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भारत मंडपम में 45 मिनट तक पीएम मोदी-पुतिन में क्या बात हुई? देखें खबरदार
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00:01नमस्कार मैं श्मेता सिंग आपका स्वागत करती हूँ रात के आठ बज रहे हैं वक्त है बड़ी खबरों से आपको
00:06खबरदार करने का इस वक्त पूरी दुनिया की नजरें भारत पर लगी है दिल्ली में सजे ब्रिक्स के मंच पर
00:13भारत की अध्यक्षता में इस रूस के रा
00:29परदार कर रही है बता रही है कि जब नियत साफ हो तो दो जानी दुश्मन में भारत जैसी सहमती
00:36होती है इरान के राश्ट्रपती का हाथ पकड़ते हुए प्रधान मंत्री मोदी की तस्मीर उनकी ही बात को सत साबित
00:45कर रही है कि भारत इस्रेल से भी दोस्ती रखेगा इर
00:48इरान को भी साथ लेकर चलेगा भारत की इस पावफुल डिप्लोमसी ने ग्लोबल ओर्डर को लेकर बड़ा संदेश दिया है
01:01सोड़ी देर पहले प्रधान मंत्री मोदी और इरान के राश्चोपती के बीच द्विपक्षिय वारता खत्म हुई है
01:06ये मुलाकात 25 मिनिट तक चली दो हफ्तों के अंदर दोनों ने ताउं की ये दूसरी मुलाकात है
01:12जो बता रही है कि चाहे इसरेल हो या फिर इरान सबको भारत का साथ पसंद है क्योंकि वो जानते
01:18हैं कि भारत शांती के साथ है
01:27आज की दिन की सबसे बड़ी मुलाकात पहले तो व्लादिमेर पुतिन के साथ हुई
01:34लेकिन इरान के रश्टुपती से मुलाकात करने से पहले जिन से उनकी मुलाकात हुई
01:4045 मिनिट लगभग ये बात चीच चली बैतर भविश और आगे के समय में साजिदारी पर लेकर बात हुई
01:52इस पावफुल मुलाकात के सिलसिले में शी जिन पिंग की बारी कल है जो साथ साल बाद भारत आ रहे
01:59हैं उनसे कल पीम मुलाकात करेंगे
02:02इस तरह ब्रिक्स के मंच पर दुनिया एक नया ग्लोबल ओर्डर देख रहा है
02:12और आज की दिन की जो सबसे बड़ी मुलाकात रही दुपहर साड़े तीन बज़े के बाद शुरू हुई
02:16रूस के राश्रोपती साल भर के अंदर दूसरी बार भारत आये इससे पहले प्रधानमंसरी मोदी के साथ वो विश्केक में
02:22मिले थे
02:2245 मिनट तक दोनों नेताओं ने बादचीत की मोदी ने एक गिफ्ट भी व्लादिमिर पुतिन को दिया
02:45दोपहर साड़े तीन बज़े तैवक्त पर मोदी और पुतिन का ये काफिला भारत मंडपंग की तरफ निकला
02:50और फिर जो तस्वीर सामने आई वो गर्म जोशी से भरी हुई थी
02:54दिल्ली में दोनों देशों के नेताओं की इस मुलाकात पर दुनिया की नजर थी
02:58क्योंकि मामला तेजी से बदलते वर्ल्ड ओर्डर का जो है
03:02सबसे पहले मोदी ने पुतिन को गले लगा कर स्वागत किया
03:11दोनों के बीच क्या बात हुई उससे पहले इस मुलाकात की तस्वीरे देखि
03:15जिसमें पहली फोटो पुतिन को मोदी की तरफ से तौफे में दी गई एक किताब की है
03:22पियम मोदी ने पुतिन को तमिल भाषा की एक प्राचिन किताब तिर्यू कुरल का रूसी भाषा में अन्वाद की एक
03:28प्रतिभेट की
03:56पियम ने इस मुलाकात के बाद एक्स पर लिखा
03:59विश्किक में हमारी मुलाकात के दो हपते से भी कम समय में दिल्ली में राफपती पुतिन से मिलकर बहुत खोशी
04:05हुई
04:05आज की बैठक में व्यापारिक संबंधों को और मस्बूत करने एकनोमिक कोपरेशन प्रोग्राम 2030 को लागू करने पर चर्चा हुई
04:26इसके बाद दोनों नेता एक बार फिर एक ही कार में इंडस्ट्रियल एक्जिबिशन में पहुँचे
04:30ऐसा पहली बार नहीं है जब दोनों नेता एक साथ गारी में बैठे हों
04:35पिछले साल जब पुतिन भारत आये थे तब दोनों नेताओं ने एक ही गारी में सफर किया था
04:40दुई पक्षिय बैठक के बाद मोदी और पुतिन प्रदर्शनी में शामिल हुए
04:43यह प्रदर्शनी भारत मंडपम में पहली बार आये जित हुई
04:46आपको बता दें कि इंडो प्रॉम रूस की बड़ी और इंडर्स्ट्रियल मैनुफेक्ट्रिन प्रदर्शनी है
04:52जहाँ पर मोदी और पुतिन ने बुलेट ट्रेंज से जुड़ा एक प्रोजेक्ट भी देखा
04:57इसके बाद दोनों नेता ब्रिक्स देशों के नेताओं के साथ ग्रुप फोटो में साथ दिखे
05:01यहाँ प्या मोदी ने तेजी से बढ़ती ब्रिक्स की ताकत से दुनिया को खबरदार किया
05:07आज ब्रिक्स के देश विश्वकी 50% पॉपुलेशन, 40% GDP और 25% से दिख ट्रेड को रिप्रेजेंट करते
05:26हैं
05:29इतना ही नहीं, इन वर्षों में जहाँ ग्लोबल GDP करीब धाई गुना हुई है
05:38वहीं ब्रिक्स देशों की कम्बाइंड GDP करीब साड़े चार गुना हुई है
05:50यानि ब्रिक्स की economic strength दुनिया की तुलना में करीब दो गुनी रप्तार से बड़ी है
06:01राशपती पुतिन ने प्रधान मंत्री मोदी को 24-वे भारत रूस वार्षिक शिकर्स्त मेलन के लिए रूस आने का न्योता
06:08दिया
06:08जिसे पी-म ने स्विकार कर लिया
06:13तो जिस तरीके से ब्रिक्स का आयोजन अब कल की देखे जो कल का दिन है उसकी शुरुवात से पहले
06:20आज ये दो महत्वपूर्ण बाइलाटरल्स इसके साथ ही United Nations के महा सचिव से मुलाकात प्रधान मंत्री नरेंधर मोदी की
06:28प्रणे उपाधिया है
06:29हमारे साथ हैं और प्रणे जिस तरह के मंच का जिस तरीके से ये मंच सजा है जिस तरीके से
06:37सभी नेताओं से बाटचीत हो रही है
06:39उसमें आज के दिन अब क्या आगे कोई और आधिकारिक कारिकरम मतलब डिनर वगेरा आगे होना है
06:46कल फिर एक बार जब मुलाकातों का दोर हैदरबाद हाउस में शुरू होगा और फिर राश्रपती से इरान के राश्रपती
06:54मुलाकात करेंगे
06:56लेकिन उसमें भी सबसे एहम होगा शी जिन पिंग से प्रणे मंतरी नरेंदर मोदी के मुलाकात
07:02निशुत रूप से अगर आज के कारिकरम की बात की जाए तो प्राक्रमिक्ताओं को आपने देखी लिया विस्ट फोरम में
07:09तमाम जो चार नेतार है रूस के राश्पती पुतिन प्रधान होदी सिरिल रामा को साथ रक्षण अफ्रिका के राश्पती और
07:16मसूथ पज़श्प
07:16इन चारों का एक साथ आना उसमझे से जो बिजनस सब्बोदेट करना मैसेज देने इस जहां तक देपक्षण इन की
07:24मुलाकातों का सिलसीला है और राश्पती पुतिन जुसके राश्पती बिद्से मुलाकात हुई आज किसी टरीके चाहर और अयोजन का फिल
07:37Хाल तो बिधा
07:49प्रद्वार्टी जो प्राध्मिक नहीं हैं लेकिन जाता आप ने बहुत पूर्पोन मुलाकात होगी जी के राश्पति शीजिंपिंग से पडामने में
07:55प्रद्वी मुलाकात जो कि भार्दी जमीन पर साथ साल के अंतराल के बाद हो रही है लेहाजा कापी एहमें अकटती
08:03है
08:03महाच्पून हो गई है बड़े लंबे चोड़े बिसनस जेलेगेशन के साथ में राश्पति शीजिंपिंग भारत आ रहा है उस तहासे
08:09भी महाच्पून होगी आना कि जो संकेत मिल रहे हैं इसके पताबिक भारत की जो प्राध्मिक तायं आरत की जिचलता
08:16हैं उसमें किसी �
08:17कोई मिलाई नहीं है और उन मुद्धों को निशिट प्रूप से उठाया भी जाएगा और जो एक बिल्ड़ बनाने की
08:24कोशिश होगी कि संबंधों को पट्री पर बनाए रखते दुए तो मश्बूतिक तरफ ले जाए जाए लेकिन भारती जो चाहे
08:42वो ड्रेट डेफिसित
08:46बाहल करने का है जब तक कि सीमा का कोई स्थाइश समान हानी करता है लेकिन सीधी से बात है
08:53कि भारत परिपक्व कूटनीती के तहट चीन के साथ अपने रिष्टों को आगे बढ़ा रहा है सीधे तोर पर यह
08:59समझते हुए कि भले ही दो ऐसे देश हों जिनके साथ आपने य�
09:15है वो भी जारी रही और प्रधान मंतरी नरेंदर मोदी और शी जिन पिंग अगर साथ साल बाद आ रहे
09:22हैं गलवान के बाद पहली बार इन दोनों नेताओं के मुलाकात हो रही है तो इसमें जाहिर है कि जो
09:27सेन्य जो हमारे मन में चिंताएं हैं उसका भी जिक्र जरूर हो�
09:43जब भी बातचीत होती है चर्चा होती है उसमें निशत रूचते जो अनसुलजी सीमा है वो तो एक मुद्दा होता
09:48ही है उसको वहां पर पीस इंट्रेक्वालिटी बरकरा रख्या रख्याए और भारत की प्रात्मित आगरा है इस दोनों देशों के
09:57संबंदों में रिष्�
10:11हो चाहे है और यह इस आवरती रही है साथ की इस रिलेशन्शिप को एक्सिदेंटल प्रोन कहा जाता है कई
10:19बार हाद से हुए है वाकातों के बाद कई बार ऐसी नहीं है जिनका जिक्र जैसे अभी मैंने किया है
10:25सारे जो सिल्सिले हैं आपने कवर कि बहुत सारी इक अरुना
10:41पर तो बात होगी ही लेकिन आर्थिक जो दुनों देशों के बीच में एक बलता हुआ ट्रेड डेफिसिट है वो
10:47महत्पॉर्ण मुद्दा है उसे कैसे कम किया जाए उसको निकर चर्चा होगी साथी और महत्पॉर्ण मुद्दा है फ्रिता मुझे लगता
10:53है भार्टी खेम
11:10पर जो इस समय रस्वागडी के लाके में रस्वागडी के नेपाल-चीन की बॉर्डर के उपर जो हुआ तिबद की
11:15बॉर्डर पर हुआ उसके बाद में चिंताएं बढ़ जाती तो निशित पूप से जो इकलोजिकल बैलेंस के मुद्दे में वही
11:21टेबल के उपर होंगे �
11:22रिलेशन्शिप के मैनेजमेंट के मुद्दे जर्चा के उपर होंगे और जब दोनों नेका मिलते हैं चाहे वो भूहान में मिले
11:28हूँ चाहे वो महाबली पूरम में मिले हूँ प्लिटिकल डिरेक्शन देएं ताकि नीचे तब की पूरी पिरोक्रसी को में से
11:35जाए कि इन �
11:43इसके बावजूद अगर ब्रिक्स के एक मंच पर सब देश साथ आ रहे हैं ऐसा नहीं है कि केवल भारत
11:48और चीन की बात है बलकि यहाँ पर इरान, UAE, साओधी, अरेबिया भी सोची की एक ऐसी संस्था का हिस्सा
11:55है एक ऐसे मंच पर आकर यहाँ पर चरचर रहे हैं और इसक
12:06दुनिया में ट्रेड बैरियर बढ़ते जा रहи हैं तब भारत एकनोमिक ब्रिज बना है
12:12कि अज़ भारत तुनिया में के ट्रेड बैरियर बढ़ रहे हैं भारत से बना रहा हैो
12:242014 के बाद से हमने दुनिया के करी 40 कंट्रीज के साथ
12:32फ्री ट्रेड एग्रिमेंट्स किये हैं
12:38प्रिश्प में भी हमारी अप्रोच यही है
12:41कि बेरियर्स को कम करना और बिजनेजिस के लिए आउसर बढ़ाना
12:49इसलिए हमारी अप्जेक्स्ता में हमने अग्रिकल्चर, हेल्थ, स्कील्ज और स्मार्ट गीर्ज जैसे क्षेत्रों में
13:02नए कोपरेशन नेट्वर्क का गठन किया है
13:06स्टार्ट अप्स और SMEs को मार्केट और फाइनांस से जोडने के लिए
13:13हमने ब्रीक्स इंक्यूबेटर नेट्वर्क, ब्रीक्स MSME पोर्टल
13:20और ब्रीक्स स्टार्ट अप इनोवेशन फंड जैसी पहले की है
13:25इन सभी कोपरेशन फ्रेमवर्स का लाप आप सभी उठा सकते हैं
13:32और हमारे देशों के बीच इन्वेस्टमेंट और टेलेंट का आदान प्रदान बढ़ा सकते हैं
13:41फ्रेंट ग्लोबल ट्रेड तभी आगे बढ़ सकता है जब सी लेंज सेक्यूर हो
13:52सप्लाय रूर्स ओपन हो और सी फेरर्स सेफ हो और इसलिए भारत प्रिणव अफ निविगेशन और सी फेरर्स की सेप्टी
14:07का द्रड समर तक है
14:11जब ब्रिक्स के मन से रूस के राश्रुपती ने जी सेवन की आर्थिक ताकत पर सवाल उठाया उस पर तीखा
14:17तंज कसा
14:18नई दिल्ली में आयुजित ब्रिक्स बिजनस समेट चोजार थबीस को संबोधित करते हुए
14:22लादमिर पुतिन ने ग्लोबल एकॉनमी में ब्रिक्स की बढ़ती हिस्सेदारी और जी सेवन की घटी हिस्सेदारी की तुलना कि
14:30उन्होंने कहा कि जहां वैश्मिक अर्थ व्यवस्था में ब्रिक्स देशों की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत है
14:37वही जी सेवन की हिस्सेदारी लगधगर 18 प्रतिशत हैं
14:41इसी संदर्ब में पुतिन ने जी सेवन के मौझूदा महत्व पर सवाल उठाते हुए कहा
14:46मुझे नहीं पता कि वो उन्हें ऐसा क्यूं कहते हैं
14:55पिछले पांच सालों में दुनिया की जी डीपी का 40 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा ब्रिक्स देशों ने पैदा किया है
15:03जबकि तथा कठित G7 यानि ग्रूप आफ सेवन
15:06मुझे नहीं पता कि उन्हें ऐसा क्यों कहा जाता है का योगदान सिर्फ 39 प्रतिशत रहा है
15:13अभी यही स्थिती है इसी दौरान दुनिया की एकॉनमी में हुई ग्रूप की बात करें
15:18तो हम देखते हैं कि उस ग्रूप का आधे से ज्यादा हिस्सा ब्रिक्स की वज़ा से हुआ है
15:24जबकि जी सेवन का हिस्सा सिर्फ 18 प्रतिशत रहा है
15:27ऐसा क्यों है इसका जवाब आसान है
15:32दुनिया की 50 प्रतिशत से ज्यादा आबादी ब्रिक्स देशों में रहती है
15:36और इसलिए उनके घरेलू बाजार बहुत तेजी से बदलते और जीवनते
15:41हमारे देशों में शहरी बस्तियों की ग्रोथ में जबरदस्त उच्छा लाया है
15:46शहरी करण बहुत तेजी से हो रहा है
15:54और पुतिर ने जो कहा वो आकड़ों के हिसाब से सही है
15:57जी सवन देशों की ताकत कम हो रही है
15:59ब्रिक्स में 11 अदश्ट से हैं
16:02जी सवन में साथ आबादी के हिसाब से भी ब्रिक्स देश बड़े हैं
16:06जिन में दुनिया के करीब 50 प्रतिशत लोग रहते हैं
16:09वहीं जी सवन में 10 प्रतिशत से भी कम
16:12ब्रिक्स देश एश्या, आफ्रिका, मध्यपूर, लाटन अमेरिका में हैं
16:17G7 देश अमेरिका, योरोप और जिपान से आते हैं
16:21BRICS की ताकत बाजार आबादी संसाधन है
16:25तो G7 की ताकत डॉलर और तक्नीक
16:27उर्जा ताकत के मामले में BRICS में ज्यादा विविधता है
16:31रूस, सौधी अरब, इरान, UAE में उर्जा भंडार हैं
16:36तो G7 में केवल अमेरिका है
16:41प्रणे, जिस तरह की बातें आज यहां की गई हैं
16:45खासकर पुतिन की तरफ से जो बाती की गई
16:47ये दरसल हकीकत भी इसलिए हो जाता है
16:50क्योंकि जहां पर भारत, चीन एक साथ आते हैं
16:52उसमें फिर इंडोनेशिया का भी आखडा जुढ जाता है
16:54तो वो केवल देशों की आबादी नहीं
16:57बल्कि बाजार का एक आकार भी हो जाता है
17:01बहुत सही कहा आपने
17:02ये केवल जो है एक संख्या की बात नहीं है
17:05बलकि ये बाजार के आकार, बाजार के बदन की बात है, बड़ी आबादी की बात है, भारत और चीन मिलकर
17:10ही दुनिया की दो सबसे ज़दा बड़ी आबादी वाले देश हैं, जो कि बहुत बड़ा बाजार भी हैं, और निशित
17:15रूप से ये एक फॉर्मेडिबल कॉम्बिने
17:32की बात, या डी डॉलराइजेशन, अल्टरनेटिव करंसी की बात, ये उतना आसान नहीं है, अगर आप यॉरपी संग को देखें,
17:38दुनिया में एक ऐसा मॉडल जहां पर कई देश मिलकर एक मुद्रा का प्रयोग कर रहे हैं, आपस में काफी
17:44फ्री मॉव्मेंट है, इसको �
17:46लागू करने में भी, इसे बनाने में भी, यानि कंसेट के लेकर कन्वेंशन के लेवल तक लाने में भी 40
17:51साल का वक्त लगा था, ब्रिक्स की तो अभी आधी ही उमर हुई है, और निशित रूप से जो सभी
17:57की कोशिश हैं, वो ये हैं कि मोबिलिटी थोड़ी सी बढ़ाई �
18:00जाए, इसके अलावा प्रोफेशनल्स का मूवमेंट बढ़ाया जाए, चुकि भारत जिसी अर्थ विवस्था केवल गुड्स का मसला नहीं है, यहां
18:08पर सर्विसेज भी बहुत बड़ा फैक्टर है, भारत की अर्थ विवस्था का 60 परसेंट कंपोनेंट जो है, वो सर्व
18:26प्रधानमंतरी का जो आइडिया था आज बिजनस फोरम के मंच से, कि हमें 100 स्टार्टप्स ऐसे बनाने चाहिए, जिसे बिजनस
18:33फोरम है, यह फंड करें, और यह 100 स्टार्टप्स जो है, यह बिजनस के बाहर की अर्थ वस्थां में जाकर
18:39काम करें, ताकि एक आर्थिक इं�
18:56जानकारी के प्रधानमंतरी
18:58मोदी ने व्लादिमिर पुतिन से कहा कि भारत यूक्रेन संगहर्ष को
19:03हप्न करने के शांती प्रयासों में मदद करने के लिए तैयार है
19:08प्रणे क्या विस्तरित जानकारी है इसके हिसाम से देखे इससे पहले
19:13प्रणमिंत्री बोदी और रूसी राश्पती के बीच में बाचीत हुई है वारताइं हुई है
19:17भारत ने इसे एक स्टेटिट पोजिशन की तरह युकरेन के सामने भी रखा है और रूसी राश्पती के सामने भी
19:23रखा है
19:23कि अगर शान्ती के लिए कि जब भारत की कहता है कि इस किसी
19:27भी मसले का समाधान अडिप्ला�मसी और डायलॉक से होंना चाहिए तो वो किवल कहने
19:32के लिए नहीं के लिए बालिक्स में बहुती है यह बहुती में कि जे
19:52उन्होंने उसी चीज को दोराया था और उस बात को G7 के हार्षिये पर यूकरेन के राश्पती जलनस्की से जून
19:582026 में हुई मुलाकात में भी और उसके बाद बिश्केक और दिल्ली के अंदर भारत मंडपम में हुई बात
20:04उसमें भी दोराया है और ये किवल बात नहीं है जो बाक चल रहे हैं उसमें भारत एंगेज़ है
20:10मैं आपको बस इतना बता सकता हूँ कि ये किवल बयान के लिए नहीं कहा जा रहा है बलकि भारत
20:15की कोशिश हैं कि अगर कोई
20:17मीटिंग ग्राउंड बनता है और आप देखें कि कुछ तो है ऐसा जो इस समय चल रहा है अनिथा सियाइए
20:22चीफ अचानक से मौस्को नहीं पहुंचते जहाज लेकर वरना जराड कुशनर और विटकॉफ और स्टीव विटकॉफ ट्रम्प के विशेश सलाकार
20:31वो अचानक �
20:32नहीं पहुंचते प्रभान मंतरी मोदी और राश्पती पुतिन के बीच में बैक टू बैक दस बारा दिनों के अंदर दो
20:38मुलाकातों में इस विशे का उटना भी ये बताता है कि कोशिशें कहीं ने कहीं अंदर खाने चल भी रही
20:43हैं कि इस लड़ाई को जल से जल खत्म कि
20:45किया जाए क्यूंकि मसला काफी अन्य अर्थ विश्थाओं का भी है जो इससे प्रभावित हो रही है क्योंकि पहले तो
20:52केवल एक युद्ध था अब तो दो युद्ध है जिससे दुनिया जूज रही है और दोनों आर्थिक रूप से किस
20:58तरीके से बाकी शेत्रों को बाकी
21:00देशों को प्रभावित कर सकते हैं ये खास कर छे महीने के अंदर इरान अमेरिका युद्द से स्पष्ट हो गया
21:06है लेकिन अगर हम केवल रूस और युक्रेन की ही बात कर लें तो कुछ मुद्दों पर दोनों देशों के
21:12बीच शांती की कोशिशें आकर अटक जाती हैं क्या
21:15उन चीजों को लेकर परिवर्तन होता हम देख सकते हैं क्या हम मान सकते हैं कि कुछ चीजों पर आखिर
21:21कार जो अंतराश्य कूट नीती है वो सफल हो सकती है चाहे उसमें भारत की कोशिशें भी एक सतर पर
21:29इन्वाल्ड रहे या फिर अमेरिका जो चाह रहा है जो ट्रम्प �
21:42उसे बात करें तो भी कहते हैं कि लडाई हमने शुरू नहीं की हम फो लडाई हना चाहते हैं और
21:46आप जहां कहें जो कहें जैसे कहें हम उस बाचीत की मेज़ए पर आने के लिए ये तैयाँ हैं
21:51लेकिन हम रूस को वो जमीन नहीं दे सकते हैं जो उस पर उसने कबजा कर रखा है। वहीं अगर
21:55आप रूसी राश्पती से बात करें कुछ दिनों पहले ही दिल्ली के अंदर पीडियो लिंक के जरीए पुतिन के प्रवक्ता
22:01दिमित्री प्रेसकॉव ने प्रेस कांफेंस की थ
22:03में हम भी मौजूद थे और उस दोरान उनसे जब सवाल किया गया तब प्रेसकॉव ने कहा कि रूस तो
22:08शान्ती चाहता है रूस तो चाहता ही नहीं कि ये जंग जादा दिन चले और इन फैक्ट शाहिद यूकरेन भी
22:12नहीं चाहता है कुछ ताक्तें हैं जो चाहती हैं कि य
22:15लड़ाई खत्म नहीं हो और इसमें उनके शायद हित होंगे और इसलिए ये लड़ाई जो है वो उसको आग में
22:22घी डाला जा रहा है उसको इंधन दिया जा रहा है ताकि वो आग भड़कती रहे लेकिन ये बातें चल
22:27रही हैं इनकी जो इसा आपने कहा कि कोशिशें तो इ
22:33इव में भी हुई थी कोशिशे मॉस्को में भी हुई थी कोशिशे मिल्सक में भी हुई थी बेलारूस के अंदर
22:37लेकिन वो कोशिशे नतीजे तक नहीं आपाती हैं क्योंकि इसमें बहुत सारी चीजें ऐसी हैं जो समाधान के फॉर्मूले के
22:45आकार को लेकर अटकती हैं क्यों
23:01मुझे लगता है कि राश्पती पुतिन भी अब इस चीज के लिए तयार है कि जल से जल
23:05फॉर्मूला निकाला जाए लेकिन ग्राउंड सिच्वेशन के ऊपर कौन कितनी
23:10जमीन सीड करेगा कितना चोड़ेगा आप उस इलाके से वाकिफ हैं आपने और हमने
23:15दोनों ने उस युद्ध के मोर्चे को कवर किया है इसलिए भी हम जानते हैं कि युक्रेइन के लिए भी
23:20ये कितनी कटिन पॉजिशन है अगर वो उसे दौनियास्क का जो इलाका है वो छोड़ना पड़ता है
23:26और रूस के लिए बड़ी कटिन सिती होगी कि अगर वो अपनी पहुजों को पीछे लेता है
23:30तो ये मामला नाक की लड़ाई में भी अटका है और ये मामला जो है वो बहुत सारे दूसरे पेज़ों
23:36पर भी जा हुआ है
23:37पाके एक तरफ क्योंकि पश्चिम का भारी दभाओ दूसरी तरफ बदलती दुनिया के नई समय करण
23:42और दिल्ली की धरती पर जब प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राश्रोपती व्लादिमेर पुतेन आमने सामने बैठे
23:49तो पूरी दुनिया को एक बड़ा संदेश गया
23:52ये मुलाकात केवल कूटनी ती तक सीमत नहीं रही
23:55बलकि भारत के अभेद्य रक्षा कवच की नई कहानी लिख रही है
23:58फिफ्ट जेनरेशन स्टेल्थ फाइटर जेट सू फिफ्टी सेवन के जॉइन प्रोडक्शन से लेकर
24:03अंतरिक्ष तक मिसाईलों को मार गिराने वाले एस फाइव हंडर्ड एर डिफेंस सिस्टम पर
24:08इस महाचर्चा ने इसलामबाद से लेकर बीजिंग तक हरकम मचा दिया
24:13अमेरिका का दबाव हो चीन की विस्तारवादी नीतिया हो या पाकिस्तान का न्यूक्लियर ब्लाक मेल भारत ने साफ कर दिया
24:19है
24:20कि न्यू वर्ल्ड ओर्डर का असली केंद्र अब दिल्ली है
24:31एक तरफ पश्चिम का दबाव दूसरी तरफ दुनिया की बदलती भूराज नीति
24:36लिकिन भारत रूस की दोस्ती की चक्टान पर ना समय का असर हुआ है और ना ही किसी बैश्पिक महाशक्ती
24:42की धंकियों का
24:44दिल्ली की धर्टी पर प्रधान मंत्री नरेद मोदी और रूस के राश्पती व्लादिमेर पुतिन की जब आमने सामने की टेबल
24:51सजी तो संदेश स्ताफ चला गया 21 सदी की कूप नीति का असली केंद्र अब भारत है
25:01सामरिक दिश्टी से पुतिन की ये भारत यात्रा एक बड़ा गेम चेंजर साबित हो रही है
25:05भारत अपनी सुरक्षा सीमाओं को एक ऐसा अभेद कवच देने जा रहा है जिसके सामने पाकिस्तान और चीन की हर
25:13चाल नाकाम हो जाएगी
25:15भारत और रूस के बीच पांचवी पीड़ी के सबसे आधुरिक रडार को चक्पा देने वाले फाइटर जेट सू फिस्टी सेवन
25:22के जॉइन्ट प्रोडक्षन और ट्रांसफर आफ टेक्नलोजी पर बड़ी बाचीत आगे बढ़ी है
25:27S-400 की सफलता के बाद अब भारत की नजर दुनिया के सबसे दमदार एर डिफेंस सिस्टम S-500 प्रामिसियस
25:35पर है
25:35जो अंतरिक से आने वारी हाइपरसॉनिक मिसाइलों और बैलिस्टिक खतरों को भी हवा में ही ध्वस्त करने की ताकत रखता
25:42है
25:42रूस और भारत की ये सामरिक साज़ेदारी पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा बुरा सफना है
25:48S-400 पहले सही सीमा पर तैनाथ है और अब S-500 के अलावा सूर 57 की एंट्री हुई
25:55तो पाकिस्तान की पूरी बायू सेना की डीड तूट जाएगी
25:59इसलामबाद अच्छी तरह समझता है कि रूस अब भारत की सुरक्षा चिंताओं को सरूप परी रखता है
26:04जिससे पाकिस्तान का ड्यूप्लियर ब्लाक मेल का खेल पूरी तरह खत्म हो चुका है
26:13दुनिया जानती है कि चीन और रूस आर्थिक और रणीतिक रूप से गरीब आए हैं
26:18लेकिन जब बात भारत की आती है तो पुतिन का रुख बिल्कुल संतुलिप रहता है
26:22भारत चीन के बीच एलसी पर जारी तनाव को कम करने और एक बैक चैनल डिप्लोमेसी के रूप में रूस
26:28हमेशा एक महत्रफून सेतु का काम करता है
26:31पुतिन का दिल्ली आना ये साबित करता है कि रूस कभी भी चीन के दवाव में आकर भारत के साथ
26:37अपने एतिहासिक रिष्टों को कुर्बान नहीं करेगा
26:41यही भारत की डरनीतिक्स वायता की सबसे बड़ी जीत है
26:44एक तरफ भारत अमेरिका के साथ कॉर्ड और ओली में सहने अभ्यास कर रहा है
26:49तो दूसरी तरफ रूस से S500 और सूफिप्टी सेवन जैसे महा हफ्यारों पर बात कर रहा है
26:56पुतिन की ये भारत यात्रा साबित करती है कि न्यू वर्ल्ड ओर्डर में भारत किसी का पिशलंगू नहीं
27:02बलकि दुनिया की राजनीति का एक एहम केंडर है
27:05चाहे पाकिस्तान की गीदर भब्की हो चीन का विस्तारवाद
27:08या अमेरिका का दमाओ भारत का राणनीतिक संतुलन और रूस के साथ मजबूत होता रक्षा कवज
27:14ये संदेश दे रहा है कि भारत अपने हितों से कोई समझोता नहीं करेगा
27:20आज तक बेरो
27:24ब्रिक्स शिखर संबेलन में भाग लेने के लिए पुतिन तीन दिनों की भारत यात्रा पर है
27:28मोदी और पुतिन में पहले से ही मजबूत रक्षा सहयोग को और बढ़ाने पर भी चर्चा हुई
27:33रक्षा के अलावा दुनों देश नागरिक विमानों को बनानी के लिए भी आगे बढ़ने है
27:43मित्रुषका डॉल जो रूस का एक बहत प्रसिद पारंपरिक खिलोना और सांस्कृतिक प्रतीक है
27:47इस डॉल के जरिये रूस बहरत को जता रहा है कि वो उसके हिसाब से अपना सामान बनाने को तयार
27:53है
27:53इसलिए मित्रुषका डॉल को भारत ये रूप रंग दिया गया
27:58रूस जानता है कि भारत भविश्य है इसलिए इस रिष्टे को रक्षा से हर प्षेतर में ले जाने के इच्छा
28:04रूस की दिखी है
28:05एक ही कार से भारत मंडपम की जिस प्रदर्शनी में पुतिन और मोधी पहुँचे
28:09वहाँ पर इस बार रूस, शिप, ट्रक, बस और नागरिक जरुतों वाले रूसी हिलिकॉप्टर की कमपनियों के साथ आये
28:17ताकि भारत की विकास की हर पहलू में रूस हिस्सेदारी कर सके
28:20लेकिन एक रोचक चीज में आपको दिखाता हूँ, किस तरीके से ROOS भारत के बाजार के लिए
28:26अपने जो विमान हैं उन्हें तयार करने की कोशिश कर रा रहा है और यहाँ पर मैं आपको दिखाता हूँ
28:53और इसे शोकेस روس करेगा और रूसी तक्क्निक तकनीक की
28:59इस प्रदर्शनी के अंदर और दिखे यहां पर आप भारत के जंडे के साथ में SJ-100 जो एक्राफ्ट है
29:04उसको भारत में किस तरीके से शोकेस करने की तैयारी हो रही है उसका एक नमूना तो आप यहां देखी
29:10सकते हैं
29:13भारत में हवाई सेवाओं का बाजार दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रहा है भारत और रूस के बीच 105
29:19जेट्स पर समझोता होना लड़ाकू विमानों से बात आगे जाने से दुनिया को खबरदार करता है
29:26समझोते के तहत रूस पिनेकल एयर के लिए 50 IEL 114-300 विमान एयर के लिए 20 विमान और इसकी
29:34लेवियर्शन के साथ वे MOU के तहत 35 और विमान भारत में बना कर देगा
29:38इसके अलाबा भारत को इसकी इंजन बना कर देने का भी प्रस्ताव रूस की तरफ से है
29:42इस जेट इंजन की खासियत ये है क्योंकि ये वो जेट इंजन है जिसे रूस नके बत अपने SJ-100
29:51विमान के अंदर इस्तमाल करता है
30:05और इस तरीके से SJ-100 के साथ ये टर्बो प्रॉप इंजन वाला जो एरकराफ है जिसे IL-114-300
30:12कहा जाता है
30:13वो है इसके अलाबा MC-21 ये भी एक विमाने करीब 100 सीटर का ये विमान है
30:21भारत के अंदर हवाई कनेक्टिविटी सरकार की प्राच्मिक्ताव में शामिल है
30:24उडानी ओजना के तहट छोटे शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने की कोशिश है पहले से चल रही है
30:30रूसी ख्षेत्री विमान अगर प्रतिसपर्धी कीमत और विश्वस्नी सेवा के साथ आते हैं तो वो इस लक्ष को पूरा करने
30:36में मददगार सावित हो सकते हैं
30:38रूस की कमपनियां जब भारत में नागरीक विमान बनाएंगी तो भारत में इसे बनाने की शमता विक्सित होगी
30:44इको सिस्टम तयार होगा इससे जूड़ी कमपनियां भारत में बनेंगी और आगे बढ़ेंगी रोजगार मिलेगा
30:49भारत नागरिक विमानों के लिए किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहेगा
30:54इस मामले में भी आत्म निर्भर होगा
30:56तो मित्रुषका डॉल की तरह रूस भारत के साथ कारुबार बढ़ाने के लिए
31:01उसके हिसाब से उसके साथ चलने को खुद को तयार दिखा रहा है
31:05जिससे इस दोस्ती का रंग और गहरा होना तै है
31:10ब्रिक्स बिसनस फोरुम के लीडर्स सेशन में इरान के राश्ट्रपती मसूद पजेशकिन ने
31:16करंसी के लिए सिस्टम बनाने पर जोर दिया
31:19पजेशकिन ने कहा कि सबसे जरूरी कदमों में से एक है
31:23सदस्यों के बीच व्यापार में राश्ट्रे मुद्राओं के इस्तमाल को बढ़ाना
31:34ब्रिक्स के ही नाम से चिड़ने वाले जॉनल्ल ट्रम्प के लिए ये पयान
31:37प्रसिद्ध कहवत एक तो करेला दूसरा नीम चला जैसा है
31:42इरान युद्ने डॉनल्ल ट्रम्प को कहीं का नहीं चोड़ा
31:45इरान उनकी सुन नहीं रहा है और उनके जीत के दाववपर कोई यकीन नहीं कर रहा
31:50उपर से इरान भी उन्हें परिशान करने का कोई मौका नहीं चोड़ रहा
31:53तभी तो ब्रिक्स की बैठक में शामिल होने भारत आ रहे इरान के राजपती ने वो बात कही
31:58जिससे सुनते ही डॉनल्ल ट्रम्प बोरी तरह चड़ जाते
32:02सदस्यों के बीच जॉयंट इंवेस्टमेंट और गतिविधियों का असान बनानी के लिए
32:06ब्रिक्स बैंक बनाने का जिक्र किया और आर्थिक लेंदेन में डॉलर पर निर्भरता कम करने की एहमियत पर जोर दिया
32:12उन्हाणे का कोशिश यह है कि देश डॉलर पर निर्भर हुए बिना आर्थिक और शित्रिय रूप से विकास करें
32:18और एक तरफा फैसलों और बड़ी ताक्तों की हद से ज्यादा मांगों का विरोध करें
32:24ब्रिक्स देशों की बैंक हो या डॉलर पर निर्भरता खत्म करने की बाद
32:27ट्रम्प इससे जुड़ी किसी भी बात से भड़क जाते है
32:32साल दोहजार चॉवीस में ब्रिक्स देशों की बीच लगभग एक दख्मलब एक साथ लाग करोड डॉलर का वियापार हुआ
32:38जो भार की रुपों में 112 लाग करोड रुपे होता है
32:42दुनिया के निर्याद में ब्रिक्स देशों के हिस्सेदारी करिक 24 प्रतिशन है
32:46ऐसे में यूएस कई बात ब्रिक्स देशों को डॉलर के विकल पोजनी को लेकर चेतावनी दे चुका है
32:54डॉलर के दबदबे को भले ही पूरी तरसे चुनोती देना असंभव लगे
32:58लेकिन अमेरिकी दादागिरी और टैरिट से परिशान दुनिया ने अगर फैसला कर लिया
33:03और ब्रिक्स जैसे देशों ने अपनी करन्सी में कारुबार करना शुरू कर दिया
33:07तो ये स्थिती अमेरिका के लिए अच्छी नहीं होगा
33:12शुरू में रूस और चीन ने डीर डॉलराइजेशन पर जोर दिया था
33:15लेकिन दोहजार पचीस के ब्रिक्स जोशना पत्र में इसे साइड में करते हुए
33:19के वाल ये कहा गया कि लोकल करन्सी में फाइनसिंग की विवस्ता बनाई जानी चाहिए
33:24लेकिन ट्रम्प की दादागिरी इसमें तेजी ला सकते हुए
33:53तोडी दादागिरी के खिलाद भी देशों की डॉलर पर निर्भड़ता खत्म करने कु लेड़ता चाहिए
33:58लेकर बहस गर्माई हुई है। भारत, चीन और रूस की अगवाई वाला ब्रिक्स कई सालों से डॉलर का विकल्प तलाशनी
34:04की कोशिश कर रहा है। ऐसे में ये समू अमेरिका को हमेशा खटकता रहा है। लेकिन अगर ब्रिक्स देश अपने
34:11डिजिटल पेमेंट सिस्टम को �
34:12बनाने में काम्याब हो गए तो डॉनल्ड ट्रम्प की पौखलाहट का बढ़ना तैह है। शायद इसी की इरान के राजपती
34:18ने ब्रिक्स की बैठत में शामी होने से पहले किसकी बात छेडी है।
34:42इरान के बीत चाबाहार पोर्ट को लेकर बात हुई। मतलब जब मोधी प्रजैशकन बिश्केक में मिले थे तब दोनों के
34:47बीच कारोबार से लेकर चाबाहार पोर्ट को लेकर बातचीत हुई। इरान के विदेश मंत्राले ने बताया कि भारत उन देशों
34:56में से एक है जि
35:11भारत इस बात पर अडिग रहा है चाहे रूस से सैन्य उपकरण लेने की बात हो और अमेरिका की नाराजगी
35:20हो या फिर तेल लेने की बात हो अब जो चाबाहार पोर्ट की एहमियत सब को मालूम है ऐसे में
35:28प्रजेश्किन की तरफ से जो बात की गई है और भारत को लेकर जो �
35:34कर अब हम उसी विदेशनीती की सवतन्तrata के आईने से देखें मिशनेटárioप सै की सवतन्तrata उसकी स्वायतता इस साथ-साथ
35:44यह भी जरूरी है कि भारत के हिद कहाँ है क्योंकि भारत की विदेशनीति के लिए अगर कोई लाइट हाउस
35:49है अगरकोई गौई गाइडिंग कं
36:02ताज़ा है साथ ही एरान के साथ में जो मौझूदा सिती है उसको भी नजर अंदाज नहीं किया जा सकता
36:08है तो दोनों पहलू है और अगर हम चाहबार की बात करते हैं भारत में 120 मिलियन डॉलर इरान को
36:14दिये हैं जो कि भारत को 10 साल के भीतर देने थे लेकिन चाहबार की इस �
36:19मौझूदा सुरक्षा हालात के दौरान अपने जो स्टाफ हैं जो अपनी अपरेटिंग एजनसीज हैं उनको पीछे लेने के साथ-साथ
36:26भारत ने एरान को एक एडवांस प्यमिंट किया है और जब भी सुरक्षा हाला ठीक होते हैं चाहबार भारत के
36:31लिए एक स्ट्रेजि
36:48का है लेकिन प्रड़े समय को देखते हुए बहुत छोटे में जानना चाहते है कल का प्लान क्या है ब्रिक्स
36:54में जो बैठके हैं बाइलाटरल से उनके अलावा
36:59लिए कि कल जो है और चुकी चीन के राक्स्तपी के साथ उनकी मुलाकात है उसका जिकर हम पहले ही
37:04कर चुके हैं द्विपक्षी मुलाकातों के अलावा प्रदान मंतरी मोधी कल देर शाम ब्रिक्स के तमाम महमान चुके आचुके होंगे
37:10गाला डिनर का आयोजन किया जाएग
37:11इसी भारत मंडपम में जिस समय पर मैं मौजूद हूँ और यहां पर ब्रिक्स देशों के करीब 160 कलाकार जो
37:18हैं वो बुलाए गये हैं तो एक रंगारं सांस्कृतिक कारिकरम भी होगा जो भारती आस्वादन है भारती जो स्वाद हैं
37:25उनका आस्वादन भी जो है वो ब्रि
37:39ब्रिक्स के सभी देशों की सांस्कृतिक जलक नजर आएगी बहुत शुक्रिया प्रणे उपाधिया इस पूरी जानकारी के लिए ब्रिक्स की
37:45पावर से तो पुतिन ने खबरदार किया लेकिन ब्रिक्स में टकराओ भी है जो देश एक दूसरे के हमलों का
37:51शिकार हो रहे है
37:52वो भारत में हो रहे ब्रिक्स सम्मिलन का भी हिस्सा है इरान के साथ इस बैठक में UAE और सौधी
37:57अरब भी मौजूद है जिनके बीच इस समय भी खूल कर जंग चल रही है
38:26अठारवे ब्रिक्स सम्मिलन में जब 11 देशों के नेता लाई दिल्ली पहुँच चुके हैं या कुछ पहुचने वाले हैं तो
38:32इनमें से रूस और चीन पे अलावा तीन और देशों पर दुनिया की नजरें जमी हुई है
38:44पहला इरान जिसके राजपती बसूत बिंदिश्क्यान 12 और 13 सितम्बत पो हो रहे ब्रिक्स सम्मिलन में हिस्सा लेने के लिए
38:51पहुचे हैं
38:52सम्मिलन से ठीक पहले पिये मोदी और बिंदिश्क्यान के बीच भी पक्षिये बाचीर भी हुई है
38:57सम्मिलन से ठीक पहले पिये मोदी और बिंदिश्क्यान के बीच भी पक्षिये बाचीर भी हुई है
39:02दूसरा देश है साउट यरफ यहां के विदेश मंतरी प्रिंस पैसल बिंद वरहान अल्व साउट ब्रिक्स के लिए नई दिल्ली
39:09पहुच्टे वाले हैं
39:10और तीसा देश है उएई जहां से अबुधावी के ग्राउट प्रिंस शेख खालिद बिंद मुहमद बिंद दायद अल्व नाग्यान बिक्स
39:18के लिए नई दिल्ली आए हैं
39:21इस बार बिक्स में इन तीनों देशों का रोख दुन्या जानना और समझना चाहती है
39:25क्योंकि इरान पर अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बाद मिटल इस्ट में जैसे दो भाड हो चुके हैं
39:30क्योंकि जब इरान पर हमले होते हैं, वो पलटवार में मिटलीस पें अमिर्की बेस पर हमले करता है।
39:36UAE और सौधी अरब ने इरान के अटाइक छेले हैं।
39:40इन हलात में ये तीनों देश नई दिल्ली में ब्रिक्स के मंच पर एक साथ होंगे।
39:44भारत की नीथी और प्रूप नीथी यही है कि ब्रिक्स में सारे देश एक जुड़ दिखें।
39:49लिकिन भारत के सामने बड़ी चुरौती भी है। भारत तीनों के साथ रिष्टों को बेहतर करना चाहेगा।
39:55अब अर्चन ये है कि कहीं किसी मुद्दे पर इरान, साथी और यूएई में मदभेद सामने ना आ जाए।
40:01ऐसे में ब्रिक्स अमिलन का सवाल ये भी है कि जॉइंट स्टेटमेंट आएगा या नहीं।
40:06हर बार की तरह इस बार भी मेजबान देश भारत की कोशिश है कि सभी 11 सदसे देशों की सहमती
40:12से एक साजा घोष्टा पत्र यानि दिल्ली डेकलरेशन जारी हो।
40:16लेकिन इसमें इरान, सौधी और UAE के मद्भेद आड़े आ सकते हैं। ऐसे में अगर सहमती नहीं बरी तो भारत
40:22को चेर स्टेटमेंट जारी करना पड़ सकता है।
40:26आखिर जॉइन स्टेटमेंट क्यों जरूरी है और इसमें रुकावटें क्या-क्या हैं। पहले आपको बताते हैं कि जॉइन स्टेटमेंट क्या
40:32होता है।
40:56शेरपा और डिप्लोमेट पहले तो एक ड्रास तयार करते हैं। फिर हर देश उस ड्रास को पड़ता है और अपनी
41:02अपनी बाते जोडने या हटाने की मांग करता है। कभी कभी एक शब को लेकर घंटों बाचीत होती है। जब
41:08तक सभी देशों की सहमती नहीं बन जाती त�
41:25अपने मतभेदों को सही ढंक से समालना चाहिए। चीन की तरफ से कहा गया है कि दोनों देशों को अपने
41:30रिष्टों को रणनीतिक और दीर्ख कालिक नजरिये से देखना चाहिए।
41:55साल हो गए हैं। जिंपिंग इससे पहले 2019 में चेनई के पास मामलना पुरम में मोदी के साथ अनौपचारिक बैठक
42:02के लिए आये थे। इससे पहले वो सितंबर 2014 और साल 2016 में कोआ में ब्रिक्स अमेलर में हिस्सा लेने
42:09भारत आ चुके हैं।
42:11साल 2020 में गलबान के बाद भारत और चीन के बीच रिष्टों में तनावा गया।
42:16इसके बाद मुलाकात छोड़िये दोनों नेताओं ने एक दूसरे से बाद तक नहीं की।
42:20समरकड में एसीयो की बैठक में दोनों नेताओं ने साथ-साथ फोटों खिचवाए लेकिन बात नहीं की।
42:28लेकिन इसके कुछ महीनों बाद बाली में हुए G20 की वैठक में दोनों नेताओं की मुलाकात हुई
42:33जिसमें सीमा पर भी बात हुई
42:35यहीं से दिश्टों पर जमी बर्त ने धीरे धीरे पिखलना शुरू किया
42:39दोनों के बीच मुलाकात होने लगी
42:41दोनों देश गलवान के बाद अब एक बार फिर LAC से कारुबार समेथ 6 मोचों पर काम करना शुरू कर
42:47चुके हैं
42:49जिनफिंग के भारत आने से पहले 25 अगस की तारीख एहम रही
42:53इस दिन वीजिंग में NAC अजीर दोभाल और जीनी विदेश मंतरी बांग गी के बीच
42:57विशेश प्रतिनिद्यों की 25 दोर की वारता में 8 बिंदों पर सहमती बनी
43:02सबसे एहम फैसला सीमा विबाद पर विशेशा के समूह बनाने का है
43:06दोनों देश सीमा पर दो अतिरिक सैने समपर केदर बनाने
43:10और पूरी बद्ध सेक्टर में दो सैने होट लाइन स्थापित करने पर सहमत है
43:14इस प्रक्रिया को अब शीश नेतरत की हरी जंटी मिलेगी
43:19चीन के साथ डायलोग की जरूरत है
43:21opening of trade की जरूरत है
43:24trade deficit को reduce करने की जरूरत है
43:27लेकिन साथ साथ भारत को LFC पे जो अभी NSA लेवल पे जो टॉक्स चल रही है
43:33जो 25th लेवल टॉक्स हुई है special representatives में
43:37borders को management करने के साथ ही साथ चीज़े अच्छी हो सकती है
43:42लेकिन at the same time चीन को क्या long term में trust कर सकते हैं
43:48लेकिन तो भी बातचीत के साथ चीज़े इंप्रूफ की जा सकती है
43:54भारत में हो रहे ब्रिक समिलर में चीन के राजपती की ही मौदूद की रही होगी
43:59बलकि उनके साथ 67 सदस्यों वाला चीनी सरकारी प्रतिनिधी मंडल नई दिल्ली आ सकता है
44:06जिनपिंग के साथ उनके राइट हैंड कहे जाने वाले काईची भी आ रहे हैं
44:1070 साल के काईची चीन की कम्यूनिस पार्टी की साथ सदस्यों पूलिप ब्यूरो स्थाई समिती में पांचवे नंबर पर है
44:16काईची को जिनपिंग का डी फाक्टो चीफ और स्टाफ बना जाता है
44:21यानि वो ऐसे निता है जो जिनपिंग के बेहत परीब रहते हैं
44:25और पार्टी नित्रत के महतुपूर कामों में उनकी बड़ी भूमिका है
44:29इसके अलावा जिनपिंग के साथ विदेश मंत्री बांग की भी साथ आ रहे हैं
44:52एलेसी के बाद चीन के साथ दूसरा बड़ा मुद्धा कारुबार का है
44:55साल 2025-26 में भारत ने चीन से करीब 11.4 लाग करोड रुपे का सामान आयात किया
45:02चीन के साथ 8.6 लाग करोड रुपे का वियापार घाटा भारत की सबसे बड़ी चिंता है
45:07जिसे कम करने के लिए भारत चाहता है कि भारती सामान के लिए चीन अपने बादार ज्यादा से ज्यादा खोले
45:13फार्मा, आईटी, क्रिशी उत्पादों समेद कई शेतर में ज्यादा पहुचती जाए
45:18वही चीन चाहता है कि सीमा विवाद विपक्षिये रिष्टों से अलग रहे
45:22वियापार और डूसरे शेतर में रिष्टे बखते रहे
45:25सीमा पर असमान सिथी का असर बाकी संबंदों पर ना हो
45:29एलिसी पर जहां संभव हो सीमा ने धारत प्रक्रिया शुरू हो
45:33और चीन के साथ आज हमारी काफी उमीद है कि ट्रेड वगरा बढ़ेगा
45:39और हो सकता है टूरिजम भी साथ साथ बढ़ेगा जैसे आज मिस्टर पियोश गोल ने भी बोला है
45:44कि ट्रेड टूरिजम और अफकोस यह जो लोकल करंसी में ट्रेड है
45:48तो मेरे ख्याल भारत का बहुत बड़ा रोल है
45:53भारत और चीन के रिष्टों पर एशिया और दुनिया का भवश्य निर्भर है
45:57ऐसे में दोनों देशों के रिष्टों में बेहतरी सब के लिए अच्छी खबर है
46:01कुछी घंटों बाद जब मोदी और जिन पिंग मिलेंगे तो वो उनकी 24 मुलाकात होगी
46:06ऐसे में उमीद की जानी चाहिए कि दोनों निताओं के बीच 12 साल पुराना रिष्टा दुनिया के मुश्किल हालात में
46:12दोनों के रिष्टों में स्थिर्टा को बहावा देगा दोनों देशों के बीच ट्रेड के साथ ट्रस्ट डेफिसिट में भी कमी
46:18आएगी
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