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भारत मंडपम में PM मोदी-पुतिन की मुलाकात, किन मुद्दों पर हुई चर्चा? देखें दंगल

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00:00ये तस्वीर काफी दिल्चस्प तस्वीर है क्योंकि 2022 के बाद में रशिया युक्रेन वार शुरू होने के बाद पहली बार
00:07ब्लादिमिर पुतिन ब्रिक्स के समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंचे हुए हैं उसके उससे पहले वो किसी अपने
00:14प्रतिनिधी को भे�
00:14पहली बार 2022 के बाद रशियन प्रेसिडेंट ब्लादिमिर पुतिन इसमें हिस्सा लेने के लिए पहुंचे हुए हैं और फिलहाल भारत
00:22मंडपम में जो इनोग्राम समिट चल रहा है इनोग्राम ट्रेट फेर चल रहा है वहाँ पर प्रधान मंतरी मोदी और
00:29रशियन प्रेस
00:42सकते है प्रणे उपादियाए एडिटर ग्लोबल हवारे साथ में जुड़े हुए हैं वो इस वक्त भारत मंडपम में वहाँ पर
00:48मौझूद है इससे पहले 45 मिनिट की बादचीत हुई और उसके बाद इस ट्रेड फेर में दोनों राश्र प्रमुख साथ
00:56में यहां पर नि�
01:11और इन फैक्ट अभी में देख रहा हूं एक नजर वहाँ पर लगी हुई है जहां वो गाड़ी खड़ी हुई
01:15है जिससे प्रधानमंत्री मोधी और रुसी राश्पती यहां पर इस इनो प्रम एग्जिबिशन को देखने के लिए आये थे वो
01:20गाड़ी दो बार आगे पी�
01:36बीच में द्विपक्षी कारोबार तो बढ़ा है लेकिन द्विपक्षी कारोबार के साथ व्यापार घाटा भी बढ़ा है हम तेल बहुत
01:41खरीद रहे हैं लेकिन भारत को जो है यह भारत आयात कर रहा है भारत निर्याद कम कर रहा है
01:46रूस को जिसकी संभावना है अगर भा
01:572030 तक आपको 100 अरब डॉलर के ट्रेड को पहुंचने के लिए भारत को 50 अरब के निर्यात का लक्षा
02:02हासिल करना होगा
02:03इसमें बहुत जरूरी है कि B2B का जो पार्टरशिप है यह जो व्यापारिक के बीच में आपस की साज़ेदारी है
02:09उसको मजबूत किया जाए वो संबंधों को एक नई मजबूती देगा के वर डिपेंस और हाथियारों की खरीद या तेल
02:15की खरीद से
02:16जो संबंधों की मजबूती है वो तो ठीक है लेकिन इसके साथ-साथ जो व्यापारिक स्थर के उपर होता है
02:23और दोनों नेता इस चीज़ से वाकिफ हैं और एक और महत पूर्ण बात ये कि भारत के लिए इस
02:27समय इस पूरे उर्जा संकट इस एनरजी सप्लाइ डिस्रप्शन के वीच में एक बड़ी चंता साहिल खड़ी हुई
02:32वो थी फर्टिलाइजर संकट की और रूस इस बात को से अच्छी तरह वाकिफ दी है रूसी राजपती व्लादिमेर पुतिन
02:51ने भी कई बार इस चीज़ का जिक्र किया
03:05प्रड़ाई एक और एक दिल्चस्प बात आगे बढ़ने से पहले अगर आप हमारे साथ जुड़े हुए तो क्यूंकि जिस ट्रेड
03:10डिफिसिट का आपने जिक्र किया उस बात को लेकर भी थोड़ी अगर हम बात करें क्यूंकि करीब करीब 59 बिलियन
03:15डॉलर्स का ये ट्रे
03:30प्रदान मंतरी मोदी और व्लादीमिर पुतिन के बीच में बाचीत होई होगी नमबर एक नमबर दो भारत और रशिया के
03:37या फिर प्रदान मंतरी मोदी और व्लादीमिर पुतिन के बीच में कूटनीतिक और राजनीतिक रिष्टे काफी गहरे हैं लेकिन क्या
03:44उसका फाइ
03:59करें देखिए रूस के पास तक्नीक है लेकिन रूस के पास में वो प्रडक्शन के पैसिटी नहीं है स्किल और
04:05स्केल का जो मिलन है यह भारत का सबसे बड़ा ओफर है यही रूसी स्किल और भारत का स्केल और
04:12भारत के पास में उस तक्नीक को स्किल और स्केल दोनों की देने की
04:15यानि भारत के पास वो मानव सनसाडन है जो की ट्रेइन होने पर रुसकी फैक्टरियों का उत्सादन बढ़ा सकता है।
04:45लेक्षिरी मार्केट के अंदर भी एक रिक्वार्मेंट है और ऐसे में भारत अपने उत्पादों को जगा दे सकता है अब
04:51जरूरत है कि यह जो राजनीतिक दोस्ती है यह जो जप्पियां है यह जो हैंडशेक्स हैं इन गलवईयों को ट्रांसलेट
04:57किया जाए एक्चुल बि
05:14प्रक्ट्स का रशिया भी करता है क्या इस क्षेत्र में भारत आगे बढ़ पाएगा इस पर दरसल ध्यान रखना जरूरी
05:20होगा लेकिन आप मेरे साथ बने रही है क्योंकि इस वक्त दिल्ली में दुनिया का सबसे बड़ा इवेंट हो रहा
05:24है और भारत ब्रिक्स दोजार च
05:41कंट्रीज को माइनस करके देखे तो ब्रिक्स हो चुका है दुनिया की एक दूसरी बड़ी ताकर ग्यारा सदस्य देश है
05:47बारा आमंत्रिद देश है यूएन समेट पाँच इंटरनाशनल संस्थान है इतने बड़े मंच का मेजबान दरसल हिंदुस्तान है और ब्रिक्स
05:56की
05:56अपनी असली एक अलग से कहानी है लेकिन आज रूस के राजटरपती ब्लादी बिर पुतिन की पियम मोधी के साथ
06:02मुलकात हुई है पियम मोधी ने राजटरपती पुतिन को विख्षात तमिल संथ पिरु वल्लूर की 1332 वाली एक किताब भेट
06:10किये है और आपसी मुलकात म
06:11रूस के साथ आद्योगिक सायोग, रेल सेक्टर, टेनलिंग में सायोग, स्टील वैल्यू चेन का विकास
06:18और जादा बी-टू-बी अफसर याने बिजनस टू-बिजनस अफसर खोजने की तलाज भी उसमें की गई है
06:23रूसी बादार तक हम कैसे पहुँचें, एनरजी, फ्यूएल, कुशल, श्रमिक, मोबिलिक, क्रिटिकल, बिनरल फर्टिलाइजर जैसे एहम मुद्दे भी इसमें तैय
06:32किये गए है
06:32और आब इस वक्त हम देख रहे हैं कि बादचीत के बाद में इनो प्रोम प्रदर्शनी में प्रधान मंतरी मोदी
06:39और व्लादिमिर पुतिन महाँ पर पहुँचे हुए जहां से प्रणय उपाद्याए हमें जानकारी दे रहे थे
06:44मेरे साथ बाकी तमाम मेहमान भी जुड़े हुए मेरे साथ गीता मोहन ग्रूप एडिटर है फॉरेंट अफैस इस वक्त हमारे
06:52साथ जुड़ी हुई है प्रणय उपाद्या है मेरे साथ जुड़े रहेंगे
06:54सिदार थ्यादो भारतिय जनता पार्टी के प्रवक्ता इस चर्चा में शामिल होंगे प्रोफेसर अंशु जोशी प्रोफेसर है स्कूल ऑफ इंटरनाशनल
07:02स्टेडीज जेन युकी वो इस चर्चा में शामिल होगी मेजर जेनल संजे मेस्टन सीनियर डिफेंस अनेलिस्ट
07:07वो भी इस चर्चा में शामिल होंगे आगे बढ़ने से पहले सबसे बड़ी बात इस बाइलेटरल चर्चा के बीच में
07:12होने वाली है जिसका जिक्र इससे पहले प्रणाय और मैं कर रहे थे उसी बात को मैं आगे बढ़ना चाहूंगा
07:18क्योंकि अब ये 45 मिनिट की बाच्च
07:33करके जोर दे सकते एक जो उनके संबंद है उसके आधार पर भारतिये प्रोड़क्ट्स रशिया के भीतर जादा बेचे जाए
07:40या इंपोर्ट किये जाए उसको लेकर पेमेंट मेकनिजम को लेकर इन्वेस्टमेंट टार्गेट्स को लेकर और ट्रेड एग्रिमेंट्स को ल
08:03कर सके तो इसमें बारत कहां तक ले जा पाएगा इस रिश्टे को
08:08आपके सवाल मेरे से है
08:12हलो जी आप से
08:13जी जी
08:14यी आप से सवाल है सुरीज गोल जी अगर मेरी आवाज आठे आवे
08:19आपको देखें मैं यहाँ पर
08:21एक छोटी सी चीज कहना चाओंगा
08:23और यह में अपना जो तज़रूबा है मेरा मैंने 40 साल के अपने टर्लमाटिक करियर में 30 साल मैंने ट्रेड
08:32एलेटीद इसको देखा है चाहे वो साथ-प्रिका में रहे हूं या एजिप में रहे हूं या
08:40साथ इस्टेशिया में मलिशिया और सिंगपर में रहे हूं मैंने ज्यादा सर्टेशिस को देखा है देखे मैं यहां पर एक
08:48चीज़ कहना चाहूंगा कि ट्रेट सर्प्लस किसी भी कंट्री के फेवर में होना एक बड़ी नैच्रल सी चीज़ है ज़्यादा
08:59इंपोर्ट करेग
09:01वो होता है और डिपेंडिंग अपॉन कि हमारी जरूरत कहां पर ज़्यादा है ट्रेट सर्प्लस ज़्यादा भी हो सकता है
09:09कम भी हो सकता है अगर हम रश्या की बात करें रश्या से हमारे ज़्यादा तर जो इंपोर्ट है वो
09:15एनरजी रिलेटिर है पेट्रोलियम गूट औ
09:19और हम पेट्रोलियम लेकर के अभी हमने फोड़ा सब सरते पहले
09:22रिफाइंड ओल प्रॉड़क्टी हमने स्पोर्ट करने चुरू कर दिये
09:25तो अगर हमारा ज़्यादा तर इंपोर्ट ओल है
09:28तो अगर हमारा बैलस काफी नेगेटिव है
09:32उसमें हमको ज़्यादा ताज्यूब करने की या परेशान होने की
09:36कोई ज़्यादा जरूत नहीं है
09:38दिक्कत तब पेशाती है कि अगर ये जो ट्रेड इंपैलेस हैं
09:43ये फिनेशल डेफिसित में बदल करके
09:45फिनेशल इंफ्लोज जैसे की रेश्या के साथ भारत पहले ट्रेड था
09:50तो बड़ा भाली एक रूपी बैलस रेश्या के पास में इकठा हो गया था
09:54क्योंकि हम इंपोर्ट ज़्यादा करते थे और उसके एवस में हम उनको
09:59रूपीज में पेइमेंट करते थे यह तो काफी तिकत होगी थी यह मैं इसमें चीज कहूंगा कि एक जरूरी
10:05चीज और आपको सब्सक्र भी किया इंवेस्टमेंट हमको चाइना और रेश्या दोनों से ही मिलकर के
10:12बात्चीत करनी पड़ेगी कि रिवर्स में अगर रेश्या से और चाहिना से इंडिया में इंवेस्टमेंट इंफ्लोज हो और इंवेस्टमेंट ऐसे
10:22एरिया दो हो जहांपर की दोनों को ही फायदा हो तो मेरे खाले उसमें हमको ज़्यादा दिकत नहीं हो चाहिए
10:30एक तो �
10:31बात यह है और मेरे खाल इसलिए अगर रश्या से बात्चीत होगी इंवेस्टमेंट और ट्रेड यह दोनों इकटी बात होगी
10:37उनको अलग-अलग नेक्टिया चाहिए दूसरी चीज जो है एनर्जी सिक्योरिटी जी जी आप कहें एक चीज को लेकर मैं
10:48दोबारा आपके प
11:00बात पर आऊंगा जो जिसका मैंने जिकर प्रणाय उपाध्याय के साथ किया था कि जो मैनुफैक्चर प्रडॉक्ट्स का एक बड़ा
11:06मार्केट रश्या के भीतर है सैंक्शन्स के वज़े से क्या वहां पर भारत कहीना कहीं शिरकत कर सकता है क्या
11:12उस पर मुझे बात करनी है
11:13लेकिन उससे पहले मेजर जनरल संजेब मेस्टन एक बहुत बड़ा हिस्सा रक्षा का है और अभी पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर
11:20के समय रश्या से आयात किया हुआ S-400 हमें बहुत कारगर साबित हुआ पाकिस्तान से मकाबला करने के लिए
11:28हमारी सुरक्षा करने के लिए
11:29और इसकी शुरुआ दोजार सोला के ब्रिक समिट के दौरान हुई थी जब हमारा करार हुआ था रश्या के साथ
11:35में S-400 को लाने के लिए
11:36क्या उस क्षेतर में यानि ब्राम्बोस का अपक्रेडेशन हो सू फिफ्टी सेवन फाइटर जेट्स का इंपोर्ट हो या उसका लाना
11:44हो इन सब चीजों को लेकर भी क्या हम आगे बढ़ सकते हैं इस बातचीत के जरी हाला कि यह
11:49दूसरी बातचीत है S-CIO समिट के बाद त�
12:03जो है यह अपना S-500 वो लेटेस है अपग्रेड है उसके लिए भी मेरे को लगता है बातचीत होरी
12:10होगी और हो सकता है S-400 में ट्रांसफर ऑफ टेकनोलोजी की बात होगी और हो चुकी होगी क्योंकि देखिए
12:17ब्रहमो से एक बड़ा लाइफ एक्जामपल है और AK-203 एक ब
12:33हमसे खरीद रहे क्योंकि कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन इंडिया में काफी चीप पड़ेगी और यहां लेबर के फाइदे हैं सब कुछ
12:41हमारे फाइदे हैं तो उस लियाज से मेरे को ये एक बड़ा एडवांटेज दिखता है जा तक S-57 का
12:46सवाल है देखे S-57 तो एक फाइ�
12:50है जो ट्विन एंजन वाला है आज की तारी में भारत के पास तक्रीबन 30 स्कॉर्डरंस हैं जबकि 41.5
12:56होने चाहिए तो हमारे पास डिफिशेंट है येस हमने एमका प्रोजेक्ट के बारे में बात किये वो चलेगा लेकिन उसको
13:02बनाने में बहुत समय लगेगा तो जो फिल
13:20है उसके पर बात की जा सकती है दूसरा है जो स्यू थर्टी उसकी अपग्रेड लेटस वर्जन क्योंकि वह बहुत
13:27चुरूरी स्यू थर्टी एक बहुत अच्छा जहाद है मैंने कुट 2017 में इंडिन एफोस पाइलिट के साथ जहाद में किया
13:34था जी फाइव तक तो कहने का म
13:48अच्छान यह मिजाइज ने कितना डैमेज किया था और यह बोस्ट ओर देम वर पैरेड यह स्यू थर्टी में तो
13:53उसकी अपग्रेडेशन होने की पूरी संभावना है एक और नई टेक्नॉलजी जो अभी चल रही है स्यू सेवेंटी फाइव यह
14:01सिंगल सीटर एक एरक्रा
14:16टाइम लगेगा और उसमें आपको पता है सबसे वड़ी अर्चन तो एंजिन हो जाती है सैफरन के साथ बाचीत हुई
14:22है रोज रॉइस के साथ बाचीत चल रही है तो कहने का मतब है वो प्रजेक्ट थोड़ा लॉंग टम टाइम
14:29कंजूमिंग है तो इंटरम के लिए कुछ
14:32हमें ऐसे फाइटर एरक्राफ्ट चाहिए जैसे स्यू फिफ्टी सेवन वगरा मेरे को लगता है उसकी संभावना है फिर मल्टी ग्रेड
14:40ऑल राउंड ये मी सेवेंटीन एरक्राफ्ट ये जो हेलिकॉप्टर है उसकी भी संभावना है मिलने की या बाचीत होने की
14:48क्योंकि �
14:49है कि आज भारत ने डाइवर्सिफिकेशन बहुत किया है लेकिन तो भी प्रेट के मामले में हमारे पास सबसे रिलाइबल
14:55ट्रस्टेट फ्रेंड हमेशा रश्याराइबर में ब्रिक्स बिजनिस पोरम में भी व्लादिमिर पुतिन और ररेंड रमोदी शिरकत करेंगे वहा
15:19पर शेकत करने वाले है उसके साथ बाकी देशों के प्रमुब्क भी इस बिजनिस फोरम में शेकत करनेवारे जल्दीसरण फण
15:26उपाथ यहिंसर है ज्सके जानकारी लेता है और और कौञ राश्टर प्रमुख इस बिजनिस फ्रम में मोधी और पुतिन के
15:33साथ वहांपर दि
15:49यहां पर आभी तक वो भी जो बिजनस काउंसिल है उसके एड्रेस के लिए यहां पर मौजूद होंगे और एक
15:56कोशिश होगी कि
15:57एक साजहा स्वर के अंदर जो बिजनस कोलाबरेशन है उसको लेकर एक मेसेजिंग दी जाए क्योंकि बिजनस काउंसिल एक मजबूत
16:03संस्था है जो कि बिजनस की साल भर की बैठकों का हिस्सा होती है उस प्रक्रिया का हिस्सा होती क्योंकि
16:08बिजनस की साल भर की बैठकों का हि
16:21ही है जब लीडर्स मिलते हैं इस तरीगे की बिशिधी फोरूम के अंदर तो वो
16:24यह जानना ही है यह दिरेक्शन देना चाहता है कि राजजेति खसेमती के
16:28साथ हम यह सारी संभावनाएं कोशिश कर रहे है यह सारी चीज़ें
16:47भी होने की गुझाईश की जा रही है कि
16:49multi currency payment system को लेकर
16:51dollar पर जिस तरीके से
16:53अभी भी प्रभाव पूरे
16:55दुनिया की लेंदेन का
16:57या trade का है
16:59उससे हट कर एक multi currency
17:01payment system को लेकर भी बाचीत यहां पर चल रही है
17:03क्या इसको लेकर भी मामला आगे बढ़ सकता है
17:05BRICS currency की भी बात इससे पहले
17:07कई बार की जा चुकी है
17:082023 के अंदर जोहानेजबर की जो BRICS बैटा कोई थी
17:11उसके अंदर finance ministers को यह mandate दिया गया था
17:14कि BRICS currency या BRICS
17:16interbanking जो payment systems है
17:18वो बनाए जाए लेकिन अगर आप देखें
17:20तो इसको काफी हद तक भारत
17:21लीड कर रहा है क्योंकि भारत का जो
17:24UPI payment system है
17:25जो कि दुनिया के अब कई देशों के अंदर
17:27इस्तमाल हो रहा है या भारत की
17:29interoperability agreements है वो एक बहुत अच्छा
17:31model है जो national currency
17:33payments है उसके लिए यानि एक तरीके से
17:35payment interface है आपको किसी third bank की तरफ
17:37जाने की ज़रूरत नहीं है साथ ही इनो प्रॉम के अंदर
17:40एक बड़ा सा display लगा हुआ है जिसमें आपको
17:42rupee and ruble के signature है यानि भारत और
17:44रूस जो rupee ruble trade कर रहे है
17:46उसको कैसे बढ़ा रहे हैं साथ ही
17:48rupee ruble trade कर रहे हैं इसके साथ ही
18:02चीन के साथ भी वो rupee yen के trade में कर रहे हैं तो एक
18:05inter का इंटर का जो intra-bricks और interchangeable
18:09inter-currency जो treatment है उसके साथ में पेमेंस करके गेट में बनाएगा
18:14ब्रिक्स बिजनस फोरम से हम यहां पर दिखा रहे हैं और भारत के
18:18पियूश गोल बारत के commerce minister वानिज्य मंतरी उसको संबोधित कर रहे हैं
18:22पाच राष्टर प्रमुख मंच पर बैठे हुए पियूश गोल क्या करें वो जरा सुन लेते हैं
18:27Mr. Mauro Vieira, Minister of Foreign Affairs of the Federative Republic of Brazil
18:34Chairs of BRICS Business Councils and the Women's Business Alliance
18:41Distinguished Ladies and Gentlemen
18:44It is my profound privilege to welcome Your Excellencies to the Leader's Session of the BRICS Business Forum
18:55During India's Chairship, we have been driven by a clear purpose
19:02to achieve more balanced trade among our countries
19:07and to explore the expansion of trade in services across the BRICS family
19:16Under the visionary leadership of Prime Minister Narendra Modi
19:22India remains committed to ensuring that this cooperation reaches those who form the backbone of our economies
19:34It must benefit our farmers, empower our women in business and beyond
19:44and provide greater opportunities for wealth and prosperity to our young entrepreneurs and MSMEs
19:55With over 2,000 business leaders and delegates from member countries and partners gathered here today
20:04This is the largest BRICS Business Forum ever held
20:18The Forum has taken up issues such as non-tariff barriers impacting global value chains
20:27agriculture and agri-technology, services trade, women-led enterprises and the digital economy
20:38The BRICS Business Council has completed its annual report with over 44 recommendations
20:47The BRICS Women's Business Alliance met over the last two days
20:53and has set the path for a greater role for women-led businesses across BRICS countries
21:02The growing relevance of BRICS is reflected in our trade performance
21:09Merchandise exports from BRICS countries to the world increased from about $900 billion in 2003
21:20to now nearly $6 trillion in 2024
21:25raising our share of global exports from about 12% to now nearly 24%
21:40This remarkable expansion demonstrates the scale of the BRICS market
21:47and our potential to deepen trade further in the years ahead
21:54Our task now is to translate this momentum of growth into stronger intra-BRICS trade
22:04more resilient supply chains and greater opportunities for our businesses
22:11Friends, your presence tells our entrepreneurs that their part in this undertaking is understood and supported
22:25And I thank our excellencies for their support, encouragement and motivation
22:35to all of us and beyond in the business world
22:39The forum looks forward to your guidance, excellencies
22:44Thank you very much
22:46Namaskar
22:47And all the very best
22:53Thank you, Minister Goyal, sir
22:55Excellencies, distinguished leaders and guests
22:58We will now hear brief reports from the thematic sessions of the BRICS Business Forum
23:03We begin with Ms. Busi Mabusa, Chair, BRICS Business Council, South Africa
23:10And former board member of the Industrial Development Corporation
23:16Presenting the key takeaways from the discussion on promoting agri-products and agri-tech start-ups in BRICS
23:24Thank you, Program Director
23:27Excellencies, distinguished leaders
23:32BRICS Business Forum
23:37BRICS Business Forum
23:59BRICS Business Forum
24:02Thank you, and of course we will try to BECAUSE
24:03This happened here for the BABON
24:05There will be a shift
24:07And there will be a shift
24:08Do Clam Samkatt
24:09In this time we are seeing a quad
24:11that we will see
24:12Quad-type of the stuff that has happened
24:13The deal was there
24:13So, Australia
24:13Japan, Brazil
24:14And the United States
24:16which made a quaderuncle
24:18made a square
24:19Quad global forum
24:20Yes, we will see
24:22Now, once more
24:22We can take out a break
24:24Again, we will see
24:25Global South
24:25We will try to make a break
24:27And we will try to make a break
24:27Absolutely, which is a break
24:29And we will try to make a break
24:42यहां पर क्यों नज़र आ रहे हैं?
25:01और विश्व के कोने कोने से ग्लोबल साउथ का प्रदिधित्व करते हैं तो आप ब्रजील से आईए एफ्रिका से फिर
25:06एथियोपिया हमको दिखाई परता है फिर और इधर आगे की तरफ आएं तो हम हमको इसमे फिर एजिप्ट, एरान, साओधी
25:13और युएई जैसे मेंबर �
25:15नजर आते हैं जो की नए मेंबर नेशन हैं चीन, रश्य और भारत, साउथ अफ्रिका पहले से ही ब्रिक्स के
25:20पार्ट रहे हैं और लेटेस्ट मेंबर नेशन के रूप में इंडनेशिया के साथ साथ साथ इस्टेशिया तक बिक्स प्लस का
25:25विस्तार हो चुका है तो बहु�
25:48इस पूरे बिसनस पोरम को संबोधित किया था तब उन्होंने विमें लेड डिवलप्मेंट की बात की ती और यह देखना
25:54बड़ा सुखद है यह आवश्य बताना चाहती हूं कि भारत के लगबग 2,20,000 स्टारट अपस में आधे से
25:59जादा स्टारट अपस ऐसे हैं जिसमें
26:00एक नेक महिला की भागीदारी है तो यह भी एक मत्वपुन गोल है जिसको ब्रिक्स के मंच से भारत समे
26:06तमाम जो सदस्य देश है वो बढ़ावा देने का प्रयास करें अब इसमें बात की जारी है कि कैसे एक
26:11दूसरे को सुलब मार्केट एक्सिस दिया जाए जो रेगुले
26:30भारत की तरफ से प्रोफेशनल मोबिलिटी को प्रमोट किया जाता है तो फिर जो यह ट्रेट डेफिसित हैं को बैलन्स
26:36पे आता हुआ दिखाई पड़ेगा यह एक उधारन में आपको बता रही हूं और यह ब्रिक्स का जो उफर करने
26:42के लिए है वही चीज रशिया से आफ
26:57मिक्ता के तौर पर देखा जा रहा है निश्य तौर पर साही रेड़े कि भारत यूपी आई में ग्लोबल लीडर
27:05बनकर भारत ने डिजिटल पेमेंट्स दुनिया में कैसे हो सकती है उसका एक बहुत सॉलिड उधारन पूरी दुनिया के सामने
27:11रखा है पूरी दुनिया जि
27:16दिखाता है कि भारत के एक इंडिजिनिस टेकनोलोजी पूरी दुनिया के वैश्विक मज पर एक डिजिटल सीमलेस पेमेंट मेकैनिजम कैसा
27:23हो सकता है वो उसका एक मुझे लीडर बोर्ड के रूप मेर भारत नंबर वन पर दिखाई दे रहा है
27:29पर इसे भी बहुत महतोप
27:45ही अदि हमारी दुनिया की वो तै करने वाली है कि दुनिया को कैसे चलना है क्या चलना है तो
27:50उस उस दौर में उस समय में भारत इसकी मेजबानी कर पा या और भारत बहुत मजबूती के साथ उस
27:56मुझे को कर रा है बुझे लगता है कि एक तेश के POL
27:58आते हम सब के लिए बहुत मैतोपुण है, एक बात की बात्ची जो नहीं हो पारी है, वो यह है
28:03कि BRICS की मेजबानी भारत के पास पूरे एक वर्ष की है, यह दो दिन तीन दिन की समिट नहीं
28:08है, लगभग साढ़े तीन सो मीटिंग्स इस पूरे साल भर में हुई है, जो जैप
28:13जैपूर कंसेंस हुआ, मुझे लगता है कि BRICS के इतिहास में सबसे बड़ा, अगर कोई कॉई कॉंक्रीट कंसेंस हो पाया,
28:19तो इस बार का जैपूर कंसेंस हुआ, भारत के MSMEs के लिए, इन्वोइस डिस्टाउंटिंग मेकेनिजम, BRICS के देशों ने अडॉप्त
28:25किया, औ
28:40उसके अतरिक्ट भी जिस प्रकार से एक Global Value Chain Action Plan, जो हमने 2026-2030 का एडॉप्ट करने का
28:45काम, इसी BRICS की मेजबान मी किया, वो बहुत महतुपूर है, तो भारत की leadership में सबसे जादा देशों का
28:51पार्टिसिपेट करना, सबसे बड़ा BRICS का सम्मेलन होना, सबसे जादा बिजनस
28:55का साथ में आना, और सबसे पॉंक्रीट बिजनस ओर्येंटेड भारत ओर्येंटेड डिसिजन्स होना, मुझे लगता है कि यह दिखा रहा
29:03है, यह दर्शार रहा है, कि भारत इतना मजबूती के साथ इस ऑपरचुनिटी को ग्रैस्प कर रहा है, पुरी वैश्मिच
29:09स्थिती
29:22में सिर्फ भारत के लिए नहीं, तो भारत के साथ-साथ चीन और रश्या के लिए भी काफी एहम बनता
29:28जा रहा है, जिस तरीके से अमेरिका की दादागिरी को लेकर पूरे यूएन में बाच्चित हो रही है, अलग-अलग
29:33डेशों में बाच्चित हो रही है, उसमें ग्लो�
29:50प्रम तयार करने की कोशिश है, लेकिन आज की स्थिती में, जब सभी देश इससे जूज रहे हैं, तो क्या
29:56इसको इस तजर से भी हमें एक तरीके से देखना चाहिए, और जिसकी अगवाई एक तरीके से भारत कर रहा
30:01है, देखे हम बार-बार बोलते हैं कि ब्रिक्स ये एं
30:08नॉन वेस्ट प्लेटफॉर्म है ये, तो उसमें कई बार ये स्निधाना बड़ा मुश्किल हो जाता है, कि नॉन वेस्ट और
30:17एंटी वेस्ट में फरक क्या है, क्योंकि अगर नॉन वेस्ट है, नेचरली जो प्रियरिटीज हैं, जो हमारा एजंडा है, वो
30:24जरूरी नहीं है
30:25कि वेस्ट का एजंडा है, उसे कंपैटिबल हो या उसे मिलता दिलता हो, तो मैं ये कहूंगा कि ब्रिक्स का
30:33जो अगर देखा जाए प्लेटफॉर्म, सबसे बड़ी बात ये है कि हमने पहले भी कहा है, जीट मुर्टी के टाइम
30:39पर भी कहा था, कि ग्लूबल साउथ है, बह
30:46एक बहुत बड़ा कंज्यूमर एरिया है, तो जब तक डिवलप्ट कंट्री जो जाज़तर वेस्ट में हैं, वो इस एरिया से
30:56मिलकर के काम नहीं करेंगी, कॉपरेट नहीं करेंगी, एकॉनमी में कहीना कहीं फ्रेक्शर या फ्रेग्मेंटेशन होने का खत्रा रहेगा, और
31:16और रिफ्रेम करता हूँ, मेरा सवाल में थोड़ा सा रिफ्रेम अलग तरीके से आपके सामने रखने की कोशिज़ करता हूँ,
31:24एक वक्त था कि जब बाइलेटरल तरीके से पूरे दुनिया की राजनीती चलती थी, उसके बाद सूविट रशिया के खंड
31:32हो झाने के बाद �
31:33एक तरीके से यूनिलैटरल तरीके से पूरे देश, दुनिया की राजनिती चल रही इस तरीके से देखा गया था, वर्ल्ड
31:39ओर्डर उस तरीके से जा रहा, इस तरीके से देखा जा रहा था, क्या ब्रिक्स समिट को इस तरीके से
31:44पारफुल बनाना एक बार फिर, क्या हम इसे
31:48multilateralism की तरफ लेके जा रहे है, multipolar की तरफ लेके जा रहे है, इस तरीके से हम इसे देख
31:52सकते है क्या, जिसमें रशिया, चाइना और भारत की बहुत बड़ी भूमिका होगी.
31:56देखें ऐसा है कि वो जो टाइम था कि आप इंडिपेंटेंट नेशनलिस्टिक एटीचूट के साथ में अपनी पॉलिटिक्स या अपने
32:07फॉरन पॉलिशी मैनेज करेंगे, वो टाइम दूर हो गए हैं।
32:12आजकल हम बोलते हैं कि यह जमाना है प्रिवी लेटरिजम का, मल्टी लेटरिजम का, कंट्रीज को आपस में कॉपरेट करना
32:20पड़ेगा, इसके अलावर कोई आप्शन नहीं हैगी. तो ब्रिक्स की बात कर लीजिए, आप जी ट्वंटी की बात कर लीजिए,
32:27यह सब जो प्
32:42इंट्रेस्ट और चाइना का इंट्रेस्ट कहां इन में कॉमनालिटी है, ताकि हम तीनों ही इकठा होके काम कर सके हैं.
32:49मैं एक्जामपल देता हूं, देखिए. रश्या से हम ओयल खरीते हैं, इंडिया में प्रोसेस करते हैं, रिफाइन करते हैं. वो
32:57रिफाइन ओयल जरूर
33:10कंट्री प्रिलेटरल कॉपरेशन करकी हरेक्टे फाइदी की बात कर सकते हैं. तो ब्रिक्स जो फोरम है, इसमें चाइना है, देखिए.
33:19चाइना इसमें मेजर मेनिफेक्ट्रिंग सेंटर. तो अगर चाइना खाली अलग होकी काम करेगा, तो उसो डिकत होगी. तो चाइना क
33:39साथ एक बड़ा डिप्लमेटिक जेश्चर किया है, मैं इस चीज़ को नहीं मानता हूँ. चाइब ब्रिक्स की सम्मीट इंडिया में
33:47होती, या ब्रिक्स की सम्मीट ब्रेजील में हो, कहीं भी हो. शीचिंफिंग अधर प्रेजिट अफ चाइना विल गो दैर. तो
34:06कि ब्रिक
34:07किया चाइना जो तीन चार मेजर कंट्रीज हैं और अब इरान यहां पर आगया है जनल अनलजी पर इजिप्ट है,
34:15यह सब मेजर कंट्रीज ब्रेजिट साउथ अप्रिका, इस सब मेजर कंट्रीज के पास आपस में कॉपरेट करने के अलावा और
34:23कुई आप्शन नहीं है.
34:37इकरिजम की बात जो की जा रहे थी, उस बात को लेकर भी कहीना कहीं चर्चा जोरदार शुरू होगी, क्योंकि
34:42उसी के आधार पर अमेरिका की एकोनॉमिक दाड़ा गिरी, कहीना कहीं सारे जो दुनिया है वो फेस कर रही है,
34:50इस बात का भी जिक्र यहां पर किया गया, लेक
35:04दशमलब 65 लाख डॉलर की एकोनॉमी, विकासदर 4.8 प्रतिशत, 140 करोड की आबादी है, भारत नमबर दो पर 4
35:14.15 लाख करोड की जीडीपी है, 7.8 प्रतिशत का विकासदर है, और 147 करोड की आबादी है, नमबर एक
35:23की आबादी भारत देश की है, दक्षिन आफरिका, 3.9 �
35:27दो लाख डॉलर की जीडीपी है, एक दशमलब 5 प्रतिशत विकासदर है, 6.4 करोड आबादी लोग यहां पर रहते
35:36हैं, ब्राजील, दो दशमलब 3 लाख की जीडीपी है, 2.3 परसेंट विकासदर है, 21.4 करोड आबादी ब्राजील की
35:47है, और रूस, दो लाख करोड की जी�
35:57काच देश मिलकर जब ब्रिक्स बनता है तो दुनिया की 40 प्रतिशत आबादी का सामना दुनिया के सामने है और
36:03यही ताकत कही न कहीं गलोबल साउथ की दिखाने की यहां पर कोशिश हो रही है लेकिन मेजर जनरल जे
36:08बेस्टने एक और एहम मुद्दा जो मैं यहां पर लाना
36:26से रहा है और कई बार यह कोशिश की गई है उस समिट में खास करके प्रदान मंतरी मोदी ने
36:31कहा था कि एंडलेस वार अंतहीन जुद से वजुद के अंट तक याने वार के एंड तक हमें यात्रा करनी
36:38चाहिए क्या इस ब्रिक्स समिट के जरीए एक बार फिर उसकी कोशिश
36:56चलेंगे और इसी प्रकार प्रेजिडेंट पिजस्किया ने भी प्राइम निस्टर को आगरा किया था कि एरान अब चाहता है कि
37:03पीस और स्टैबिलिटी हो यह जो सप्लाई चेंज है वो डिस्टरप ना हो और साथ ही में प्राइम निस्टर मोदी
37:09ने क्लिरली उनको बोला �
37:10था कि छिपिंग लेंज को खोल के रखना चाहिए और जो इंडियन सी फेरर्स है उनकी सुरक्षा टॉप प्राइरिटी है
37:16तो उन्होंने एक साफ मेसिज दिया था कि जो इंडियन डिप्लोमेसी है जो भारत की इतनी इफेक्टिव डिप्लोमेसी है उनके
37:26जरिये यह जो य�
37:39को बहुत क्लियरली बोला है और देखे यह मेसेज अवेरिका के लिए भी है बार बार प्राइमिनिस्टर ने बोला है
37:45कि यह नो डिप्लोमेसी एक आप्शन है और आज जो इन्होंने गिफ्ट भी दी थी वो टेमिल लाडू वाली वेडाज
37:53वाली किताब उसमें भी यह है कि
37:54इंडियन हिस्ट्री बताती है इंडियन सिविलाइजेशन में जो एक हमारी फिलोसफी है पीस की और डायलोग की वो ही हमें
38:03चाहिए तो भारत से सबको उमीद है और मेरे को पूरी ये भी उमीद है कि भारत अपने लेवल पे
38:10देखे एक है दिखावा जो पाकिस्तान ने किय
38:13था भारत वो नहीं करता है आज प्रेजिडेंट पुतिन भी और प्रेजिडेंट जेलिंस्की भी चाते है ये युद्ध खतम हो
38:20कई देशों ने कोशिश की है तो भारत में दिस्ता तो नहीं कराएगा लेकिन एक अपने गुड आफिस के जरिए
38:27डिप्लोमेसी के तरिए उन
38:42कंट्रीज हैं जैसे अभी आपने देखा यूएई आया है इसमें साओधी अरेबी आया है उनके बीच में भी हम बाचित
38:47करवा सकते हैं इतना तो हम कराई सकते हैं और आपने प्राइम निस्टर और अपने फॉरें निस्टर जलिंस्की को भी
38:55जाके मिले हैं और रूस में भ
39:08अच्छित करवा सकते हैं वो एक बहुत बड़ा पहलू है और मेरे क्याल देखे विश्व का अगर ये सारा अच्छा
39:16प्रभाव पड़ेगा अगर ये सारे वार्ज अंत होते हैं आज ये जो युद चल रहे हैं जारा बड़े अक्षरों में
39:34खबर चलाईएगा प्रदान मं
39:37मंतरी मोदी को रशीया आने का नियोता दिया गया है जो प्रदान मंतरी मोदी ने स्विकार किया है आर्थिक रक्षा
39:42उर्जा क्षेत्र पर मोदी और पुतिन की बाचीत हुई है जिसका जिकर हम लोग इस चर्चा के दौरान भी कर
39:47रहे हैं भारत शांती प्रयास में मरत के �
39:50ये तयार है ये एक बार फिर प्रदान मंतरी मोदी द्वारा कहा गया है इससे पहले भी जिसका मैंने जिकर
39:55किया कि एसी उस-व्यूस पर बिठ के दौरान भी इसी बात को लेकर प्रदान मंतरी मोदी ने लादिमिर पुदिन
40:01से कहा था कि एंडलेस वार को खितम करिये और म�
40:18भी कई बार की बाचीत में प्रधानमंत्री मोधी ने इसका जिक्र किया है और इस बार एहम बात ये है
40:23कि रशिया युक्रेन युद्ध शूरू होने के बाद पहली बार रादिमिर पुतिन ब्रिक्स की समिट पे शिर्कत कर रहे हैं
40:30और इसके चलते पुतिन के रूस आने का ज
40:42जाना चाहेawnगे लेकिन उसे पहले सिढ़ार्थ याद हो एक बार पिर प्रधानमंत्री मोधी ने जिक्र किया क्या है कि इस
41:03बात का जिक्द की अ
41:07जिस प्रकार से महारत का stand सामने रखा है,
41:10वो इस बात को लंबे समय से इस प्रष्ट कर रहा है,
41:12हमने हमेशा अमन की, चैन की, शान्ती की वकालत पुरी दुनिया के इस वैश्विक परिस्तितियों में करी है,
41:17और हमने कहा है कि युद किसी चीज का समाधान नहीं हो सकता,
41:22हमको शान्ती से ही समाधान निकाला जाना चाहिए,
41:24मुझे लगता है कि जिस प्रकार से अभी हमारे आर्मी वेटरन भी आपके बीच में बात रख रहे थे,
41:30ब्रिक्स बहुत बड़ा मंच होगा,
41:31जहां पर दुनिया के ऐसे सभी देश,
41:33क्योंकि दुनिया इस समय एक अशान्ती अस्थिर्टा के दौर में है,
41:37और भारत मेजबानी करते हुए,
41:39भारत एक इस राइजिं स्पॉट जहां पर भारत से वो स्टेबिलिटी को पुरी दुनिया उमीद भी कर रही है,
41:44देख भी रही है, एक्सपेक्ट भी कर रही है,
41:46और हम उसको डेलिवर भी कर पा रहे हैं,
41:48मुझे लगता है कि ये ब्रिक्स की समिट उन मायनों में भी महतोपून होगी,
41:52निश्रित तोर पर दुनिया में जो स्टेबिलिटी है,
41:54उसका अगर स्टेबिलिटी स्थापित होती है,
41:57उसका भारत पर एक इंपैक्ट होगा,
41:58और भारत के मुख्या के रूप में आदरनी पधान मंत्री जी का इनिश्रिटिव या उनके प्रयास,
42:03उनकी अभाव, ये भारत के लोगों के प्रती,
42:06जो स्टेबिलिटी से प्राप्त, हमको शांती से प्राप्त, जो एक सुख़द, एक वातावरन भारत के अंदर भी मिलेगा,
42:14चाहे फिर वो ट्रेड को लेकर के है, चाहे फिर वो सप्लाइचेंस को लेकर के है,
42:17ये मुझे लगता है कि उसको डिलिवर करने वाला काम है
42:22सुरिज गोहल जी क्या रशिया युक्रेन यूथ को अब पीछे छोड़ दिया गया है
42:26क्योंकि इससे पहले हमने देखा था कि भारत के विदेश पंत्री ने भी कहा था कि
42:30भारत अगर रशिया से तेल खरीद रहा है उसका असर यूथ पर तो नहीं होने वाला है
42:34तो हम तो उसको खरीदे रहेंगे
42:35अमेरिका से बार बार इस बात की चेतावनी दी जा रहे थी कि अगर आप तेल खरीदेंगे
42:39तो हम आप पर 100% टारिफ लगा देंगे
42:41इसके बावजूद भी हमने तेल देना एक बार फिर शुरू किया है
42:44और जैसे मैंने पहले समय कहा रहा हूँ कि ब्लादीमिर पुतिन का आना इस ब्रिक्स के समिट में
42:492022 के बाद यूद शुरू होने के बाद पहली बार वो खुद शिरकत कर रहे है
42:53और अब प्रधान मंतरी का कहना की शांती प्रयासों के लिए हम भी आगे बढ़ने के लिए तयार है
42:59देखे मेरे को याद बढ़ता है कि पुतिन ने कहा कि वो चाहते हैं कि ये युद वारता के द्वारा
43:07खतम हो
43:08और उसके लिए शायद वो एक तरह से विलिंग्रिस्ट्री तैयारी की कि हम बाक्चित करेंगे
43:13लेकिन उसके कुसी टाइब के बात में अभी दो-तिन दिन पहले ट्रंप की भी स्टेट्मेंट आई उनका कहना ये
43:19था कि
43:20उनको नहीं लगता कि ये mid term election से पहले युद समाप्त होगा वो बोल रहे हैं अब ये तो
43:28जहां तक मैं समझता हूँ कि इसके बीच में बाक्चित तो जारी रहेगी
43:33एफर्ट जारे रहेंगे कि खतम हो लेकिन मैंनी समझता हूँ कि ये युक्रेन का युद अभी कुछ महीनों में कम
43:42से कम इस साल के आकिर तक कोई खतम होने कि उम्मीद दे तो अगर ये खतम नहीं होता है
43:48ये उमीद रखना कि पूरे विश्ववका ट्रेड एनरजी सप्ला�
43:57जाएंगी कि उसके दबाब में आकर के काम करना बंद कर देंगी ये बेमानी होगी और गलत हो गाई ये
44:03तो इनरजी फ्लोस तो चाहिए आप इराग आप इरान की यहां पर स्केट्स और फॉर्मस बंद कर रहे हैं वहाबा
44:10दिक्कत हो रही हैं यहां पर यूक्रेन से सप्प
44:27वो मोनपली बन जाएगी तो मेरे खाले इसके बारे में ठीक से बास्चित करने की जरूरत है और किसी भी
44:34हालत में हम ओयल सप्प्लाइज को एनरजी सप्प्लाइज को यूक्रेन यूद क्या इरान यूद या स्टेट्स और उसके दबाब में
44:42आगर की नहीं छोड़ सकते है
45:14जी
45:16ही डालनी चाहिए ऐसी सूरत में क्या जॉइन डिकलेरेशन में एक बार फिर यूद समापती के लिए अग्रह किया जाएगा
45:23लेकिन रश्या के होते हुए यह कितना कारगार साबित हो सकता या इसकी कोई गुंजाइश नहीं है इसके बार में
45:28कोई कहने की उमीद आपको नह
45:32हां तक युक्रेन का मामला है मैं समझता हो कि कोई ना कोई फॉर्मिलेशन ऐसा हो सकता है जिसमें की
45:38रश्या को दिक्कत नहीं हो क्योंकि रश्या अगर कोई फॉर्मिलेशन आओ ऐसा हो कि रश्या अपने इंटरेस्ट को सरेंडर कर
45:47रहा है या गिब अप कर रहा है तो दिक
46:02और यह जो युद्ध है यह युद्ध कि सिमित युद्ध नहीं है लिए इसलिए मैं सवाल या पोछा जाता है
46:07जी तो मेरा ख्याल है ड iphone में अगर डिक्कत आएगी
46:12वो युक्रेन युद्ध की नहीं आएगी, वो दिक्कत आएगी इरान की युद्ध की, energy supplies की, और basically इरान की,
46:20और Gulf security, क्योंकि Gulf की security, जहां तक मैं समझता हूँ, साओधी अरेबिया हो, या जॉडन हो, या कतार
46:29हो, या कुवेत हो, सब को अब जो है, अमेरिका, देखे पहले ज�
46:40जोड़ा आपको रोकना चाहूंगा, क्योंकि एरानियन प्रेसिडेंट पेजिश्कियान इस वक बात कर रहे हैं, इस ग्लोबल समिट में, बिसनिस समिट
46:48में, जड़ा सुन लेते हैं, और उसके बाद चर्चा आगे बनाएं.
47:10य्सान बिसनिस कर रहे हैं, इस बड़ार प्रेसिटी बादेशी कर फिर्चा रिघ्टत प्रेस्टिब इस में, इस भी समय करेष्ट लेगिशन
47:19जाष्मार कर रहें, इस वक बात्यों नालिज कर देवारी ज कर लेदाव ऑ्रचा इसले कर रहें, जाना ट्रचेश लेवारी, �
47:40its effects
47:41extend beyond
47:43that country's borders
47:45and can affect regional
47:47stability and even the
47:49global one therefore
47:51by creating resilient capacities
47:54for the
47:55economies of its members
47:57and the global south
47:59BRICS must create an environment
48:01in which no country can disrupt
48:04the legitimate trade
48:05of another country
48:07through manipulizing
48:09incarnating a financial instrument or technology in order to increase
48:13intra-brics trade we must move from fragmented
48:18cooperation towards the gradual integration of trade infrastructure in this regard several measures are of particular
48:26importance including
48:29digitalization and integration of customs procedures and trade facility
48:35Faciliation reduction of regulatory and administrative
48:39फ्र जन्सक्राथ को करें टॉड ये दो जॉड़ नेुड़ ए एका स्ट जॉड झाक येजन प्री जिज़ ओर बाली चाइज
48:46फुड़ ये टो अजू ये झाइज़ खाज़ लेसे, ट्वर्फिज तर बॉड प्री चेरिया इस ये धर देखने फ्यार्श इन ये
49:00सिर्ड ॉट
49:08रस्टמןष connectedúaass�� फचल कीक्रोफदानों क्रyllी बांप ब्रक जाम्टर का फच nhấtुेस्ट कानवश फेस्ट ऋबर्सनिघ्स वांदि न कोनाफ प्रय लगीन जास
49:19प्रॉल
49:19अच्रीन प्रेक्ट चहन इस लो ट rhinogen 강नेशИ्ज ईnn मेंग्स
49:30This step must be accompanied by the establishment of the necessary instruments for managing currency risks and reciprocal settlements.
49:40Since the current financial system is vulnerable to political shocks due to its concentration on a limited number of currencies,
49:50in order to transform trade cooperation into real investment, the new development bank must become the principal engine for financing
50:01infrastructure and energy in member countries
50:05through dedicated credit lines, financing in local currencies, and guarantee instruments for attracting private capital.
50:15Dear colleagues, another specific proposal of the Senate Republic of Iran is the establishment of a BRICS joint reinsurance company
50:24with an initial capital of $10 billion to cover the risks of major infrastructure and energy projects and increase private
50:33sector confidence.
50:35We are also on the threshold of a fundamental transformation in the global economy
50:43with the advent of artificial intelligence.
50:46BRICS should not merely be a consumer of technology, rather it must play a role in knowledge production
50:53and in shaping the standards of the digital economy while at the same time strengthening the cyber security of critical
51:02infrastructure.
51:03Ladies and gentlemen, the BRICS business council must evolve from a forum for dialogue into an executive engine of economic
51:13cooperation.
51:14Its specialized working groups must define specific and measurable projects based on clear indicators such as the rate of growth
51:24in intra-BRICS trade,
51:27the share of national currencies in trade, and the volume of private capital mobilized.
51:33The Republic of Iran, with its outstanding geographical position and energy resources, is prepared to serve as one of the
51:41important links of BRICS economic connectivity.
51:45We believe that BRICS will become a real force in the global economy when our cooperation is reflected in contracts,
51:53factories, ports, and the economic lives of the people of member countries.
51:58The Republic of Iran stands ready alongside all BRICS members to strive towards building a more open, resilient, and equitable
52:07economy.
52:08Thank you for your attention.
52:12May our request, the President of the Republic of South Africa, His Excellency Cyril Ramaphosa, to share his thoughts.
52:21This is the basis of the American region of the U.S. South Africa, America, is an African-American country
52:23in the U.S. North Australia,
52:26in terms of the U.S. North Australia, in terms of the U.S. North Australia, under our ties with
52:32the United States,
52:34which we have a very strong impact because the U.S. North 하나, was at all from the U.S.
52:39North Australia.
52:39And so, that this film should be the most important part of the U.S. North Australia,
52:42which I think is in the United States,
52:43the U.S. North Australia, is the U.S. North Australia,
52:48राशनल करनसी को ट्रेड में कैसे इस्तमाल किया जाए बिरिक्स कंट्री के बीच में इस पर भी पेज़श किया ने
52:53अपनी भूमी का रखे हुई है बहुत एहम बात है सुरिज गोल जी जिसका जिक्र में इससे पहले कर रहा
52:57था पहले आपकी प्रतिक्रिया इस पर और उसके �
53:19लेकिन रियल पॉलिटिक्स के अधार पर अगर मैं देखूं जो अभी ब्रिक्स की मेंबर्शीप है मुझे नहीं लगता है कि
53:28ऐसा कोई कंसेंसस वहां पर आप आएगा तो इसमें जो है इरान को जो एक अनोंने बात करी है कि
53:37इकोनॉमिक इस्टेबिलिटी इकोनॉमिक डिस
53:44के बारे में लेकिन एक कोई एग्रिमेंट होना बड़ी थाड़ मुश्किल लगता है एक चीज़ मैं कहूंगा इस मामले में
53:50खाली कि हम सोचते हैं कि चाइना शायद अगर अपना रोल अदा करे तो उसकी वज़े से शायद एरान में
54:00एक जिद रुप सकता है मुझे नहीं �
54:04लगता कि वो पॉसिबल हो पाएगा क्योंकि जैसा कि मैं पहले कह रहा था कि इरान में डिक्कत अब जादा
54:11तर ये है कि जो गल्फ की कंट्रीज हैं साओधी अरेबिया यूएई कतार जॉर्डन वो सब उनका रवया क्या होगा
54:22उनके लिए कॉमर्श सेक्रिटी क्योंकि उन
54:34कोई जॉइन डिकलेशन में इस यूथ का जिक्र होगा आप कह रहे हैं कि उस पर आपको आशंका है वो
54:40बात अलग है लेकिन जो बड़ी बात पैज़िश्कियान यहाँ पर कहने की कोशिश कर रहे हैं कि अमेरिकन सैंक्शन के
54:50वज़े से कोई एक देश जो एकनॉमिक सूपर
55:04रखना है ये काम ब्रिक्स के जरीए हो सकता है आप नैशनल करनसी के जरीए एक दूसरे से व्यापार करें
55:10तो उसकी डिपेंडनसी कम हो जाएगी एक एक एकनॉमिक सेक्योरिटी की बात पैज़िश्कियन यहाँ पर रखने की कोशिश कर रहे
55:16हैं ब्रिक्स के सदस्य देशो
55:18के लिए प्रोफेसर जोशी क्या ये बात कम से कम इस समिट के जरीए सामने आ सकती है यहाँ पर
55:25दो कूटली तिक मार्थवपून बिंदू है जिनकी चर्चा पैज़िश्किया ने की एक तो वो जब इरान से चले थे उसके
55:31पहले ही वहाँ पर भी उन्होंने इस प्रकार के स
55:45क्योंकि ब्रिक्स का जो फोरम है उसकी जो आत्मा है वो इन तमाम इमर्जिंग एकोनॉमी की फिनेंशल ऑटोनॉमी कैसे अक्षुन
55:51रखी जा सके और यहाँ पर दूसरा बिंदू मात पर पून हो जाता है फिर पैज़श्किया कहते हैं कि यह
55:56जो तमाम मेंबर नेशन से ब्
56:18ब्रिक्स कर रहा है और मैं एक और फैक्ट बताना चाहती हूं साहिल जो एक कॉमन करंसी की बात आ
56:24रही है कॉमन करंसी अभी ब्रिक्स के प्लेटफॉर्म से आना लगभग असंभव है और भारत जैसा देश जो है अपनी
56:30स्वयम की मुद्रा की संप्रभुधा के चलते इस प
56:45परष्या के पाया है छीनिया पारकार का मेकर्री के बैजिल साहुट ऐफ्रिका और आंशले से देशों में इस प्रकार मेकरद्व
57:09हुता है जो करंसी की सोवरैनिटी है उसको यह अक्षोन रख पाएंगे जी साहिं यह बहुत बड़ी बात है सिदार
57:17त्यादव क्या आप भी इस पे कुछ मुद्दा जोड़ना चाहेंगे क्योंकि इसमें भारत की भूमी का आहम रहेगी भारत में
57:21इससे पहले भी नैशनल करं
57:37मिल सकता है और यही बात कहना कहीं पेजशकेंद भी कहने की कोशिश कर रहे है कि नैशनल करंसी में
57:41ट्रेड किया जाएंगे इस बात से एक चीज़ बढ़कर के और आपने देखा होगा कि रश्या और श्रिलंका ने बीच
57:50में एक ट्रेड को रुपी में सेटल किया था यह भ
58:05भारत जिस प्रकार से एक Digital Payment infrastructure बना चुका है और जिस प्रकार से सभी देश उस ओर में
58:11बढ़ भी रहें, चल भी रहें, मुझे लगता है कि इस प्रकार से आपने के बात से मुलाकात करने के
58:19बाद पर प्रधान मंतरी मोदी का सोशल मीडिया पर पोस्ट और उसमें उन्हें क
58:47प्रधान मंतरी मोदी की बुलाकात के बाद यहां पर चला रहे हैं
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