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  • 1 week ago
उज्जैन में खड़े हनुमान जी ने कर दिया चमत्कार, प्रशासन के उड़े होश!

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00:10नमस्कार स्वागत आपका आज तक पर मैं हूँ रवीश पाल सिंग इस वक्त हम खड़े है उस चमतकारी हनुमान मंदिर
00:18पे जिसके बारे में दावा किया जा रहा है कि प्रशासर ने इस प्रतिमा को हटाने की कोशिश की लेकिन
00:23उसमें सफल नहीं हुए
00:24मूर्ती हिल नहीं रही है और अब जो हिंदू संगठन के लोग है जो भक्त है वो मांग कर रहे
00:29है कि प्रतिमा यहीं रहनी चाहिए
00:31लेकिन इससे पहले कि हम आगे बात करें सबसे पहले आपको सीधी तस्वीरे दिखाते हैं उस जगे की जो पिछले
00:36कई दिनों से देश भर की सुर्ख्यों में है
00:38उजयन का खड़ा हनुमान मंदिर जो कि इस वक्त देश भर की ना किवल सुर्ख्यों में है बलकि उजयन में
00:45आस्था के एक नए केंड के रूप में विक्सित हो रहा है
00:47सामने आप तस्वीरों में देखिए यह जो टेंट है इसी टेंट के भीतर फिलाल भगवान हनुमान की वो मूर्ती है
00:52जो खड़े हनुमान की और आप देखिए कि किस तरीके से उस छोटे से चार बाचाय के चबूतरे के बिलकुल
00:57बाहर बड़ी संख्या में सेक्डों की सं�
01:00मौझूद है ना किवल दर्शन करने के लिए बलकि उनकी एक तस्वीर अपने कैमरे में उतारने के लिए क्योंकि यही
01:05तस्वीरे पिर जम कर सोशल मीडिया पर वाइरल हो रही है और देश भर से लोग अब दर्शन करने के
01:11लिए भगवान हनुमान के खड़े हनुमान की प्
01:29सबसे नई बात यह है कि नया अब या जुरू किया गया है जिसके जरिए यहां पर लोगों के हस्ताकशर
01:39की जा रहे हैं जो लोग चाहते हैं कि यहां पे प्रतिमार है मंदिर यहां से पहीं ना जाये Čसे
01:44तमाम लोग जो यहां पाकर आकर आप देखे
01:46तो अपने नाम के साथ अपने नमबर के साथ हस्ताक्षर अभियान में शामिल हो रहे हैं
01:50और कुछी देर में ये जो पूरा पैंपलेट यहां लगाया गया था हस्ताक्षर के लिए
01:54वो आदे से कहीं जादा भर चुका करीव सतर फीजदी पैंपलेट भर चुका है
01:58ये तमाम वो हस्ताक्षर है जो चाते हैं कि मंदिर यहां से कहीं और नहीं जाना चाहिए
02:03तमाम लोग यहां मौझूद हैं जिनसे हम लगातार बात कर रहे हैं
02:06उनसे भी बात करेंगे जो लोग यहां के हैं कई लोग बाहर से आए हैं
02:11उनसे भी हम बात करेंगे कि उन्हें लगता है कि यह बताइए आप लोग
02:32जेहिन जे बजरंग्मल या क्या सुना था आपने इस मंदिर के बारे में जिसके बाद आप लोग यहां पहुंचे हैं
02:39हम लोग मीडिया में दिखा है कि जो मंदिर को तोड़ने के लिए ट्राय करते हैं लेकिन वह नहीं तोड़े
02:46तो इसलिए हम लोग आके दर्शन के लिए आ
03:05हम भी हमको धन्यमन कर रहे हैं कई घंटों की परिश्रम की बार भी मंदिर नहीं तोटा इसलिए सब बोले
03:15तो हम भी दर्शन करने आगे
03:17हम बिहार से रहने वाले गोपाल गंजीला से हम यहां से संदेश देना चाह रहा हूं उजयान के धर्ती से
03:26मुहन यादो जी को मुखमंत्री को कि जो मंदिर है मंदिर बने इसको तोड़ाय नहीं जाए बहुत अच्छा से मंदिर
03:33बने तमाव लोग ने यह बताई आप लोग
03:39को लग रहा है कि इतने दिन से जो लोग आ रहे हैं अब आज हमने देखा कि देश के
03:43अलग अलग राजियों से लोग पहुंचे हमने दिली के लोगों से बात की गुजरात के थे उडिसा के लोगे बिहार
03:48से लोग आए हैं गुजरात से हैं यह बताई कि क्या लग रहा है आ�
04:05यह स्री राम जैन्म भूमी जैसा हमारा अंदोलन है अब शुरू कि आप लोगों ने आज यहां हमने हमने साइन
04:13करे हैं वापा के और हम यहां से 14 दिन से लगे हुए हैं और हमारे सिर्फ एक ही मांगे
04:17कि यहां पर भाव मंदिर बने बने जाए जै जै जै श्याराव जो जहां
04:25मंदिर है उस मंदिर को वहीं रहने दिया जाए जहां जो मंदिर को तोड़ा गया है उस मंदिर को वापस
04:31सही तरीके से करके अच्छा गुमज बना करके इस मंदिर को विसाल रूप में बनाया जाए यह दो लोगों समने
04:37आपकी बात करें आपको पीछे की तस्वीर दिखात
04:53आप ये देखिए किस तरीके से यहां पे कतार लोगों की लगी हुई है जो दर्सन करने के लिए पहुंच
04:59रहे हैं इस खड़े हनुमान मंदिर के और ये वो लोग हैं जो कहीं न कहीं
05:04खबरों में सुर्ख्यों में जो मंदिर बनावा है उसकी खबरे सुनकर के यहां पहुंचे हैं देखने के लिए और ये
05:10आप जो पीछे देख रहे हैं ये पुरा विवात कैसे शुरू हुआ ये जो आप दो इमारतों के बीच की
05:15जगे देख रहे हैं तरसल ये उजैन के कंठा
05:18साल चौराय से चत्री चौक तक का ये पुरा इलाका है जिसमें ये तमाम जो प्रोजेक्ट है रोट चौडी करंड
05:26का वो लाया गया था और उसी के बीच में ये मंदिर आ गया था जिसे लेकर के यहां पर
05:31शुरूआत हुई कि इसे हटाया जाए लेकिन फिर ये मामला इतना
05:48कि पुजारियों से इस्थानिय लोगों से जब तक बात नहीं हो जाएगी वो संतुष्ट नहीं हो जाएंगे तब तक कोई
05:53फैसला नहीं लिया जाएगा लेकिन ये सीथी तस्वीर हैं आपको आज तक पर दिखा रहे हैं कि कैसे इस वक्त
05:59इस खड़े हनमान मंदिर में आस्
06:15से फैसला नहीं होगा किसी भी तरीके का वो हिलने वाले यहां से नहीं है और इसके साथ ही उन्होंने
06:22ये भी कर दिया है कि जो तमाम भक्त हैं वो यहां पर नाकेवल अब उज्जेन से बलकि देश के
06:29अलग-अलग हिस्सों से पहुंच रहे हैं और साफ कर रहे हैं कि वो यह
06:34यहां पर आ करके नाकिवल भगवान के दर्शन कर रहे हैं बलकि अब वो इस मुहिम में भी भाग ले
06:40रहे हैं कि यहां पर जो मंदिर है वो यहीं रहे यहां से कहीं और उसे शिफ्ट नहीं किया जाए
06:48तो यह सीधी तस्वीरे आज तक ने आपको दिखाए कि किस तरीके से इस
06:52वक्त माहौल बना हुआ है उज्जैन में और यहां पर फिलाल जो तस्वीरे हैं वो साफतार पे भगतों की जो
07:00आस्ता है भगवान हनुमान के प्रती वो देखने को मिल रही है अब हम आपको जो ग्राउंड रिपोर्ट है वो
07:07दिखाएंगे उज्जैन से कैसे मंदिर को ले
07:36अब यह अन्दोनन बावरूप ले चुका है अब कुछ भी हो जाए खून की नदिया बेजा है हम बिल्कुल तैयार
07:48है
07:56इस प्रशाषान के अट्धर विता है इसके लावा कुछ भी नहीं है वो इस देश की संस्क्रतिकों तायसमेस करना चाहते
08:03है
08:08उगर हनुमान जी की इच्छा नहीं है कि उनको नहीं अटना है
08:12तो इस विशावी में विशार करना चाहिए
08:14अगर इश्वर की इच्छा नहीं है बागी इच्छा नहीं है तो जबर्दस्ति नहीं करना चाहिए
08:25उज्जैन में हनुमान प्रतिमा को हटाने का विवाद अब कापती आगे जा चुका है
08:29अब तो लगता है कि प्रशासन भी बैक फुट पर है
08:32हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि उज्जैन का जिला प्रशासन साफ साफ मुकर चुका है
08:56उज्जैन के जिला प्रशासन को शायद ये तस्वीरे याद नहीं हो
08:59हम बता देते हैं ये जनमाश्टमी के दिन की तस्वीरे हैं
09:03जब जिला प्रशासन पहले मंदर का बाहरी आपरन तोड़ा और फिर छैनी हतोड़े से प्रतिमा हटानी शुरू थी
09:15लेकिन अब उज्जैन के जिला प्रशासन कह रहा है कि हनुमान जी की मूर्ति को हटाने के लिए
09:20किसी भी मानविया या मशीन की मदद नहीं ली गई
09:23सब से पहले आप उज्जैन के S.D.N. एसन गर का बयान सुरू
09:28कि अब आप रहा एक प्राप्ट की जा रही है कि प्रशाशन द्वारास्त्री खड़े इनुमान जी की प्रतिमा को विस्थापित
09:35करने के लिए कई प्रयास किये गाए है
09:37यह इस परश्च करना अरश्चक है कि अभी तक प्रतिमा को विस्थापित अठवा अठाने संबंधी कोई भी प्रयास किसी भी
09:43मशीन अठवा मानवी युक्तियों से नहीं किया गया है।
10:21प्रतिमा को अठाने के लिए किसी भी मशीन या मानवी युक्तियों का इस्तमाल नहीं किया गया।
10:37फिर प्रतिमा को हटाने की कोशिश हुई। पता चला की नीचे बहुत बड़ा पत्थर है। पहले नगरनिगम की टीम आई।
10:42फिर इंदौर से विशजट्यों की टीम बुलाई गए। वो भी विफल रहे। अगले दिन फिर कोशिश हुई। बात नहीं बनी।
10:48तो फिर IIT �
10:49इंदौर के इंजिनियर्स बुलाए गए। अब उनकी रिपोर्ट का इंतजार है। खुद मंदर के पुजारी बता रहे हैं कि प्रतिमा
10:55को हटाने के लिए क्या क्या किया गए।
10:58अबी उन्होंने सिर्फ 5 फिट खोदा है, दोनों साइड से, राइड है एंड साइड से और पीछे से, पांच पांच
11:06फिट खोदने के बाद मुझेb उन्हों ने देखा कि दोनों साइड से जो पुराने टाइम के एरन होते थे, वो
11:13इस तरह से लगाय गएं कि लोकिन जैसा
11:15लगता है कि अगर किसी एक एरण को भी हटाया तो मूर्ती जो है उसका बैसिकली बैलेंस उसका बिगाड़ सकता
11:23है
11:23क्योंकि ये पुराने जमाने की लॉकिंग बद्द तेती इसलिए उन्होंने क्या कि उन्होंने और्केलोजिकल वालों को बुलाया
11:30तो उनको ने भी देखा, उन्हों को भी ऐसा लगा कि मैं इधर से भी देख लेता हूँ कि कहीं
11:34उपर से ही कोई भगवान को कहीं दिख जाए मुझे कि भगवान किस पत्थर पर ठीके हुए हैं तो अपन
11:39उसको आगे लिफ्ट कर सकते हैं
11:40जब उन्होंने भी आके जब जहां भगवान के लेफ्ट साइड में डेट फिट गड़ा किया तो उनको भी समझ में
11:47नहीं आया कि भई ये उतना नीचे कितना नीचे हो सकते हैं
11:50इसलिए उन्होंने क्या किया कि आयाईटी और जीएस इंदोर में से विशेशक्यों को बुलवाया वो मंगलवार के दिन आये थे
11:58उन्होंने मूर्ती के आसपास पूरा देखा फिर उन्होंने क्या रिपोर्ट दी मुझे नहीं पता लिख तो सवाल है कि उज्जैन
12:08का जिला
12:20करने की कोशिश का ये मामला एक बहुत बड़ा आंदुलन बन चुका है
12:35यहां न सिर्फ लोगों की भारी भीड़ है बलके दिन रात यहां भजन कीर्तन और हनुमान चालीसा हो रही है
12:46जैसे जैसे लोगों को पता चल रहा है वो यहां दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं
12:50और बड़ी बात यह है कि यह सिर्फ उज्जैन या आसपास के जिलों के लोग नहीं हैं
12:55बलकि दूसरे प्रदेशों से भी लोग आकर यहां दर्शन कर रहे हैं
13:03करने के लिए दर्शन करने के लिए जो यहां प्रशासन को इतनी कड़ी मेहनेत के बाद सब्सक्राइब
13:24प्रशासन काफी समय से विफल रहा तो मैं तो मूल निमाती उत्तर प्रदेश वाराड़सी का जिला का रहने वाला हूं
13:57अब जब किसी प्रतिमा को हटाने की प्रक्रिया एक आंदुलन मन जाए
14:01तो प्रशासन को जन भावनों का सम्मान करना ही पड़ेगा
14:05और उज्जैन में हनुमान जी के दर्शन करने के लिए सिर्फ आम लोग ही नहीं पहुँच रहे
14:09आपको हर्शा रिछारिया याद होंगी
14:11जो प्रयागराज महा कुम्ब में फेमस हुई थी
14:14वो भी उज्जैन पहुची और चेताबनी दे थी
14:16कि अगर प्रशासन की तरफ से प्रतिमा को हटाने के फिर से कोशिश की गई
14:20तो यहां अंशन हो
14:24देखे हम हर हाल में सरकार के साथ हैं
14:27हम नहीं चाहते हमारी वज़े से
14:29हमारे उज्जैन के निर्माण में आने वाले कुम्ब के निर्माण में
14:32व्यवस्थाओं में कोई भी गलती हो या कोई भी भूल्चुक हो
14:35कोई भी कमी रह जाए हम वो दोश अपने उपर बिल्कुल नहीं चाहते हैं
14:38हम सरकार के साथ हैं
14:39लेकिन पूरे शहर में निर्माण का कारे चल रहा है चौड़ी करन का कारे चल रहा है हम उसमें सैयोग
14:46कर रहे हैं
14:46एक मंदिर ऐसा हमारे सामने आया है जहां पे इस कल्यों के जीवंत भगवान ने हमें यह बताया है
15:12अगर प्रयास हुआ तो हम सब सनातनी यहां पे महाराजी और जितने भी सनातनी भाईवान है हम सब यहां पे
15:18अंशन पे बैठेंगे
15:22उज्जैन में हनुमान मंदिर के विस्थापन की कोशच के खिलाप अब आंदोलन वाकई खड़ा हो चुका है
15:27जिससे हिंदू संगठन भी जुड़ चुके है
15:29मध्य प्रदेश में बीजेपी की सरकार है और इस सरकार को हिंदू संगठनों का पूरा समर्थन भी है
15:35लेकिन उज्जैन के प्राचीन हनुमान मंदिर के विस्थापन पर ये संगठन भी कुछ नहीं सुनना चाहते है
15:40इसी धबाव की वज़े से उज्जैन का जिला प्रशासन बैकफुट पर है
15:44दो हजार अथाइस में सिंघस्त महाकुम्ब के लिए सडक चौड़ी भी करनी है
15:48लेकिन यहां विकास पर आस्था भारी पढ़ गई है
15:51रवीश पाल सिंग, उज्जैन, आज तर
16:09उज्जैन में जो हनुमान मंदर चौड़ी करण की जद्वे आया है
16:15उज्जैन में दो हजार अथाइस में सिंघस्त महाकुम्ब होना है
16:18और इसलिए यह सडक चौड़ी होनी है
16:20आसपास इस सारी इमारते हट गई है
16:22इस सडक को चौड़ा करने के रास्ते में जो कुछ भी आया
16:25प्रशासन ने हटा दिया
16:27बस मंदर बच गया
16:28हमारे संबादाता रवीश पाल सिंग की ये रिपोर्ट देखिए
16:31और समझे के अभी की स्थिति क्या है
16:34उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर को
16:36कंठाल से छत्री चौग चौड़ाहे तक
16:39जो सडक चौड़ी होनी है
16:40उसकी वज़े से हटाने की योजना है
16:44लेकिन ये सडक जो है
16:45जिसे चौड़ा किया जा रहा है
16:47उसकी वर्तबान इस्तिती क्या है
16:48वो हम आपको दिखाएंगे
16:49मेरे दाए तरफ अगर आप देखें
16:51तो ये हनुमान जी का मंदिर है
16:53खड़े हनुमान जी का मंदिर
16:55जो आप सामने देख रहे हैं
16:57और इसी को ही मंदिर की प्रतिमा को
17:00यहां से हटाने पर विवाद छिड़ा हुआ है
17:02संगलाम छिड़ा हुआ है
17:03दरसल ये जो सडक है
17:05ये पुराने शहर की सबसे व्यस्त
17:08माने जाने वाली सडक है
17:09जो उज्जयन के कंठाल चौराहे से
17:12शुरू हो करके छत्री चौराहे तक जाती है
17:14सामने अगर आप देखे तो वो छत्री चौराहा है
17:17और यहां तक इस सडक को चौरी करन इस सडक का होना है
17:21सडक को चौरा किया जा चुका है
17:23और इस सडक के बीच बे जितने भी धाचे थे
17:26धार्मिक धाचे भी थे कई और बाकी थे उन सभी स्ट्रक्चर्स को हटा दिया गया है जिसके पाथ ये सड़क
17:3350 फिट चौड़ी हो गई है दूसरी तरफ अगर आप देखे मेरे बाई तरफ तो यहां से इस सड़क के
17:39चौड़े होने के बाद की तश्वीर आप देख सकते हैं
17:41यह पूरा इलाका अगर आप देखें जो इमारते टूटी हुई आप देख रहे हैं सामने यह इमारते जो टूटी हुई
17:48है यह चौड़ी करण प्रोजेक्ट के तहत इन इमारतों को तोड़ा गया था और यह जो पूरी इमारते हैं तकरीवन
17:54500 से जादा इमारते इस सड़क
17:56के चौड़ी करण के प्रोजट के तहट आ रही थी तो इस सड़क को जब 50 फिट चौड़ा करने की
18:01बारी आई तो इनको अब आप देखें सड़क की तस्वीर यह 50 फिट चौड़ी हो चुकी है और यह सड़क
18:08अब चौड़ी हो जाना के बाद की स्तितियम आपको दिखा रहे ह
18:12क्योंकि अभी मंदिर का विवाद है इसलिए भीड़ आपको जादा दिख रही है।
18:15अब सवाल है कि इस सड़क को चोड़ा करने की जरूरत क्या थी और अगर ऐसा नहीं हुआ तो क्या
18:19दिक्कते हो सकती है।
18:20क्योंकि ये सड़क सिर्फ सिंगस्त महाकुंब में ही महतकूर नहीं हैं बल्कि महाकाल की सवारी इसी रास्ते से जाती है।
18:27जेब ये सड़क कुछ ओड़ा क्यूं किया जा रहा है? ये भी हम आपको बता देतें कि जरूरी क्यूं है।
18:32दरसल इस जगे से हर साल सावन सोमवार पर और भाद्र पक्ष के जो दो सोमवार होते हैं उसमें महाकाल
18:41भगवान की सवारी निकलती है पाल की निकलती है इसी सड़क से और फिर वो यहां से गोपाल मंदिर जाती
18:47है वहां पे हरी और हर का मिलन होता है और फिर उसके बाद वो म
18:55पुम्ब का मिला लगता है सिहस्ट का मिला लगता है उज्जैन में तो इस सड़क पर बड़ा यातायात का दबाओ
19:01बन जाता है खासतोर से ये जो पूरा हिस्सा है ये उज्जैन रेलवे स्टेशन से या देवाज गेट जो बस
19:08स्टेंड है वहां से होता हुआ एक सीधा रास्
19:22से बन जाते हैं सिहस्त के समय और ऐसे में यहां पर कंजेशन ना हो लोग आसानी से बड़ी संख्या
19:29में सड़क का इसी इस्तमाल कर सके उसके लिए ही इस सड़क के चोड़ी करण का प्रोजेक्ट लाया गया था
19:36इसलिए उज्जैन में इस सड़क को चोड़ा करने का प्रस्ताव बना काम शुरू हुआ लेकिन मंदर पर आकर बात अतक
19:42थी
19:42प्रशासन की तरफ से तो मंदर के लिए दूसरी जगह जमीन भी दे दी गई थी
19:46और वहां तो मंदर का धाचा भी खड़ा हो गया था
19:48लेकिन अब ऐसा लगता है कि इस नई जगह पर ये पुराना मंदर स्थापित नहीं हो पाएगा
19:54उज्जैन के खड़े हनुमान मंदर की प्रतिमा को हटाने के लिए जहां एक तरफ विवाद चल रहा है
20:00तो इस बीच आज तक पहुँच गया है उस जगह पर जिसे चिन्नित किया गया है
20:06खड़े हनुमान की प्रतिमा के नए मंदर के रूप में
20:10हम एक्स्क्लूजिव तस्वीरे आपको दिखा रहे हैं उस चबूत्रे की जो बनाया गया है
20:16खड़े हनुमान मंदर की प्रतिमा को छत्री चौक के पास से हटा करके
20:20उज्जेन के तंकी चौक चौराहे पे ये नई व्यवस्था की गई है
20:26खड़े हनुमान की प्रतिमा जब वहां से हटाई जाएगी तो उसे इसी चबूत्रे पे स्थापित किया जाएगा
20:34और ये प्रशासन ने पूरी व्यवस्था यहां पहले से ही कर दी थी आप देख सकते हैं जन्माश्टवी पर यहां
20:40पे यह हार फूल वगेरा सब लगा दिये गए थे और प्रशासन की पूरी तैयारी थी कि प्रतिमा जब छत्री
20:46चौक से हटेगी चौड़ी करण प्रोजेक्
21:02हुआ है तो यह चबूत्रा बंके तैयार खड़ा है अभी इसकी छत तैयार नहीं की गई है लेकिन आननफानन में
21:09यह तैयारियां की गई थी लेकिन जैसे ही विवाद बड़ा तो अब यह जगे तो खड़ी है चबूत्रा खड़ा है
21:15यह नया मंदिर होगा अगर आप देख
21:32मंदिर शिप्ठ हो रहा था तो मूर्ती उत्तर मुखी स्थापित की जा रही तो लेकिन अब पुजारी भी अड़े कि
21:37अगर सबकी सेहमती हुई और मंदिर के साथ मूर्ती भी शिप्ठ हुई तो वहां धक्षण मुखी ही स्थापित की जाए
21:43पहली मांग तो यह कि प्रतिम
22:00अभी तयार किया गया है उसमें जो चबूत्र बनाये गया है प्रतिमा के इस्थापना के लिए वहां पे उसका मुख
22:08अभी किसतरफ है
22:09वहां जो है जो जब सबसे पहले जब शुरुवात हुई थी कि प्रतीमा को वहां पर इस्थार्पित किया जाएगा तो
22:16सभी विद्वानों की राय लेके उसको उत्तर मुखी करने का विचार हो चुका था
22:20मंदिर की प्रतीमा जो है अभी दक्षिन मुखी जिसकी वज़े से इसका मूल स्वरूप है और इसका महत्व भी है
22:26दक्षिन दिशा का महाकाल दक्षिन मुखी जो तिरलिंग है और हनुमान जी की प्रतीमा भी दक्षिन मुखी उत्तर मुखी इसलिए
22:33हमने उसे बदलाव किया
22:49और लोट रहे दे दक्षिन की ओर तो इसलिए दक्षिन मुखी का महत बज़ा तो हमने भी उसको बदलाव कर
22:56दिया कि अगर इन केस सबकी सहमती सबकी समन मैं से अगर इनको वहाँ पे शिफ्ट किया जाएगा तो भगवान
23:05दक्षिन मुखी ही रहेंगे
23:06ये सब तब होगा जब ये प्राचीन हनुमान जी की मूर्ती अपनी मूल जगह से विस्थापित की जाएगा
23:11हाला कि अभी के जो हालात हैं उन्हें देखकर लगता नहीं है कि प्रशासन के लिए अब ये सब करना
23:17आसान होगा
23:17रवीश पाल सिंग आज तक उज्जैन
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