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7 साल बाद शी जिनपिंग का भारत दौरा, क्या बनेगी बात? देखें दस्तक

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00:00आज तक पर आप देख रहे हैं दस्तक और आज पूरी दुनिया की नजरे दिली में चल रहे ब्रिक्स सम्मिलन
00:06पर टिकी हैं कारण पुतिन और जिंगपिंग का दिली आना पुतिन पहुँच चुके हैं जबकि चंद घंटों में जिंगपिंग भारत
00:13आने वाले हैं भारत के �
00:27रूस और चीन की वही साजेदारी है जिसने अमेरिका की नींद उड़ा कर रख दी है बायरे तो चीन के
00:32सुधरते रिष्टों को लेकर ट्रम्प बेहद टेंशन में हैं तो क्या जिंगपिंग का भारत दौरा दोनों देशों के रिष्टों में
00:39एक नया इतिहास लिखने वा
00:59साल दोहजार चौवीस रूस के कजान में चीन के राशपती जिंपिंग और प्रधान मंतरी मोधी की मुलाकात साल दोहजार पचीस
01:07सम्मेलर में चीन के तियांजिन शहर में पियम मोधी और जिंपिंग की मुलाकात अब नई दिल्ली में बीते तीन सालों
01:14में ये तीसरा मौक
01:15जब चीन के राशपती जिन्पिंग और प्रधान मंत्री दरिंद मोदी की one to one मुलाकात होगी दोनों मुलकों के बीच
01:22विपक्षिय वारता होगी जिन्पिंग के साथ अफसरों और कारुबारियों का बड़ा डेलिकेशन साथ आ रहा है यानि चीन और भारत
01:29के बीच सीमा वि�
01:44के संकेत दे दिये हैं
02:14तो चीन बीच जानिवाटं रिच आफस में ब्रीच सीमा प्रत के बाते हैं यज की वारत की है ट्हित्व वारत
02:22का फ्यूम का बीचाव पाफसरों के लिड़ाट जाफसरों या दिम बचलाइब्स घई में विवा बालिच णिव लाफसरों के वांज हैं
02:33लिवा आफ इंवा�
02:54आज पूरी दुनिया की नजरें जिन्पिंग के भारत दौरे और दोनों मुलकों के रिष्टों पर टिकी हैं. पश्चिमी मीडिया ने
03:01जिन्पिंग के भारत दौरे को लेकर लिखा है.
03:03ब्लूम बर्ग में छपी रिपोर्ट की हेडलाइन यही है जिन्पिंग की 2019 के बाद पहली भारत यात्रा, मोदी की और
03:10बहाद दोस्ती का हाथ. रोइटर्ज में छपी रिपोर्ट के मताबिक भारत चीन के बीच कारोबारी रिष्टों में सुधार की उमीद
03:16पालना जल्दबा
03:31है. चीन आज भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साजेदार है. भारत और चीन ने गविपक्षिय कारोबार को विस्तार देने के
03:37लिए एक मसबवूत आधार तयार थिया है.
03:41चीन के विदेश मंत्राले की तरफ से जारी बयान में दिली में भारत और चीन के बीच विपक्षिय बैठक को
03:46लेकर बाद दावा किया गया है
03:48राशपती जिन्पिंग और भारतिय प्रधान मंत्री दरेंदर मोधी के बीच एक विपक्षिय बैठक की विवस्था भारत और चीन मिलकर कर
03:56रहे हैं
03:56कजान और त्यान जिन्पिंग में हुई अपनी बैठकों के बाद ये लगतार तीसरा साल होगा जब दोनों नेता मुलाकात करेंगे
04:03पियम मोधी और जिन्पिंग की मीटिंग का मुखे एजेंडा सेट है कई बुद्धों पर दोनों मुलकों के प्रमखों के बीच
04:09चर्चा होगी
04:10नमबर एक सीमा पर पूर्ण शांती का रोड़ मैप
04:13नमबर दो व्यापार और निवेश का रोड़ मैप
04:17नमबर तीन रिष्टों की खाई को पार्टने का रास्ता
04:20नमबर चार आर्थिक मोचे पर गति रोज दूर करना
04:23जानकार मांते हैं कि भारत की विकास यात्रा को नई उंचाई पर पहुचाने के लिए
04:28चीन बड़े पार्टनर की भूमिका निभा सकता है
04:31अगर इंडिया को आगे चलके विकसित भारत बनना है
04:34तो इंडिया को इस समय फॉसल फ्यूल इंपोर्ट की आवश्यकता है
04:38क्योंकि अगर फॉसल फ्यूल जो में इंपोर्ट करते हैं
04:41180 बिलियन का जब युद होता है वेस्टेशिया में
04:45तो वो बढ़ जाता है और उससे रुपी पर प्रेशर आता है
04:47और एकॉनिक को इंपक्त करता है
04:50पर आगे चलके हमें क्लीन टेकनोलिजीज में आगे बढ़ना है
04:54इसलिए चाइना के साथ भी काम करना बहुत आवश्यक है
04:57सवाल यही है कि क्या गलबान में हुई खुनी जड़ब के बाद रिष्टों में आया तनाव कम होगा
05:03क्या पियम मुदी और जिन पिंग की मुलाकात से रिष्टों पर जमी बर्थ पिखलने की गुन जाईश है
05:08क्योंकि चीन और भारत के रिष्टे बड़े उतार चरहा भरे रहे हैं
05:12बीते 13 सालों में चीन की हर चालबाजी का भारत ने मुहतोर जवाब दिया है
05:17साल 2013 लदाक के देवसांग घाटी में सीमा विवाद
05:21साल 2014 लदाक के चूमर में चीन को करारा जवाब
05:26साल 2014 लदाक के डेम चौक पर चीनी साधिश फेर
05:30साल 2017 दो क्लाम में चीन की हेकली निकाली
05:33साल 2020 गलवान में चीनी सेना का अहंकार तोड़ा
05:37साल 2022 अरुनाचल परदेश के याक्से में मुहतोर जवाब
05:4262 की कहानी अभी बहुत पुरानी हो गए
05:45अभी उसका में जिकरी नहीं करना चाहिए क्योंकि आगे जब जैसे गलवान के हम बात कर रहे हैं
05:51तो हमने ना सिर गलवान में लेकिन उसे पहले भी
05:57डोकलाम में सिक्किम में 67 में कई बार उनको दिखाया हुआ है कि हम जो हमारी जो काबलियत है
06:04मिलिटरी काबलियत वो अभी वो पुराने वाली नहीं रही और जो पुलिटिकल विल है वो भी पुराना वाला नहीं है
06:12तो दोनों अगर आप जोड़े तो अभी हम एक बहुत ही स्ट्रॉंग देश है और जो बांडरी प्रॉबलम है हम
06:22दोनों के बीच में इसका अभी
06:24मिलिटरी सल्योशन नहीं हो सकता ये तो भूल जाए वो भी भूल जाए और ये मैं नहीं कहे रहा हूँ
06:31आर्मी चीफ के हैसित
06:32चीन को पता है कि अब भारत के खिलाब अतिक रमर्वादी सोच नहीं चलेगी भारतिय सेना ईट का जवाब पत्थर
06:39से देगी
06:39ऐसे में गल्वान में हुई कुनी जड़फ के बाद चीन की चालबाजी गायब है और बाचीत की टेबल पर सीमा
06:46विवाद को सुलजाने के दिशा में कदम आगे बढ़ा रहे हैं
06:49इसकी एक बज़ए ये है कि गल्वान के बाद भारत में बहुत साफ तोर पर एलान किया था कि बॉर्डर
06:55पर तनाव वढ़ा तो उसका सीधा असर चीन के साथ रिष्टों पर पढ़ेगा
06:59खास कर व्यापारिक साजेदारी पर चीन को लेकर भारत की जैसे को तैसा की रणनी थी का असर दिखा
07:05जब से सीमा पर तनाव को कम करने की कोशिशे तेज हुई तब से आर्थिक रिष्टों में भी बदलाब नजर
07:10आया
07:11जून दो हजार बीस गलवान में भारत चीन सैनिकों के बीच खुनी छड़फ
07:16दो हजार बीस से दो हजार तेज़ गलवान के बाद तनाव खत्म करने की कोशिशे सफल हुई
07:22दोनों देशों के सैने अफसरों के बीच कई दौर की बाचीप
07:25समझोते के बाद विवाद खत्म नहीं लेकिन सैनिक पीछे हटे
07:29अक्टूबर दो हजार चौवीस प्रूस के गजान में मोदी जिन्पिंग के मुलाकास से पहले
07:34पूर्वी लगदाफ में प्रेक्ट्रोलिंग और सैनिकों की तैनाती को लेकर समझोता हुआ
07:47मार्च दो हजार चपीस भारत ने चीन निवेश के कुछ नियमों में धील दी जिससे कारुबार के मोच्छे पर रिष्टे
07:54सुधारने के संकेत मिले
07:56बीते कुछ वर्षों में चीन और भारत के रिष्टों ने नई करवट जरूर ली
08:00लेकिन अभी भी दोरों दीशों के बीच समधान का रूड में तै होगा
08:15क्योंकि चीन और भारत के भी सीमा वेवास सबसे बड़ा मुदा है
08:18एसा क्यों समझते हैं हमारी सही होगी स्पिछ चौधरी से
08:24करीब साथ साल के बाद चीन के राश्पती शीजिंग पिंग भारत आने वाले
08:28और भारत के साथ लगातार बाचीत की बाद भी या मेज भी साच चुकी है
08:32लेकिन भारत और चीन के बीच में आकरकार कौन सा सबसे बड़ा विवाद
08:35कौन से ऐसा विवाद है जो लगाता है इन दोनों देशों को कई बार जंग के मुहाने पर भी ले
08:39आया है
08:39आपको समझाने की कोशिश करते हैं वो सबसे और परमुक विवाद है सीमा विवाद जिसे हम L.A.C. के
08:44नाम से भी जानते है
08:46और अगर आप देखें 1962 के बाद से ही ये दोनों विवाद या एक बड़ा पर विवाद भारत और चीन
08:50को कई बार 1967 में डोकलम में और हाली में 2020 में गलवान के अंदर भी आमने सामने ले आया
08:56है
08:56ऐसी परिस्तिती बन गई कि दोनों के बीच में युद होने की समावना भी बहुत जादा परबल होगी
09:00अब आप समझेए कि आककारी विवाद है क्या दरसल इसको तीन भागों में बाटा गया
09:04L.A.C. करीबन साड़े तीन हजार किलोमेटर की L.A.C. है
09:08यानि लाइन ऑफ एक्चुल कंट्रोर होगी चीन इसे अपनी चांई जाइन ऑफ परसेप्षन भी मांनता है
09:12चीन इसको आगे के तोर पर देखता है यानि ये लाइन जो है इसके आगे बात करता है
09:17अगर आप देखें कि वेस्टर्न सेक्टर सबसे पहला सेक्टर है
09:20ये है आप कह definitions कि ले-लब्डाक का इलाका इस्टन लग्डाक का इलाका
09:25ये करीमन इक्किस सोपचास किलोमेटर का है
09:272020 में यहीं पर सबसे जादा विवाराद हुए थे गलवान को लेकर भी
09:30और उसके बाद डेपसांग को लेकर भी और इसके लावा डीवियो को लेकर लेकर लेकर लेकर और इसी के बाद
09:35चीजे बदलती चलिए अब पहला पार्ट आपने देख लिए दूसरा पार्ट है सेंट्रल एरिया यानि यह मिडल सेक्टर जो करीबन
09:40625 किलोमेटर का है यह हिमा
10:00रिजॉल्फ किया जाए इसको लेकर भी नहीं दो होट लाइन्स खोली गई है अब तीसरा सबसे बड़ा यानि तीसरा जो
10:06एक प्रमुक आप कह सकते हैं विवाद जो है इस्टन सेक्टर के अंदर वो है यह इलाका जिसमें सिक्किम भी
10:12है जिसमें 220 किलोमीटर से ज्यादा की
10:14सिमा इसमें कई आपके सकते हैं जो है वो इंटरनाशन बॉर्डर भी है यानि दोनों देशों के बीच में समनवे
10:20है कि हां यह दोनों की तरफ से बॉर्डर रिशूज नहीं है लेकिन फिर भी चीन वहां पर आपके सकते
10:25हैं कि विवाद खड़ा करने की कोशिश करता और फि
10:43जब भारत में इबरिक समेलन हो रहा हुरा है बाचीत हुरी और चीन के राश्पति लगाता है रही है बारत
10:48आ रहे हैं 7 साल के बाद वो भारत आ रहे हैं तो ऐसे में इन चीजों को लेकर या
10:51बॉर्डर एशूज को लेकर भी भाचीत होना सववाब ही कहा हाला कि ये एक लं
11:10उसी देश है लेकिन सीमा विवाद में दोनों देशियों के रिष्टों में करवाहट घोल रखी है गलवान जड़ब के बाद
11:16बॉर्डर पर कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ लेकिन टरम्प की भारत विरूदी नीतियों के कारण चीन और भारत एक दूसरे
11:22के खरीब जरू
11:23पूर आ गए रिष्टों में तल्खी को कम करने की कूशिश भी चल रही है और यही कारणे की भारत
11:28चीन के सुधरते रिष्टों ने अमेरिका और टरम्प की नींद उड़ा रखी है
11:39आज भारत की विदेश नीति को देखें और समझें तो ना तो वो डिफेंसिव है ना ही अग्रेसिव पूरी नीति
11:47बैलिस्ट है
11:47यानि भारत ने खुद को किसी एक गुट के खूटे से नहीं बाढ़ा भारत सिर्फ और सिर्फ अपनी सुरक्षा और
11:54अपने हिटों को ध्यान में रखकर कदम आगे बढ़ाता है
11:58यही वज़ए है कि अमेरिका के तमाम बिरोत के बावजूद भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद नहीं किया
12:04चीन ने गलवान में हिमाकत दिखाई तो चीनी एप और कम्प्यों पर हंटर चलाया
12:09यही चीन को सीधा संदेश दिया कि बॉर्डर पर तनाव और प्यापार साथ साथ नहीं चल सकता
12:15तो वही ऑपरिशन से दूर के जर्गे पाकिस्तान को सीधा संदेश दिया कि टेरर और ट्रेड एक साथ नहीं चल
12:22सकते
12:23भारत का मत एक दम्स पश्ट है टेरर और टॉप एक साथ नहीं हो सकते टेरर और ट्रेड एक साथ
12:43नहीं चल सकते
12:47और पानी और खुन भी एक साथ नहीं बैसकता
12:53विदेश नीती को लेकर भारत रणनीती के हिसाब से एक खदम बढ़ा रहा है एक एक खदम फूप फूप कर
12:59रख रहा है
13:00क्रिकेट की भाषा में समझें तो भारत एक टिकाऊ और भरुसे मन वल्लेबास की तरह बिच पर टिका हुआ है
13:06जहां हर पल स्पिंग होती गेंद पर उसे विकेट भी बचाना है और रन भी बनाना है
13:11फरक ये है कि रन बनाने के लिए जलबाजी में चौके छके बाने के चकर में विकेट नहीं कवाना है
13:18बल्कि संभली हुई पारी खेल कर अपने हितों को साथना है
13:22पियम मोदी की इसी डिप्लोमेसी और वरकिंग स्टाइल के मुरीद रूस के राजपती फुतिन भी है
13:41इमांदारी से बोल रहा हूँ भारत खुशकस्मत है वो हिंदुस्तान में रहते हैं वो भारत को जीते हैं
13:47मैं उनसे बात करता हूँ और मैं उन्हें जानता हूँ मुझे उम्मीद है कि वो मुझे से नाराज नहीं होने
13:53मैं बस वही कह रहा हूँ जो मैं देखता हूँ और जो मैं सोचता हूँ आप जानते हैं मुझे यकीन
13:58है कि ऐसे इनसान से बात करना मेरे लिए बहुत सुख़द है और ये एक बात है दूसरी बात सच
14:05ये कि वो बहुत इमानदारी से भारत और रूस के सम्मंद को हर शेतर में �
14:09और खासकर रक्षा, अर्थ विवस्था, मानवीय सहीयोग और हाई-टेक परमानू सामगरी के विकास जैसे महतुपून मुद्दों पर मजबूत करना
14:18चाहते हैं
14:19ये भारत की सधी हुई कूटनीती है कि G7 में हिस्सा लेता है, कौड का हिस्सा भी है तो SEO
14:25से लेकर विक्स में एहम भूमिका निभाता है
14:28मतलब पश्यमी मुलकों का सगठर हो या फिर पूरब का भारत एक संतुलन के साथ काम करता है
14:34पड़ोसी देशों से विवाद नहीं बलकि सीधा सब बात चाहता है
14:38लेकिन अगर कोई आखे दिखाएगा तो भारत मुझतोड जवाब देने के लिए तयार है
14:44साथियों, विस्तारबात का यूग समयात हो चुका है
14:51ये यूग विकासवाद का है
14:57तेजी से बदलते हुए समय में विकासवाद ही प्रासंगिक है
15:06विकासवाद के लिए ही आउसर है
15:10और विकासवाद ही बविश्य का आधार भी
15:18दरसल भारत और चीन के रिष्टों को देखें
15:21तो अब इश्पास की खाई बहुत गहरी है
15:23क्यूंकि चीन से हर बार भारत को दोस्ती के बदले विश्पास खात मिला है
15:28भारत दुनिया का पहला मुल्क था जिसने चीन को अधिकारिक रूप से बानता दी
15:33भारत और चीन के बीच 1954 में पंच्शील समझाता हुआ
15:37दोनों मुलकों के रिष्टों को लेकर हिंदी चीनी भाई भाई का नारा दिया गया
15:42लेकिन 1962 में चीन ने भारत के खिलाफ युद छेड़ा भारत की जमीन पर गबजा किया
15:471962 के जखम आज तक भारत नहीं भूला है
15:51इसके बाद 2017 में डोकलाम विवाद तो 2020 में गलवान यानी चीन को लेकर भारत को बहुत साबधान रहने की
15:59ज़रूरत है
15:59चीन को लेकर भारत का स्टैंड एकदम सपष्ट है
16:02जब तक बॉर्डर पर शांस नहीं होगे तब तक रिष्टों में सुधार की संभावना कम है
16:21चोथा ब्रेकर है रणनीतिक टकराव पांचवां ब्रेकर है शेस्रिये प्रतिस पर्धा छटा ब्रेकर है बेल्ट एंड रोट प्रोजेक्ट
16:32और आई अब हम आपको दिखाते हैं कि दुनिया में ब्रेक्स का महत्व और गद इतना उंच्छा क्यों हैं
16:37ब्रेक्स कुल 11 देशों का समू है इसमें ब्राजील, चीन, मिस्र, एथियूपिया, भारत, इंडोनेशिया, इरान, रूस, साओधी अरब, दक्षन अफरिका
16:44और सैयुप्त, आरब, अमिरात यानि की यूएई शामिल है
16:47आंकले ये बताते हैं कि सभी 11 देश बिलकर दुनिया की कुल आबादी का लगबग 49.59 प्रतिशत हिस्सा हैं
16:53और ब्रेक्स के ये 11 देशों के वैश्विक जीडीबी का 40 प्रतिशत रखते हैं
16:57जबकि वैश्विक वैपार के तो दिखा जाए तो ब्रेक्स के सदस्य देश वैश्विक वैपार का 25 प्रतिशत हिस्सा कवर करते
17:05हैं
17:05बात अगर हम मौजूदा समय के करें तो इसमें भूर आइडिनितिक अनिश्विक तताओं जलवाईू परिवर्तन के बीच भारत की ये
17:12धिक्षता ग्लोबल साउथ के हितों को और आगे बढ़ाने और वैश्विक संस्थाओं में सुधार लाने के दिशा में एक बेहत
17:19महत्
17:20कुन कदम मानी जा रही है हम ब्रिक्स के 20 यर्स मना रहे हैं
17:322006 में जब इस समू की शुरुवात हुई थी तो इसमें केवल चार देश थे
17:41आज ब्रिक्स और ब्रिक्स 15 मिलाकर 21 कंट्रीज का हमारा परिवार है
17:57आज ब्रिक्स के देश विश्वकी 50 परसेंट पॉपिलेशन
18:0540 परसेंट जीडिपी और 25 परसेंट से दीख ट्रेड को रिप्रेजेंट करते हैं
18:18इतना ही नहीं इन वर्षों में जहां ग्लोबल जीडिपी करीब
18:26धाई गुना हुई है वहीं ब्रिक्स देशों की कम्बाइंड जीडिपी करीब साड़े चार गुना हुई है
18:39यानि ब्रिक्स की एकोनोमिक स्ट्रेंथ दुनिया की तुलना में करीब
18:46दो गुनी रप्तार से बढ़ी है ब्रिक्स देश ग्लोबल इनोवेशन और सॉलुशन्स के लिए
18:57महत्वपूर्ट सेंटर्स भी बन रहे हैं ग्रास्रूट से लेकर फ्रंटियर टक्नोलोजिस तक
19:05हमारे देशों में इनोवेशन की नई संभावना है आकार ले रही है
19:13ब्रिक्स की बढ़ती, स्केल, स्पीड और आप्टिमिजम हमारे बीच साफ दिखाई दे रही है
19:24और अब खबर ब्रिक्स में त्रेश शक्ति की एक और शक्ति जहां रूस के रश्पती व्लादीमेर पुतिन
19:31नौ महीने में पुतिन की ये दूस्टी भारत यात्रा है और आज जब भारत मंडपम में प्रधान मंतरी नरेंद्र मोदी
19:39और राश्पती पुतिन के बीच द्विपक्षी वारता शिरू ही तो पूरे पैंतालीस मिनिट तक चली जैसे ही मोदी और पितन
19:45मले तो दोस्ती के �
19:46पुराने सिलसले दुनिया को देखने को मिले ब्रिक से ठीक पहले नई दिल्ली की इस दोस्ती वाली वारता में क्या
19:51चर्चा हुई क्या बात हुई खुद प्रधान मंतरी नरेंद्र मोदी ने एक्सपर पूस्ट के द्वारा बता दिया है देखिए
20:02ये नई दिल्ली में ब्रिक समेलर में महाशक्तियों की साज़ा तस्वीर है जिसकी धवक अमेरिका से लेकर योरोप तक पूरी
20:10दुनिया महसूस कर रही होगी
20:12भारत मंडपम से आई इस तस्वीर से ब्रिक स की पावर का मेसेज क्लियर है
20:19लेकिन नई दिल्ली में आज जो तस्वीर सबसे खास बनी है वो है पियम मोदी और रूस के राजपती व्लादमिर
20:26पुदिन की मुलाकार
20:27ये भारत और रूस के बीच गहरी दोस्थी की गवाही देती है
20:35जब ये मोदी और पुदिन विपक्षिय वारता के लिए आते हैं तो मोदी उन्हें गले लगा लेते हैं
20:42पूरी गर्म जोशी के साथ दोस्थ पुदिन का स्वागत करते हैं
20:46जब रूस यूकरेन युद्ध से लेकर अमेरिका और इरान युद्ध तक ना सिर्थ दुनिया की जियो पॉलिटिक्स बदली है
20:52बलकि अमेरिकी राजपती ने अपना दमाव बनाने की कोशिश भी की है
20:56तैरिस से या फिर तेल खरीद को लेकर
20:59लेकिन भारत और रूस की दोस्ती चटान की तरह सामित हुई है
21:03जिस पर किसी भी वैश्विक महाशक्ती की ठंकियों का कोई असर नहीं हुआ है
21:12नई दिल्ली में पियमोदी और रूस के राजपती व्लादिमिर कोतिन
21:16जब द्विपक्षिय वारता के लिए कूट नीती की मेज पर आपने सामने बैठते हैं
21:20तो मेसेज क्लियर रहता है
21:2221. सदी की कूट नीती का असली केद्र अब भारत है
21:27भारत मंडपम में ब्रिक समेलन से ठीक पहले
21:30मोदी और पुदिन के बीच पूरे 45 मिनट तक द्विपक्षिय बाचीत होती है
21:35बैठक में भारत रूस निष्टों के साथ मिडल इस्ट और ब्लैक सी के हालात पर चर्चा होती है
21:40पुदिन ने मोदी को 24 में भारत रूस समिट के लिए रूस आने का देवता दिया
21:46जिसे पियम ने स्वीकार कर लिया
21:48इस मुलाखात पर खुशी जटाते हुए पियम मोदी ने एक्स पोस्ट भी किया
21:54बिश्केक में हमारी मुलाखात के दो हफते से भी कम समय में
21:58दिल्ली में राशपती पुतिन से मिलकर बहुत खुशी हुई
22:00आज की बैठक में हमने कई विश्वों पर चर्चा की
22:03व्यपारिक संबंधों को और बजबूत करना
22:06जिसमें Economic Corporation Program 2030 को लागू करना भी शामिल है
22:10इंफ्रास्ट्रक्चर, उज्या टेक्नोलोजी, रक्षा, संस्कृती और अन्य शेत्रों में सहयो
22:16हमारी विक्स अध्यक्षता के दौरान भारत की वो कोशिशें जिनका मकसद हमारी दुनिया की भलाई को आगे बढ़ाना है
22:22इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन एक ही कार में बैट कर प्रदर्श्टी देखने पहुँचते हैं
22:29जिहां दोनों नेताओं ने भारत मंडपम में इनोप्रोम प्रदर्श्टी का दौरा किया
22:33और नरेंद्र मोदी ने पुतिन को तोफ़े में तमिल के प्रसिद्ध ग्रंथ तिरुक कुरल का रूसी भाषा में अनुवाद भेंट
22:41किया
22:47जिसके बारे में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राश्पती को समझाया और रूस के राश्पती बड़े ध्यान से
22:54किताब के बारे में समझने की कोशिश करते रहे
23:24तिरुक कुरल एक प्राचीन और
23:27प्रसिद तमिल सहित्तिक ग्रंथ है जिसे करीब 2000 साल पहले महान संतिरुवलवर ने लिखा था
23:33इस ग्रंथ में मौझूद है कुल 1330 लगुदोहे जिन्हें कुरल कहा जाता है इसे तमिल वेद और मानंता का महान
23:41संदेश देने वाला ग्रंथ माना जाता है
23:43जो कि मारव जीवन के मूल्यों नैतिक्ता और भाई चारे की सीख देता है जो आज भी प्रासंगिक माने जाते
23:50हैं इसका कई भाशाओं में अनुवाद हो चुका है इसी साल इसका रूसी अनुवाद भी प्रकाशिक हुआ है
23:58पुतिन की ये नई दिल्ली यात्रा साबित करती है कि ड्यू वर्ल ओर्डर में भारत किसी का पिशलंगो नहीं है
24:04बलकि दुनिया में अपनी धमक रखता है
24:10ब्रिक्स सम्मेलन कल से शुरू हो गया है लेकिन इस महा सम्मेलन में शामिल हो रहे देशों की सूच और
24:15राय क्या है
24:16इसका ट्रेलर ब्रिक्स बिजनेस फोरम में देखने को मिल गया
24:19प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया को ब्रिक्स की शक्ती बताई तो रूस के राश्पती पुतिन ने पश्चिमी देशों पर
24:26कटाक्ष किया
24:26जबकि एरान के राश्टपती मसूद पजीशक्यान ने ब्रिक्स देशों को अपने ही करेंसी में व्यापार करने की सलाहती है।
24:37जब भारत मंडपब के अदर ब्रिक्स बिजनस फोरम का आयोजन होता है।
25:05और डिजिटल एकॉनमी जैसे मुद्दो पर चर्चा होती है।
25:08इस ब्रिक्स बिजनस फोरम में रूस के राश्पती व्लादमेर पुतिन पश्चिमी देशों पर एक तंस कसते हैं।
25:14जी हां, फुतेन ने कहा कि समझ नहीं आता कि कुछ कमजोर हो चुके पश्चिमी देश अभी खुद को जी
25:20सेवन क्यों कहते हैं।
25:22जबकि ब्रिक्स अर्थिक टाकत के मामले में जी सेवन से काफी आगे निकल चुका है।
25:27तुनिया की अर्थ मिवस्था में बड़े बडलाव हो रहे हैं।
25:30और अब नई देश विकास को आगे बढ़ा रहे हैं।
25:33फ्सरी करते हैं, जी मिवस्थान करेज सेवन है Keeping त startup coworkers
25:40the BRICS
25:41countries whereas the contribution of the so-called G7
25:45the Green 7 I don't know why they call that the group of seven
25:49it stands at only 29 percent
25:56this is the case
25:58now speaking about the growth of the world economy
26:02over the same period we see that more than half
26:05of that growth has been accounted for by BRICS whereas the G7 has only
26:10accounted for
26:1118 percent why is that
26:17the answer is simple
26:18the BRICS countries account for more than half of the world's population and
26:23that is why they
26:24have a great dynamic vibrant domestic markets
26:28our countries see an explosion of growth of
26:31urban settlements urbanization is happening very fast
26:35it's not he
26:37in the BRICS business forum paid leaders session me putin nebataa ki kya se dunya me bade badlaav ho rahe
26:42hai is liyee daye desho ka arctic taakht ke toor par a keadaa
26:48right now the world is undergoing structural deep profound shifts
26:54which is explained by the fact that the so-called old leaders
26:57which used to be the vanguard of economic growth and the second half of the 20th century are being replaced
27:04by new engines of growth
27:06and these so-called old leaders
27:09are still in possession of great
27:13strong suits
27:15and well-developed infrastructure technological advantages scientific advantages
27:20scientific schools and so on and so forth
27:23that said
27:24this is in the nature of things
27:27this is in the nature of humanity
27:30and in the nature of economy
27:33and in the nature of economy
28:00that changes
28:00in trade among the members
28:02this step must be accompanied by the establishment of the necessary instruments
28:07for managing currency risks and reciprocal settlements
28:11since the current financial system is vulnerable to political shocks
28:17due to its concentration on a limited number of currencies
28:22the risks and reciprocal settlements
28:25here hei nahi
28:25Pidzishkyan ne yudhu ke chalte
28:27dunya ke muskkel dor ka bhi zikr kiya
28:29unhune kaha ki dèisho ke bich
28:31patshe tanav se dunya kaise a arctic nabag chheel rahi hai
28:36as a result of the military act of aggression
28:39of the united states and the israeli regime against the southern republic of iran
28:44this act of aggression in addition to its human and material losses
28:49once again revealed an important reality
28:52economic security cannot be separated from national and regional security
28:58whenever the trade energy infrastructure
29:01or financial system of a country comes under political or military pressure
29:07its effects extend beyond that country's borders
29:13and can affect regional stability and even the global one
29:18and finally the BRICS business forum
29:21PM Modi has given all the countries
29:24so he has also told that why is BRICS in the world
29:28in 2006 when this war was started
29:34in 2006 when this war was the first time
29:35so it was four countries
29:38and now BRICS and BRICS partners are the first two countries
29:47and now BRICS and BRICS partners are the first country of 21 countries
29:58which is 50% population
30:02which is 50% population
30:04which is 40% GDP
30:06and which is 25% of the GDP
30:10and which is 25% of the GDP
30:11and which is 25% of the GDP
30:11to represent the trade
30:12to represent the trade
30:14so it is not
30:16in this country
30:18the doors of the government
30:19in the world
30:20the global GDP
30:21where there is a price
30:26to average
30:27the economic and economic and economic and economic New generation
30:31there is a price
30:33गुना हुई है प्येम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स में भारत का रोख ट्रेड बैरियर्स यानि ब्यापारिक बाधाओं को कम
30:40करना और कारुबार के लिए अफसर बहाना है
30:44फ्रेंट आज जब दुनिया में ट्रेड बैरियर्स बढ़ रहे हैं भारत इकानोमिक ब्रिजिज बना रहा है
30:562014 के बाद से हमने दुनिया के करीग 40 कंट्रीज के साथ फ्री ट्रेड एग्रिमेंट्स किये हैं
31:08प्रिज्पे भी हमारी एप्रोच एही है कि बैरियर्स को कम करना और बिजनेजिस के लिए आउसर बढ़ाना
31:19नई डिल्ली में बिजनेस पोरम से दुनिया ने प्रिक्स की पावर देखी
31:23तो इसके बाद प्रिक्स की पावर तो आपने देख ली लेकिन नई दिल्ली में हो रहे ब्रिक्स में एक चुनाती
31:42भी है
31:43और वो है ब्रिक्स के सदसीय देशों का आपसी टक्राव जहां एरान, युए और साओधी अरब युद्ध के चलते बड़े
31:50मद्भैत पैदा हो चुके हैं इन देशों में
31:52जिस तरह से अमेरिका और इसराइल के हमलों के पलटवार में इरान ने युए और साओधी अरब में अमेरिकी ठिकानों
31:57पर हमले किये दोनों देशों के बीच टक्राव हुआ और ये एक दूसरे के दुश्मन बन गए
32:03ऐसे में ब्रिक्स के जॉइंट स्ट्रीटमेंट में ये तीनों देश बाधा बन सकते हैं अब सवाल यह है कि भारत
32:08कैसे इनको साधता है
32:34अठारवे ब्रिक्स सम्मिलन में जब 11 देशों के नेता नई दिल्ली पहुँच चुके हैं या कुछ पहुचने वाले हैं तो
32:41इनमें से रूस और चीन के अलावा तीन और देशों पर दुनिया की नजरें जमी हुई हैं
32:53पहला इरान जिसके राजपती बसूत प्रिदिश्कियान 12 और 13 सितंबर को हो रहे ब्रिक्स सम्मिलन में हिस्सा लेने के लिए
33:00पहुचे हैं
33:01सम्मिलन से ठीक पहले पियम मोदी और प्रिदिश्कियान के बीच विपक्षिये बाचीत भी हुई है
33:08दूसरा देश है साओध यरप यहां के विदेश मंत्री प्रिंस टैसल बिन परहान अल्व साओध ब्रिक्स के लिए नई दिल्ली
33:14पहुच्टे वाले हैं
33:15और तीसरा देश है यूएई जहां से अबुधावी के क्राउंट प्रिंस शेख खालिद बिन मुहम्मद बिन दायद अल्व नायान बिक्स
33:23के लिए नई दिल्ली आए हैं
33:26इस बार बिक्स में इन तीनों देशों का रोख दुनिया जानना और समझना चाहती है
33:31क्योंकि इरान पर अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बाद मिटल इस्ट में जैसे दो भाड हो चुके हैं
33:36क्योंकि जब इरान पर हमले होते हैं, वो पलटबार में मिटल इस्ट में अमिर की बेस पर हमले करता है।
33:42UAE और सौधी अरब ने इरान के अटाइक छेले हैं।
33:45इन हलात में ये तीनों देश नई दिल्ली में ब्रिक्स के मंच पर एक साथ होंगे।
33:50भारत की नीथी और टूप नीथी यही है कि ब्रिक्स में साथे देश एक जुड़ दिखें।
33:55लेकिन भारत के सामने बड़ी चुनौती भी है। भारत तीनों के साथ रिष्टों को बेहतर करना चाहेगा।
34:01अब अर्चन ये है कि कहीं किसी मुद्दे पर इरान, साथी और यूएई में मदभेद सामने ना आ जाए।
34:07ऐसे में ब्रिक्स अमिलन का सवाल ये भी है कि जॉइंट स्टेटमेंट आएगा या नहीं।
34:12हर बार की तरह इस बार भी मेजबान देश भारत की कोशिश है कि सभी 11 सदसे देशों की सहमती
34:18से एक साजा घोष्टा पत्र यानि दिल्ली डेकलरेशन जारी हो।
34:22लेकिन इसमें इरान, सौधी और UAE के मद्धेद आड़े आ सकते हैं। ऐसे में अगर सहमती नहीं बनी तो भारत
34:28को चेर स्टेटमेंट जारी करना पर सकता है।
34:32आखिर जॉइन स्टेटमेंट क्यों जरूरी है और इसमें रुकावटे क्या क्या हैं। पहले आपको बताते हैं कि जॉइन स्टेटमेंट क्या
34:38होता है।
35:01पहले के अधिकारी, शेर्पा और डिप्नोमेट पहले तो एक ड्राफ तयार करते हैं। फिर हर देश उस ड्राफ को पढ़ता
35:07है और अपनी अपनी बातें जोडने या हटाने की मांग करता है। कभी कभी एक शब को लेकर घंटों बातचीत
35:13होती है। जब तक सभी देशों क
35:15की सहबती नहीं बन जाती तब तक जॉइन स्टेटमेंट जारी नहीं होता।
35:45और अगस्ट दोहजारशबीस में इरान के साथ ब्यापार और वित्येड लेंदेन भी बंद कर दिये। यूएई चाहता है कि इरान
35:52पर उसके हमलों के लिए सक्ट निंदा दर्ज हो।
35:55मक्का पैक या इस्लामिक नेटो।
35:58साथ अगस्ट दोहजारशबीस को साओधी अरब के मक्का में साओधी अरब तुर्किये और पाकिस्तान ने मिलकर जॉइन डिफेंस एग्रिमेंट पर
36:05दस्तखत किये जिसे मक्का पैक का नाम दिया गया।
36:09इस एग्रिमेंट के मताबिक अगर तीनों में से किसी भी देश पर हमला होता है तो उसे तीनों देशों पर
36:14हमला बाना जाएगा।
36:15अब मक्का पैक का सदस से सौधी अरब ब्रिक्स से जुड़ा हुआ है ऐसे में ये पैक ब्रिक्स के लिए
36:21चुनौती है अब इरान को इस पैक से गहरी आशंका है क्योंकि इरान मक्का पैक में नहीं है अगर सौधी
36:27पर इरान पलटबाद में हमले करता है तो पाकिस्तान का �
36:33प्रिक समिट में हमेशा से बड़ा रहा है।
37:05प्रिक समिट में हमेशा से बड़ा रहा है।
37:30प्रिक समिट में हमेशा से बड़ा रहा है।
37:46प्रिक समिट में हमेशा से बड़ा रहा है।
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