00:00एक तरफ आसमान में ड्रोन, दूसरी तरफ मिसालों की गूंज और बीच में यमन का ऐसा इलाका जहां से निकली
00:07एक छोटी सी ताकत पूरे पश्चिमेशिया की तस्वीर बदल सकती है
00:11नाम है हूटी, यमन के पहाडों से निकला ये संगठन आज सिर्फ यमन की लडाई तक सीमित नहीं है
00:18सौधी अरब, लाल सागर और बाब अलमंदेब जैसे बेहत एहम इलाकों में इसकी गजविदियों ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी
00:26तरफ खीच लिया है
00:27और अब मक्का के करीब हूती ड्रोन को मार गिराये जाने की खबर ने इस तनाव को और बढ़ा दिया
00:34है
00:34सौधी नित्रत वाले गटबंधन के मताबिक ड्रोन मक्का के प्रतिबंधित हवाई छेत्र में पहुचने से पहले नश्ट कर दिया गया
00:41हूतीयों ने हाला की मक्का या धार्मिक अस्थलों को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार कर दिया है
00:48लेकिन सवाल है कि आखिर ये हूती है कौन और सबसे बड़ा सवाल ये कि इनके पास ऐसी कौन सी
00:54ताकत है
00:55जिसके कारण बड़े बड़े देशों को भी इन से निपटने के लिए अपनी रणिती बदलनी पड़ती है
01:01कहानी शुरू होती है यमन से हुती आंदोलन को अपचारिक रूप से अंसार अल्लाह कहा जाता है
01:07इसकी जड़े उत्री यमन के जायदी शिया समधाय से हैं
01:11लंबे समय तक ये एक अस्थानी राजनीतिक और धार्मिक आंदोलन रहा है
01:16लेकिन यमन की राजनीतिक आस्थिर्ता ने इसे धीरे धीरे एक बड़े सैन संगठन में बदल दिया
01:232014 में यमन की राजधानी सना पर हूतीयों ने कबजा कर लिया
01:27इसके बाद देश की सक्ता का संगर्ष खुली लड़ाई में बदल गया
01:31एक तरफ हूती थे और दूसरी तरफ अंतराश्टी अस्तर पर मानिता प्राप यमन की सरकार और उसके समर्थ
01:38इसके ठीक बाद 2015 में सौधी अरब ने दूसरे अरब देशों के साथ मिलकर हूतीयों के खिलाफ सैन अभियान शुरू
01:46कर दिया
01:47यहीं से यमन की लड़ाई ने नया रूप ले लिया
01:50सौधी गडबंधन के पास आदुनिक लड़ाकू विमान थे, बड़े सैन संसाधन थे और हवाई हमले करने की छमता भी थी
01:57लेकिन हूतीयों ने सीधे उसी तरीके से लड़ने के बजाए अपनी रणिती बदल दी
02:03हूती लड़ाकों ने सौधी अरप और संयुक्त अरप अमीरात के तेल ठीकानों और दूसरे एहम जगहों को निशाना बनाने के
02:10लिए
02:10मिसाईलों और ड्रोन का इस्तिमाल किया इरान पर हूतीयों को हथियार पशिक्षण और आर्थिक मदद देने के आरोब लगते रहे
02:18हैं
02:19हाला कि हूती खुद को इरान का प्रॉक्सी मानने से इंकार करते हैं और कहते हैं कि वे अपने हथियार
02:26खुद विक्सित करते हैं
02:27यानि हूतियों की ताकत सिर्फ उनके लड़ाकों की संख्या में नहीं है उनकी असली ताकत उनकी युद्ध शैली में है।
02:35कम लागत वाले ड्रोन से लेकर लंबी दूरी की मिसाइलों तक हूती ऐसे हथियारों का इस्तमाल करते हैं जिन्हें रोकने
02:42के लिए सामने वाले को कहीं जादा महेंगे एर डिफेंस सिस्टम लगाने पड़ते हैं।
02:47यही वज़ा है कि कई बार एक सस्ता ड्रोन भी सामने वाले देश को उसे रोकने के लिए महेंगी मिसाइल
02:54इस्तमाल करने पर मजबूर कर सकता है।
02:56और फिर आता है समुद्र।
02:58लाल सागर और बाव अलमंदे ये सिर्फ नक्षे पर मवजूद दो जगहों के नाम नहीं है।
03:03बाव अलमंदे दुनिया के सबसे एहम समुद्री रास्तों में से एक है।
03:07यूरोप और एशिया के बीच आने जाने वाले जहाजों के लिए ये रास्ता बेहद ही महत्पूर है।
03:132023 के अंत में गजा युद्ध के बीच हूतियों ने लाल सागर में अंतराश्टे जहाजों पर हमले शुरू किये।
03:20हूतियों ने इसे फिलिस्तीनियों के समर्थन में उठाया गया कदम बताया।
03:24इसके बाद अमेरिका और ब्रिटेन ने यमन में हूति ठिकानों पर हमले किये और कई अंतराश्टे कमपनियों ने लाल सागर
03:32का रास्ता छोड़ कर अफ्रीका के दक्षडी छोड़ से लंबा रास्ता अपनाना शुरू कर दिया।
03:37और 2026 में कहानी फिर बदल जाती है।
04:02के और भी करीब पहुचते जा रहे हैं।
04:24गायल भी हुए हैं।
04:26इसके जवाब में सौधी अरब ने यमन में हूति ठिकानों पर हवाई हमले तेज कर दिये हैं।
04:31और इसी तनाव के बीच मक्का का मामला भी सामने आया है।
04:35सौधी नित्रत्वाले गडबंधन का कहना है कि मक्का के दक्षण में एक हूति ड्रोन को रोका गया।
04:41गडबंधन ने इसे पवित्र शहर की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।
04:46उसने इसे 2017 में मक्का की और बैलेस्टिक मिसाइल दागे जाने के आरोप के बाद दूसरी ऐसी कोशिश बताया है।
04:54दूसरी तरफ हूतियों ने मक्का या किसी धार्मिक स्थल को निशाना बनाने से इनकार कर दिया है।
04:59यही अंतर इस पूरे मामले को और भी पेचीदा बनाता है।
05:03हूति कहते हैं कि उनकी लड़ाई यमन पर होने वाले हमलों के खिलाफ है।
05:08सौधी अरब और उसके सहयोगी हूतियों को छेत्रिय सुरक्षा के लिए बड़ा खत्रा मानते हैं।
05:14इरान पर हूतियों के समर्थन का आरोप लगता है जबकि इरान सीधे नियंतरण की बात से इनकार करता रहा है।
05:21लेकिन चमीन पर एक बात और साफ दिखाई देती है।
05:24हूतियों ने पेकस्थानिय आंदोलन से ऐसी सेन ताकत का रूप ले लिया है जो मिसाइल, ड्रोन, समुद्री हमले और रणीतिक
05:33हमलों पर कबजे के जरिये अपने विरोधियों पर दबाव बना सकती है।
05:38यही कारण है कि हूतियों की कहानी अब सिर्फ यमन की कहानी नहीं रह गई है।
06:08कबजा करके खत्म की जा सके। यह पहाडों, तट्ये इलाकों, ड्रोन, मिसाइलों और समुद्र रास्तों के बीच में फैली हुई
06:16लडाई है।
06:17और जैसे जैसे हूति लाल सागर के तट और बाबल मंदेप के करीब बढ़ रहे हैं, सवाल सिर्फ यही नहीं
06:23रह गया है कि यमन में कौन जीतेगा।
06:26सवाल यह है कि अगर यह लडाई और फैली तो इसकी कीमत कौन उठाएगा। क्योंकि यहाँ दाओ सिर्फ एक देश
06:33की सीमा का नहीं है। दाओ उस समुद्री रास्ते का भी है जिससे दुनिया का कारोबार चलता है।
06:56झालता है कि झालता है।
07:00झालता है झालता है।
07:01झाल झाल
07:31झाल झाल
08:03झाल
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