00:00सीधे आपको वो तस्वीरें दिखाते हैं जो मसूद पेजशकिन जब दिल्ली लांड किये हैं उस समय की ये तस्वीर है
00:06ये आज की मुलाकात जो सवा 6 बजे के आसपास प्रधान मंत्री नरेंदर मोदी से होनी है उससे पहले की
00:14ये तस्वीरें और सुमित उनकी रवानगी की
00:16ये वो तस्वीर जहाँ पर हमाई आज जीसी की भी मौझूदगी देखते हैं और अभी यहाँ दिल्ली पहुँचने की तस्वीर
00:23जाहर है कि इरान भी अपने अजेंडा पर बहुत कुछ लेकर आ रहा है चुकि यहाँ पर उसके ऐसे प्रतिवनवीर
00:28देश सामने खड़े है
00:29बिलकुल और आपको याद होगा कि जो पजिश्कियान निकलने वाले थे इससे पहले भी उन्होंने एक एड्रस किया कि आकरकार
00:34ब्रिक्स एरान के लिए कितना इंपॉर्टन ना सिर्फ एरान की राश्पती ने बलकि वहाँ के फौरन ओफेस मिनिस्टर अराक्षी ने
00:40भी �
00:40आपर प्रिस को संभूद्य किया और खास्तों पे एक संदेश दिया कि देखे हमारा मकसद ब्रिक्स के दौरान इस बात
00:47को दर्शाना होगा इस बात को आगे रखना होगा कि आखरकार एक तरफा वर्ल्ड ओर ना बने यानि लगातार अमेरिका
00:54की जो आप कह सकता हैं डॉम्
01:10में सम्मान का यही एक तरीका होता है बिलकुल और देखे उनको रिसीव किया जा रहा है और आप से
01:16कहा जा रहा है कि थोड़ी देख में वो करीबन 6 बच के 15 मिट पर करीब वो प्रदान मंतरी
01:20मोदी से मुलाकात करेंगे लेकिन सबसे इंपॉर्टन बात यह है क्योंकि आज द
01:39जहाँ पर ना सिर्फ यूद की समाप्ती बलकि दोनों को आगे ड्वलप्मेंट की राप और उनको री ड्वलप करने में
01:44भारत कैसे भागिदार बन सकता है इसको लेकर भी चर्चाय संबभव हो सकते हैं कास्वा पेशेता
01:48प्रोफेसर तनेजा एक बड़ी बड़ा मंच इसलिए क्योंकि अभी इरान और अमेरिका के बीच भले कितनी भी शांती की बात
01:57हो गई हो लेकिन शांती है नहीं और उसके कई स्टेक होल्डर्स यहाँ पर हिंदुस्तान में रहेंगे
02:03जी, बिलकुल छोयता जी, तो एक मैसेजिंग होगी एरान अपनी तरफ से एक जैंडा लेकि आ रहा है कि भारत
02:08अमेरिका को एक मैसेज्टिंग दे और भारत अमेरिका को यह बोले कि नहीं मैं डॉलर को नहीं मानता हूँ
02:13लेकिन भारत भी अपनी तरीके से एक जो बार-बार बात हो रही है
02:16कोलाबरेटिफ तरीके से चलता है वासुदेब कुटुमबुकम के तरीके से चलता है
02:20केवल एक कंट्री का अजेंडा नहीं है
02:22तो ये जो हमारी opposition का भी था कि हम इरान की दोस्ती नहीं है
02:25और हम इरान ने हमने ये नहीं किया वो नहीं किया
02:27February March onwards यहां वो बहुत narrative चले थे
02:29तो उसको भी एक direct messaging है भारत में domestic एक जो यहां पे opposition है
02:34उसको भी messaging है कि हम देखिए इरान के साथ engage भी कर रहे हैं
02:38लेकिन हम इरान का agenda के वल एक चला के चलें
02:40कि अमेरिका को हम कुछ बोलें
02:42that is also not the right strategy
02:44तो बिल्कुल एक balancing act की तरह
02:45क्योंकि UAE और साथ भी देखें
02:48तो इरान की direct ऐसे one-to-one दुश्मन ही नहीं है
02:51उन्होंने वहां पे अमेरिका basis को attack किया है
02:54और जहां जहां पे अमेरिका ने support किया है
02:56वहां वहां पे जिस-जिस country ने अमेरिका का support किया है
02:58उसको उन्होंने attack किया है
03:00तो ये सब का एक level पे आना
03:02वहां पे चाइना की भी मौझूदगी
03:04शी का last minute पे हुआ कि आएंगे
03:05और कल उनकी direct वारतला भी है प्रदानमंत्री मोधी जी के साथ
03:08तो ये एक अपने आपने balancing act की बात कर रहा है
03:11आपने बात करी थी श्वेता कि सयोग और शान्ती की
03:14इसमें मैं देखती हूँ जो तीन बहुत बड़े पहलू है
03:17जो जैशंकर जी ने बोले कि एक सही market practice चाहिए
03:21transparency चाहिए और भरोसा चाहिए
03:23तो ये जो transparency और भरोसे वाली messaging है
03:26और equal collaboration वाली जो messaging है
03:28ये भारत दे रहा है चाहिए वो इरान के जरीए हो
03:31या UAE या Saudi, China, Putin, Russia एक तरफ तो
03:35सबको ये messaging है कि this is going to be an equal world
03:38and a multipolar world
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