00:00कहते हैं जमीन का विवाद हो तो फाइलें सालों तक चलती है, तारीखें बढ़ती है और इंसान दफ्तरों के चक्कर
00:07काटता है, लेकिन सूची अगर प्रधानमंत्री आपके पुराने स्कूल के दोस्त हो और आप सीधे उनके पास अपनी 15 साल
00:14पुरानी जमीन का दर्द लेकर
00:15पहुंचें, तो कहानी थोड़ी अलग हो सकती है, अजगर अली वोरा के कहानी में कुछ ऐसा ही हुआ, 81 साल
00:22के वोरा प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी से मिले, अपनी जमीन का मामला बताया और इसके बाद सरकारी स्तर पर मामले में
00:2830 या आई, ज़स जमीन को लेकर 15 सालों से
00:31विवात था, वहां कबजा छोडने और कंस्ट्रक्शन परमिशन वापस लेने का अलान हो गया, सवाल ये कि आखिर पूरा मामला
00:38था क्या, और पीम से मुलाकात के बाद इतनी जल्दी कारवाई क्यासे हुई, अजगर अली वोरा और प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी
00:45का रि�
00:57वोरा 8 सितंबर को प्रधानमंत्री से मिलने पहुचे और उन्होंने अपनी 15 साल पुरानी जमीन का पूरा मामला उनके आगे
01:05रखा, वोरा के मुताबिक साल 1989 में उन्होंने भायंदर इस्ट के नवगर इलाके में करीब 2810 वर्ग मीटर जमीन खरी
01:12दी, उनका अरोप है कि साल
01:142011 में स्वेम बिल्डर्स और बीजेपी विधायक नरेंदर महता की कंपनी 711 कंस्ट्रक्शन ने उनकी जमीन पर कभजा कर लिया,
01:22इसके बाद शुरू हुआ वूरा का सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने का लंबा सिलसिला, उनका कहना है कि करीब 15
01:28सालों तक वे अलग अलग
01:29सरकारी अजेंसियों को सामने, उनका कहना है कि करीब 15 सालों तक वे अलग अलग सरकारी अजेंसियों के सामने अपनी
01:36जमीन वापस पाने के लिए मामला उठाते रहे, यानि जमीन का मामला था लेकिन सामाधान शायद फाइलों में कहीं घूम
01:43रहा था, फिर 8 सितंबर को उन्
01:57उन्हें सकारात्मक जवाब मिला इसके बाद मामले में सरकार स्तर पर हल चल हुई मंगलवार को मुख्यमंत्री के पिंसिपल सेक्रेटरी
02:03श्रिकर परदेशी ने मंगलवार मंत्राले में इस मामली को लेकर बैठा की इसमें अजगर अली वोरा के अलावा नरेंद्र महता
02:10मीरा �
02:10भायंदर मुनसिपल कॉर्परिशन की कमिशनर राधा विनूर शर्मा और टाउन प्लैनर पुरिशोत्तम शिंदे माजूद रहे।
02:16बैठक के दौरान नरेंदर महता के तरफ से टाउन प्लैनिंग डिपार्टमेंट को एक पत्र दिया गया।
02:21इसमें कहा गया कि विवादित जमीन का कबजा चूड़ा जा रहा है और जमीन पर मिली कंस्ट्रक्शन परमिशन वापस ली
02:27गई।
02:51उसमें प्रिधान मंत्री से मुलाकात के बाद सरकारी स्थर पर बैठक हुई, जमीन को लेकर बड़ा फैसला सामने आया।
02:57कहानी में दल्चस्प ट्विस्ट ये भी है कि आम आदमी के लिए स्थरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की कहावत पुरानी
03:03है, लेकिन ये वोरा के लिए स्कूल का पुराना रिष्टा शायद बादचीत का एक अहम रास्ता बना।
03:11और पूरे विवाद से जुड़े कानूनी पहलिओं का अंतिमने धारन संबंधित दस्तावेजूं और सक्षम प्राधिकरोन की प्रक्रिया के आधार पर
03:18होगा।
03:19फलहल 15 साल पुराने स्विवाद में कबजा छोड़ने और कंस्ट्रक्शन परमिशन वापस लेनी की खोशना सबसे बड़ा घटनकरम है।
03:26मामले को आप कैसे देख रहे हैं? कॉमेंट बॉक्स में अपनी राइज जरूर दीचे का।
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