकिन अब कर्मचारी संगठनों और पेंशनर संघों ने इसे घटाकर हर 5 साल में करने का सुझाव दिया है।
भारतीय पेंशनर समाज (Bharat Pensioners Samaj), नेशनल काउंसिल जेसीएम (NC-JCM) और फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन (FNPO) जैसे प्रमुख संगठनों का तर्क है कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत (Cost of Living) के कारण केवल महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) देना ही काफी नहीं होता। बच्चों की पढ़ाई, इलाज, दवाइयां और घर के खर्च समय के साथ काफी बढ़ जाते हैं। ऐसे में 10 साल का लंबा इंतजार कर्मचारियों की क्रय शक्ति (Purchasing Power) को कमजोर करता है। इसलिए हर 5 साल में वेज रीव्यू या एक 'Permanent Wage Review Body' बनाने की मांग तेज हो गई है।


Central Government employees and pensioners have urged the 8th Pay Commission to revise salaries and pensions every 5 years instead of the traditional 10-year cycle. Employee unions like Bharat Pensioners Samaj, NC-JCM, and FNPO argue that rising inflation and living expenses require faster pay adjustments. The demand also includes setting up a Permanent Wage Review Body for regular pay structure evaluations.

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~HT.178~PR.514~ED.104~VG.HM~

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00:00केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आठवे वेतन आयोग से जुड़ी एक बड़ी मांग सामने आई है।
00:06अगर इस मांग को स्विकार किया जाता है, तो भविश्य में वेतन और पेंशन के रिव्यू का पूरा सिस्टम बदल
00:12सकता है।
00:13सवाल ये है कि क्या कर्मचारियों को अब वेतन बढ़ोतरी के लिए 10 साल का इंटजार नहीं करना पड़ेगा और
00:19हर 5 साल में सैलरी और पेंशन की समीक्षा की जाएगी।
00:22आठवे वेतन आयोग के सामने कर्मचारियों और पेंशनर्स की तरफ से फिट्मिंट फैक्टर, वेतन वृद्धी, पेंशन और भत्तों से जुड़ी
00:30कई मांगे रखी गई हैं।
00:31इसी बीच कुछ कर्मचारी संगठनों ने वेतन और पेंशन की समीक्षा हर 10 साल के बज़ाए 5 साल में करने
00:38की मांग उठाई है।
00:39इस मांग के पीछे तर्ख है कि महंगाई लगातार बढ़ती रहती है जबकि वेतन में बड़ा संशोधन लंबे अंतराल के
00:45बाद होता है।
00:47कर्मचारीयों का कहना है कि घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई, इलाज, दवाईयां और दूसरी जरूरते समय के साथ महंगी
00:54होती जाती है।
00:55ऐसे में सिर्फ महंगाई भगते यानि डिये के जरिए बढ़ती लागत को पूरी तरह संभालना मुश्किल हो सकता है।
01:01भारतिय पेंशनर समाज समेत कुछ संगठनों ने 5 साल में वेतन और पेंशन की समीक्षा का सुझहाब दिया है।
01:07National Council JCM भी समय समय पर वेतन में बदलाव की अवशक्ता की बात करता रहा है।
01:13वहीं Federation of National Postal Organization ने हर 10 साल में नया वेतन आयोग बनाने के बजाए एक स्थाई वेज
01:20रिव्यू बॉडी बनाने का सुझहाब दिया है, जो नियमित अंतराल पर वेतन की समीक्षा करे।
01:25कर्मचारी संगठनों की एक और मांग वार्षिक इंक्रिमेंट से जुड़ी है।
01:30कुछ प्रतिनिधियों का तर्क है कि मौजूदा व्यवस्था में सालाना वेतन व्रिद्धी और महंगाई भत्ते के बीच बहतर तालमेल होना
01:36चाहिए, ताकि कर्मचारियों की आय महंगाई के अनुरूप बनी रहे।
01:41आठवी वेतन आयोग की अध्यक्षिता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही है।
02:11इसलिए ये कहना जल्दबाजी होगी कि अब हर पांच साल में वेतन निश्चित रूप से बढ़ेगा।
02:16वेतन आयोग अपनी सिफारिशे केंद्र सरकार को सौपेगा और इसके बाद सरकार इन सिफारिशों पर फैसला लेगी।
02:22यानि अभी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए सबसे बड़ा इंतजार आठवे वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों और उसके बाद सरकार
02:29के निर्नेका है।
02:30अगर पांच साल में वेतन समीक्षा का प्रस्ताज स्वीकार होता है, तो इसका मतलब केवल वेतन बढ़ोतरी की आवरित्ती बदलना
02:37नहीं होगा, बलकि केंद्र सरकार के वेतन निर्धारन की पूरी प्रक्रिया में बदलाव हो सकता है।
02:42लेकिन फिलहाल ये एक मांग है, फैसला नहीं। तो कुल मिलाकर आठवे वेतन आयोग के सामने इस समय कई महत्वपून
02:49प्रस्ताव हैं। और पांच साल में वेतन पेंशन समीक्षा भी उमेत एक है। अब देखना होगा कि आयोग इस सुझाव
02:56को अपनी सिफारिशों में क
03:12अब देखना है।
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