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  • 12 minutes ago
7 साल बाद भारत आएंगे शी जिनपिंग, क्या कम होगा ट्रेड डेफिसिट? देखें विशेष

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00:01नमस्कार विशेश में आपका स्वागत है आपके साथ मैं हूँ अंजिना ओम कशप बात हो रही है ब्रिक्स आयोजन की
00:07और इस महा समित में द्विपक्षे बादचीट जो है भारत के प्रधान मुंत्री और इरान के राश्रपती मसूद पेज़िश के
00:14आन के बीच में वो खत
00:25हो गई है रणे कुछ जानकारी देखिए जानकारी तो नहीं लेकिन चुकि हाल ही में करीब 10-12 दिन के
00:34अंदर ये दूसरी मुलाकात है इरान की राश्रपती और प्रधानमती डरेद मोली की तो निशित रूप से जो बातें विश्केक
00:40में हुई थी उनहीं का एक्सेंशन ज
00:52जरी जरी इस चीज़ का समधान निकाला जाना चाहिए क्योंकि जो नया चोप पॉइंट बनदा है जिसको लेकर इन दिनों
00:57काफी चिंता हैं बाबलमंदेग पे करीब अधन खाड़ी के पास में यमन का वो पॉइंट जहां हूथियों ने कबजा कर
01:02लिया है और लगातार य
01:19जना इसका सीधे तोर पर मतलब है कि सुवेज कनाल के जरीए यॉरप या अमेरिका की तरफ जाने वाला जो
01:24कारोबार है वो प्रभावित होगा साथ ही वो भारत से लेकर चीन तक वो तमाम देश जोंकि ब्रिक्स के भी
01:29सदसे हैं इन सब देशों से निर्याद जो जा रहा है
01:33वो प्रभावित होगा तो निशित रूप से इसको लेकर चिंता हैं पश्यमेश्या के पूरे क्षेतर के अंदर प्रधानमत्री मोदी ने
01:38अपने पिछली बार की चर्चा में भी इसीज का उले किया था बिश्केक में कि पश्यमेश्या में जो संकट उभरा
01:44है उसका एक स्�
01:47तोर पर जो विकाशी लाच्षे वस्ताएं हैं उसके दबाव से गुजर रहे हैं जहां तक चाबार का सवाल है शाहिद
01:52बहिश्ती पोर्ट का सवाल है भारत का कमिट्मेंट उस पोर्ट को लेकर है लेकिन जब तक सुरक्षा के हाला ठीक
01:57नहीं होते हैं किसी भी निवेश को
01:59लेकर आशंकाओं के सवाल बरकरार रहते हैं और यही वज़ा है कि फिलाल जिस तरीके से अमेरिका की मंबारी हुई
02:05है पीते शे महीनों के दौरान चाबार उसके आसपास के इलाकों के अंदर भले ही भारत का बनाया शायद बहिश्ती
02:11पोर्ट सीधे तोर पर निश्ठाने �
02:13पर ना आया हो लेकिन चाबार के पूरे इलाके को टार्गेट किया गया है तो निश्ठ रूप से उसको लेकर
02:18चंता के सवाल भी थे प्रतान मंत्री मोदी के इन उलेक में और साथी सी वेरर्स की सिक्योरिटी को लेकर
02:23जो भारत बार बार आगरा कर रहा है कि बाचीत के जरि
02:40अदराहट या दादागिरी या नाकेबंदी लगाई जाती है तो फिर ये वैश्रिक मेवस्ता के लिए बड़ा संकट खड़ा करेगी
03:06साल था 2019 महिना था अक्टूबर का और तारीख थी 11 यानि आज से करीब 7 साल पहने
03:14और जगे थी कमिलनाडू का ममला पुरू चीन के राशपती शी जिनपिंका भारत में यही आखरी दौरा था और बीते
03:247 वर्षों में वो पहली बार अब भारत आ रहे हैं मौका है प्रिक सम्मिट का भारत और चीन की
03:31कूटनितिक ताकत के इन तस्वीरों की पूरी दुनिया
03:34में चर्चा हुई लेकिन कुछी महीनों के बाद गलवान में भारत और चीन के सैनिकों के खूनी जड़प हुई और
03:40दोनों देशों के संबंधों में कड़वाहाट आ गए
03:44भारत और चीन के कूटनितिक संबंधों पर जमी बर्फ को पिघलने में करीब पान साल लगते दो हजार उन्नीस के
03:51बाद पहली बार शी जिन पेंग और प्रधानमंत्री मोदी दो हजार चौबीस में मौका था रूस के कजान में ब्रिक
03:58सम्मिट का
04:01और तभी ये माना गया कि भारत और चीन एक दूसरे के साथ संबंध सुधारना चाहते हैं
04:07सीमा विवात को लेकर ही गलवान के जड़पे हुई थी लेकिन दोनों मुलकों को लगा कि सीमा विवात को होल्ड
04:12पर रखकर ही आगे बढ़ा जा सकता है
04:15इसलिए वांगी और भारत के NSA अजी डोबाल के बीच मीटिंग भी हुई और उसके बाद कमांडस की मीटिंग भी
04:21हुई
04:25इसके बाद भारत और चीन के संबंधों में थोड़ा और सुधार तब हुआ जब पिछले साल अगस्ट दोहजार पचीस में
04:31प्रभारमंत्री मोदी चीन गए
04:32मौका था चीन के त्यांजिन में SCO की बैठक का
04:36छे साल में पहली बार भारत और चीन के बीच दिपक्षिय वारता हुई हालांकि इंटरनेशनल एक्सपर्ट्स ये भी मानते कि
04:44ट्रंप ने दुनिया के बाकी देशों को ये मौका दिया कि वो अपने मध्भेत छोड़कर अपने साजा हितों की बात
04:49करने के लिए एक मेज प
05:06भारत ने चीनी बिजनिस प्रोफेशनल्स के लिए वीजा प्रकरिया में कुछ धील भी दी इसी साल मार्च में भारत ने
05:12चीनी निवेश पर लगाई कुछ पाबंदियों में धील दी ये पाबंदिया गलबान में हुई जड़पों के बाद लगाई गई थी
05:17चाइना ने क्
05:25की जो बैटरीज है 95 प्रतिशत clean बैटरीज चाइना प्रोड्यूस करता है वो electric vehicles करीब 85 प्रतिशत electric vehicles
05:36टेसला American manufacturer अभी के समय पचासी प्रतिशत electric vehicles चाइना प्रोड्यूस करता है
05:44critical minerals में critical minerals की processing में सारी technology की monopolies समय चाइना की है और solar में फिर
05:55करीब 80 प्रतिशत उसका control है और wind में करीब 77 प्रतिशत उसका control है
06:00तो आप जो देख रहे हैं सारी clean technologies पर चाइना का control है और fossil fuel पर United States
06:07का एक तिहाई control है तो अगर इंडिया को आगे चलके विक्सित भारत बनना है तो इंडिया को इस समय
06:14fossil fuel इंपोर्ट की आवश्यक्ता है
06:17क्योंकि अगर fossil fuel जो हमें इंपोर्ट करते है 180 billion का जब युद्ध होता है वेस्टेशिया में तो वो
06:23बढ़ जाता है और उससे रुपी पर pressure आता है और हमेरी economy को impact करता है
06:28पर आगे चलके हमें clean technologies में आगे बढ़ना है इसलिए चाइना के साथ भी काम करना बहुत आवश्यक है
06:36यानि पिछले कुछ वर्षों में भारत और चीन के बीच जो trust deficit कम हुआ था उसे फिर से ठीक
06:42करने की पूरी कोशिश हो रही है
06:43लेकिन दोनों के बीच trade deficit यानि व्यापार घाटा बढ़ता ही जा रहा है जो भारत के लिए चिंता का
06:50विशे है
06:512020 यानि जिस साल गलवान के जड़पे हुई और सम्मंद खराब होई उस साल भारत का चीन को निर्याद था
06:5816.61 अरब डॉलर और चीन से भारत का आयाद था 63.26 अरब डॉलर
07:16अब भारत चीन से 131.18 अरब डॉलर का आयात कर रहा है तो ये ट्रेस देफिसित कैसे कम होगा
07:23ये भी भारत को देखाना होगा
07:25Revelation
07:45159 billion dollar trade, trade deficit is more than 100 billion dollar, I mean our
07:50exports and our imports, a huge mismatch exists, so we have been trying to, you know, increase
07:57our exports to China so that there can be some trade balance, in that China has to take
08:03a few steps, a few measures, they have to ease their restrictions, trade restrictions,
08:08these are the things on which also, lot of negotiations are going on, on border, of course,
08:13we have a border commission, headed by our NSEA on our side and foreign minister on
08:20their side, they keep talking and recent talks happened just last week in Beijing, we are
08:25engaged with each other on those issues.
08:45तो पूरे छे साल, 11 महीने बाद जनर्र मेस्टान वो आ रहे हैं, पिश्री बार गलवान ने बहुत एक जिसको
08:52कहते हैं, खराब आफ्टर टेस्स छोड़ा था जिसकी वज़े से लंबे वक्त से खटास आ गई और कई बार सरहत
08:57पर हमेशा इधर दर की बात आती रही, आप किस
09:28तरह से देख रहे हैं इसको?
09:29तो वो हमें गेस करता है, मतलब हमारी एक वो हो जाती है कि हम भी गेस करते रहेंगे, इरादा
09:37क्या है चीन का, तो बातचीत भी कर रहे हैं, यह विज़ेट भी हो रही है, सब कुछ हो रही
09:42है, लेकिन हिस्टॉरिकली, आप देख यह गलवान हो गया था, आफ्टर एमदाब
09:58हमें एक कॉशन और बहुत बैलेंस अप्रोच, बहुत केरफुली इसको ट्रीट करना पड़ेगा, कि कल फिर से भोवेश्य में हमें
10:06जटका ना मिल जाए
10:09मुझे लगता है कि चाइना और प्रेजिडेंट शी के लिए ब्रिक्स काफी इंपॉर्टेंट प्लाटफॉर्म है, और ब्रिक्स की डेकलरेशन से
10:18अब वो डिलेवरी पे ज़्यादा फोकस करना चाह रहे हैं, क्योंकि चाइना एक फाउंडिंग मेंबर है ब्रिक्स, तो म�
10:37यह एनफॉर्स्मेंट ब्रिक्स के नए इनिशेटिव है और मुझे जहां लगता है कि सिनर्जी भारत और चाइना में होगी, वो
10:44स्टार्ट आप इनोवेशन फंड रिलेटेड होगी, उसमें फाइनाइंसिंग थू आइधर ब्रिक्स बैंक जिसको न्यू डेलिमेंट बैं
11:04लेकि वो भारत आ रहे हैं, मुझे यह लगता है कि उनका में इंपिटर्स ब्रिक्स को सक्सेस्फुली डिलिवरी कराना है
11:11जनर्मिस्टिंट बस एक आखरी सवाल है कि जब आप देखते हैं ऐसे समूहों को आगे बढ़ते हुए तो सेना वाले
11:20कि सरसे इसको देखते हैं
11:34कैसे हम क्या कर सकते हैं यह फैसले भी भारत के नजरिये से उतने ही बड़े है और पड़ोसी है
11:38यूवी कांट चेंज दा
11:39बिल्कुल एजन आर्मी मैं इस लियास से में देखता हूँ यह वही चीन है जो आज भी अरुनाचल प्रदेश को
11:46अपने मैप पे दिखाता है कार्टोग्राफिक एग्रेशन कर रहा है
11:49तो वही सवाल उड़ता है कैन भी ट्रस्ट मैं खुद नतुला ब्रिगेट कमांड की थी मैं उनकी हरकते महाँ देखता
11:55था ऑन ग्राउंड हम तो उनको साथ डील करते थे
11:58तो इसलिए क्या है कि भारत को अगर चीन के साथ डील करना है हमारी फिलोसफी होनी चाहिए
12:04military capabilities को बढ़ाना चाहिए at the same time border को अच्छी तरह manage करें यह दोनों के उपर निर्वर
12:12है
12:12at the same time trade खोल सकते हैं लेकिन हमको trade deficit भी कम करना पड़ेगा चाइना इंडिया को
12:20हमने इधर भी लगाया हुआ है एक s400 defense system हमने इधर भी लगाया हुआ है हाँ बिलकुल और अभी
12:27हम और बैटरी मांग रहे हैं अभी स्कॉडरन आने वाला है रश्या से के लिए बात कर रहे हैं तो
12:34चीन के साथ मतलब एक बड़ा
12:36चिन तो रहेगा हमेशा तो हमें बहुत कॉशन के साथ आगे बढ़ना चाहिए
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