00:00अब से कुछ देर पहले जो हम तस्वीर आपको दिखा रहे हैं एक बार फिर ये तस्वीर देख लीजिए दरसल
00:04ये जो
00:08हाथ में आप किताब देख रहे हैं प्रधान मंतरी नरेंदर मोदी के जो वो दे रहे हैं इस समय रूस
00:14के राश्रुपती को इसके विशय में भी हम आपको बता देते हैं क्योंकि ये एक तिरुक कुरल जो की एक
00:22तमिल पुस्तक होती है
00:23सेक्रिड वर्सेज में ट्रांसलेट हो सकता है कुरल और उसका अनुवाद है रूसी अनुवाद है जो उन्होंने रूसी राश्रुपती को
00:34ये भेंट किया है उनकी जितनी भी जो गिफ्ट्स होती हैं प्रधान मंतरी की जो वो देते हैं अपने महमान
00:44को खास रूप से वो �
00:46सोची समझी एक नीती उसके पीछे एक बहुत बड़ी सोच उसके पीछे रहती है और आज भी अगर वो दे
00:54रहे हैं हमारे साथ अनिल त्रिकुनायत भी जुड़ चुके हैं जो कि पूर राजनाइक हैं तो सर आपसे ही हम
01:00समझना चाहेंगे कि आज जो ये गिफ्ट आज व्
01:16ही हर चीज का एक मैसेजिंग भी होती है तो इसमें खास और से हम सब जानते हैं कि तिरू
01:23अलूर का किस तरह से वो लिखते थे क्या उनकी मैसेजिंग होती थी कितने विजणरी टायके थे और खास तरह
01:29से जब ये एक रशन में इसका अनुआद हुआ है और उसको प्रेजि�
01:46अरतिस जो लैंग्विजज हैं हिंदी में और फुजरासी अलग अलग उलग मैसेज तरह एक दूसरे को जानने का बड़ा फॉंका
01:54मिलता है लेकिन जब लीडर्स एक दूसरे को देते हैं तो पुरे देशों में एक तरह का बड़ा मैसेज जाता
02:00है
02:01सर आज ये जो मुलाकात हम देख रहे हैं हालकि ये मुलाकातों का दौर दोनों नेताओं के बीच लंबा चलता
02:08है अब बहुत सारी चीजें इसमें हो जाती है कि कैसे दोनों देशों का व्यापार आगे बढ़ेगा व्यावसाइक रिष्टे आगे
02:15बढ़ेंगे आर्थिक रू
02:20रूस एक दूसरे के ट्रस्टेड पार्टनर्स रहें इतने लंबे समय से आपका अनुभव लंबा है रूस के भीतर भी अब
02:27जैसे एक चोटी से चीज हो गए चोटी नहीं मतलब रिष्टों के पैमाने पर बात करते हैं तो वो बड़ा
02:32एक आयाम वो भी है कि जब हम बुलि
02:48अगलग शेत्रों में हम तुम्हारे साथ हैं वहाँ पर चाहें हम उसे एक्जिबिशन को ही देख लें जो इस समय
02:53भारत मंडपम में साथ चल रहा है और रूस की तरफ से भारत को क्या साज़धारी के रूप में आगे
02:59रास्ते के तौर पर दिखाया जा सकता है
03:02देखिए रूस एक ऐसा देश है जिसमें शुरू से ही और मैं कम से कम 2000 से जब से प्रेजडेंट
03:09पोतिन जो हैं फावर में आये हैं तब देख रहा हूं एक ऐसा देश है जिसने हमेशा से भारत को
03:15ट्रांसफर और टेक्नोलोजी चाहें डिफेंस सेक्टर में हो या दूसरे स
03:18स्पेस सेक्टर में में उन सब चीजों में पूरी मदद करने कोशिश कि आज राश्पती पूतिन इस बात को जानते
03:27हैं कि भारत का फोकस जो है मुमेकिन इंडिया के उपर है तो जितने भी उनके डिफेंस इन्नोवेशन टेक्नोलोजी आल्टिफिशन
03:35इंटेलिजिस क्वा
03:39रिलेटेड चाहें वो इंडिस्ट्र प्रोडक्शन में हो डिफेंस प्रोडक्शन के अंदर हो या जनरल पर्पस तीजिए हैं तो उसको वो
03:46क्लाबरेशन जो है साइंस और टेक्नोलोजी के माध्यम से करना चाहते हैं तो यह एक ऐसा देश है जिसने शुरू
03:52से ही भारत को �
03:54किया है अब हमने उसको चाहें कितना इस्तेमाल किया या नहीं किया वो हमारे उपर डिपेंड करता है लेकिन आप
04:01यह देखिए कि ब्रहमोज एक ऐसी मिसाइल है जो जो जॉइन्ट वेंचर का बड़ा जीता जाकता सुरूप है अब उसी
04:06के बारे में उसको अपग्रेट करन
04:20दर में और बाइलेटरली और जो प्लाइबरेटिव हमारे दूसरे और उगनाजेशन से ब्रिक्स की समिट हो या ब्रिक्स की मीटिंग
04:27से और या शिंगाय कोपरेशन और जी ट्वंटी हो इन सब जगहें वो भारत के साथ मिलकर के रशा आगे
04:35चलते हैं गौरव सावंत हमार
04:49वेद के नाम से भी लोकप्रिय है जिसका अनुवाद प्रधान मंतरी की तरफ से दिया गया है अभी व्लादमिर पुतिन
04:56को पुतिन भी समझेंगे उसमें कि हर बार शांती की बात करते हैं प्रधान मंतरी इस बार थोड़ा सौर एक
05:02कदम आगे बढ़कर अहिंसा की पुस्त
05:20पुस्तिन के साथ हमेशा यही कहा कि युद का काम नहीं है भारत युद का नहीं हुद का देश है
05:27ये बात प्रधान मतरी नरेद मोती कई बार कहे चुके है अभी भी जब फिश्किक में मुलाखात हुई तो ये
05:32बात हुई कि एंड लेस वार से एंड ओव और बढ़ने की ज
05:48अब ब्रह्मो सुपर सोनिक कूज मिस्साहिल की बात कर रहे थे उसमें तो सहयोग एक बहुत बड़ा उदारण है लेकिन
05:54अगर उससे भी बड़ा उदारण जो देशों के परस्पर सम्द्व का है तो वो परमाणू पंडुबी का है ये टेक्नोलोजी
06:02है जब दुनिया में �
06:02कोई देश दूसरे देश के साथ साजा नहीं करना चाहता रूस ने ना केवल भारत को चक्रा सीरीज के तहट
06:08अपनी परमाणू पंडुबी दीप वलकि तो टेक्नोलोजी भारत और रूस ने मिलकर जिस तरह से भारत की परमाणू पंडुबी को
06:15आगे बढ़ाया है ये एक स
06:30ढ़ांडðेच आगे बढ़ने में तो दोनों बिजनस toca काम कर रहे है इसपाध के क्षेतर में सहीयोग पर आगे बात
06:39कर रहे है विकास के क्षेतर में वापस बात कर रहे है ओर आज तक के हमारे दर्शा के जानते
06:44हैं कि भारत और रूस ये दो ऐसे δेश है जो तांक काटी रो
07:00के संबन्ध बजबूत रहे हैं श्वेता जी जी अ गरभ जी आपने जो भी कहा रूसी पंडूबी के बारे में
07:09उसमें मैं थोड़ा सा एड़ करना चाहूंगा
07:12सर एक मिनिट बस एक मिनिट रोक रहे हूं आपको जो इस समय जो पुस्तक भेट की गई है उस
07:18पर रूस के अंबाज़र
07:222024 when we presided in breaks, I would like to mention such Russian ideas like the grain exchange initiative, cross
07:36border payment initiative, new investment platform
07:40India has also proposed its own initiatives like smart grids, energy storage, startup innovation hub, incubator network, logistics supply chain
08:01framework and many more
08:04and on all these tracks we have moved forward, progressed
08:14एफ है लाग में है याल-बेशे
08:16रहला आदेख संपड़ा, गद्वारे में है परतुर को विहा है, अऔर्ट में है रहत भी एल्ट mäंद में है
08:37अजय कर दो एन्ट को रहे मैं है
08:38संप़ मैं है
08:44अब और पून एब बहुत मेंट वह पून बहुत बने वाइज पून बहुत बहुत बने लिया।
09:11बहुत वे काथ
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