Skip to playerSkip to main content
Santan Saptami 2026: पंचांग के अनुसार, सप्तमी तिथि 17 सितंबर को सुबह 10:49 बजे से प्रारंभ होगी और 18 सितंबर को दोपहर 01:01 बजे समाप्त होगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगर कोई तिथि सूर्योदय के समय शुरू होती है या सूर्योदय के समय मौजूद रहती है तो इसका प्रभाव पूरे दिन माना जाता है। भले ही दोपहर या शाम के समय तिथि बदल जाए। ऐसे में सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, उसी को पूरे दिन और रात के लिए माना जाता है। उदया तिथि के आधार पर संतान सप्तमी का व्रत 18 सितंबर को रखना उत्तम रहेगा।Santan Saptami 2026: Santan Saptami Ke Din Kya Karna Chahie Kya Nahi,Bal Dho Sakte Hai,Period Me Kya Kare ?

According to the Panchang, Saptami Tithi will begin at 10:49 AM on September 17th and end at 1:01 PM on September 18th. According to astrology, if a Tithi begins at sunrise or is present at sunrise, its effect is considered to last the entire day, even if the Tithi changes in the afternoon or evening. In such cases, the Tithi at sunrise is considered to be valid for the entire day and night. Based on the Udaya Tithi, it would be best to observe the Sanatan Saptami fast on September 18th.

#santansaptami #santansaptamipujavidhi #santansaptamikabhai #santansaptamivartkatha #boldskyhindi #hindufestivals2026

Also Read

Santan Saptami 2022: Date, Time, Fasting, Worship, Vrat Katha, Legend And Significance :: https://www.boldsky.com/yoga-spirituality/festivals/santan-saptami-2022-date-time-fasting-worship-vrat-katha-legend-and-significance-141993.html?ref=DMDesc



~HT.318~PR.111~ED.120~VG.HM~
Transcript
00:03संतान सब्तमी का वरत भादरपद मास के शुक्लपक्ष की सब्तमी तिथी को रखा जाता है
00:09साल 2026 में संतान सब्तमी का वरत 18 सितंबर दिन शुक्रवार को पढ़ रहा है
00:14इस दिन के शास्त्रिय नियमों के नुसार क्या करना चाहिए क्या नहीं बाल धों या नहीं
00:20पीरियत्स में वरत और पूजा कैसे करें, साती भगवान को क्या चढ़ाना चाहिए और क्या नहीं आईए, इन सभी चीजों
00:26की जानकारी आपको देते हैं
00:27सबसे पहले तो इस दिन प्रातह सूर्योदे से पहले उठकर घर की साफ सफाई कर लिए और शांत चित्त रखें
00:34दिन के समय सोने की मना ही है, मन में भगवान शव और माता पारवती का स्मरण करें, धैर्य और
00:39मधूर व्याभार रखें, किसी पर क्रोध न करें, चुगली, जूट या किसी से विवाद न करें
00:44केवल दोपहर या शाम को कथा के बाद ही साथ पूवे या फलहार से वरत खोलें, उसके बाद ही सात्विक
00:51भोजन करें, साधरन नमक का इस्तमाल वरत में ना करें, गेहूं का सामान ने भोजन, प्याज, लहसुन या त्यामसिक वस्तूओं
00:58का सेवन ना करें
00:59संतान सब्तमी के वरत के दिन बालधोना पूरी तरह से वर्जित हैं, लेकिन अगर आप पीरियट्स में हैं और संतान
01:06सब्तमी के दिन आपके पीरियट्स का पहला या दूसरा दिन हैं, तो आप वरत तो रख सकती हैं, लेकिन पूजा
01:12नहीं कर सकती, वहीं अगर घर पर आप
01:27तो ही पूजा संपर्न कराएं आप पीरेट्स में भी साथ गांट वाले धागे को अपनी दाहिनी कलाई पर बांध सकती
01:35है वही अगर आपके पीरेट्स का ये तीसरा चौथा या पांचवा दिन है तो आप सुबब रमु मुहुर्त में उठकर
01:42कच्चे दूद में शुद्ध �
01:44जल मिलाकर अपने बालों को धोले आप चाहें तो शैंपू भी कर सकती है इसके बाद पूजा के सारे नियमों
01:50का विदिवत रूप से पालन किया जा सकता है यानि कि आप पूजा भी कर सकती है और भोग भी
01:56बना सकती है अब बताते हैं कि पूजा में क्या चढ़ाएं और क्
02:12सिंगार का सामान चढ़ा सकते हैं केला सेब अनारादी भी फल स्वरूपना चढ़ा सकते हैं संतान सब्तमी की पूजा में
02:20भगवान श्रव माता पार्वति और बाल गनेश की पूजा होती है तो ऐसे में तुलसी के पत्ते केतकी का फूल
02:26शिवलिंग या शिवजी पर हल्दी �
02:29ना चढ़ाएं वही सिंदूर शिवजी पर चढ़ाना वर्जित है केवल माता पार्वति को ही लगाएं नमक युक्त कोई भी चीज़
02:37का भोगना लगाएं फिलहाल इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें साती चैनल को सब्सक्राइब करना
02:43ना भूलें
02:47मुझा थाएं
Comments

Recommended