00:00महाराष्ट्र के अकोला में एक पर्यावरण प्रेमी ने जिस तरीके से गणपती बपा का प्रतिमा बनाया है उससे हर कोई
00:05हैरान है
00:05शरत को काटे नामक इस कलाकार ने प्रतिमा बनाने के लिए मिट्टी का इस्तेमाल किया
00:09लेकिन इस काम को सामानने तरीके से करने के बजाए उन्होंने आँखों पर पट्टी बांध ली
00:13अब सामने क्या है? यह उन्हें दिखाई नहीं दे रहा था
00:15लेकिन वर्षों का अनुभव शायद उनके हाथों में उतर चुका था
00:18हाथ से मिट्टी को छूते हैं, उसे आकार देते हैं
00:20कहीं दबाते हैं, कहीं उठाते हैं
00:21और धीरे-धीरे मिट्टी से गणपती बपा का स्वरूप सामने आने लगता है
00:24बिना देखे प्रतिमा बनाना अपने आप में आसान काम नहीं है
00:27प्रतिमा के अलग-अलग हिस्सों को आकार देना और पूरे स्वरूप को संतुलित रखना बड़ी चुनौती है
00:31लेकिन शरत को काटे के लिए यह सिर्फ एक चुनौती नहीं थी
00:34यह उनका संदेश देने का तरीका था
00:36शरत को काटे कोई पहली बार एको फ्रेंडली गणपती को लेकर चर्चा में नहीं आए
00:39वह करीब 20 वर्षों से परियावरण पूरक गणपती प्रतिमाओं का संदेश दे रहे हैं
00:43यानि उनकी कोशिश सिर्फ इस साल की नहीं है
00:45करीब दो दशकों से वह लोगों को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं
00:48कि त्योहार मनाना और परियावरण का ख्याल रखना दोनों एक साथ हो सकते हैं
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